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Birthday Special: छतों पर बनी टंकी में छिपकर सो जाते थे मिथुन चक्रवर्ती, आर्थिक स्थित थी बहुत ही खराब, आज…   इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 16 जून 1950 को हुआ था। आज हम आपको दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ी ऐसी बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।

आपको जानकर हैरानी होगी कि मिथुन एक समय नक्सली बन गए थे, लेकिन भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अभिनय सीखा। उन्होंने फिल्मों में आने से पहले गरीबी में दिन निकाले थे। काम की तलाश में मिथुन ने गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखा भी सोना पड़ा। उन्हें हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम करना पड़ा था। बाद में हुनर और लगन मिथुन को हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। आपको बता दें कि उनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी थी।

पुणे से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने काम की तलाश में मुंबई का रुख किया। यहां पर उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं होने के कारण लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोना पड़ था।

मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी
आपको जानकार हैरानी कि मृगया फिल्म बनने के बाद भी मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी। वह हेलन के स्पॉटबॉय बन गए। 6 जून 1976 को फिल्म मृगया रिलीज हुई। इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला। अवॉर्ड सेरेमनी दिल्ली में होनी थी, लेकिन मिथुन के पास दिल्ली जाने तक के पैसे नहीं थे। इस दौरान रेखा ने उनकी सहायता की। आज वह करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं।

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Birthday Special: छतों पर बनी टंकी में छिपकर सो जाते थे मिथुन चक्रवर्ती, आर्थिक स्थित थी बहुत ही खराब, आज…

Birthday Special: छतों पर बनी टंकी में छिपकर सो जाते थे मिथुन चक्रवर्ती, आर्थिक स्थित थी बहुत ही खराब, आज…   इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 16 जून 1950 को हुआ था। आज हम आपको दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ी ऐसी बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।

आपको जानकर हैरानी होगी कि मिथुन एक समय नक्सली बन गए थे, लेकिन भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अभिनय सीखा। उन्होंने फिल्मों में आने से पहले गरीबी में दिन निकाले थे। काम की तलाश में मिथुन ने गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखा भी सोना पड़ा। उन्हें हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम करना पड़ा था। बाद में हुनर और लगन मिथुन को हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। आपको बता दें कि उनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी थी।

पुणे से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने काम की तलाश में मुंबई का रुख किया। यहां पर उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं होने के कारण लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोना पड़ था।

मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी
आपको जानकार हैरानी कि मृगया फिल्म बनने के बाद भी मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी। वह हेलन के स्पॉटबॉय बन गए। 6 जून 1976 को फिल्म मृगया रिलीज हुई। इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला। अवॉर्ड सेरेमनी दिल्ली में होनी थी, लेकिन मिथुन के पास दिल्ली जाने तक के पैसे नहीं थे। इस दौरान रेखा ने उनकी सहायता की। आज वह करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं।

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आपको जानकर हैरानी होगी कि मिथुन एक समय नक्सली बन गए थे, लेकिन भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अभिनय सीखा। उन्होंने फिल्मों में आने से पहले गरीबी में दिन निकाले थे। काम की तलाश में मिथुन ने गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखा भी सोना पड़ा। उन्हें हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम करना पड़ा था। बाद में हुनर और लगन मिथुन को हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। आपको बता दें कि उनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी थी।

पुणे से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने काम की तलाश में मुंबई का रुख किया। यहां पर उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं होने के कारण लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोना पड़ था।

मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी
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आपको जानकर हैरानी होगी कि मिथुन एक समय नक्सली बन गए थे, लेकिन भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अभिनय सीखा। उन्होंने फिल्मों में आने से पहले गरीबी में दिन निकाले थे। काम की तलाश में मिथुन ने गरीबी में कई महीने काटे, तो कभी कई दिनों तक भूखा भी सोना पड़ा। उन्हें हेलन और रेखा जैसी बड़ी एक्ट्रेसेस के स्पॉटबॉय का भी काम करना पड़ा था। बाद में हुनर और लगन मिथुन को हिंदी सिनेमा का टॉप एक्टर बना दिया। आपको बता दें कि उनकी फिल्म डिस्को डांसर 100 करोड़ से ज्यादा कमाई करने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी थी।

पुणे से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने काम की तलाश में मुंबई का रुख किया। यहां पर उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं होने के कारण लंबे समय तक कुछ बिल्डिंग्स की छतों पर बनी टंकी में छिपकर सोना पड़ था।

मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी
आपको जानकार हैरानी कि मृगया फिल्म बनने के बाद भी मिथुन की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब थी। वह हेलन के स्पॉटबॉय बन गए। 6 जून 1976 को फिल्म मृगया रिलीज हुई। इस फिल्म में शानदार अभिनय के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला। अवॉर्ड सेरेमनी दिल्ली में होनी थी, लेकिन मिथुन के पास दिल्ली जाने तक के पैसे नहीं थे। इस दौरान रेखा ने उनकी सहायता की। आज वह करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं।

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मुंबई। भारतीय हिप-हॉप की सबसे दमदार आवाज़ों में से एक, पैंथर, आकांक्षा चौधरी के साथ अपना नया इमोशनल गाना “दूरियां” लेकर वापस आ गए हैं। प्यार, दूरी और दिल टूटने से पहले की खामोशी को ईमानदारी से बयां करता यह ट्रैक रैपर के उस पहलू को सामने लाता है जिसकी श्रोताओं ने पहले सिर्फ झलक ही देखी थी। इसमें टकराव की जगह कबूलनामे ने ले ली है, जो साबित करता है कि भावनाओं को खुल कर व्यक्त करना भी किसी दमदार वर्स की तरह ही असरदार हो सकता है।

पैंथर और आकांक्षा चौधरी की दिल छू लेने वाली परफॉर्मेंस के साथ, 'दूरियां' उन रिश्तों के भावनात्मक बोझ को टटोलता है जो जीवन की अपरिहार्य परिस्थितियों की कसौटी पर परखे जाते हैं। अपने मार्मिक बोल और सुरीली धुनों के जरिए, यह ट्रैक उस अहसास को कैद करता है जिसे कई लोग महसूस तो करते हैं लेकिन अक्सर शब्दों में बयां करने में संघर्ष करते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में, पैंथर ने ऐसा संगीत बनाने की प्रतिष्ठा हासिल की है जो तीखे बोल और भावनात्मक सच्चाई के बीच संतुलन बनाता है। चाहे उनके हार्ड-हिटिंग रिकॉर्ड्स हों या आत्मनिरीक्षण वाले ट्रैक, उनकी राइटिंग हमेशा उनके वास्तविक अनुभवों से प्रेरित रही है, जिससे उनका संगीत हर मूड और पल में लोगों को अपना सा लगता है। 'दूरियां' उसी सफर को आगे बढ़ाता है। यह श्रोताओं को एक ऐसा गाना पेश करता है जो किसी नाटकीय अंत की तलाश नहीं करता, बल्कि चुपचाप छूट जाने वाले रिश्तों की जटिलताओं को अपनाता है।

एक ब्रेकआउट आर्टिस्ट के रूप में उभरने के बाद से, पैंथर ने खुद को भारत के विकसित होते हिप-हॉप परिदृश्य की सबसे अहम आवाज़ों में से एक के रूप में स्थापित किया है। 'ये बातें', 'उत्तर प्रदेश', 'गलत करम', 'ओह माय गॉड', 'यूपी से' और अन्य गानों के साथ, उन्होंने लगातार ऐसी कहानियां बताने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है जो गहराई से व्यक्तिगत होने के साथ-साथ सभी से जुड़ी हुई भी हैं, और इस दौरान वह अपनी बेजोड़ कलात्मक पहचान के प्रति भी सच्चे रहे हैं।

इस ट्रैक के बारे में बात करते हुए पैंथर ने कहा, "लोग दिल टूटने की बात ऐसे करते हैं जैसे यह रातों-रात हो जाता है। जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा हूं, मुझे एहसास होता है कि हमेशा प्यार ही लोगों को अलग नहीं करता – बल्कि जिंदगी ऐसा करती है। 'दूरियां' शायद मेरी लिखी गई सबसे ईमानदार चीज़ों में से एक है क्योंकि मैंने जवाब ढूंढना बंद कर दिया और सिर्फ वही लिखा जो मैंने महसूस किया। मुझे उम्मीद है कि लोग इन बोलों में कहीं न कहीं अपनी कहानी सुनेंगे, क्योंकि मुझे पता है कि इन्हें लिखते हुए मैंने अपनी कहानी पा ली है।"

अपने भावनात्मक रूप से समृद्ध साउंडस्केप और गहराई से जुड़ने वाली कहानी के साथ, 'दूरियां' शैलियों से परे जाकर कहानियां बताने की पैंथर की क्षमता को और मजबूत करता है। यह इस बात की याद दिलाता है कि कुछ सबसे शक्तिशाली गाने हमेशा सबसे तेज़ नहीं होते, बल्कि वे होते हैं जो खत्म होने के लंबे समय बाद भी चुपचाप आपके साथ रहते हैं।

