×
Indore News: 43 डिग्री पारे में कूलरों के बीच निकली बारात, जमकर नाचे दूल्हे और बाराती, दो दिन लू का अलर्ट

Indore News: 43 डिग्री पारे में कूलरों के बीच निकली बारात, जमकर नाचे दूल्हे और बाराती, दो दिन लू का अलर्ट

इंदौर शहर में इन दिनों सूरज के तीखे तेवर लोगों को बेहाल कर रहे हैं, लेकिन इसी भीषण गर्मी के बीच एक शादी समारोह की बारात सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन गई। सयाजी होटल पहुंची इस बारात में गर्मी से बचने के लिए आयोजकों ने एक बेहद अनूठा इंतजाम किया था। पूरी बारात के रास्ते में एक लंबा शामियाना लगाया गया था, जिसके दोनों ओर 20 से अधिक जंबो कूलर तैनात किए गए थे। 

इन कूलरों की ठंडी हवाओं के बीच बाराती बिना किसी थकान और पसीने के जमकर झूमते हुए नजर आए। इस पूरी बारात के दौरान सबसे खास नजारा तब दिखा जब दूल्हा भी भीषण गर्मी की परवाह किए बिना घोड़ी पर सवार होकर पूरे समय डांस करता रहा। रास्ते से गुजरने वाले राहगीर भी इस ‘कूलर वाली बारात’ को देखकर दंग रह गए और रुक-रुक कर इस अनोखे इंतजाम की तारीफ करते दिखे।

दो दिन लू का अलर्ट

एक तरफ जहां खुशियों का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ इंदौर में गर्मी ने अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिए हैं। शहर में सोमवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहते हुए 43.2 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली 11 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार की गर्म हवाओं ने लोगों को झुलसने पर मजबूर कर दिया। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आगामी दो दिनों के लिए लू यानी हीट वेव की कड़ी चेतावनी जारी की है। मंगलवार की सुबह से ही सूरज के कड़े तेवर महसूस किए जाने लगे थे। सोमवार सुबह 10 बजे के बाद से ही धूप इतनी तेज हो गई थी कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोगों की आवाजाही काफी कम देखी गई। शाम को सूरज ढलने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिली और रात का पारा 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ ही उमस का माहौल बना रहा।

अगले कुछ दिनों तक राहत के आसार नहीं

मौसम वैज्ञानिकों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दो से तीन दिनों में तापमान में और अधिक बढ़ोतरी देखी जा सकती है। विभाग का अनुमान है कि रात का पारा भी उछाल मार सकता है और यह 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है। आसमान पूरी तरह साफ रहने के कारण सौर विकिरण का सीधा प्रभाव पड़ेगा, जिससे धूप की तपिश और अधिक घातक महसूस होगी।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कमजोर होने से बढ़ी तपिश

इस अचानक बढ़ी गर्मी के पीछे के कारणों को स्पष्ट करते हुए मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, जो अक्सर तापमान को नियंत्रित करने में सहायक होता है, वर्तमान में काफी कमजोर पड़ गया है। इसी मौसमी तंत्र के निष्प्रभावी होने के कारण पारा तेजी से ऊपर की ओर चढ़ रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल माह की 26 तारीख को भी तापमान 43.2 डिग्री के स्तर को छू चुका था, और अब एक बार फिर शहर उसी भीषण गर्मी की चपेट में है।

Source link
#Indore #News #डगर #पर #म #कलर #क #बच #नकल #बरत #जमकर #नच #दलह #और #बरत #द #दन #ल #क #अलरट

Previous post

MBSG 0-0 IKFC LIVE score: Mohun Bagan eyes top spot; Match kicks off; ISL updates MBSG vs IKFC LIVE: Catch the real-time updates from the Mohun Bagan Super Giant vs Inter Kashi Indian Super League 2025-26 match being played at Salt Lake Stadium. #MBSG #IKFC #LIVE #score #Mohun #Bagan #eyes #top #spot #Match #kicks #ISL #updates

