नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। वैश्विक आर्थिक मंदी के दौर में भी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर (आईआईटी इंदौर) के विद्यार्थियों का बेहतर प्रदर्शन रहा है। शनिवार को दीक्षा समारोह में निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने प्लेसमेंट रिपोर्ट जारी कर दी।
निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस वर्ष कैंपस प्लेसमेंट में बेहतर परिणाम सामने आए है। बीटेक पाठ्यक्रम के 93 फीसद से अधिक विद्यार्थियों को नौकरियां मिली है। सालभर चले कैंपस प्लेसमेंट में 270 विद्यार्थियों को जॉब ऑफर हुए है। जबकि स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को भी 108 आफर मिले हैं।
औसतन पैकेज में भी बढ़ोतरी देखी गई है
खास बात यह है कि पहली बार संस्थान के 11 विद्यार्थियों को सालाना एक-एक करोड़ रुपये से अधिक का पैकेज मिला है। वहीं औसतन पैकेज में भी बढ़ोत्तरी देखी गई है, जिसमें 40 फीसद विद्यार्थियों को 50-52 लाख रुपये सालाना का पैकेज रहा है।
अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में 10 हजार 700 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित किए हैं
निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने बताया कि संस्थान ने सिर्फ प्लेसमेंट के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल नहीं की है। बल्कि रिसर्च और नवाचार में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले वर्षों में संस्थान के शोधकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में 10 हजार 700 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित किए हैं।
900 से अधिक प्रायोजित प्रोजेक्ट और 730 कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट पूरे किए हैं
इसके अलावा संस्थान ने 280 नई तकनीकें विकसित की हैं। 900 से अधिक प्रायोजित प्रोजेक्ट और 730 कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान ने अब तक 275 से अधिक पेटेंट दाखिल किए गए हैं, जिनमें से 135 पेटेंट को मंजूरी मिल चुकी है। अकेले पिछले वर्ष 80 पेटेंट स्वीकृत हुए हैं। वे कहते है कि संस्थान शिक्षा के साथ-साथ रिसर्च, तकनीक विकास और उद्योग से जुड़ाव के क्षेत्र में भी देश के प्रमुख संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
100 शोधार्थी करेंगे एडवांस्ड रिसर्च
आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास एस जोशी ने बताया कि अगले पांच वर्षों में करीब 100 पीएचडी शोधार्थी को जोड़कर एक बड़ा रिसर्च प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य संस्थान में उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक शोध और नई तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना है।
वे बताते है कि यह प्रोग्राम संस्थान के सबसे बड़े रिसर्च प्रयासों में से एक होगा, जिससे नई खोजों और इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च को मजबूती मिलेगी। इसके लिए नैट्रक्स के साथ मिलकर ईएमआइ व ईएमसी टेस्टिंग सुविधा विकसित करने की योजना भी बनाई है।
यह सुविधा उद्योगों में बनने वाले उत्पादों और तकनीकी सिस्टम की गुणवत्ता जांच में मदद करेगी। इसमें उद्योग, अकादमिक संस्थान और सरकारी एजेंसियां मिलकर काम करेंगी।रिसर्च लैब्स का शुभारंभसमारोह के पहले आइआइटी इंदौर में एएनआरएफ-पेयर सक्षम परियोजना के तहत स्थापित अत्याधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया गया। इनका उद्देश्य उन्नत तकनीक, स्वास्थ्य, आधुनिक निर्माण और नवाचार के क्षेत्र में रिसर्च को नई गति देना है।
प्रयोगशाला का उद्घाटन नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर और इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के शिवन ने किया। निदेशक प्रो. सुहास एस. जोशी ने कहा कि सुविधाएं उन्नत पदार्थ, स्वास्थ्य तकनीक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और अन्य क्षेत्रों में नई खोजों को बढ़ावा देंगी। इस दौरान उन्नत निर्माण क्षेत्र में सेलेक्टिव लेजर मेल्टिंग और अन्य आधुनिक उपकरणों की जानकारी दी गई। वहीं स्वास्थ्य एवं चिकित्सा तकनीक लैब में आरटी-पीसीआर, लायोफिलाइजर और रियोमीटर जैसे उपकरणों का प्रदर्शन किया गया।
Source link
#आईआईट #इदर #क #वदयरथय #क #एकएक #करड #क #जब #ऑफर #छतरछतरओ #क #मल #नकरय



Post Comment