अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से पंजीकरण कराया जा सकेगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इसका एलान कर दिया है। पंजीकरण देश भर के निर्धारित बैंक शाखाओं के माध्यम से होगा। यात्रा परमिट ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर जारी होगा। यात्रा की तारीख भी जल्द घोषित की जाएगी। देश भर की 554 बैंक शाखाओं में पंजीकरण होगा।
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पंजीकरण के दौरान प्रत्येक बैंक शाखा को प्रतिदिन, प्रति मार्ग एक निश्चित कोटा आवंटित किया गया है। 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों का पंजीकरण नहीं होगा। इसी तरह छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती का भी पंजीकरण नहीं होगा।
बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष यात्रा परमिट आधार-आधारित बायोमीट्रिक ई-केवाईसी प्रमाणीकरण के बाद सिस्टम से एनआईसी पोर्टल पर जारी किया जाएगा। यदि प्रमाणीकरण में तकनीकी खराबी आती है तो बैंक शाखा मैनुअल फोटो और डेटा प्रविष्टि के माध्यम से पंजीकरण कर सकेगी।
अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति देश भर में 554 बैंक शाखाओं में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और हेल्थ सर्टिफिकेट जरूरी होगा। सरकार इस बार यात्रियों के लिए और भी अच्छी सुविधाएं देने वाली है, ताकि यात्रा आराम से हो सके। सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
अमरनाथ यात्रा भारत की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक है, जो भक्तों को जम्मू और कश्मीर में पवित्र अमरनाथ गुफा तक ले जाती है। हर साल देश भर से हजारों तीर्थयात्री इस आध्यात्मिक यात्रा में हिस्सा लेते हैं। 2026 में अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए पहले से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। इस साल, पंजीकरण आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है और अधिकृत बैंकों और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आनलाइन और आफलाइन दोनों तरह से उपलब्ध है।
यूं तो इस बार भी केवल सीमित संख्या में तीर्थयात्रियों – लगभग 15,000 प्रतिदिन – को भाग लेने की अनुमति है। इसलिए, अंतिम समय की भीड़ से बचने और आवश्यक स्वास्थ्य और आयु मानदंडों को पूरा करने के लिए पहले से पंजीकरण करने की अत्यधिक अनुशंसा की जाती है। पर अक्सर देखा गया है कि शुरूआती दिनों में भीड़ का रेला यात्रा की व्यवस्थाओं को भंग करता रहा है। Edited by : Sudhir Sharma
">Amarnath Yatra 2026 : अब 15 अप्रैल से शुरू होगा बैंकों में रजिस्ट्रेशन, जानें क्या है नया नियम

अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से पंजीकरण कराया जा सकेगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने इसका एलान कर दिया है। पंजीकरण देश भर के निर्धारित बैंक शाखाओं के माध्यम से होगा। यात्रा परमिट ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर जारी होगा। यात्रा की तारीख भी जल्द घोषित की जाएगी। देश भर की 554 बैंक शाखाओं में पंजीकरण होगा।
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पंजीकरण के दौरान प्रत्येक बैंक शाखा को प्रतिदिन, प्रति मार्ग एक निश्चित कोटा आवंटित किया गया है। 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों का पंजीकरण नहीं होगा। इसी तरह छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती का भी पंजीकरण नहीं होगा।
बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष यात्रा परमिट आधार-आधारित बायोमीट्रिक ई-केवाईसी प्रमाणीकरण के बाद सिस्टम से एनआईसी पोर्टल पर जारी किया जाएगा। यदि प्रमाणीकरण में तकनीकी खराबी आती है तो बैंक शाखा मैनुअल फोटो और डेटा प्रविष्टि के माध्यम से पंजीकरण कर सकेगी।
अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति देश भर में 554 बैंक शाखाओं में रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और हेल्थ सर्टिफिकेट जरूरी होगा। सरकार इस बार यात्रियों के लिए और भी अच्छी सुविधाएं देने वाली है, ताकि यात्रा आराम से हो सके। सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।
अमरनाथ यात्रा भारत की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक है, जो भक्तों को जम्मू और कश्मीर में पवित्र अमरनाथ गुफा तक ले जाती है। हर साल देश भर से हजारों तीर्थयात्री इस आध्यात्मिक यात्रा में हिस्सा लेते हैं। 2026 में अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए पहले से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। इस साल, पंजीकरण आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है और अधिकृत बैंकों और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आनलाइन और आफलाइन दोनों तरह से उपलब्ध है।
यूं तो इस बार भी केवल सीमित संख्या में तीर्थयात्रियों – लगभग 15,000 प्रतिदिन – को भाग लेने की अनुमति है। इसलिए, अंतिम समय की भीड़ से बचने और आवश्यक स्वास्थ्य और आयु मानदंडों को पूरा करने के लिए पहले से पंजीकरण करने की अत्यधिक अनुशंसा की जाती है। पर अक्सर देखा गया है कि शुरूआती दिनों में भीड़ का रेला यात्रा की व्यवस्थाओं को भंग करता रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

अमरनाथ यात्रा के लिए 15 अप्रैल से पंजीकरण कराया जा सकेगा। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड…
ईरान ने बुधवार को स्पष्ट कहा कि इजराइल अगर लेबनान पर हमले जारी रखता है और सीजफायर का उल्लंघन करता है तो वह इस समझौते से बाहर हो जाएगा। Tasnim न्यूज एजेंसी के अनुसार इजरायली हमलों के बाद ईरान ने Strait of Hormuz से तेल टैंकरों की आवाजाही भी रोक दी है। हालांकि इससे पहले अमेरिका की मध्यस्थता वाले सीजफायर के बाद दो टैंकर सुरक्षित गुजर चुके थे। ईरानी मीडिया और Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार लेबनान पर इजरायल की बमबारी को लेकर ईरान का सख्त रुख है।
रूस और चीन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के उस प्रस्ताव को ‘वीटो’ कर दिया, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना था और जिसमें बार-बार संशोधन किया गया था। प्रस्ताव में बार-बार संशोधन इस उम्मीद के साथ किया गया था कि ये दोनों देश इस पर मतदान से दूर रहेंगे। पंद्रह सदस्यीय यूनएसएससी में बहरीन की ओर से लाए गए प्रस्ताव के पक्ष में 11 वोट और विरोध में दो वोट पड़े। वहीं, दो सदस्यों ने मतदान से दूरी बनाई।