इंदौर के निजी स्कूलों में कॉपी, किताब, फीस और ड्रेस को लेकर बनाई गई मोनोपोली के खिलाफ जिला प्रशासन का अभियान निरंतर जारी है। हेल्पलाइन नंबरों पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रशासन द्वारा की गई इन कार्रवाइयों से अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
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वहीं प्रशासन की सक्रियता के साथ ही हेल्पलाइन पर स्कूलों के खिलाफ शिकायतों का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में प्रशासन ने तीन प्रमुख संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई की है, जिससे जनमानस में जागरूकता बढ़ी है।
गांधीनगर स्थित स्कूल पर पहली बड़ी कार्रवाई
प्रशासन द्वारा की गई पहली बड़ी कार्रवाई गांधीनगर स्थित गुरुकुल शांति (वर्ल्ड पीस स्कूल) के विरुद्ध हुई है। यहां के संचालक और प्राचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक अभिभावक ने शिकायत दर्ज कराई कि स्कूल प्रबंधन विद्यार्थियों को केवल स्कूल परिसर के भीतर स्थित दुकान से ही किताबें खरीदने के लिए विवश कर रहा है। जांच में पाया गया कि वे पुस्तकें बाजार की अन्य दुकानों पर उपलब्ध नहीं कराई गई थीं। जब जांच दल मौके पर पहुंचा, तो प्राचार्य ने पुस्तकों की व्यवस्था से जुड़े तथ्यों को लिखित में स्वीकार किया। प्रशासन ने इसे पूर्व में जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन मानते हुए भारतीय दंड विधान की धारा 223 के तहत थाना गांधीनगर में मामला दर्ज कराया है।
विजय नगर क्षेत्र में स्कूल और बुक स्टोर पर एफआईआर
दूसरी कार्रवाई स्कीम नंबर 78, विजय नगर स्थित डेजी डेल्स स्कूल और विजय नगर क्षेत्र की प्रिंसेस रेजिडेंसी में संचालित इंदौर बुक वाला पर की गई है। इन दोनों संस्थानों के संचालकों के विरुद्ध विजय नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिला प्रशासन को यह सूचना मिली थी कि डेजी डेल्स स्कूल द्वारा अभिभावकों पर एक ही दुकान से सामग्री खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि स्कूल द्वारा निर्धारित पुस्तकें बाजार में कहीं और उपलब्ध नहीं थीं और केवल इंदौर बुक वाला पर ही मिल रही थीं। गठित जांच दल ने इन आरोपों की पुष्टि होने के बाद कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की।
महू के स्कूल और स्टेशनरी दुकान पर मामला दर्ज
तीसरी कार्रवाई महू क्षेत्र के श्री साईं एकेडमी स्कूल और विद्या श्री स्टेशनरी के खिलाफ की गई है। यहां की शिकायतों में यह बात सामने आई थी कि स्कूल संचालक और स्टेशनरी दुकानदार आपस में मिलकर अभिभावकों पर महंगी सामग्री खरीदने का दबाव डाल रहे थे। हद तो तब हो गई जब अन्य दुकानों से सामान लाने वाले विद्यार्थियों को क्लास में आने और परीक्षा में बैठने से रोका जाने लगा। इस गंभीर अनियमितता और बच्चों को प्रताड़ित करने के मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
अभिभावकों की सहायता के लिए जारी की गई हेल्पलाइन
प्रशासन ने अभिभावकों को शोषण से बचाने के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। यदि कोई भी स्कूल या दुकानदार किताबें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म या फीस को लेकर मनमानी करता है, तो अभिभावक मोबाइल नंबर 7312431117 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त लैंडलाइन नंबर 0731-2431117 पर भी शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं। ये नंबर कार्यालयीन समय के दौरान सक्रिय रहेंगे और प्राप्त शिकायतों पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर बोले तुरंत एक्शन होगा पैरेंट्स शिकायत करें
कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और अभिभावकों को किसी भी प्रकार की जबरदस्ती या अधिक वसूली की जानकारी तुरंत प्रशासन को देनी चाहिए। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि स्कूलों द्वारा किसी भी प्रकार की मनमानी या एकाधिकार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कदम उठाए जाते रहेंगे।
पैरेंट्स बोले तेज हो कार्रवाई
विजय नगर में रहने वाले व्यापारी अर्जुन यादव ने कहा कि स्कूलों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें की जा रहीं थी लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। अब प्रशासन ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। हालांकि अभी भी बहुत शिकायतें पेंडिंग हैं और प्रशासन को कार्रवाई तेज करना चाहिए।
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