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Panther, Akanksha Chaudhary, Hindi news, Dooriyan">पैंथर और आकांक्षा चौधरी ने ‘दूरियां’ में आधुनिक रिश्तों की खट्टी-मीठी सच्चाई को दर्शाया   मुंबई। भारतीय हिप-हॉप की सबसे दमदार आवाज़ों में से एक, पैंथर, आकांक्षा चौधरी के साथ अपना नया इमोशनल गाना “दूरियां” लेकर वापस आ गए हैं। प्यार, दूरी और दिल टूटने से पहले की खामोशी को ईमानदारी से बयां करता यह ट्रैक रैपर के उस पहलू को सामने लाता है जिसकी श्रोताओं ने पहले सिर्फ झलक ही देखी थी। इसमें टकराव की जगह कबूलनामे ने ले ली है, जो साबित करता है कि भावनाओं को खुल कर व्यक्त करना भी किसी दमदार वर्स की तरह ही असरदार हो सकता है।

पैंथर और आकांक्षा चौधरी की दिल छू लेने वाली परफॉर्मेंस के साथ, 'दूरियां' उन रिश्तों के भावनात्मक बोझ को टटोलता है जो जीवन की अपरिहार्य परिस्थितियों की कसौटी पर परखे जाते हैं। अपने मार्मिक बोल और सुरीली धुनों के जरिए, यह ट्रैक उस अहसास को कैद करता है जिसे कई लोग महसूस तो करते हैं लेकिन अक्सर शब्दों में बयां करने में संघर्ष करते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में, पैंथर ने ऐसा संगीत बनाने की प्रतिष्ठा हासिल की है जो तीखे बोल और भावनात्मक सच्चाई के बीच संतुलन बनाता है। चाहे उनके हार्ड-हिटिंग रिकॉर्ड्स हों या आत्मनिरीक्षण वाले ट्रैक, उनकी राइटिंग हमेशा उनके वास्तविक अनुभवों से प्रेरित रही है, जिससे उनका संगीत हर मूड और पल में लोगों को अपना सा लगता है। 'दूरियां' उसी सफर को आगे बढ़ाता है। यह श्रोताओं को एक ऐसा गाना पेश करता है जो किसी नाटकीय अंत की तलाश नहीं करता, बल्कि चुपचाप छूट जाने वाले रिश्तों की जटिलताओं को अपनाता है।

एक ब्रेकआउट आर्टिस्ट के रूप में उभरने के बाद से, पैंथर ने खुद को भारत के विकसित होते हिप-हॉप परिदृश्य की सबसे अहम आवाज़ों में से एक के रूप में स्थापित किया है। 'ये बातें', 'उत्तर प्रदेश', 'गलत करम', 'ओह माय गॉड', 'यूपी से' और अन्य गानों के साथ, उन्होंने लगातार ऐसी कहानियां बताने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है जो गहराई से व्यक्तिगत होने के साथ-साथ सभी से जुड़ी हुई भी हैं, और इस दौरान वह अपनी बेजोड़ कलात्मक पहचान के प्रति भी सच्चे रहे हैं।

इस ट्रैक के बारे में बात करते हुए पैंथर ने कहा, "लोग दिल टूटने की बात ऐसे करते हैं जैसे यह रातों-रात हो जाता है। जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा हूं, मुझे एहसास होता है कि हमेशा प्यार ही लोगों को अलग नहीं करता – बल्कि जिंदगी ऐसा करती है। 'दूरियां' शायद मेरी लिखी गई सबसे ईमानदार चीज़ों में से एक है क्योंकि मैंने जवाब ढूंढना बंद कर दिया और सिर्फ वही लिखा जो मैंने महसूस किया। मुझे उम्मीद है कि लोग इन बोलों में कहीं न कहीं अपनी कहानी सुनेंगे, क्योंकि मुझे पता है कि इन्हें लिखते हुए मैंने अपनी कहानी पा ली है।"

अपने भावनात्मक रूप से समृद्ध साउंडस्केप और गहराई से जुड़ने वाली कहानी के साथ, 'दूरियां' शैलियों से परे जाकर कहानियां बताने की पैंथर की क्षमता को और मजबूत करता है। यह इस बात की याद दिलाता है कि कुछ सबसे शक्तिशाली गाने हमेशा सबसे तेज़ नहीं होते, बल्कि वे होते हैं जो खत्म होने के लंबे समय बाद भी चुपचाप आपके साथ रहते हैं।

