कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट: क्या 'नीतीश फॉर्मूले' से सुलझेगा सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार का विवाद?

बैठकों के बावजूद दोनों नेताओं के बीच नेतृत्व विवाद बना हुआ है। हालांकि मीडिया खबरों में दावा किया गया है कि बिहार के नीतीश फॉर्मूले पर कर्नाटक में भी सहमति बनती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजा जा सकता है जबकि उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार राज्य के मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।
राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में दोनों नेताओं के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि इस बैठक में सिद्धारमैया और शिवकुमार में इस पर चर्चा हु्ई है।
सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार खेमे की ओर से सिद्धारमैया पर मुख्यमंत्री पद छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्हें केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देने का प्रस्ताव भी दिया गया।
क्या बोले केसी वेणुगोपाल
हालांकि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि बैठक में केवल कर्नाटक की राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर चर्चा हुई। वेणुगोपाल ने कहा कि जो भी अटकलें लगाई जा रही हैं, वे केवल अटकलें हैं।
सिद्धारमैया ने बुलाई ब्रेकफास्ट बैठक
कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच, सीएम सिद्धारमैया ने 28 मई, गुरुवार सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी इस ब्रेकफास्ट मीटिंग में शामिल होंगे।
गौरतलब है कि 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से पार्टी नेतृत्व कई बार दोनों नेताओं के बीच मतभेद सुलझाने के लिए हस्तक्षेप कर चुका है। डीके शिवकुमार समर्थक लगातार दावा करते रहे हैं कि सरकार गठन के समय ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का फॉर्मूला तय हुआ था, हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने कभी सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की।
edited by : Nrapendra Gupta








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