इंदौर में इस साल जलसंकट के कारण लोगों ने खूब परेशानियां झेली। इस जलसंकट ने नगर निगम की चिंता भी बढ़ा दी है और अब मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने वाटर हार्वेस्टिंग करने वालों को संपत्तिकर में 10 प्रतिशत छूट देने का फैसला लिया है।
पिछले दिनों हुई महापौर परिषद की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई थी और अब सोमवार को आदेश भी जारी हो गए। शहर में पांच लाख से अधिक संपत्तिकर धारक हैं, जिन्हें इसका फायदा मिल सकता है। पहले यह छूट छह प्रतिशत थी, जिसे अब बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस साल शहर में जलसंकट की सबसे बड़ी वजह शहर में निजी बोरिंगों का जल्दी सूखना था। शहर के ज्यादातर इलाके नर्मदा जल पर आश्रित हो गए थे। नगर निगम को 600 टैंकर किराए पर लेकर जल वितरण के काम में लगाना पड़ा, लेकिन जलसंकट से सबक लेकर अब नगर निगम वाटर रिचार्जिंग पर जोर दे रहा है।
पहले निगम ने शहर में सर्वे कराया कि किन-किन घरों में बोरिंग है और वहां वाटर रिचार्जिंग की व्यवस्था है या नहीं। जिन परिवारों ने वाटर रिचार्जिंग नहीं की थी, उन्हें नोटिस थमाए गए और रिचार्जिंग करने के लिए कहा गया। जिन इलाकों में ज्यादा और जल्दी बोरिंग सूखे हैं, वहां वाटर रिचार्जिंग पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
विजय नगर, स्कीम-78, नंदानगर, स्कीम-136, पलासिया, श्रीनगर, जूनी इंदौर सहित कई इलाकों में इस बार बोरिंग जल्दी सूखे हैं। वाटर रिचार्जिंग को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने अब छूट देने का भी ऐलान किया है। शहर में निजी बोरिंग करने वालों के लिए वाटर रिचार्जिंग अनिवार्य भी कर दिया गया है। इस बार जून माह में बारिश कम हुई है, लेकिन बीते चार दिनों की बारिश से कई बोरिंगों में पानी की मात्रा बढ़ गई है और अब टैंकरों की मांग भी कम हो गई है।
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