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‘Maa-Behen’ में दिखेगा एक भयंकर कांड और घमासान कलेश   नेटफ्लिक्स ने ट्रेलर रिलीजकिया

मुंबई। ध्यान से देखिए… आज हुआ है एक भयावह कांड का खुलासा! बात कर रहे है आदर्श कॉलोनी की मशहूर रेखा, जया और सुषमा के कारनामों की। अब इस कांड की पूरी पोल खोलते हुए नेटफ्लिक्स ने अपनी नई फिल्म ;माँ-बहन का ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह एक मजेदार और ज़बरदस्त क्राइम-कॉमेडी है, जहां झूठ पर झूठ बोला जाता है, शक बढ़ता जाता है और एक उलझा हुआ मां-बेटी का परिवार अपने सबसे बड़े कांड से बचने की कोशिश करता है। क्या है ये कांड और किसने किया ये कांड- सब पता चलेगा 4 जून को सिर्फ नेटफ्लिक्स पर।



अबंडंशिया एंटरटेनमेंट और ओपनिंग इमेज फिल्म्स के साथ मिलकर बनाई गई इस फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है। यह कहानी एक ऐसे उलझी हुई मां-बेटी की तिकड़ी की कहानी है, जो एक लाश को छिपाने की कोशिश करती है। इसी बीच उन्हें अजीब हालात, टांग अड़ाने वाले पड़ोसी और अपने ही अनोखे परिवार की उलझनों का सामना करना पड़ता है। फिल्म में रेखा के किरदार में माधुरी दीक्षित, जया के रोल में तृप्ति डिमरी, सुषमा के किरदार में धारणा दुर्गा, गुप्ताजी के रोल में रवि किशन, गुप्ताइन के किरदार में गीतांजलि कुलकर्णी, माहेश्वरी के रोल में अरुणोदय सिंह और मानस के किरदार में शार्दुल भारद्वाज नजर आएंगे।

ट्रेलर में रेखा, जया और सुषमा की जिंदगी में मची पूरी अफरा-तफरी दिखाई गई है, जो पहले से ही एक-दूसरे को झेलने में परेशान हैं और तभी उनकी जिंदगी में सबसे बड़ा हादसा हो जाता है। रेखा जी के घर में है एक डेड बॉडी! आखिर क्या हुआ था उस रात? इसके बाद शुरू होता है घबराहट, राज़ छिपाने की कोशिश, इमोशनल ड्रामे और कई मजेदार लेकिन अजीब फैसलों का ज़बरदस्त रोलरकोस्टर। फुल तबाही…मगर चाय की चुस्की के साथ!

फिल्म के निर्देशक और निर्माता सुरेश त्रिवेणी ने कहा, “माँ-बहन के जरिए हम एक ऐसी कहानी दिखाना चाहते थे, जो अपनी जड़ों से जुड़ी हो और साथ ही दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी करे और जिसमें कलाकारों की परफॉर्मेंस भी कमाल की हो। यह फिल्म एक ऐसे उलझे हुए परिवार की कहानी है, जिसमें मां रेखा और उनकी दो बेटियां जया और सुषमा हमेशा आपस में लड़ती रहती हैं। लेकिन फिर उनकी जिंदगी में एक ऐसा कांड हो जाता है, जिसकी वजह से हालात पूरी तरह बिगड़ जाते हैं और उन्हें कई अजीब, मजेदार और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अब उन्हें इस पूरे मामले को छिपाने और संभालने की कोशिश करनी पड़ती है। फिल्म का हर किरदार अपनी अलग ऊर्जा लेकर आता है, जिससे इनका रिश्ता और भी उलझा हुआ, अनिश्चित और इंसानी भावनाओं से भरा लगता है। नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट के साथ मिलकर इस खास प्रोजेक्ट पर काम करना बेहद रोमांचक रहा। वहीं माधुरी, तृप्ति, धारणा, रवि, गीतांजलि, अरुणोदय और शार्दुल जैसे कलाकारों ने इस कहानी को और भी खास बना दिया। ट्रेलर तो सिर्फ एक झलक है, असली हंगामा 4 जून से शुरू होगा।”