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Panther, Akanksha Chaudhary, Hindi news, Dooriyan">पैंथर और आकांक्षा चौधरी ने ‘दूरियां’ में आधुनिक रिश्तों की खट्टी-मीठी सच्चाई को दर्शाया

पैंथर और आकांक्षा चौधरी ने ‘दूरियां’ में आधुनिक रिश्तों की खट्टी-मीठी सच्चाई को दर्शाया   मुंबई। भारतीय हिप-हॉप की सबसे दमदार आवाज़ों में से एक, पैंथर, आकांक्षा चौधरी के साथ अपना नया इमोशनल गाना “दूरियां” लेकर वापस आ गए हैं। प्यार, दूरी और दिल टूटने से पहले की खामोशी को ईमानदारी से बयां करता यह ट्रैक रैपर के उस पहलू को सामने लाता है जिसकी श्रोताओं ने पहले सिर्फ झलक ही देखी थी। इसमें टकराव की जगह कबूलनामे ने ले ली है, जो साबित करता है कि भावनाओं को खुल कर व्यक्त करना भी किसी दमदार वर्स की तरह ही असरदार हो सकता है।

पैंथर और आकांक्षा चौधरी की दिल छू लेने वाली परफॉर्मेंस के साथ, 'दूरियां' उन रिश्तों के भावनात्मक बोझ को टटोलता है जो जीवन की अपरिहार्य परिस्थितियों की कसौटी पर परखे जाते हैं। अपने मार्मिक बोल और सुरीली धुनों के जरिए, यह ट्रैक उस अहसास को कैद करता है जिसे कई लोग महसूस तो करते हैं लेकिन अक्सर शब्दों में बयां करने में संघर्ष करते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में, पैंथर ने ऐसा संगीत बनाने की प्रतिष्ठा हासिल की है जो तीखे बोल और भावनात्मक सच्चाई के बीच संतुलन बनाता है। चाहे उनके हार्ड-हिटिंग रिकॉर्ड्स हों या आत्मनिरीक्षण वाले ट्रैक, उनकी राइटिंग हमेशा उनके वास्तविक अनुभवों से प्रेरित रही है, जिससे उनका संगीत हर मूड और पल में लोगों को अपना सा लगता है। 'दूरियां' उसी सफर को आगे बढ़ाता है। यह श्रोताओं को एक ऐसा गाना पेश करता है जो किसी नाटकीय अंत की तलाश नहीं करता, बल्कि चुपचाप छूट जाने वाले रिश्तों की जटिलताओं को अपनाता है।

एक ब्रेकआउट आर्टिस्ट के रूप में उभरने के बाद से, पैंथर ने खुद को भारत के विकसित होते हिप-हॉप परिदृश्य की सबसे अहम आवाज़ों में से एक के रूप में स्थापित किया है। 'ये बातें', 'उत्तर प्रदेश', 'गलत करम', 'ओह माय गॉड', 'यूपी से' और अन्य गानों के साथ, उन्होंने लगातार ऐसी कहानियां बताने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है जो गहराई से व्यक्तिगत होने के साथ-साथ सभी से जुड़ी हुई भी हैं, और इस दौरान वह अपनी बेजोड़ कलात्मक पहचान के प्रति भी सच्चे रहे हैं।

इस ट्रैक के बारे में बात करते हुए पैंथर ने कहा, "लोग दिल टूटने की बात ऐसे करते हैं जैसे यह रातों-रात हो जाता है। जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा हूं, मुझे एहसास होता है कि हमेशा प्यार ही लोगों को अलग नहीं करता – बल्कि जिंदगी ऐसा करती है। 'दूरियां' शायद मेरी लिखी गई सबसे ईमानदार चीज़ों में से एक है क्योंकि मैंने जवाब ढूंढना बंद कर दिया और सिर्फ वही लिखा जो मैंने महसूस किया। मुझे उम्मीद है कि लोग इन बोलों में कहीं न कहीं अपनी कहानी सुनेंगे, क्योंकि मुझे पता है कि इन्हें लिखते हुए मैंने अपनी कहानी पा ली है।"

अपने भावनात्मक रूप से समृद्ध साउंडस्केप और गहराई से जुड़ने वाली कहानी के साथ, 'दूरियां' शैलियों से परे जाकर कहानियां बताने की पैंथर की क्षमता को और मजबूत करता है। यह इस बात की याद दिलाता है कि कुछ सबसे शक्तिशाली गाने हमेशा सबसे तेज़ नहीं होते, बल्कि वे होते हैं जो खत्म होने के लंबे समय बाद भी चुपचाप आपके साथ रहते हैं।

