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मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक, विपक्ष ने किया वॉकआउट, जानिए क्यों मचा हंगामा?
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																All party meeting of Parliament : संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।																								
																														
																																			
	 
	विपक्षी दलों ने जताया कड़ा विरोध 

	संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।																																		
																
																
																														
																														
																																			
	महुआ मोइत्रा ने की यह मांग

	विपक्षी सांसदों का तर्क था कि सरकार ने टीएमसी के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है। इन 20 सांसदों की बगावत के बाद टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि दलबदल कानूनों के अधीन इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। महुआ मोइत्रा ने कहा, हमने उन 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष को इस मुद्दे पर फैसला लेना चाहिए। 																								
																														
																																																											
																														
																																			
	इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों के बायकॉट पर कहा, एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर करके लोकसभा स्पीकर के पास नई पार्टी को मान्यता देने और संसद में अलग से बैठने की मांग की है।																								
																														
																																																											
																														
																																			
	विपक्षी नेताओं ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

	विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया। विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए।																																																									
																	
															
																														
																																																											
																														
																																			
	बैठक को लेकर क्‍या बोले किरेन रिजिजू? 

	संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।																								
																														
																																																		
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
	
							
				
						Monsoon Session, all party meeting, opposition, walkout, Parliament, opposition MPs, opposition parties, TMC, BJP, Congress, Kiren Rijiju, political parties मानसून सत्र, सर्वदलीय बैठक, विपक्ष, वॉकआउट, संसद, विपक्षी सांसद, विपक्षी दल, टीएमसी, भाजपा, कांग्रेस, किरेन रिजिजू, राजनीतिक दल

मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक, विपक्ष ने किया वॉकआउट, जानिए क्यों मचा हंगामा?
मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक, विपक्ष ने किया वॉकआउट, जानिए क्यों मचा हंगामा?
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																All party meeting of Parliament : संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।																								
																														
																																			
	 
	विपक्षी दलों ने जताया कड़ा विरोध 

	संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।																																		
																
																
																														
																														
																																			
	महुआ मोइत्रा ने की यह मांग

	विपक्षी सांसदों का तर्क था कि सरकार ने टीएमसी के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है। इन 20 सांसदों की बगावत के बाद टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि दलबदल कानूनों के अधीन इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। महुआ मोइत्रा ने कहा, हमने उन 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष को इस मुद्दे पर फैसला लेना चाहिए। 																								
																														
																																																											
																														
																																			
	इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों के बायकॉट पर कहा, एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर करके लोकसभा स्पीकर के पास नई पार्टी को मान्यता देने और संसद में अलग से बैठने की मांग की है।																								
																														
																																																											
																														
																																			
	विपक्षी नेताओं ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

	विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया। विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए।																																																									
																	
															
																														
																																																											
																														
																																			
	बैठक को लेकर क्‍या बोले किरेन रिजिजू? 

	संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।																								
																														
																																																		
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
	
							
				
						Monsoon Session, all party meeting, opposition, walkout, Parliament, opposition MPs, opposition parties, TMC, BJP, Congress, Kiren Rijiju, political parties मानसून सत्र, सर्वदलीय बैठक, विपक्ष, वॉकआउट, संसद, विपक्षी सांसद, विपक्षी दल, टीएमसी, भाजपा, कांग्रेस, किरेन रिजिजू, राजनीतिक दल

All party meeting of Parliament : संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।

 

विपक्षी दलों ने जताया कड़ा विरोध 

संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।

महुआ मोइत्रा ने की यह मांग

विपक्षी सांसदों का तर्क था कि सरकार ने टीएमसी के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है। इन 20 सांसदों की बगावत के बाद टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि दलबदल कानूनों के अधीन इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। महुआ मोइत्रा ने कहा, हमने उन 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष को इस मुद्दे पर फैसला लेना चाहिए। 

इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों के बायकॉट पर कहा, एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर करके लोकसभा स्पीकर के पास नई पार्टी को मान्यता देने और संसद में अलग से बैठने की मांग की है।

विपक्षी नेताओं ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया। विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए।

बैठक को लेकर क्‍या बोले किरेन रिजिजू? 