माधुरी दीक्षित ने कहा, “रेखा हिंदी फिल्मों की आम मां जैसी नहीं है और यही बात इस किरदार को मेरे लिए खास बनाती है। एक कलाकार के तौर पर ऐसे किरदार निभाना बहुत अच्छा लगता है, जो अलग हों और दर्शकों की सोच को बदल दें। रेखा शायद एक परफेक्ट मां नहीं है, लेकिन हर मां की तरह वह भी अपनी बेटियों का भला चाहती है और इस पूरे हंगामे के बीच अपने परिवार को संभालने की कोशिश करती है। सुरेश त्रिवेणी जैसे क्रिएटर्स और नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट जैसे पार्टनर्स की वजह से मुझे दर्शकों के सामने यह अनोखी कहानी और किरदार पेश करने का मौका मिला। ;माँ-बहन एक ऐसी एंटरटेनर फिल्म है, जिसका सबसे ज्यादा मजा पूरे परिवार – मां, बहन, भाई और दोस्तों के साथ बैठकर देखने में आएगा।”

तृप्ति डिमरी ने कहा, “जया घर की संस्कारी और जिम्मेदार बेटी है, लेकिन उसके अंदर सही और गलत की अच्छी समझ भी है। वह हमेशा अपने आसपास के हंगामे को संभालने की कोशिश करती रहती है, लेकिन हर बार खुद उसी परेशानी में और फंस जाती है। दोनों बहनों के बीच की नोकझोंक और पागलपन फिल्म का मेरा सबसे पसंदीदा हिस्सा था। माधुरी दीक्षित जैसी दिग्गज अभिनेत्री के साथ स्क्रीन शेयर करना मेरे लिए किसी सपने जैसा है। उन्होंने पूरी एक पीढ़ी को सिनेमा से प्यार करना सिखाया है। मेरे लिए यह अनुभव घर वापसी जैसा महसूस होता है। नेटफ्लिक्स के साथ मैंने अपने कुछ सबसे पसंदीदा प्रोजेक्ट किए हैं और मेरी स्ट्रीमिंग डेब्यू भी उन्हीं के साथ हुई थी, इसलिए यह सफर मेरे लिए और भी खास बन गया है। मैं नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे ;माँ-बहन जैसी फिल्म और ऐसा अलग किरदार निभाने का मौका दिया, जो दर्शकों को जरूर चौंकाएगा।”

रवि किशन ने कहा, “मामला लीगल है सीजन 2 की सफलता के बाद अब मैं दर्शकों को ;माँ बहन में अपना काम दिखाने के लिए बेहद उत्साहित हूं। इस फिल्म में मुझे बेहद शानदार कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला, जिससे पूरा अनुभव और भी खास बन गया। ;माँ-बहन की वजह से मुझे पहली बार माधुरी जी के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका मिला। वह बेहद ग्रेसफुल, बहुमुखी और हर सीन को खास बना देने वाली अभिनेत्री हैं। वहीं तृप्ति और धारणा बहुत प्रतिभाशाली हैं और उनकी युवा ऊर्जा ने काम का माहौल और मजेदार बना दिया। पूरी कास्ट और क्रू के साथ काम करना एक यादगार अनुभव रहा। इस फिल्म में ह्यूमर, पागलपन और एक अलग तरह का अपनापन है, जो इसे पूरी तरह मनोरंजक बनाता है। सुरेश जी, नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट ने मिलकर एक ऐसी कहानी बनाई है, जो नई और सबसे अलग लगती है। मुझे पूरी उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म से जरूर जुड़ेंगे।”

धारणा दुर्गा ने कहा, “जैसे ही मैंने ;माँ-बहन की स्क्रिप्ट और सुषमा का किरदार पढ़ा, तभी मैं समझ गई थी कि यह किरदार निभाने में बहुत मजा आने वाला है। मुझे सबसे ज्यादा रेखा, जया और सुषमा के बीच की बॉन्डिंग पसंद आई। लड़ाई-झगड़े, पागलपन और इतने बड़े कांड के बावजूद उनके बीच एक सच्चा रिश्ता बना रहता है, जो स्क्रीन पर भी साफ नजर आता है। माधुरी दीक्षित मैम के साथ काम करना सच कहूँ तो, मेरे लिए किसी सपने जैसा था। वहीं फिल्म में मेरी और तृप्ति की केमिस्ट्री ज़बरदस्त कॉमेडी लेकर आती है, जो दर्शकों को खूब हंसाएगी। सुरेश सर ने पूरे समय हमारा मार्गदर्शन किया, जिसकी वजह से हम पूरी तरह से इस पागलपन में डूब पाए और इन किरदारों के साथ सचमुच खूब मज़ा कर पाए। ;माँ-बहन मेरी स्ट्रीमिंग डेब्यू फिल्म है और इस सफर की शुरुआत नेटफ्लिक्स और टुडुम जैसे शानदार प्लेटफॉर्म के साथ करना मेरे लिए बेहद खास है। वहीं विक्रम सर और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट की टीम इस पूरे सफर में लगातार हमारा मार्गदर्शन करती रही। उन्होंने ऐसा माहौल बनाया, जो सचमुच एक बड़े परिवार जैसा महसूस हुआ।”
कुछ परिवार अपनी अगली पीढ़ी को संस्कार देते हैं। लेकिन ;माँ-बहन का परिवार आगे बढ़ाता है सिर्फ कांड! 4 जून को ;माँ-बहन देखिए सिर्फ नेटफ्लिक्स पर।