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मुंबई। भारतीय हिप-हॉप की सबसे दमदार आवाज़ों में से एक, पैंथर, आकांक्षा चौधरी के साथ अपना नया इमोशनल गाना “दूरियां” लेकर वापस आ गए हैं। प्यार, दूरी और दिल टूटने से पहले की खामोशी को ईमानदारी से बयां करता यह ट्रैक रैपर के उस पहलू को सामने लाता है जिसकी श्रोताओं ने पहले सिर्फ झलक ही देखी थी। इसमें टकराव की जगह कबूलनामे ने ले ली है, जो साबित करता है कि भावनाओं को खुल कर व्यक्त करना भी किसी दमदार वर्स की तरह ही असरदार हो सकता है।

पैंथर और आकांक्षा चौधरी की दिल छू लेने वाली परफॉर्मेंस के साथ, 'दूरियां' उन रिश्तों के भावनात्मक बोझ को टटोलता है जो जीवन की अपरिहार्य परिस्थितियों की कसौटी पर परखे जाते हैं। अपने मार्मिक बोल और सुरीली धुनों के जरिए, यह ट्रैक उस अहसास को कैद करता है जिसे कई लोग महसूस तो करते हैं लेकिन अक्सर शब्दों में बयां करने में संघर्ष करते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में, पैंथर ने ऐसा संगीत बनाने की प्रतिष्ठा हासिल की है जो तीखे बोल और भावनात्मक सच्चाई के बीच संतुलन बनाता है। चाहे उनके हार्ड-हिटिंग रिकॉर्ड्स हों या आत्मनिरीक्षण वाले ट्रैक, उनकी राइटिंग हमेशा उनके वास्तविक अनुभवों से प्रेरित रही है, जिससे उनका संगीत हर मूड और पल में लोगों को अपना सा लगता है। 'दूरियां' उसी सफर को आगे बढ़ाता है। यह श्रोताओं को एक ऐसा गाना पेश करता है जो किसी नाटकीय अंत की तलाश नहीं करता, बल्कि चुपचाप छूट जाने वाले रिश्तों की जटिलताओं को अपनाता है।

एक ब्रेकआउट आर्टिस्ट के रूप में उभरने के बाद से, पैंथर ने खुद को भारत के विकसित होते हिप-हॉप परिदृश्य की सबसे अहम आवाज़ों में से एक के रूप में स्थापित किया है। 'ये बातें', 'उत्तर प्रदेश', 'गलत करम', 'ओह माय गॉड', 'यूपी से' और अन्य गानों के साथ, उन्होंने लगातार ऐसी कहानियां बताने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है जो गहराई से व्यक्तिगत होने के साथ-साथ सभी से जुड़ी हुई भी हैं, और इस दौरान वह अपनी बेजोड़ कलात्मक पहचान के प्रति भी सच्चे रहे हैं।

इस ट्रैक के बारे में बात करते हुए पैंथर ने कहा, "लोग दिल टूटने की बात ऐसे करते हैं जैसे यह रातों-रात हो जाता है। जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा हूं, मुझे एहसास होता है कि हमेशा प्यार ही लोगों को अलग नहीं करता – बल्कि जिंदगी ऐसा करती है। 'दूरियां' शायद मेरी लिखी गई सबसे ईमानदार चीज़ों में से एक है क्योंकि मैंने जवाब ढूंढना बंद कर दिया और सिर्फ वही लिखा जो मैंने महसूस किया। मुझे उम्मीद है कि लोग इन बोलों में कहीं न कहीं अपनी कहानी सुनेंगे, क्योंकि मुझे पता है कि इन्हें लिखते हुए मैंने अपनी कहानी पा ली है।"

अपने भावनात्मक रूप से समृद्ध साउंडस्केप और गहराई से जुड़ने वाली कहानी के साथ, 'दूरियां' शैलियों से परे जाकर कहानियां बताने की पैंथर की क्षमता को और मजबूत करता है। यह इस बात की याद दिलाता है कि कुछ सबसे शक्तिशाली गाने हमेशा सबसे तेज़ नहीं होते, बल्कि वे होते हैं जो खत्म होने के लंबे समय बाद भी चुपचाप आपके साथ रहते हैं।

