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मेलोडी मूमेंट के बाद फिर साथ PM मोदी-जॉर्जिया मेलोनी, ट्रंप से मिलाया हाथ,  G7 Summit के मंच से भारत का दुनिया को बड़ा संदेश
	
		
			
	
	फ्रांस के एवियन में ग्रुप-7 यानी G7 समिट चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी की दो दोस्तों के साथ मुलाकात हुई। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और PM मोदी के बीच करीब 5 मिनट की मुलाकात हुई। इसके बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ मोदी की मुलाकात हुई है। सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की तस्वीरें फिर वायरल हो रही हैं।
	
		
			Before the start of the proceedings at the G7 Summit in Evian this afternoon.
			
			Always insightful to exchange perspectives with G7 leaders.@G7 pic.twitter.com/54wJN40uan
		— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
	

	
		ALSO READ: नागपुर में एयरफोर्स अफसर की पत्नी से हैवानियत, रेप, ब्लैकमेल कर धर्मांतरण की कोशिश
	इससे पहले 27 मई को PM मोदी इटली दौरे पर मेलोनी से मिले थे। पीएम मोदी ने अपनी दोस्त को मेलोडी का चॉकलेट गिफ्ट किया था। यह मेलोडी मोमेंट इंटरनेट पर वायरल हो गया था। अब G7 समिट के दौरान ग्रुप फोटो सेशन के दौरान PM मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात हुई है। इस दौरान दोनों राजनेता मेलोडी मूवमेंट पर भी बात करते सुनाई दिए।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो।
	
		
			
	


	ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं की रही मौजूदगी

	आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठे नजर आए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई वैश्विक नेता मौजूद रहे। बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात कर उनका अभिवादन भी किया।

	
		
			Shared my thoughts at the Outreach Session on ‘Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity’ at the G7 Summit in Evian. In a world that is getting more interconnected and interdependent than ever before, this subject becomes all the more vital. But,… pic.twitter.com/NjNddWGtFF
		— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
	
	
		G7 समिट के मंच से क्या बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 
	
		प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए दुनिया को दाता-प्राप्तकर्ता (Donor-Recipient) की सोच से आगे बढ़कर समानता, एकजुटता और विश्वास पर आधारित साझेदारियों की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।
	
		
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		‘नई साझेदारियां गढ़ना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक परस्पर जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर हो गई है। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार ‘विश्वास’ होना चाहिए।
	
		
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		‘वसुधैव कुटुम्बकम’ है भारत की सोच
	
		 
	
		प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा ‘मानवता प्रथम’ (Humanity First) के मार्ग पर चला है और सतत एवं समावेशी वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के दर्शन पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहलें इसी सोच को प्रतिबिंबित करती हैं और दुनिया को साझा चुनौतियों से निपटने के लिए एक मंच पर लाने का प्रयास करती हैं।
	
		भारत की वैश्विक पहलों का किया उल्लेख
	
		
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		अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पहलों का जिक्र किया। इनमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA), डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर गठबंधन (CDRI), ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन LiFE और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये पहलें वैश्विक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। Edited by : Sudhir Sharma

मेलोडी मूमेंट के बाद फिर साथ PM मोदी-जॉर्जिया मेलोनी, ट्रंप से मिलाया हाथ, G7 Summit के मंच से भारत का दुनिया को बड़ा संदेश

मेलोडी मूमेंट के बाद फिर साथ PM मोदी-जॉर्जिया मेलोनी, ट्रंप से मिलाया हाथ,  G7 Summit के मंच से भारत का दुनिया को बड़ा संदेश
	
		
			
	
	फ्रांस के एवियन में ग्रुप-7 यानी G7 समिट चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी की दो दोस्तों के साथ मुलाकात हुई। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और PM मोदी के बीच करीब 5 मिनट की मुलाकात हुई। इसके बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ मोदी की मुलाकात हुई है। सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की तस्वीरें फिर वायरल हो रही हैं।
	
		
			Before the start of the proceedings at the G7 Summit in Evian this afternoon.
			
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		— Narendra Modi (@narendramodi) June 16, 2026
	

	
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	इससे पहले 27 मई को PM मोदी इटली दौरे पर मेलोनी से मिले थे। पीएम मोदी ने अपनी दोस्त को मेलोडी का चॉकलेट गिफ्ट किया था। यह मेलोडी मोमेंट इंटरनेट पर वायरल हो गया था। अब G7 समिट के दौरान ग्रुप फोटो सेशन के दौरान PM मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात हुई है। इस दौरान दोनों राजनेता मेलोडी मूवमेंट पर भी बात करते सुनाई दिए।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो।
	
		
			
	


	ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं की रही मौजूदगी

	आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठे नजर आए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई वैश्विक नेता मौजूद रहे। बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात कर उनका अभिवादन भी किया।

	
		
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		G7 समिट के मंच से क्या बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 
	
