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इंदौर के करीब मांगलिया रेलवे स्टेशन को जंक्शन बनाने की तैयारी तेज, रेलवे ट्रैक से गुड्स शेड तक बड़े काम शुरू

इंदौर के करीब मांगलिया रेलवे स्टेशन को जंक्शन बनाने की तैयारी तेज, रेलवे ट्रैक से गुड्स शेड तक बड़े काम शुरू

प्रणय चौहान, नईदुनिया, इंदौर। इंदौर से बुधनी को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल परियोजना के तहत मांगलिया गांव रेलवे स्टेशन को बड़े जंक्शन के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्टेशन पर एक ओर यात्री की सुविधाओं को देखते हुए विस्तार का काम चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

स्टेशन परिसर में कई निर्माण कार्य तेजी से चलते दिखाई दिए, लेकिन अभी भी कई काम अधूरे हैं। यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। नईदुनिया की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्राउंड जीरो पर काम की स्थिति देखी। टीम मांगलिया स्टेशन पहुंची तो प्लेटफार्म के हिस्से का निर्माण काफी हद तक पूरा नजर आया।

नया फुट ओवरब्रिज (एफओबी) भी लगभग तैयार हो चुका है। हालांकि, स्टेशन परिसर में बनने वाला यात्री और गुड्स शेड अभी अधूरा है। लोहे का स्ट्रक्चर खड़ा कर दिया गया है, लेकिन उस पर छत नहीं डाली गई है। गर्मी के मौसम में यात्री खुले में ट्रेन का इंतजार करने को मजबूर हैं।

आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं

जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, प्रस्तावित कार्यों में विभिन्न गुड्स शेड्स पर आल वेदर एप्रोच रोड, पीसीसी फ्लोरिंग, सर्कुलेशन एवं हैंडलिंग एरिया का विकास, कवर शेड निर्माण, हाई मास्ट लाइट, पेयजल सुविधा, महिला एवं पुरुष विश्राम कक्ष, शौचालय ब्लाक, गुड्स ऑफिस एवं ट्रेडर्स रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

मांगलिया गांव गुड्स शेड पर अतिरिक्त हाई मास्ट लाइट, कवर शेड, महिलाओं के लिए विश्राम कक्ष एवं शौचालय तथा प्लेटफार्म क्षेत्र के सुधार कार्य किए जाएंगे।

पेट्रोलियम और सोयाबीन आपूर्ति के लिए मजबूत

स्टेशन के दोनों ओर नए गुड्स शेड बनाए जा रहे हैं, ताकि माल ढुलाई का दबाव संभाला जा सके। यहां पेट्रोलियम डिपो और सोयाबीन बाय-प्रोडक्ट्स की आपूर्ति के लिए माल परिवहन सुविधा को मजबूत किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार मांगलिया आने वाले समय में माल ढुलाई का बड़ा केंद्र बन सकता है। इसके लिए ट्रैक जुड़ाव व संपर्क और लादना व भरने की सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है।

10 नए क्रासिंग एवं सात हाल्ट

इस रेल मार्ग पर 10 नए क्रासिंग और सात नए हाल्ट स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। वहीं, आगे एक फ्लाईओवर भी बनाया जाना है, जिसके लिए पिलर निर्माण का काम शुरू हो चुका है। स्टेशन परिसर में बनने वाले कुछ कमरों का निर्माण अभी अधूरा है। कुल मिलाकर मांगलिया स्टेशन पर काम तेजी से चल रहा है, लेकिन यात्रियों को पूरी सुविधाएं मिलने में अभी समय लगेगा।

इंदौर-बुधनी रेल लाइन पर जारी अर्थवर्क

इंदौर-बुधनी रेल लाइन पर भी काम तेजी से जारी है। स्टेशन के आगे रेलवे क्रासिंग के पास नई लाइन डालने के लिए अर्थवर्क किया जा रहा है। मौके पर बड़ी मशीनों से मिट्टी भराई और जमीन समतल करने का काम चलता दिखाई दिया। कई स्थानों पर गड्ढे खोदकर आधार मजबूत किया जा रहा है।

रेलवे स्लीपर भी साइट पर पहुंच चुके हैं और ट्रैक बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि, अभी कुछ स्थानों पर किसानों के विरोध के कारण बीच-बीच में काम अटका हुआ है। इसके आगे देवास जिले में भी काम चल रहा है।