क्रेडिट्स:
● निर्देशक: सुरेश त्रिवेणी
● कहानी: सुरेश त्रिवेणी और पूजा तोलानी
● निर्माता: विक्रम मल्होत्रा और सुरेश त्रिवेणी
● निर्माण: अबंडंशिया एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन, ओपनिंग इमेज फिल्म्स के सहयोग से
● स्क्रीनप्ले और डायलॉग: पूजा तोलानी
● मुख्य कलाकार: माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी, धारणा दुर्गा और रवि किशनMaa-Behen, hindi news, Netflix,trailer, Hindi news

‘Maa-Behen’ में दिखेगा एक भयंकर कांड और घमासान कलेश

‘Maa-Behen’ में दिखेगा एक भयंकर कांड और घमासान कलेश   नेटफ्लिक्स ने ट्रेलर रिलीजकिया

मुंबई। ध्यान से देखिए… आज हुआ है एक भयावह कांड का खुलासा! बात कर रहे है आदर्श कॉलोनी की मशहूर रेखा, जया और सुषमा के कारनामों की। अब इस कांड की पूरी पोल खोलते हुए नेटफ्लिक्स ने अपनी नई फिल्म ;माँ-बहन का ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह एक मजेदार और ज़बरदस्त क्राइम-कॉमेडी है, जहां झूठ पर झूठ बोला जाता है, शक बढ़ता जाता है और एक उलझा हुआ मां-बेटी का परिवार अपने सबसे बड़े कांड से बचने की कोशिश करता है। क्या है ये कांड और किसने किया ये कांड- सब पता चलेगा 4 जून को सिर्फ नेटफ्लिक्स पर।



अबंडंशिया एंटरटेनमेंट और ओपनिंग इमेज फिल्म्स के साथ मिलकर बनाई गई इस फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है। यह कहानी एक ऐसे उलझी हुई मां-बेटी की तिकड़ी की कहानी है, जो एक लाश को छिपाने की कोशिश करती है। इसी बीच उन्हें अजीब हालात, टांग अड़ाने वाले पड़ोसी और अपने ही अनोखे परिवार की उलझनों का सामना करना पड़ता है। फिल्म में रेखा के किरदार में माधुरी दीक्षित, जया के रोल में तृप्ति डिमरी, सुषमा के किरदार में धारणा दुर्गा, गुप्ताजी के रोल में रवि किशन, गुप्ताइन के किरदार में गीतांजलि कुलकर्णी, माहेश्वरी के रोल में अरुणोदय सिंह और मानस के किरदार में शार्दुल भारद्वाज नजर आएंगे।

ट्रेलर में रेखा, जया और सुषमा की जिंदगी में मची पूरी अफरा-तफरी दिखाई गई है, जो पहले से ही एक-दूसरे को झेलने में परेशान हैं और तभी उनकी जिंदगी में सबसे बड़ा हादसा हो जाता है। रेखा जी के घर में है एक डेड बॉडी! आखिर क्या हुआ था उस रात? इसके बाद शुरू होता है घबराहट, राज़ छिपाने की कोशिश, इमोशनल ड्रामे और कई मजेदार लेकिन अजीब फैसलों का ज़बरदस्त रोलरकोस्टर। फुल तबाही…मगर चाय की चुस्की के साथ!

