Indore High Court Bench: एमपी के इंदौर शङर में हाईकोर्ट ने वर्ष 2018 में इंडेक्स मेडिकल कॉलेज से एमडी कर रही छात्रा की आत्महत्या मामले में कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध में आरोपी का ऐसा प्रत्यक्ष और निकटतम काम साबित होना जरूरी है, जिसने आत्महत्या को मजबूर किया हो। केवल फीस विवाद, छुट्टी नहीं देना, स्टाइपंड में कटौती या संस्थागत स्तर के विवाद को आत्महत्या के लिए उकसाने का आधार नहीं माना जा सकता। जस्टिस जय कुमार पिल्लई की कोर्ट ने यह टिप्पणी राज्य सरकार की ओर से निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुनाते हुए की।
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