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All party meeting of Parliament : संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।
विपक्षी सांसदों का तर्क था कि सरकार ने टीएमसी के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है। इन 20 सांसदों की बगावत के बाद टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि दलबदल कानूनों के अधीन इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। महुआ मोइत्रा ने कहा, हमने उन 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष को इस मुद्दे पर फैसला लेना चाहिए।
इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों के बायकॉट पर कहा, एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर करके लोकसभा स्पीकर के पास नई पार्टी को मान्यता देने और संसद में अलग से बैठने की मांग की है।
विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया। विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
All party meeting of Parliament : संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।
विपक्षी सांसदों का तर्क था कि सरकार ने टीएमसी के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है। इन 20 सांसदों की बगावत के बाद टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि दलबदल कानूनों के अधीन इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। महुआ मोइत्रा ने कहा, हमने उन 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष को इस मुद्दे पर फैसला लेना चाहिए।
इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों के बायकॉट पर कहा, एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर करके लोकसभा स्पीकर के पास नई पार्टी को मान्यता देने और संसद में अलग से बैठने की मांग की है।
विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया। विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
All party meeting of Parliament : संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।
विपक्षी सांसदों का तर्क था कि सरकार ने टीएमसी के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है। इन 20 सांसदों की बगावत के बाद टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि दलबदल कानूनों के अधीन इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। महुआ मोइत्रा ने कहा, हमने उन 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष को इस मुद्दे पर फैसला लेना चाहिए।
इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों के बायकॉट पर कहा, एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर करके लोकसभा स्पीकर के पास नई पार्टी को मान्यता देने और संसद में अलग से बैठने की मांग की है।
विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया। विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
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