फिल्म के निर्देशक और निर्माता सुरेश त्रिवेणी ने कहा, “माँ-बहन के जरिए हम एक ऐसी कहानी दिखाना चाहते थे, जो अपनी जड़ों से जुड़ी हो और साथ ही दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी करे और जिसमें कलाकारों की परफॉर्मेंस भी कमाल की हो। यह फिल्म एक ऐसे उलझे हुए परिवार की कहानी है, जिसमें मां रेखा और उनकी दो बेटियां जया और सुषमा हमेशा आपस में लड़ती रहती हैं। लेकिन फिर उनकी जिंदगी में एक ऐसा कांड हो जाता है, जिसकी वजह से हालात पूरी तरह बिगड़ जाते हैं और उन्हें कई अजीब, मजेदार और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अब उन्हें इस पूरे मामले को छिपाने और संभालने की कोशिश करनी पड़ती है। फिल्म का हर किरदार अपनी अलग ऊर्जा लेकर आता है, जिससे इनका रिश्ता और भी उलझा हुआ, अनिश्चित और इंसानी भावनाओं से भरा लगता है। नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट के साथ मिलकर इस खास प्रोजेक्ट पर काम करना बेहद रोमांचक रहा। वहीं माधुरी, तृप्ति, धारणा, रवि, गीतांजलि, अरुणोदय और शार्दुल जैसे कलाकारों ने इस कहानी को और भी खास बना दिया। ट्रेलर तो सिर्फ एक झलक है, असली हंगामा 4 जून से शुरू होगा।”

माधुरी दीक्षित ने कहा, “रेखा हिंदी फिल्मों की आम मां जैसी नहीं है और यही बात इस किरदार को मेरे लिए खास बनाती है। एक कलाकार के तौर पर ऐसे किरदार निभाना बहुत अच्छा लगता है, जो अलग हों और दर्शकों की सोच को बदल दें। रेखा शायद एक परफेक्ट मां नहीं है, लेकिन हर मां की तरह वह भी अपनी बेटियों का भला चाहती है और इस पूरे हंगामे के बीच अपने परिवार को संभालने की कोशिश करती है। सुरेश त्रिवेणी जैसे क्रिएटर्स और नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट जैसे पार्टनर्स की वजह से मुझे दर्शकों के सामने यह अनोखी कहानी और किरदार पेश करने का मौका मिला। ;माँ-बहन एक ऐसी एंटरटेनर फिल्म है, जिसका सबसे ज्यादा मजा पूरे परिवार – मां, बहन, भाई और दोस्तों के साथ बैठकर देखने में आएगा।”

तृप्ति डिमरी ने कहा, “जया घर की संस्कारी और जिम्मेदार बेटी है, लेकिन उसके अंदर सही और गलत की अच्छी समझ भी है। वह हमेशा अपने आसपास के हंगामे को संभालने की कोशिश करती रहती है, लेकिन हर बार खुद उसी परेशानी में और फंस जाती है। दोनों बहनों के बीच की नोकझोंक और पागलपन फिल्म का मेरा सबसे पसंदीदा हिस्सा था। माधुरी दीक्षित जैसी दिग्गज अभिनेत्री के साथ स्क्रीन शेयर करना मेरे लिए किसी सपने जैसा है। उन्होंने पूरी एक पीढ़ी को सिनेमा से प्यार करना सिखाया है। मेरे लिए यह अनुभव घर वापसी जैसा महसूस होता है। नेटफ्लिक्स के साथ मैंने अपने कुछ सबसे पसंदीदा प्रोजेक्ट किए हैं और मेरी स्ट्रीमिंग डेब्यू भी उन्हीं के साथ हुई थी, इसलिए यह सफर मेरे लिए और भी खास बन गया है। मैं नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे ;माँ-बहन जैसी फिल्म और ऐसा अलग किरदार निभाने का मौका दिया, जो दर्शकों को जरूर चौंकाएगा।”

रवि किशन ने कहा, “मामला लीगल है सीजन 2 की सफलता के बाद अब मैं दर्शकों को ;माँ बहन में अपना काम दिखाने के लिए बेहद उत्साहित हूं। इस फिल्म में मुझे बेहद शानदार कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला, जिससे पूरा अनुभव और भी खास बन गया। ;माँ-बहन की वजह से मुझे पहली बार माधुरी जी के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका मिला। वह बेहद ग्रेसफुल, बहुमुखी और हर सीन को खास बना देने वाली अभिनेत्री हैं। वहीं तृप्ति और धारणा बहुत प्रतिभाशाली हैं और उनकी युवा ऊर्जा ने काम का माहौल और मजेदार बना दिया। पूरी कास्ट और क्रू के साथ काम करना एक यादगार अनुभव रहा। इस फिल्म में ह्यूमर, पागलपन और एक अलग तरह का अपनापन है, जो इसे पूरी तरह मनोरंजक बनाता है। सुरेश जी, नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट ने मिलकर एक ऐसी कहानी बनाई है, जो नई और सबसे अलग लगती है। मुझे पूरी उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म से जरूर जुड़ेंगे।”