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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा बार-बार नकदी छिपाने के कथित मामले पाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में भी गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि बैठक में रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई, लेकिन इस पर कोई चर्चा या बहस नहीं हुई, क्योंकि जांच अभी जारी है।

आरोपी ने पूछताछ में किए कई खुलासे

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा गबन मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने कथित रूप से करीब 19 लाख रुपये अपने परिवार और दोस्तों पर खर्च किए। जांच में सामने आया कि उसने एक भाई की शादी में लगभग 6 लाख रुपये खर्च किए, दूसरे भाई को 5 लाख रुपये दिए और करीब 3.5 लाख रुपये की कार भी खरीदी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार

मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। ट्रस्ट के अध्यक्ष गोपाल दास महाराज की अध्यक्षता में राम जन्मभूमि परिसर स्थित अतिथि गृह में बैठक आयोजित की गई।
ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। साथ ही कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

CEO चयन के लिए बनी समिति

ट्रस्ट ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवड़े को शामिल किया गया है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक अलग समिति भी बनाई गई है, जो अतिरिक्त सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर सुझाव देगी। अंतिम निर्णय SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद लिए जाएंगे।

ट्रस्ट ने रखे वित्तीय आंकड़े

ट्रस्ट ने कहा कि वर्ष 2020 में गठन के बाद से अब तक मंदिर निर्माण और संबंधित कार्य 6 वर्ष से कम समय में पूरे किए गए हैं। ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले का राजनीतिक और प्रचारात्मक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

लेखक के बारे में

सुधीर शर्मा

सुधीर शर्मा विश्व के प्रथम हिन्दी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इनके पास मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नईदुनिया से प्रूफ रीडर के रूप में की। 2012 से…. और पढ़ें
Ram Temple Donation Case, Ram Temple SIT Report, Ayodhya Ram Temple, Champat Rai Resignation, Anil Mishra Resignation, Krishna Mohan, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, Ram Temple Donation Scam, Avinash Shukla, Ayodhya News, Ram Temple Trust, Donation Embezzlement, Govind Dev Giri, India News, Ram Mandir Investigation, राम मंदिर चढ़ावा मामला, राम मंदिर SIT रिपोर्ट, अयोध्या राम मंदिर, चंपत राय इस्तीफा, अनिल मिश्रा इस्तीफा, कृष्ण मोहन, राम जन्मभूमि ट्रस्ट, अविनाश शुक्ला, राम मंदिर दान, चढ़ावा गबन, राम मंदिर समाचार, अयोध्या न्यूज, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, गोविंद देव गिरि, राम मंदिर जांच">Ram temple donation theft row : राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की बड़ी रिपोर्ट, नकदी छिपाने के कई मामले उजागर, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा बार-बार नकदी छिपाने के कथित मामले पाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में भी गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि बैठक में रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई, लेकिन इस पर कोई चर्चा या बहस नहीं हुई, क्योंकि जांच अभी जारी है।																								
																														
																																												
	आरोपी ने पूछताछ में किए कई खुलासे

	पुलिस सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा गबन मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने कथित रूप से करीब 19 लाख रुपये अपने परिवार और दोस्तों पर खर्च किए। जांच में सामने आया कि उसने एक भाई की शादी में लगभग 6 लाख रुपये खर्च किए, दूसरे भाई को 5 लाख रुपये दिए और करीब 3.5 लाख रुपये की कार भी खरीदी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।																									
																
																
																														
																														
																																																											
																														
																																			
	चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार

	मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। ट्रस्ट के अध्यक्ष गोपाल दास महाराज की अध्यक्षता में राम जन्मभूमि परिसर स्थित अतिथि गृह में बैठक आयोजित की गई।
	
		
			श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की एक बैठक आज न्यास के अध्यक्ष पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के पश्चात जारी वक्तव्यA meeting of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) was held today under the chairmanship of the Trust’s… pic.twitter. com/Sv7Gi9GWQv— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) July 6, 2026
	ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। साथ ही कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।																								
																														
																																			
	CEO चयन के लिए बनी समिति

	ट्रस्ट ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवड़े को शामिल किया गया है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक अलग समिति भी बनाई गई है, जो अतिरिक्त सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर सुझाव देगी। अंतिम निर्णय SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद लिए जाएंगे।																								
																														
																																			
	ट्रस्ट ने रखे वित्तीय आंकड़े

	ट्रस्ट ने कहा कि वर्ष 2020 में गठन के बाद से अब तक मंदिर निर्माण और संबंधित कार्य 6 वर्ष से कम समय में पूरे किए गए हैं। ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले का राजनीतिक और प्रचारात्मक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
			 