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।

Monsoon Session, all party meeting, opposition, walkout, Parliament, opposition MPs, opposition parties, TMC, BJP, Congress, Kiren Rijiju, political parties मानसून सत्र, सर्वदलीय बैठक, विपक्ष, वॉकआउट, संसद, विपक्षी सांसद, विपक्षी दल, टीएमसी, भाजपा, कांग्रेस, किरेन रिजिजू, राजनीतिक दल


All party meeting of Parliament : संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।


 


विपक्षी दलों ने जताया कड़ा विरोध 


संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।


महुआ मोइत्रा ने की यह मांग


विपक्षी सांसदों का तर्क था कि सरकार ने टीएमसी के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है। इन 20 सांसदों की बगावत के बाद टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि दलबदल कानूनों के अधीन इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। महुआ मोइत्रा ने कहा, हमने उन 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष को इस मुद्दे पर फैसला लेना चाहिए। 


इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों के बायकॉट पर कहा, एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर करके लोकसभा स्पीकर के पास नई पार्टी को मान्यता देने और संसद में अलग से बैठने की मांग की है।


विपक्षी नेताओं ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस


विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया। विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए।


बैठक को लेकर क्‍या बोले किरेन रिजिजू? 


संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।

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#मनसन #सतर #स #पहल #हई #सरवदलय #बठक #वपकष #न #कय #वकआउट #जनए #कय #मच #हगम

जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचने के एक दिन बाद, 20 जुलाई को शबाना आजमी ने सीजेपी की ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होकर अपनी आवाज उठाई।

हम शांतिपूर्ण विरोध के लिए आए हैं
मार्च के दौरान शबाना आजमी ने PTI से बात करते हुए कहा, ‘हम सभी यहां शांतिपूर्ण विरोध के लिए आए हैं। यह हमारा हक है, जो हमें हमारे संविधान ने दिया है। महात्मा गांधी ने हमें सिखाया है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कैसे किया जाता है, और हम उसी रास्ते पर चल रहे हैं। हमारा किसी भी तरह की हिंसा करने का कोई इरादा नहीं है।’

मार्च के दौरान अन्य प्रदर्शनकारी भी उनके साथ नजर आए और 75 साल की शबाना का सहारा देते हुए उनके साथ चलते दिखे।

Shabana azmi, shabana azmi jantar mantar, shabana azmi cjp, shabana azmi political party, shabana azmi cjp protest, shabana azmi cjp march, shabana azmi joins cjp march, shabana azmi joins sansad chalo march, cjp protest, cjp protest in delhi, cjp protest live, cjp protest jantar mantar, cjp news, cjp protest latest news, cjp protest news, cjp live, cjp protest update, cjp party, sonam wangchuk, sonam wangchuk news, sonam wangchuk hunger strike, sonam wangchuk hunger strike reason, Entertainment News in Hindi, Bollywood News in Hindi, Bollywood Hindi News, शबाना आज़मी, शबाना आज़मी जंतर-मंतर, शबाना आज़मी सीजेपी, शबाना आज़मी राजनीतिक दल, शबाना आज़मी सीजेपी विरोध प्रदर्शन, शबाना आज़मी सीजेपी मार्च, शबाना आज़मी सीजेपी मार्च में शामिल हुईं, शबाना आज़मी संसद चलो मार्च में शामिल हुईं, सीजेपी विरोध प्रदर्शन, दिल्ली में सीजेपी विरोध प्रदर्शन">Shabana Azmi: सीजेपी के मार्च में शामिल हुईं 75 साल की शबाना आजमी, बॉलीवुड की गैरमौजूदगी पर दिया करारा बयान
                                                 
                जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पहुंचने के एक दिन बाद, 20 जुलाई को शबाना आजमी ने सीजेपी की ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होकर अपनी आवाज उठाई।
                                
                
                
                 
                    
                                                                                 
                                                                        
                        
                        












                        
                                                                                        
                             
                                                                    
                                         
                                       
                                                                    
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                                                
                                                                                
                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                हम शांतिपूर्ण विरोध के लिए आए हैं
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                मार्च के दौरान शबाना आजमी ने PTI से बात करते हुए कहा, ‘हम सभी यहां शांतिपूर्ण विरोध के लिए आए हैं। यह हमारा हक है, जो हमें हमारे संविधान ने दिया है। महात्मा गांधी ने हमें सिखाया है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कैसे किया जाता है, और हम उसी रास्ते पर चल रहे हैं। हमारा किसी भी तरह की हिंसा करने का कोई इरादा नहीं है।’
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                                                
                                                
                                               
                                                     
                     
                                                
                            
                                 
                                
                               
                                                                                
                                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                

                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                                 
                मार्च के दौरान अन्य प्रदर्शनकारी भी उनके साथ नजर आए और 75 साल की शबाना का सहारा देते हुए उनके साथ चलते दिखे।
                                
                                
                
                
                                
                                
                                                                                                               
                                                    
                            
                                 
                                
                               
                                                
                                                Shabana azmi, shabana azmi jantar mantar, shabana azmi cjp, shabana azmi political party, shabana azmi cjp protest, shabana azmi cjp march, shabana azmi joins cjp march, shabana azmi joins sansad chalo march, cjp protest, cjp protest in delhi, cjp protest live, cjp protest jantar mantar, cjp news, cjp protest latest news, cjp protest news, cjp live, cjp protest update, cjp party, sonam wangchuk, sonam wangchuk news, sonam wangchuk hunger strike, sonam wangchuk hunger strike reason, Entertainment News in Hindi, Bollywood News in Hindi, Bollywood Hindi News, शबाना आज़मी, शबाना आज़मी जंतर-मंतर, शबाना आज़मी सीजेपी, शबाना आज़मी राजनीतिक दल, शबाना आज़मी सीजेपी विरोध प्रदर्शन, शबाना आज़मी सीजेपी मार्च, शबाना आज़मी सीजेपी मार्च में शामिल हुईं, शबाना आज़मी संसद चलो मार्च में शामिल हुईं, सीजेपी विरोध प्रदर्शन, दिल्ली में सीजेपी विरोध प्रदर्शन

इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के स्टार अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 20 जुलाई 1920 को हुआ था। उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अपनी बादशाहत साबित की है।

आज हम आपको नसीरुद्दीन शाह के बारे में एक ऐसी बात बताने जा रह हैं, जिसके बारे में शायदा ही आपको पता होगा। बहुत ही कम लोगों को पता होग कि नसीरुद्दीन शाह की पहली शादी पाकिस्तान की नागरिक परवीन मुराद उर्फ मनारा सीकरी से हुई थी। दोनों की मुलाकात अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुई थी।

आपको जानकर हैरानी होगी कि परवीन मुराद नसीरुद्दीन से 14-15 साल बड़ी थीं। वह पढ़ाई के बहाने भारत आई थी। परवीन का स्टूडेंट वीजा खत्म होने लगा तो उन्होंने 1 नवंबर 1969 को नसीरुद्दीन शाह के साथ शादी कर ली। इस शादी में नसीरुद्दीन के परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। बाद में परिवार के लोगों को इस शादी का पता चला था। नसीरुद्दीन शाह ने बॉलीवुड की कई सुपरहिट फिल्मों में शानदार अभिनय कर प्रशंसकों का दिल जीता है।

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Birthday Special,Actor Naseeruddin, Hindi news,Pakistani national">Birthday Special: अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने 15 साल बड़ी पाकिस्तानी नागरिक के साथ कर ली थी शादी, फिर…   इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के स्टार अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 20 जुलाई 1920 को हुआ था। उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अपनी बादशाहत साबित की है।