धारणा दुर्गा ने कहा, “जैसे ही मैंने ;माँ-बहन की स्क्रिप्ट और सुषमा का किरदार पढ़ा, तभी मैं समझ गई थी कि यह किरदार निभाने में बहुत मजा आने वाला है। मुझे सबसे ज्यादा रेखा, जया और सुषमा के बीच की बॉन्डिंग पसंद आई। लड़ाई-झगड़े, पागलपन और इतने बड़े कांड के बावजूद उनके बीच एक सच्चा रिश्ता बना रहता है, जो स्क्रीन पर भी साफ नजर आता है। माधुरी दीक्षित मैम के साथ काम करना सच कहूँ तो, मेरे लिए किसी सपने जैसा था। वहीं फिल्म में मेरी और तृप्ति की केमिस्ट्री ज़बरदस्त कॉमेडी लेकर आती है, जो दर्शकों को खूब हंसाएगी। सुरेश सर ने पूरे समय हमारा मार्गदर्शन किया, जिसकी वजह से हम पूरी तरह से इस पागलपन में डूब पाए और इन किरदारों के साथ सचमुच खूब मज़ा कर पाए। ;माँ-बहन मेरी स्ट्रीमिंग डेब्यू फिल्म है और इस सफर की शुरुआत नेटफ्लिक्स और टुडुम जैसे शानदार प्लेटफॉर्म के साथ करना मेरे लिए बेहद खास है। वहीं विक्रम सर और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट की टीम इस पूरे सफर में लगातार हमारा मार्गदर्शन करती रही। उन्होंने ऐसा माहौल बनाया, जो सचमुच एक बड़े परिवार जैसा महसूस हुआ।”
कुछ परिवार अपनी अगली पीढ़ी को संस्कार देते हैं। लेकिन ;माँ-बहन का परिवार आगे बढ़ाता है सिर्फ कांड! 4 जून को ;माँ-बहन देखिए सिर्फ नेटफ्लिक्स पर।

क्रेडिट्स:
● निर्देशक: सुरेश त्रिवेणी
● कहानी: सुरेश त्रिवेणी और पूजा तोलानी
● निर्माता: विक्रम मल्होत्रा और सुरेश त्रिवेणी
● निर्माण: अबंडंशिया एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन, ओपनिंग इमेज फिल्म्स के सहयोग से
● स्क्रीनप्ले और डायलॉग: पूजा तोलानी
● मुख्य कलाकार: माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी, धारणा दुर्गा और रवि किशनMaa-Behen, hindi news, Netflix,trailer, Hindi news

नेटफ्लिक्स ने ट्रेलर रिलीजकिया

मुंबई। ध्यान से देखिए… आज हुआ है एक भयावह कांड का खुलासा! बात कर रहे है आदर्श कॉलोनी की मशहूर रेखा, जया और सुषमा के कारनामों की। अब इस कांड की पूरी पोल खोलते हुए नेटफ्लिक्स ने अपनी नई फिल्म ;माँ-बहन का ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह एक मजेदार और ज़बरदस्त क्राइम-कॉमेडी है, जहां झूठ पर झूठ बोला जाता है, शक बढ़ता जाता है और एक उलझा हुआ मां-बेटी का परिवार अपने सबसे बड़े कांड से बचने की कोशिश करता है। क्या है ये कांड और किसने किया ये कांड- सब पता चलेगा 4 जून को सिर्फ नेटफ्लिक्स पर।

अबंडंशिया एंटरटेनमेंट और ओपनिंग इमेज फिल्म्स के साथ मिलकर बनाई गई इस फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है। यह कहानी एक ऐसे उलझी हुई मां-बेटी की तिकड़ी की कहानी है, जो एक लाश को छिपाने की कोशिश करती है। इसी बीच उन्हें अजीब हालात, टांग अड़ाने वाले पड़ोसी और अपने ही अनोखे परिवार की उलझनों का सामना करना पड़ता है। फिल्म में रेखा के किरदार में माधुरी दीक्षित, जया के रोल में तृप्ति डिमरी, सुषमा के किरदार में धारणा दुर्गा, गुप्ताजी के रोल में रवि किशन, गुप्ताइन के किरदार में गीतांजलि कुलकर्णी, माहेश्वरी के रोल में अरुणोदय सिंह और मानस के किरदार में शार्दुल भारद्वाज नजर आएंगे।

