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लारेंस विश्नोई गैंग का इंदौर में नेटवर्क, 15 करोड़ की फिरौती के लिए की थी बिल्डरों की रैकी; SIT की पूछताछ में गुर्गे ने कबूला गुनाह

लारेंस विश्नोई गैंग का इंदौर में नेटवर्क, 15 करोड़ की फिरौती के लिए की थी बिल्डरों की रैकी; SIT की पूछताछ में गुर्गे ने कबूला गुनाह

गस्टर लारेंस विश्नोई और हैरी बाक्सर गैंग के सदस्य ने बिल्डर की रैकी करना और उनकी संपत्ति की जानकारी जुटाना स्वीकारा है। …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 09 May 2026 08:06:29 PM (IST)Updated Date: Sat, 09 May 2026 08:06:29 PM (IST)

लारेंस विश्नोई गैंग का इंदौर में नेटवर्क( एआई फोटो)

HighLights

  1. बिल्डरों और कारोबारियों की रैकी कर रहा था आरोपित
  2. लारेंस बिश्नोई और हैरी बाक्सर गैंग से जुड़ाव स्वीकारा
  3. जेल में बंद आरोपी कुलदीप चौहान का नाम भी सामने आया

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गैंगस्टर लारेंस विश्नोई और हैरी बाक्सर गैंग के सदस्य ने बिल्डर विवेक दम्मानी और चेतनसिंह पंवार, कुंवरसिंह भूरिया की रैकी करना और उनकी संपत्ति की जानकारी जुटाना स्वीकारा है। उसने इसके लिए बचपन के दोस्त कुलदीप चौहान की मदद ली थी, जो फिलहाल कसरवाद जेल में बंद है।

क्या है मामला

डीसीपी (अपराध) राजेश त्रिपाठी के मुताबिक महीदपुर (उज्जैन) निवासी सचिन उर्फ वेदप्रकाश शर्मा से विशेष जांच दल (एसआइटी) ने पूछताछ की है। सचिन को पूर्व में गिरफ्तार आरोपित राजपाल की निशानदेही पर गिरफ्तार किया गया है। उसने बताया कि रुपयों के लालच में गैंगस्टर लारेंस विश्नोई की गैंग में शामिल हुआ था। वह लारेंस और उसके साथी हैरी बाक्सर का समर्थक है। पूर्व छात्र संगठन स्टूडेंट आफ पंजाब यूनिवर्सिटी एलूमनी से भी जुड़ा बता रहा है।

पूछताछ में हुआ खुलासा

डीसीपी के अनुसार सचिन ने पूछताछ में बताया कि हैरी द्वारा विवेक दम्मानी से 5 करोड़ और चेतन व कुंवर से 10 करोड़ रुपये की मांग की थी। रुपये न देने पर उनको धमकाने के लिए रैकी करने का जिम्मा मिला था। उसने कुलदीप के माध्यम से रैकी करना और उनके आफिस, घरों और प्रापर्टी की जानकारी जुटाना शुरू कर दी। यहां तक कि उसने समय-समय पर लोकेशन लेकर राजपाल को भेजी।

पुलिस अब कसरावद जेल में बंद कुलदीप चौहान को भी रिमांड पर लेगी। कुलदीप बायो काटन कारोबारी दिलीप राठौर के घर हुए हमले के आरोप में बंद है। दिलीप से भी हैरी बाक्सर ने दस करोड़ रुपये मांगे थे।

कारोबारियों की सुपारी का सुराग नहीं ढूंढ पाई एसआइटी

एसआइटी और क्राइम ब्रांच ने खरगोन पुलिस से मिली सूचना के आधार पर राजपाल, सोनू और सचिन को गिरफ्तार कर लिया, पर यह जानकारी नहीं मिली कि आखिर बिल्डरों को चिन्हित किसके इशारे पर किया गया। विवेक और चेतन तो एक दूसरे से जुड़े हैं। लिहाजा पुलिस ने दोनों केस में आरोपित बना दिया।

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