देवी अहिल्या विश्वविद्यालय होस्टल की व्यवस्था बदलने में लगा है। विश्वविद्यालय के जितने भी बॉयज होस्टल हैं, उनकी प्रत्येक मंजिल पर नजर रखी जाएगी। …और पढ़ें
HighLights
- आईईटी होस्टल में तोड़फोड़ को लेकर व्यवस्था पर उठे सवाल, वार्डन नहीं कर रहे जगह चिन्हित
- बॉयज होस्टल की प्रत्येक मंजिल पर नजर रखी जाएगी
- परिसर में अलग-अलग जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे
कपिल नीले, नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आईईटी होस्टल में विद्यार्थियों द्वारा तोड़फोड़ किए जाने के बाद अब देवी अहिल्या विश्वविद्यालय होस्टल की व्यवस्था बदलने में लगा है। विश्वविद्यालय के जितने भी बॉयज होस्टल हैं, उनकी प्रत्येक मंजिल पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए परिसर में अलग-अलग जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
समस्या यह है कि पिछले साल भी कुछ होस्टल में निगरानी के लिए कैमरे मंगवाए थे। बकायदा गर्ल्स और बॉयज होस्टल में इन्हें इंस्टाल करना थे। प्रस्ताव भी कार्यपरिषद से मंजूर हुआ। तकरीबन पचास लाख रुपये खर्च किए जाने थे। मगर सालभर बीतने के बावजूद अभी तक पचास कैमरे विश्वविद्यालय को नहीं मिले है। उधर अब दोबारा आइईटी घटना के बाद नए कैमरों खरीदने की कवायद शुरू की गई है।
150 में से 17 विद्यार्थी की पहचान
दरअसल आइईटी होस्टल में बीटेक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने कुछ दिन पहले पार्टी रखी। यहां जमकर तोड़फोड़ की गई। इसके वीडियो वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय ने कार्रवाई की। वीडियो के आधार पर महज 17 विद्यार्थियों की पहचान की गई। जबकि यहां 150 विद्यार्थी रहते है। आइईटी होस्टल प्रबंधन के मुताबिक घटना से जुड़े जितने भी वीडियो वायरल हुए थे। ऐसे में कुछ विद्यार्थियों की पहचान हो पाई है।
गर्ल्स होस्टल में लगे कैमरे
बीते साल होस्टल में निगरानी बढ़ाने को लेकर सीसीटीवी कैमरे लगाना थे, जिसमें गर्ल्स और बायज होस्टल दोनों शामिल थे। प्रत्येक होस्टल में पांच से सात नए कैमरे लगाना थे। मगर कुलगुरु निवास के नजदीक बने गर्ल्स होस्टल में कुछ कैमरे इंस्ट्राल किए गए।
आठ महीने पहले ही तोड़े थे कैमरे
सितंबर 2025 में आइईटी होस्टल में तोड़फोड की गई। जांच में सामने आया कि होस्टल में रहने वाले रात को परिसर से बाहर जाते है और बाहरी व्यक्ति भी बिना रोक-टोक होस्टल में आते है। कई बार डिलेवरी बाय भी सामने देने आते थे। कुछ जूनियर पर सीनियर शराब की बोतले व नशे की सामग्री लगाने के लिए दवाब बनाते थे। आइइटी प्रबंधन को शिकायत हुई थी।
मंजूर हुआ था प्रस्ताव
होस्टल में निगरानी बढ़ाने को लेकर पिछले साल ही पचास से अधिक कैमरे लगाने का प्रस्ताव बनाया था, जो जून में मंजूर हो चुका था मगर बाकी होस्टल में कोई कैमरे नहीं लगे थे। -डॉ. जीएल प्रजापति, चीफ वार्डन, डीएवीवी
कई कैमरे हो गए खराब
आइईटी होस्टल में नए कैमरे लगाए जाना है, क्योंकि कुछ कैमरे खराब हो चुके है। जबकि होस्टल में पिछले साल कुछ कैमरे तोड़ दिए। अभी नया प्रस्ताव बनाया जाएगा। -डॉ. नागेंद्र सोहानी, आइईटी होस्टल चीफ वार्डन
नहीं बताई जगह
होस्टल में नए कैमरे लगाने को लेकर प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। गर्ल्स होस्टल में कुछ कैमरे इंस्ट्राल हो चुके है। बाकी होस्टल वार्डन ने अभी तक जगह चिन्हित नहीं की है। इसके चलते कैमरे लगाना बाकी है। -डॉ. अनुराग द्विवेदी, सहायक कुलसचिव, डीएवीवी
यह इंस्टाल हुए कैमरे
- कमला नेहरू, न्यू कमला नेहरू, सीवी रमन, न्यू सीवी रमन, पंडित रमाबाई गर्ल्स होस्टल में कैमरे इंस्टाल हुए है। यहां 700 से ज्यादा छात्राएं रहती है।
यहां सीसीटीवी लगाना बाकी
- जगदीश चंद्र बसु, रवींद्र नाथ टैगोर, जवाहरलाल नेहरू, आईआईपीएस, आईएमएस, आईईटी बायज होस्टल के परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाना बाकी है। अभी सिर्फ मुख्य द्वार पर नजर रखी जा रही है।
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