ट्रेलर में रेखा, जया और सुषमा की जिंदगी में मची पूरी अफरा-तफरी दिखाई गई है, जो पहले से ही एक-दूसरे को झेलने में परेशान हैं और तभी उनकी जिंदगी में सबसे बड़ा हादसा हो जाता है। रेखा जी के घर में है एक डेड बॉडी! आखिर क्या हुआ था उस रात? इसके बाद शुरू होता है घबराहट, राज़ छिपाने की कोशिश, इमोशनल ड्रामे और कई मजेदार लेकिन अजीब फैसलों का ज़बरदस्त रोलरकोस्टर। फुल तबाही…मगर चाय की चुस्की के साथ!

फिल्म के निर्देशक और निर्माता सुरेश त्रिवेणी ने कहा, “माँ-बहन के जरिए हम एक ऐसी कहानी दिखाना चाहते थे, जो अपनी जड़ों से जुड़ी हो और साथ ही दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी करे और जिसमें कलाकारों की परफॉर्मेंस भी कमाल की हो। यह फिल्म एक ऐसे उलझे हुए परिवार की कहानी है, जिसमें मां रेखा और उनकी दो बेटियां जया और सुषमा हमेशा आपस में लड़ती रहती हैं। लेकिन फिर उनकी जिंदगी में एक ऐसा कांड हो जाता है, जिसकी वजह से हालात पूरी तरह बिगड़ जाते हैं और उन्हें कई अजीब, मजेदार और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अब उन्हें इस पूरे मामले को छिपाने और संभालने की कोशिश करनी पड़ती है। फिल्म का हर किरदार अपनी अलग ऊर्जा लेकर आता है, जिससे इनका रिश्ता और भी उलझा हुआ, अनिश्चित और इंसानी भावनाओं से भरा लगता है। नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट के साथ मिलकर इस खास प्रोजेक्ट पर काम करना बेहद रोमांचक रहा। वहीं माधुरी, तृप्ति, धारणा, रवि, गीतांजलि, अरुणोदय और शार्दुल जैसे कलाकारों ने इस कहानी को और भी खास बना दिया। ट्रेलर तो सिर्फ एक झलक है, असली हंगामा 4 जून से शुरू होगा।”

माधुरी दीक्षित ने कहा, “रेखा हिंदी फिल्मों की आम मां जैसी नहीं है और यही बात इस किरदार को मेरे लिए खास बनाती है। एक कलाकार के तौर पर ऐसे किरदार निभाना बहुत अच्छा लगता है, जो अलग हों और दर्शकों की सोच को बदल दें। रेखा शायद एक परफेक्ट मां नहीं है, लेकिन हर मां की तरह वह भी अपनी बेटियों का भला चाहती है और इस पूरे हंगामे के बीच अपने परिवार को संभालने की कोशिश करती है। सुरेश त्रिवेणी जैसे क्रिएटर्स और नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट जैसे पार्टनर्स की वजह से मुझे दर्शकों के सामने यह अनोखी कहानी और किरदार पेश करने का मौका मिला। ;माँ-बहन एक ऐसी एंटरटेनर फिल्म है, जिसका सबसे ज्यादा मजा पूरे परिवार – मां, बहन, भाई और दोस्तों के साथ बैठकर देखने में आएगा।”

तृप्ति डिमरी ने कहा, “जया घर की संस्कारी और जिम्मेदार बेटी है, लेकिन उसके अंदर सही और गलत की अच्छी समझ भी है। वह हमेशा अपने आसपास के हंगामे को संभालने की कोशिश करती रहती है, लेकिन हर बार खुद उसी परेशानी में और फंस जाती है। दोनों बहनों के बीच की नोकझोंक और पागलपन फिल्म का मेरा सबसे पसंदीदा हिस्सा था। माधुरी दीक्षित जैसी दिग्गज अभिनेत्री के साथ स्क्रीन शेयर करना मेरे लिए किसी सपने जैसा है। उन्होंने पूरी एक पीढ़ी को सिनेमा से प्यार करना सिखाया है। मेरे लिए यह अनुभव घर वापसी जैसा महसूस होता है। नेटफ्लिक्स के साथ मैंने अपने कुछ सबसे पसंदीदा प्रोजेक्ट किए हैं और मेरी स्ट्रीमिंग डेब्यू भी उन्हीं के साथ हुई थी, इसलिए यह सफर मेरे लिए और भी खास बन गया है। मैं नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे ;माँ-बहन जैसी फिल्म और ऐसा अलग किरदार निभाने का मौका दिया, जो दर्शकों को जरूर चौंकाएगा।”