		प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए दुनिया को दाता-प्राप्तकर्ता (Donor-Recipient) की सोच से आगे बढ़कर समानता, एकजुटता और विश्वास पर आधारित साझेदारियों की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।
	
		
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		‘नई साझेदारियां गढ़ना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक परस्पर जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर हो गई है। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार ‘विश्वास’ होना चाहिए।
	
		
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		‘वसुधैव कुटुम्बकम’ है भारत की सोच
	
		 
	
		प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा ‘मानवता प्रथम’ (Humanity First) के मार्ग पर चला है और सतत एवं समावेशी वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के दर्शन पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहलें इसी सोच को प्रतिबिंबित करती हैं और दुनिया को साझा चुनौतियों से निपटने के लिए एक मंच पर लाने का प्रयास करती हैं।
	
		भारत की वैश्विक पहलों का किया उल्लेख
	
		
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		अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पहलों का जिक्र किया। इनमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA), डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर गठबंधन (CDRI), ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन LiFE और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये पहलें वैश्विक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। Edited by : Sudhir Sharma

फ्रांस के एवियन में ग्रुप-7 यानी G7 समिट चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी की दो दोस्तों के साथ मुलाकात हुई। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और PM मोदी के बीच करीब 5 मिनट की मुलाकात हुई। इसके बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ मोदी की मुलाकात हुई है। सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की तस्वीरें फिर वायरल हो रही हैं।

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इससे पहले 27 मई को PM मोदी इटली दौरे पर मेलोनी से मिले थे। पीएम मोदी ने अपनी दोस्त को मेलोडी का चॉकलेट गिफ्ट किया था। यह मेलोडी मोमेंट इंटरनेट पर वायरल हो गया था। अब G7 समिट के दौरान ग्रुप फोटो सेशन के दौरान PM मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात हुई है। इस दौरान दोनों राजनेता मेलोडी मूवमेंट पर भी बात करते सुनाई दिए।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो।

ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं की रही मौजूदगी

आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठे नजर आए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई वैश्विक नेता मौजूद रहे। बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात कर उनका अभिवादन भी किया।

G7 समिट के मंच से क्या बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए दुनिया को दाता-प्राप्तकर्ता (Donor-Recipient) की सोच से आगे बढ़कर समानता, एकजुटता और विश्वास पर आधारित साझेदारियों की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।

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‘नई साझेदारियां गढ़ना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक परस्पर जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर हो गई है। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार ‘विश्वास’ होना चाहिए।

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‘वसुधैव कुटुम्बकम’ है भारत की सोच

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा ‘मानवता प्रथम’ (Humanity First) के मार्ग पर चला है और सतत एवं समावेशी वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के दर्शन पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहलें इसी सोच को प्रतिबिंबित करती हैं और दुनिया को साझा चुनौतियों से निपटने के लिए एक मंच पर लाने का प्रयास करती हैं।

भारत की वैश्विक पहलों का किया उल्लेख

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अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पहलों का जिक्र किया। इनमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA), डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर गठबंधन (CDRI), ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन LiFE और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये पहलें वैश्विक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। Edited by : Sudhir Sharma

फ्रांस के एवियन में ग्रुप-7 यानी G7 समिट चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समिट में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी की दो दोस्तों के साथ मुलाकात हुई। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और PM मोदी के बीच करीब 5 मिनट की मुलाकात हुई। इसके बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ मोदी की मुलाकात हुई है। सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की तस्वीरें फिर वायरल हो रही हैं।

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इससे पहले 27 मई को PM मोदी इटली दौरे पर मेलोनी से मिले थे। पीएम मोदी ने अपनी दोस्त को मेलोडी का चॉकलेट गिफ्ट किया था। यह मेलोडी मोमेंट इंटरनेट पर वायरल हो गया था। अब G7 समिट के दौरान ग्रुप फोटो सेशन के दौरान PM मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात हुई है। इस दौरान दोनों राजनेता मेलोडी मूवमेंट पर भी बात करते सुनाई दिए।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है। लेकिन, पार्टनरशिप तभी सफल हो सकती है जब वह भरोसे पर टिकी हो।

ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं की रही मौजूदगी

आउटरीच सत्र में प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बगल में बैठे नजर आए। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई वैश्विक नेता मौजूद रहे। बैठक शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात कर उनका अभिवादन भी किया।

G7 समिट के मंच से क्या बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए दुनिया को दाता-प्राप्तकर्ता (Donor-Recipient) की सोच से आगे बढ़कर समानता, एकजुटता और विश्वास पर आधारित साझेदारियों की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।

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‘नई साझेदारियां गढ़ना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक परस्पर जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर हो गई है। ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार ‘विश्वास’ होना चाहिए।

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‘वसुधैव कुटुम्बकम’ है भारत की सोच