Next post

योगी सरकार का बड़ा प्लान, 7500 गो आश्रय स्थल बनेंगे ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर सेंटर, युवाओं को मिलेगा रोजगार<p> <p style="float: left;width:100%;text-align:center"> <img align="center" alt="Yogi adityanath" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2026-03/03/full/1772529896-8953.jpg" style="border: 1px solid #DDD;margin-right: 0px;float: none;z-index: 0" title="" width="1200" /></p> उत्तर प्रदेश में कभी निराश्रित गोवंश, गो तस्करी और अवैध बूचड़खानों को लेकर चर्चा होती थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश अब गोसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए मॉडल के रूप में पहचान बना रहा है। योगी सरकार अब प्रदेश की लगभग 7,500 गो आश्रय स्थलों को ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर के रूप में विकसित करने जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। योगी सरकार का लक्ष्य गोसंरक्षण को केवल धार्मिक या सांस्कृतिक भावना तक सीमित न रखकर उसे किसानों की आय, प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण रोजगार से जोड़ना है।</p> <p>  </p> <p> <strong>गोशालाएं बनेंगी प्रोडक्शन सेंटर</strong></p> <p> गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के लगभग साढ़े सात हजार गो आश्रय स्थलों में इस समय साढ़े बारह लाख गोवंश संरक्षित हैं। योगी सरकार अब इन गोशालाओं को ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर के रूप में विकसित करने जा रही है। गोबर और गोमूत्र आधारित प्राकृतिक खेती मॉडल को बढ़ावा देकर किसानों की खेती की लागत कम करने और आय बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। एक गाय से प्रतिदिन लगभग 5 लीटर गोमूत्र और 10 किलोग्राम गोबर प्राप्त होता है। यही संसाधन जैविक खाद, प्राकृतिक कीटनाशक और अन्य गो आधारित उत्पादों के निर्माण में उपयोग किए जाएंगे। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटेगी और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी।</p> <p>  </p> <p> <strong>प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ा आत्मनिर्भर गोसंरक्षण केंद्र स्थापित होगा</strong></p> <p> योगी सरकार ने 2000 करोड़ रुपये गोसंरक्षण अभियान के लिए मंजूर किए हैं, जबकि वृहद गोसंरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए अलग से 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस प्रकार कुल 2100 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। प्रदेश में 155 वृहद गोसंरक्षण केंद्रों का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ा आत्मनिर्भर गोसंरक्षण केंद्र स्थापित किया जाए।</p> <p>  </p> <p> <strong>महिलाएं और एफपीओ बनेंगे गोसंरक्षण मिशन की ताकत</strong></p> <p> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी गोआश्रय स्थलों के संचालन से जोड़ा जाएगा। योगी सरकार की योजना है कि हर जिले में चयनित महिला समूहों को प्रशिक्षण देकर गोवंश की देखभाल, पोषण, जैविक खाद निर्माण और उत्पाद प्रबंधन का जिम्मा दिया जाए। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलेगा, गांवों में आय के नए स्रोत विकसित होंगे और गोसंरक्षण आंदोलन जनभागीदारी आधारित मॉडल के रूप में मजबूत होगा। योगी सरकार गोसेवा को ग्रामीण समृद्धि और महिला आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने की दिशा में काम कर रही है।</p> <p>  </p> <p> <strong>डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता, पशुपालकों को सीधा लाभ</strong></p> <p> मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत अब तक लगभग सवा लाख पशुपालकों को 1.80 लाख से ज्यादा गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। गोवंश के भरण-पोषण के लिए सरकार 50 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश की दर से डीबीटी के माध्यम से सीधे पशुपालकों के बैंक खातों में राशि भेज रही है। इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगा है और पारदर्शिता बढ़ी है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।</p> <p>  </p> <p> <strong>2017 के बाद बदले हालात, गोसंरक्षण के लिए सीएम योगी के नेतृत्व में सबसे ज्यादा काम</strong></p> <p> उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में गो तस्करी की घटनाएं आम थीं, लेकिन योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद अवैध बूचड़खानों पर सख्त कार्रवाई कर उन्हें पूरी तरह बंद कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोसंरक्षण के क्षेत्र में जितना व्यापक और संगठित काम किया गया, उतना पहले कभी नहीं हुआ। यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश गोसंरक्षण के लिए सबसे ज्यादा काम करने वाला देश का पहला राज्य बनकर उभरा है।  Edited by : Sudhir Sharma</p>

Post Comment