रवि किशन ने कहा, “मामला लीगल है सीजन 2 की सफलता के बाद अब मैं दर्शकों को ;माँ बहन में अपना काम दिखाने के लिए बेहद उत्साहित हूं। इस फिल्म में मुझे बेहद शानदार कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला, जिससे पूरा अनुभव और भी खास बन गया। ;माँ-बहन की वजह से मुझे पहली बार माधुरी जी के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका मिला। वह बेहद ग्रेसफुल, बहुमुखी और हर सीन को खास बना देने वाली अभिनेत्री हैं। वहीं तृप्ति और धारणा बहुत प्रतिभाशाली हैं और उनकी युवा ऊर्जा ने काम का माहौल और मजेदार बना दिया। पूरी कास्ट और क्रू के साथ काम करना एक यादगार अनुभव रहा। इस फिल्म में ह्यूमर, पागलपन और एक अलग तरह का अपनापन है, जो इसे पूरी तरह मनोरंजक बनाता है। सुरेश जी, नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट ने मिलकर एक ऐसी कहानी बनाई है, जो नई और सबसे अलग लगती है। मुझे पूरी उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म से जरूर जुड़ेंगे।”

धारणा दुर्गा ने कहा, “जैसे ही मैंने ;माँ-बहन की स्क्रिप्ट और सुषमा का किरदार पढ़ा, तभी मैं समझ गई थी कि यह किरदार निभाने में बहुत मजा आने वाला है। मुझे सबसे ज्यादा रेखा, जया और सुषमा के बीच की बॉन्डिंग पसंद आई। लड़ाई-झगड़े, पागलपन और इतने बड़े कांड के बावजूद उनके बीच एक सच्चा रिश्ता बना रहता है, जो स्क्रीन पर भी साफ नजर आता है। माधुरी दीक्षित मैम के साथ काम करना सच कहूँ तो, मेरे लिए किसी सपने जैसा था। वहीं फिल्म में मेरी और तृप्ति की केमिस्ट्री ज़बरदस्त कॉमेडी लेकर आती है, जो दर्शकों को खूब हंसाएगी। सुरेश सर ने पूरे समय हमारा मार्गदर्शन किया, जिसकी वजह से हम पूरी तरह से इस पागलपन में डूब पाए और इन किरदारों के साथ सचमुच खूब मज़ा कर पाए। ;माँ-बहन मेरी स्ट्रीमिंग डेब्यू फिल्म है और इस सफर की शुरुआत नेटफ्लिक्स और टुडुम जैसे शानदार प्लेटफॉर्म के साथ करना मेरे लिए बेहद खास है। वहीं विक्रम सर और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट की टीम इस पूरे सफर में लगातार हमारा मार्गदर्शन करती रही। उन्होंने ऐसा माहौल बनाया, जो सचमुच एक बड़े परिवार जैसा महसूस हुआ।”
कुछ परिवार अपनी अगली पीढ़ी को संस्कार देते हैं। लेकिन ;माँ-बहन का परिवार आगे बढ़ाता है सिर्फ कांड! 4 जून को ;माँ-बहन देखिए सिर्फ नेटफ्लिक्स पर।

क्रेडिट्स:
● निर्देशक: सुरेश त्रिवेणी
● कहानी: सुरेश त्रिवेणी और पूजा तोलानी
● निर्माता: विक्रम मल्होत्रा और सुरेश त्रिवेणी
● निर्माण: अबंडंशिया एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन, ओपनिंग इमेज फिल्म्स के सहयोग से
● स्क्रीनप्ले और डायलॉग: पूजा तोलानी
● मुख्य कलाकार: माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी, धारणा दुर्गा और रवि किशन

