वैभव की सफलता के पीछे छुपा पारिवारिक समर्पण
प्रोफेसर राय ने बताया कि आईआईएम का यह स्पष्ट मानना है कि वैभव की क्रिकेट यात्रा वाकई अद्भुत और प्रेरणादायक है। इस असाधारण सफलता के पीछे उनकी व्यक्तिगत खेल क्षमता के साथ-साथ उनकी कड़ी मेहनत, उनके परिवार का बड़ा त्याग, समर्पण और उनके मेंटर्स का महत्वपूर्ण योगदान शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि प्रतिभा एक प्राकृतिक उपहार हो सकती है, लेकिन उसे लंबे समय तक स्थायी उत्कृष्टता में बदलने के लिए सही जीवन मूल्य, संतुलित सोच, एक मजबूत समर्थन तंत्र और दूरदर्शी नेतृत्व की बेहद जरूरत होती है। संस्थान की मैनेजमेंट फैकल्टी डॉ. आरती चोपड़ा का कहना है कि वैभव पर किया जाने वाला यह अध्ययन भविष्य के प्रबंधकों और नीति-निर्माताओं के लिए अत्यंत मूल्यवान साबित होगा। महज 5 फीट 7 इंच की हाइट और 55 किलो वजन के वैभव अपनी जबर्दस्त बैट स्पीड और सटीक टाइमिंग के दम पर आसानी से गेंद को बाउंड्री के पार भेजने का हुनर रखते हैं।
महज 0.3 सेकंड में निर्णय लेते हैं वैभव
बचपन के कोच मनीष ओझा द्वारा शुरुआती दिनों में तराशे गए वैभव की तकनीक और बैट स्पीड को निखारने पर अब राजस्थान रॉयल्स के जुबिन भरूचा लगातार काम कर रहे हैं। भारतीय टीम के पूर्व कोच विक्रम राठौर भी वैभव के बल्लेबाजी बैलेंस के मुरीद हो चुके हैं। मैदान पर उनका डिसीजन टाइम महज 0.3 सेकंड का है, जिसके कारण विरोधी गेंदबाजों को संभलने या सेट होने का कोई मौका नहीं मिलता। एक वाकये का जिक्र करते हुए बताया गया कि जब महान क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने उन्हें थोड़ा संभलकर खेलने की सलाह दी थी, तो वैभव का बेबाक जवाब था कि सर, गेंदबाज मुझे देखें। आउट होने के डर से पूरी तरह मुक्त रहने के कारण भारी दबाव की स्थिति में भी उनका बैटिंग शेप कभी नहीं बिगड़ता।
कॉरपोरेट जगत के लिए टैलेंट का नया मॉडल
आईआईएम डायरेक्टर हिमांशु रॉय ने स्पष्ट किया कि इस अध्ययन के दौरान टैलेंट के डार्क साइड पर भी विशेष फोकस किया जाएगा। अक्सर इतनी कम उम्र में मिलने वाली भारी प्रसिद्धि, करोड़ों रुपये के ऑफर्स और सोशल मीडिया का अत्यधिक दबाव उभरती हुई खेल प्रतिभाओं को विचलित कर देता है। कई बच्चे मानसिक थकान और लोगों की उम्मीदों के भारी बोझ के कारण अपनी पूरी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान की कोशिश एक ऐसे सहयोगी तंत्र का ब्लूप्रिंट तैयार करने की है, जो प्रतिभा को केवल तात्कालिक उपलब्धियों तक ही सीमित न रखे। इससे कॉरपोरेट जगत को भी टैलेंट मैनेजमेंट का एक बिल्कुल नया और व्यावहारिक मॉडल मिलेगा। इस उम्र में जिस गजब के आत्मविश्वास, कौशल और परिपक्वता के साथ वैभव क्रिकेट खेल रहे हैं, वह कोई असाधारण प्रतिभा ही कर सकती है। इसलिए यह समझना बेहद जरूरी है कि ऐसे टैलेंट को लंबे समय तक कैसे संभाल कर रखा जाए और वह दूसरों को कैसे प्रेरित कर सके।
क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया कीर्तिमान
वैभव ने इस सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं और सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन का अवॉर्ड भी अपने नाम किया है। आईपीएल के पूरे इतिहास में आज तक इतने अधिक स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए हैं। सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए, जिसके बाद वह एक आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के नाम दर्ज था, जिन्होंने एक सीजन में 59 छक्के लगाए थे। इस पूरे सीजन में लगातार धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन के खिताब से भी नवाजा गया है।
ऑरेंज कैप सहित जीते पांच बड़े खेल पुरस्कार
वैभव ने टूर्नामेंट की 16 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 48.50 के शानदार औसत और 237.30 के तूफानी स्ट्राइक रेट के साथ कुल 776 रन बनाए। उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन में एक शानदार शतक और पांच अर्धशतक भी शामिल रहे। वह इस पूरे सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शीर्ष बल्लेबाज रहे, जिसके कारण उन्हें प्रतिष्ठित ऑरेंज कैप प्रदान की गई। वैभव ने ऑरेंज कैप समेत कुल पांच अलग-अलग अवॉर्ड्स जीतकर इतिहास रच दिया है।rewrire in hindi news form without missing a line and proper intro, खबर का इंट्रो अच्छे से लिखा हो, सब हैडर जरुर हो खबर में, खबर एक फ्लो में हो
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