				
				
					 
						
															 
									
									 
									     							
									 लेखक के बारे में
									 सुधीर शर्मा
										
									
																				 
						   
                           सुधीर शर्मा विश्व के प्रथम हिन्दी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इनके पास मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नईदुनिया से प्रूफ रीडर के रूप में की। 2012 से….						   और पढ़ें 
								
							
							
					
			    
			
			
			
							
				
						Ram Temple Donation Case, Ram Temple SIT Report, Ayodhya Ram Temple, Champat Rai Resignation, Anil Mishra Resignation, Krishna Mohan, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, Ram Temple Donation Scam, Avinash Shukla, Ayodhya News, Ram Temple Trust, Donation Embezzlement, Govind Dev Giri, India News, Ram Mandir Investigation, राम मंदिर चढ़ावा मामला, राम मंदिर SIT रिपोर्ट, अयोध्या राम मंदिर, चंपत राय इस्तीफा, अनिल मिश्रा इस्तीफा, कृष्ण मोहन, राम जन्मभूमि ट्रस्ट, अविनाश शुक्ला, राम मंदिर दान, चढ़ावा गबन, राम मंदिर समाचार, अयोध्या न्यूज, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, गोविंद देव गिरि, राम मंदिर जांच

ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। साथ ही कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

CEO चयन के लिए बनी समिति

ट्रस्ट ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवड़े को शामिल किया गया है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक अलग समिति भी बनाई गई है, जो अतिरिक्त सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर सुझाव देगी। अंतिम निर्णय SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद लिए जाएंगे।

ट्रस्ट ने रखे वित्तीय आंकड़े

ट्रस्ट ने कहा कि वर्ष 2020 में गठन के बाद से अब तक मंदिर निर्माण और संबंधित कार्य 6 वर्ष से कम समय में पूरे किए गए हैं। ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले का राजनीतिक और प्रचारात्मक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

लेखक के बारे में

सुधीर शर्मा

सुधीर शर्मा विश्व के प्रथम हिन्दी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इनके पास मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नईदुनिया से प्रूफ रीडर के रूप में की। 2012 से…. और पढ़ें
Ram Temple Donation Case, Ram Temple SIT Report, Ayodhya Ram Temple, Champat Rai Resignation, Anil Mishra Resignation, Krishna Mohan, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, Ram Temple Donation Scam, Avinash Shukla, Ayodhya News, Ram Temple Trust, Donation Embezzlement, Govind Dev Giri, India News, Ram Mandir Investigation, राम मंदिर चढ़ावा मामला, राम मंदिर SIT रिपोर्ट, अयोध्या राम मंदिर, चंपत राय इस्तीफा, अनिल मिश्रा इस्तीफा, कृष्ण मोहन, राम जन्मभूमि ट्रस्ट, अविनाश शुक्ला, राम मंदिर दान, चढ़ावा गबन, राम मंदिर समाचार, अयोध्या न्यूज, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, गोविंद देव गिरि, राम मंदिर जांच">Ram temple donation theft row : राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की बड़ी रिपोर्ट, नकदी छिपाने के कई मामले उजागर, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर
Ram temple donation theft row : राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की बड़ी रिपोर्ट, नकदी छिपाने के कई मामले उजागर, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा बार-बार नकदी छिपाने के कथित मामले पाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में भी गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि बैठक में रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई, लेकिन इस पर कोई चर्चा या बहस नहीं हुई, क्योंकि जांच अभी जारी है।																								
																														
																																												
	आरोपी ने पूछताछ में किए कई खुलासे

	पुलिस सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा गबन मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने कथित रूप से करीब 19 लाख रुपये अपने परिवार और दोस्तों पर खर्च किए। जांच में सामने आया कि उसने एक भाई की शादी में लगभग 6 लाख रुपये खर्च किए, दूसरे भाई को 5 लाख रुपये दिए और करीब 3.5 लाख रुपये की कार भी खरीदी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।																									
																
																
																														
																														
																																																											
																														
																																			
	चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार

	मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। ट्रस्ट के अध्यक्ष गोपाल दास महाराज की अध्यक्षता में राम जन्मभूमि परिसर स्थित अतिथि गृह में बैठक आयोजित की गई।
	
		
			श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की एक बैठक आज न्यास के अध्यक्ष पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के पश्चात जारी वक्तव्यA meeting of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) was held today under the chairmanship of the Trust’s… pic.twitter. com/Sv7Gi9GWQv— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) July 6, 2026
	ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। साथ ही कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।																								
																														