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा ‘मानवता प्रथम’ (Humanity First) के मार्ग पर चला है और सतत एवं समावेशी वैश्विक विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के दर्शन पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक पहलें इसी सोच को प्रतिबिंबित करती हैं और दुनिया को साझा चुनौतियों से निपटने के लिए एक मंच पर लाने का प्रयास करती हैं।

भारत की वैश्विक पहलों का किया उल्लेख

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अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पहलों का जिक्र किया। इनमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA), डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर गठबंधन (CDRI), ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस, मिशन LiFE और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये पहलें वैश्विक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। Edited by : Sudhir Sharma



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">जैकी श्रॉफ के साथ फिल्म ‘2014’ में विलेन की भूमिका निभाएंगे अक्षय ओबेरॉय, कर रहे हैं तैयारी Akshay Oberoi 2014: अभिनेता अक्षय ओबेरॉय अपनी आगामी फिल्म 2014 में अपने करियर के सबसे दमदार और गहन किरदारों में से एक के साथ दर्शकों को चौंकाने के लिए तैयार हैं। इस फिल्म में वह एक ऐसे खलनायक की भूमिका निभा रहे हैं, जो अंधेरे और नैतिक रूप से जटिल दुनिया से जुड़ा हुआ है।           अलग-अलग तरह के किरदार निभाने के लिए पहचाने जाने वाले अक्षय ने इस भावनात्मक कहानी के लिए अपने किरदार की मानसिकता को गहराई से समझने की कोशिश की है।        इस भूमिका के लिए अभिनेता ने शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर व्यापक तैयारी की। उन्होंने कट्टरपंथ, गुस्से, वैचारिक प्रभाव और टूटे हुए विश्वासों की मनोविज्ञान को समझने के लिए गहन अध्ययन किया। अक्षय का मानना था कि इस किरदार को केवल सतही तौर पर निभाना संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने कई महीनों तक वास्तविक जीवन के व्यवहार, भावनात्मक प्रतिक्रियाओं और उन आंतरिक संघर्षों का अध्ययन किया जो अक्सर हिंसा और अतिवाद की ओर ले जाते हैं।  इस किरदार के लिए सिर्फ शारीरिक बदलाव ही नहीं, बल्कि एक कठिन भावनात्मक यात्रा से भी गुजरना पड़ा। उन्हें यह समझना था कि कैसे गुस्सा, डर, दूसरों द्वारा किया गया प्रभाव और गलत विश्वास किसी इंसान की सोच और नैतिकता को बदल सकते हैं। फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अक्षय ने अपने बॉडी लैंग्वेज, भावनाओं पर नियंत्रण और किरदार की मानसिक बारीकियों पर काफी मेहनत की, ताकि यह भूमिका पूरी तरह वास्तविक और प्रभावशाली लगे।  अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए अक्षय ओबेरॉय ने कहा, “सच कहूं तो ‘2014’ मेरे करियर के सबसे भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण अनुभवों में से एक रही है। किसी खलनायक का किरदार निभाना सिर्फ डरावना दिखने या स्क्रीन पर आक्रामक होने तक सीमित नहीं होता। मैं वास्तव में यह समझना चाहता था कि आखिर कौन-सी चीज़ किसी इंसान को अंधेरे की ओर ले जाती है। किस तरह की भावनात्मक चोट, गुस्सा, अकेलापन, वैचारिक प्रभाव या परिस्थितियां उसके फैसलों को आकार देती हैं। मैंने कट्टरपंथ, संघर्ष की मनोविज्ञान और ऐसे माहौल में होने वाले भावनात्मक प्रभावों के बारे में काफी पढ़ाई की। सबसे दिलचस्प बात यह थी कि ऐसे किरदार खुद को कभी खलनायक नहीं मानते। उनके मन में वे किसी उद्देश्य के लिए लड़ रहे होते हैं, किसी विश्वास की रक्षा कर रहे होते हैं या अपने दर्द का जवाब दे रहे होते हैं। इस जटिलता को पकड़ना मेरे लिए बेहद ज़रूरी था।”  उन्होंने आगे कहा, “शारीरिक रूप से भी मुझे काफी तैयारी करनी पड़ी क्योंकि इस किरदार की मौजूदगी में एक खास तरह की तीव्रता और अप्रत्याशितता है। लेकिन शारीरिक मेहनत से ज़्यादा मानसिक रूप से यह बेहद थकाने वाला अनुभव था, क्योंकि तैयारी के दौरान आपको लगातार एक परेशान और अस्थिर भावनात्मक स्थिति में रहना पड़ता है। एक अभिनेता के तौर पर ऐसे किरदार आपको गहराई से चुनौती देते हैं क्योंकि वे आपको इंसानी स्वभाव के कुछ असहज सचों का सामना करने के लिए मजबूर करते हैं। इस भूमिका ने मुझे मेरे कम्फर्ट ज़ोन से बहुत दूर धकेला और शायद यही वजह है कि मैं इसे करना चाहता था।”

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