×
Indore Water Crisis: पानी पर पहरा! आठ दिन में आते हैं टैंकर, पानी की सुरक्षा के लिए ड्रमों में लगते हैं ताले

Indore Water Crisis: पानी पर पहरा! आठ दिन में आते हैं टैंकर, पानी की सुरक्षा के लिए ड्रमों में लगते हैं ताले


इंदौर में जलसंकट इतना गंभीर हो गया है कि लोग रोज सुबह काम पर जाने से पहले अपनी पानी की कोठियों पर ताला लगाना नहीं भूलते, ताकि शाम को घर लौटने पर उन्हें पानी मिल सके। यह स्थिति इंदौर की अहिरखेड़ी कॉलोनी की है। यहां नगर निगम ने 300 से अधिक गरीब परिवारों को फ्लैट बनाकर दिए हैं। सड़क चौड़ीकरण से विस्थापित हुए ये परिवार यहां रहने आ गए। उन्हें पक्की छत तो मिल गई, लेकिन अन्य सुविधाएं लगभग नहीं हैं।

 




Indore Water Crisis: Tankers arrive every eight days, and water drums are locked to ensure water security.

रहवासी यहां पानी की टंकियों में ताला लगाकर रखते हैं।
– फोटो : अमर उजाला


इस कॉलोनी में दो बोरिंग हैं, जिन्होंने पानी देना बंद कर दिया है। इसके अलावा एक कुआं है, जिसमें मोटर लगाकर लोग उपयोग के लिए पानी भरते हैं। अब यहां गंभीर जलसंकट है। नगर निगम के टैंकर पानी बांटने आते हैं। रहवासियों ने पानी संग्रह के लिए कोठियां और ड्रम खरीद लिए हैं। टैंकर इनमें पानी भरते हैं, जिससे लोग तीन-चार दिन तक काम चलाते हैं। लेकिन जिन परिवारों को अधिक पानी की जरूरत होती थी, वे दूसरों के ड्रम से पानी ले लेते थे, जिससे विवाद होने लगे। इसके बाद लोगों ने अपनी कोठियों और ड्रमों में ताले लगाना शुरू कर दिया।

ये भी पढ़ें- Indore Water Crisis: दोपहर की भीषण गर्मी में पानी का संघर्ष, रिंग रोड से सटे इलाकों में रहवासियों की फजीहत

 


Indore Water Crisis: Tankers arrive every eight days, and water drums are locked to ensure water security.

जलसंकट पर बोले रहवासी
– फोटो : अमर उजाला


चार-पांच दिन में आते हैं टैंकर

कॉलोनी के विशाल सेन बताते हैं कि नगर निगम ने उन्हें यहां बसाया तो, लेकिन नर्मदा लाइन की व्यवस्था नहीं की। बोरिंग इतने परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं हैं। सालभर पानी की कमी रहती है, लेकिन गर्मियों में समस्या और बढ़ जाती है। टैंकर चार-पांच दिन में आते हैं, जिससे लोगों को पानी के लिए दिनभर भटकना पड़ता है।

ये भी पढ़ें- Indore Water Crisis: इंदौर में पानी के लिए खर्च हो रहा पेट्रोल, गाड़ियों से तीन-चार किमी दूर से ढोना मजबूरी

 


Indore Water Crisis: Tankers arrive every eight days, and water drums are locked to ensure water security.

पानी की किल्लत से महिलाएं भी परेशान
– फोटो : अमर उजाला


पानी चोरी की समस्या

कॉलोनी की रेखा बाई कहती हैं कि वे टैंकर से ड्रम और कोठियां भरकर रखती थीं, लेकिन शाम को मजदूरी से लौटने पर ड्रम खाली मिलते थे। जिनके पास पानी कम होता था, वे दूसरों के ड्रम से पानी ले लेते थे। मजबूरी में अब पानी से भरी कोठियों पर ताले लगाने पड़ते हैं। इससे चोरी तो रुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि नगर निगम को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि लोगों को पानी चुराने की जरूरत ही न पड़े।

ये भी पढ़ें- Indore Water Crisis: दुकानें बंद कर टंकियों पर उमड़ी भीड़, तीन किमी दूर से ला रहे पानी; आधे शहर में त्राहिमाम

 


Indore Water Crisis: Tankers arrive every eight days, and water drums are locked to ensure water security.

इंदौर में जलसंकट
– फोटो : अमर उजाला


100 से अधिक बस्तियों में जलसंकट

शहर की 100 से अधिक बस्तियों में गंभीर जलसंकट है। सार्वजनिक नलों पर दिनभर भीड़ लगी रहती है। कई जगह गलियां इतनी संकरी हैं कि निजी बोरिंग संभव नहीं है। कुछ बस्तियों में नगर निगम ने छोटी पानी टंकियां रखी हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन इलाकों में है, जहां नर्मदा लाइन नहीं पहुंची है और लोग केवल बोरिंग पर निर्भर हैं।


Source link
#Indore #Water #Crisis #पन #पर #पहर #आठ #दन #म #आत #ह #टकर #पन #क #सरकष #क #लए #डरम #म #लगत #ह #तल

Previous post

रतलाम में रिवर्स लेते समय खाई में गिरा मजदूरों से भरा वाहन, बड़ा हादसा टला, 16 सीटर वाहन में बैठा रखे थे करीब 50 लोग

Next post

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में बड़ा हादसा, ड्राइवर को आया हार्टअटैक, पलटी बस, 40 लोग घायल<p> <p style="float: left;width:100%;text-align:center"> <img align="center" alt="" class="imgCont" height="675" src="https://nonprod-media.webdunia.com/public_html/_media/hi/img/article/2025-08/22/full/1755802962-556.jpg" style="border: 1px solid #DDD;margin-right: 0px;float: none;z-index: 0" title="Road Accident" width="1200" /></p> हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में एक बड़ा हादसा हो गया। रविवार सुबह एक निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस चंबा से ऊना रूट पर जा रही थी। इसमें 40 लोग घायल हुए है। नूरपुर के न्याजपुर में बस ड्राइवर को हार्ट अटैक हो गया, इस कारण बस अनियंत्रित होकर पलट गई।<br /> <p> <strong>ALSO READ: <a href="https://hindi.webdunia.com/iran-israel-war-news/iran-war-fertilizer-crisis-food-security-hormuz-blockade-impact-126050300017_1.html" target="_blank">US-Iran war impact : होर्मुज नाकेबंदी से बढ़ा खाद संकट, खतरे में फूड सिक्योरिटी, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में डराने वाला खुलासा, क्या भारत पर भी होगा असर</a></strong></p> स्थानीय लोगों ने तुरंत बस में सवार लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घायलों का सिविल अस्पताल नूरपुर में उपचार किया जा रहा है।  सुबह करीब 11 बजे जब बस नूरपुर के न्याजपुर के पास पहुंची तो अचानक चालक की तबीयत बिगड़ गई।</p> <p> <br /> चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक ड्राइवर को अचानक हार्ट अटैक आया। इसके चलते बस लहराते हुए सड़क के बीचों-बीच पलट गई। बस के पलटते ही चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर खिड़कियां तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। Edited by : Sudhir Sharma</p>

Post Comment