																																			
	CEO चयन के लिए बनी समिति

	ट्रस्ट ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवड़े को शामिल किया गया है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक अलग समिति भी बनाई गई है, जो अतिरिक्त सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर सुझाव देगी। अंतिम निर्णय SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद लिए जाएंगे।																								
																														
																																			
	ट्रस्ट ने रखे वित्तीय आंकड़े

	ट्रस्ट ने कहा कि वर्ष 2020 में गठन के बाद से अब तक मंदिर निर्माण और संबंधित कार्य 6 वर्ष से कम समय में पूरे किए गए हैं। ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले का राजनीतिक और प्रचारात्मक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
			 
				
				
					 
						
															 
									
									 
									     							
									 लेखक के बारे में
									 सुधीर शर्मा
										
									
																				 
						   
                           सुधीर शर्मा विश्व के प्रथम हिन्दी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इनके पास मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नईदुनिया से प्रूफ रीडर के रूप में की। 2012 से….						   और पढ़ें 
								
							
							
					
			    
			
			
			
							
				
						Ram Temple Donation Case, Ram Temple SIT Report, Ayodhya Ram Temple, Champat Rai Resignation, Anil Mishra Resignation, Krishna Mohan, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, Ram Temple Donation Scam, Avinash Shukla, Ayodhya News, Ram Temple Trust, Donation Embezzlement, Govind Dev Giri, India News, Ram Mandir Investigation, राम मंदिर चढ़ावा मामला, राम मंदिर SIT रिपोर्ट, अयोध्या राम मंदिर, चंपत राय इस्तीफा, अनिल मिश्रा इस्तीफा, कृष्ण मोहन, राम जन्मभूमि ट्रस्ट, अविनाश शुक्ला, राम मंदिर दान, चढ़ावा गबन, राम मंदिर समाचार, अयोध्या न्यूज, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, गोविंद देव गिरि, राम मंदिर जांच

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा बार-बार नकदी छिपाने के कथित मामले पाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में भी गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि बैठक में रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई, लेकिन इस पर कोई चर्चा या बहस नहीं हुई, क्योंकि जांच अभी जारी है।

आरोपी ने पूछताछ में किए कई खुलासे

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा गबन मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने कथित रूप से करीब 19 लाख रुपये अपने परिवार और दोस्तों पर खर्च किए। जांच में सामने आया कि उसने एक भाई की शादी में लगभग 6 लाख रुपये खर्च किए, दूसरे भाई को 5 लाख रुपये दिए और करीब 3.5 लाख रुपये की कार भी खरीदी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार

मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार को महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। ट्रस्ट के अध्यक्ष गोपाल दास महाराज की अध्यक्षता में राम जन्मभूमि परिसर स्थित अतिथि गृह में बैठक आयोजित की गई।
ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। साथ ही कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

CEO चयन के लिए बनी समिति

ट्रस्ट ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवड़े को शामिल किया गया है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक अलग समिति भी बनाई गई है, जो अतिरिक्त सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर सुझाव देगी। अंतिम निर्णय SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद लिए जाएंगे।

ट्रस्ट ने रखे वित्तीय आंकड़े

ट्रस्ट ने कहा कि वर्ष 2020 में गठन के बाद से अब तक मंदिर निर्माण और संबंधित कार्य 6 वर्ष से कम समय में पूरे किए गए हैं। ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले का राजनीतिक और प्रचारात्मक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

लेखक के बारे में

सुधीर शर्मा

सुधीर शर्मा विश्व के प्रथम हिन्दी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इनके पास मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नईदुनिया से प्रूफ रीडर के रूप में की। 2012 से…. और पढ़ें
Ram Temple Donation Case, Ram Temple SIT Report, Ayodhya Ram Temple, Champat Rai Resignation, Anil Mishra Resignation, Krishna Mohan, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, Ram Temple Donation Scam, Avinash Shukla, Ayodhya News, Ram Temple Trust, Donation Embezzlement, Govind Dev Giri, India News, Ram Mandir Investigation, राम मंदिर चढ़ावा मामला, राम मंदिर SIT रिपोर्ट, अयोध्या राम मंदिर, चंपत राय इस्तीफा, अनिल मिश्रा इस्तीफा, कृष्ण मोहन, राम जन्मभूमि ट्रस्ट, अविनाश शुक्ला, राम मंदिर दान, चढ़ावा गबन, राम मंदिर समाचार, अयोध्या न्यूज, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, गोविंद देव गिरि, राम मंदिर जांच

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