आज हम आपको नसीरुद्दीन शाह के बारे में एक ऐसी बात बताने जा रह हैं, जिसके बारे में शायदा ही आपको पता होगा। बहुत ही कम लोगों को पता होग कि नसीरुद्दीन शाह की पहली शादी पाकिस्तान की नागरिक परवीन मुराद उर्फ मनारा सीकरी से हुई थी। दोनों की मुलाकात अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुई थी।

आपको जानकर हैरानी होगी कि परवीन मुराद नसीरुद्दीन से 14-15 साल बड़ी थीं। वह पढ़ाई के बहाने भारत आई थी। परवीन का स्टूडेंट वीजा खत्म होने लगा तो उन्होंने 1 नवंबर 1969 को नसीरुद्दीन शाह के साथ शादी कर ली। इस शादी में नसीरुद्दीन के परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। बाद में परिवार के लोगों को इस शादी का पता चला था। नसीरुद्दीन शाह ने बॉलीवुड की कई सुपरहिट फिल्मों में शानदार अभिनय कर प्रशंसकों का दिल जीता है।

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Birthday Special,Actor Naseeruddin, Hindi news,Pakistani national">Birthday Special: अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने 15 साल बड़ी पाकिस्तानी नागरिक के साथ कर ली थी शादी, फिर…

Birthday Special: अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने 15 साल बड़ी पाकिस्तानी नागरिक के साथ कर ली थी शादी, फिर…   इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के स्टार अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 20 जुलाई 1920 को हुआ था। उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अपनी बादशाहत साबित की है।

आज हम आपको नसीरुद्दीन शाह के बारे में एक ऐसी बात बताने जा रह हैं, जिसके बारे में शायदा ही आपको पता होगा। बहुत ही कम लोगों को पता होग कि नसीरुद्दीन शाह की पहली शादी पाकिस्तान की नागरिक परवीन मुराद उर्फ मनारा सीकरी से हुई थी। दोनों की मुलाकात अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुई थी।

आपको जानकर हैरानी होगी कि परवीन मुराद नसीरुद्दीन से 14-15 साल बड़ी थीं। वह पढ़ाई के बहाने भारत आई थी। परवीन का स्टूडेंट वीजा खत्म होने लगा तो उन्होंने 1 नवंबर 1969 को नसीरुद्दीन शाह के साथ शादी कर ली। इस शादी में नसीरुद्दीन के परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। बाद में परिवार के लोगों को इस शादी का पता चला था। नसीरुद्दीन शाह ने बॉलीवुड की कई सुपरहिट फिल्मों में शानदार अभिनय कर प्रशंसकों का दिल जीता है।

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इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के स्टार अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का आज जन्मदिन है। उनका जन्म आज ही के दिन यानी 20 जुलाई 1920 को हुआ था। उन्होंने शानदार अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अपनी बादशाहत साबित की है।

आज हम आपको नसीरुद्दीन शाह के बारे में एक ऐसी बात बताने जा रह हैं, जिसके बारे में शायदा ही आपको पता होगा। बहुत ही कम लोगों को पता होग कि नसीरुद्दीन शाह की पहली शादी पाकिस्तान की नागरिक परवीन मुराद उर्फ मनारा सीकरी से हुई थी। दोनों की मुलाकात अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुई थी।

आपको जानकर हैरानी होगी कि परवीन मुराद नसीरुद्दीन से 14-15 साल बड़ी थीं। वह पढ़ाई के बहाने भारत आई थी। परवीन का स्टूडेंट वीजा खत्म होने लगा तो उन्होंने 1 नवंबर 1969 को नसीरुद्दीन शाह के साथ शादी कर ली। इस शादी में नसीरुद्दीन के परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। बाद में परिवार के लोगों को इस शादी का पता चला था। नसीरुद्दीन शाह ने बॉलीवुड की कई सुपरहिट फिल्मों में शानदार अभिनय कर प्रशंसकों का दिल जीता है।

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