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विरोध किया था। दोनों के बीच इसे लेकर तनातनी हुई और मामला इतना बढा कि नीतेश ने संघ के पदाधिकारी चेतन पाटिल को बुला लिया और दोनों तरफ से मारपीट हो गई।<br /> <br /> <strong>बीजेपी नगर अध्‍यक्ष सुमित मिश्रा</strong> ने बताया कि संगठन अनुशासन को ध्‍यान में रखते हुए हमने फिलहाल वीरेंद्र शेंडगे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन का समय दिया है। उदेश्‍य यही है कि किसी भी हाल में अनुशासन नहीं खराब होने देंगे।<br /> <br /> <strong>आपस में क्‍यों भि</strong><strong>ड़े</strong><strong> :</strong> इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों तरफ से कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए। इसके बाद संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र के दफ्तर के बाहर पथराव किया और वाहनों के कांच भी फोड़ दिए थे। रविवार को दिनभर यह यह सब चलता रहा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा के साथ हैरानी भी चलती रही कि कैसे हो सकता है कि भाजपा और आरएसएस के ही दो गुट आपस में इस कदर भिड़ जाए।<br /> <br /> भाजपा नेता वीरेंद्र शेंडगे और संघ कार्यकर्ता के बीच हुए इस विवाद के बाद पुलिस ने सात लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें इंदौर क्षेत्र क्रमांक 4 से विधायक मालिनी गौड़ के पीए प्रणय चित्तौड़ा भी शामिल हैं। प्रणय ने कहा कि वे दो दिन महेश्वर में थे, लेकिन उनका नाम झूठा फंसाया गया है।<br /> <br /> <strong>क्षेत्रीय गुटबाजी से जुड़ा मामला :</strong> एक तरफ बीजेपी के लोग हैं तो दूसरी तरफ आरएसएस के कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं। मामले को लेकर सुबह से सोशल मीडिया पर भी माहौल गरमाया हुआ है। इसे क्षेत्रीय राजनीति और गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई और एफआईआर पर फैसला लिया जाएगा।<br /> <br /> <strong>संघ के धड़े का पलड़ा भारी : </strong>फिलहाल विवाद की वजह कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर हुई बात बताई जा रही है। इसके बाद इंदौर की राजनीति गरमा गई है। मामला पुलिस तक पहुंचा और संघ से जुड़े धड़े का पलड़ा भारी पड़ा नजर आ रहा है। पुलिस ने वीरेंद्र शेंडगे के अलावा गिरीश शेंडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, मनीष डेमालिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चितौड़ा, अमित कोकाटे और अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।<br /> <br /> <strong>यह था पूरा विवाद :</strong> उषा नगर निवासी नीतेश गली में कुत्तों को खाना खिला रहे थे। इसका वीरेंद्र शेंडके ने विरोध किया था। नीतेश ने संघ के पदाधिकारी चेतन पाटिल को बुला लिया और दोनों तरफ से मारपीट हो गई। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। दोनों तरफ से कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए। इसके बाद संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र के दफ्तर के बाहर पथराव किया और वाहनों के कांच भी फोड़ दिए थे। विवाद की शुरुआत शनिवार रात हुई थी। इसी दौरान बिल्डिंग के बाहर गंदगी को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और मामला विवाद में बदल गया। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई जबकि इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।<br />  <br /> <strong>संघ ने बताया व्यक्तिगत विवाद : </strong>वहीं संघ की तरफ से कहा गया है कि यह व्‍यक्‍तिगत विवाद है, संगठन से इसका लेना-देना नहीं है। संघ के अनुसार दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक स्वयंसेवक बीच-बचाव के लिए गया था, जिसके साथ मारपीट होने से स्थिति बिगड़ी। संघ का कहना है कि घटना का संगठन से कोई संबंध नहीं है।<br />  <br /> <strong>शेंडके को नोटिस : </strong>पुलिस ने बीएनएस की धारा 109(1), 330(2), 296(ए), 62 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। खबर है कि भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने वीरेंद्र शेंडगे को विधानसभा चार के भाजपा प्रभारी पद से हटा दिया। उन्‍हें कारण बताओ नोटिस दिया गया है। विधायक खेमा इस कोशिश में जुटा था कि इस केस में पीए प्रणय का नाम न आए, लेकिन उन्हें भी आरोपी बनाया गया है। प्रणय का कहना है कि उन्हें षड्यंत्रपूर्वक इस मामले से जोड़कर केस दर्ज किया गया है। वे पुलिस अधिकारियों से मिलकर जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि वे महेश्वर में थे, लेकिन बेवजह घसीटा जा रहा है।<br />  <br /> <strong>पुलिस अफसरों से विवाद में चर्चा में आए थे शेंडके :</strong> बता दें कि पिछले दिनों महूनाका चौराहे पर वीरेंद्र शेंडके का विवाद पुलिस अफसरों से हुआ था। तब उनके समर्थकों ने चक्काजाम कर दिया। तब विधायक के प्रतिनिधि के तौर पर प्रणय ने मौके पर आकर विवाद सुलझाया था। बाद में इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने तीन पुलिस अफसरों को हटाया था।<br /> Edited By: Naveen R Rangiyal<br />

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