इंदौर में आज सुबह से ही गुटकेश्वर मंदिर से लेकर सदर बाजार रोड तक बुलडोजर चलना शुरू हो गया। सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य में बाधक बन रहे अवैध ढांचों और निर्माणों को हटाने की बड़ी कार्रवाई निगम के रिमूवल विभाग द्वारा की जा रही है। क्षेत्र के विकास और सुगम यातायात के लिहाज से इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक सड़क मार्ग पर कई वर्षों से लोग स्थाई और अस्थाई निर्माण कर चुके थे, जिससे रोजाना यातायात बाधित हो रहा था। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए निगम ने पहले से ही पूरी रणनीति तैयार कर ली थी ताकि मौके पर किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित न हो। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर अपर आयुक्त प्रखर सिंह, अभय राजनगवंकर, रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरे, भवन अधिकारी पल्लवी पाल, रिमूवल सहायक बबलू कल्याणे एवं अन्य विभागीय अधिकारी तथा भारी पुलिस बल मौजूद है।
इंदौर में मास्टर प्लान सड़क पर बड़ी कार्रवाई
शहर के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से इंदौर में मास्टर प्लान की सड़कों पर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल रही है। निगम प्रशासन शहर के उन सभी प्रमुख मार्गों को चिन्हित कर चुका है जहां यातायात का दबाव बहुत अधिक रहता है लेकिन सड़कों की चौड़ाई कम होने के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनती है। इसी कड़ी में गुटकेश्वर मंदिर मार्ग को भी शामिल किया गया है। मास्टर प्लान के तहत की जा रही इस कार्रवाई से आने वाले समय में क्षेत्र की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी और लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
गुटकेश्वर मंदिर से सदर बाजार तक सड़क चौड़ीकरण अभियान शुरू
निगम के रिमूवल अमले ने सुबह तय समय पर पहुंचकर गुटकेश्वर मंदिर से सदर बाजार तक सड़क चौड़ीकरण का अभियान पूरी मुस्तैदी के साथ शुरू कर दिया। जैसे ही निगम की जेसीबी और पोकलेन मशीनें इलाके में पहुंचीं, वहां हड़कंप मच गया। हालांकि निगम ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क मार्ग के दोनों तरफ फैले उन सभी अतिक्रमणों को पूरी तरह से साफ करना है जो लंबे समय से सड़क निर्माण के कार्य में सबसे बड़ी बाधा बने हुए थे।
निगम और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध की स्थिति से निपटने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम भारी संख्या में मौके पर तैनात रही। पुलिस अधिकारियों ने पूरे संवेदनशील इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और रिमूवल अमले को सुरक्षित माहौल प्रदान किया। संयुक्त टीम की मौजूदगी के कारण किसी भी असमाजिक तत्व को कार्रवाई में बाधा डालने का मौका नहीं मिला और निगम की टीम बिना किसी बड़े व्यवधान के अपना काम करती रही।
100 से अधिक बाधकों को हटाने की कार्रवाई जारी
निगम अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस पूरे मार्ग पर सर्वे के दौरान 100 से अधिक बाधकों को चिन्हित किया गया था, जिन्हें हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। इन बाधकों में दुकानों के आगे निकले हुए ओटले, अवैध रूप से बनाई गई सीढ़ियां, शेड और पक्के निर्माण शामिल हैं। निगम का दस्ता एक सिरे से सभी चिन्हित किए गए बाधकों को जमींदोज करता हुआ आगे बढ़ रहा है ताकि सड़क निर्माण के लिए पूरी जमीन खाली कराई जा सके।
कई प्रभावितों ने खुद ही तोड़े बाधक हिस्से
इस पूरी मुहिम के दौरान एक सकारात्मक तस्वीर भी देखने को मिली जहां कई प्रभावित मकान और दुकान मालिकों ने निगम की कार्रवाई का विरोध करने के बजाय समझदारी दिखाई। इन प्रभावितों ने प्रशासन की बात को समझा और अपने निर्माण के बाधक हिस्सों को खुद ही हथौड़े लेकर तोड़ना शुरू कर दिया। लोगों द्वारा स्वयं अतिक्रमण हटाए जाने से निगम अमले को भी काफी सहूलियत हुई और काम की गति में तेजी आई।
मास्टर प्लान के तहत 60 फीट चौड़ी होगी सड़क
यह पूरी कवायद शहर के मास्टर प्लान को धरातल पर उतारने के लिए की जा रही है, जिसके तहत इस मार्ग को कुल 60 फीट चौड़ा किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई काफी कम होने के कारण यहां से बड़े वाहनों का गुजरना बेहद मुश्किल होता था। सड़क के 60 फीट चौड़ा हो जाने के बाद न केवल वाहन चालकों को आसानी होगी, बल्कि दोनों तरफ पैदल चलने वालों के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सकेगी।
क्षेत्र में यातायात सुधार के लिए चल रही कार्रवाई
सदर बाजार और गुटकेश्वर मंदिर मार्ग पर रहने वाले स्थानीय निवासियों और यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को लंबे समय से भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा था। त्योहारों और व्यावसायिक समय में स्थिति और ज्यादा बदतर हो जाती थी। इसी क्षेत्र में यातायात सुधार के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह बड़ी कार्रवाई की जा रही है ताकि आने वाले समय में ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके और सुचारू आवागमन सुनिश्चित हो।
निगम का दावा पूर्व सूचना के बाद शुरू की गई मुहिम
अक्सर ऐसी कार्रवाइयों के बाद यह आरोप लगते हैं कि प्रशासन ने अचानक कार्रवाई की, लेकिन इस मामले में नगर निगम ने साफ किया है कि यह पूरी मुहिम प्रभावितों को पूर्व सूचना देने के बाद ही शुरू की गई है। निगम अधिकारियों का दावा है कि सभी बाधक निर्माणकर्ताओं को पहले ही नोटिस जारी कर दिए गए थे और उन्हें स्वयं अपना अतिक्रमण हटाने की पर्याप्त मोहलत भी दी गई थी। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद ही निगम ने यह कदम उठाया है।
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