Maa-Behen, hindi news, Netflix,trailer, Hindi news

नेटफ्लिक्स ने ट्रेलर रिलीजकिया

मुंबई। ध्यान से देखिए… आज हुआ है एक भयावह कांड का खुलासा! बात कर रहे है आदर्श कॉलोनी की मशहूर रेखा, जया और सुषमा के कारनामों की। अब इस कांड की पूरी पोल खोलते हुए नेटफ्लिक्स ने अपनी नई फिल्म ;माँ-बहन का ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह एक मजेदार और ज़बरदस्त क्राइम-कॉमेडी है, जहां झूठ पर झूठ बोला जाता है, शक बढ़ता जाता है और एक उलझा हुआ मां-बेटी का परिवार अपने सबसे बड़े कांड से बचने की कोशिश करता है। क्या है ये कांड और किसने किया ये कांड- सब पता चलेगा 4 जून को सिर्फ नेटफ्लिक्स पर।

अबंडंशिया एंटरटेनमेंट और ओपनिंग इमेज फिल्म्स के साथ मिलकर बनाई गई इस फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है। यह कहानी एक ऐसे उलझी हुई मां-बेटी की तिकड़ी की कहानी है, जो एक लाश को छिपाने की कोशिश करती है। इसी बीच उन्हें अजीब हालात, टांग अड़ाने वाले पड़ोसी और अपने ही अनोखे परिवार की उलझनों का सामना करना पड़ता है। फिल्म में रेखा के किरदार में माधुरी दीक्षित, जया के रोल में तृप्ति डिमरी, सुषमा के किरदार में धारणा दुर्गा, गुप्ताजी के रोल में रवि किशन, गुप्ताइन के किरदार में गीतांजलि कुलकर्णी, माहेश्वरी के रोल में अरुणोदय सिंह और मानस के किरदार में शार्दुल भारद्वाज नजर आएंगे।

ट्रेलर में रेखा, जया और सुषमा की जिंदगी में मची पूरी अफरा-तफरी दिखाई गई है, जो पहले से ही एक-दूसरे को झेलने में परेशान हैं और तभी उनकी जिंदगी में सबसे बड़ा हादसा हो जाता है। रेखा जी के घर में है एक डेड बॉडी! आखिर क्या हुआ था उस रात? इसके बाद शुरू होता है घबराहट, राज़ छिपाने की कोशिश, इमोशनल ड्रामे और कई मजेदार लेकिन अजीब फैसलों का ज़बरदस्त रोलरकोस्टर। फुल तबाही…मगर चाय की चुस्की के साथ!

फिल्म के निर्देशक और निर्माता सुरेश त्रिवेणी ने कहा, “माँ-बहन के जरिए हम एक ऐसी कहानी दिखाना चाहते थे, जो अपनी जड़ों से जुड़ी हो और साथ ही दर्शकों का भरपूर मनोरंजन भी करे और जिसमें कलाकारों की परफॉर्मेंस भी कमाल की हो। यह फिल्म एक ऐसे उलझे हुए परिवार की कहानी है, जिसमें मां रेखा और उनकी दो बेटियां जया और सुषमा हमेशा आपस में लड़ती रहती हैं। लेकिन फिर उनकी जिंदगी में एक ऐसा कांड हो जाता है, जिसकी वजह से हालात पूरी तरह बिगड़ जाते हैं और उन्हें कई अजीब, मजेदार और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। अब उन्हें इस पूरे मामले को छिपाने और संभालने की कोशिश करनी पड़ती है। फिल्म का हर किरदार अपनी अलग ऊर्जा लेकर आता है, जिससे इनका रिश्ता और भी उलझा हुआ, अनिश्चित और इंसानी भावनाओं से भरा लगता है। नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट के साथ मिलकर इस खास प्रोजेक्ट पर काम करना बेहद रोमांचक रहा। वहीं माधुरी, तृप्ति, धारणा, रवि, गीतांजलि, अरुणोदय और शार्दुल जैसे कलाकारों ने इस कहानी को और भी खास बना दिया। ट्रेलर तो सिर्फ एक झलक है, असली हंगामा 4 जून से शुरू होगा।”

माधुरी दीक्षित ने कहा, “रेखा हिंदी फिल्मों की आम मां जैसी नहीं है और यही बात इस किरदार को मेरे लिए खास बनाती है। एक कलाकार के तौर पर ऐसे किरदार निभाना बहुत अच्छा लगता है, जो अलग हों और दर्शकों की सोच को बदल दें। रेखा शायद एक परफेक्ट मां नहीं है, लेकिन हर मां की तरह वह भी अपनी बेटियों का भला चाहती है और इस पूरे हंगामे के बीच अपने परिवार को संभालने की कोशिश करती है। सुरेश त्रिवेणी जैसे क्रिएटर्स और नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट जैसे पार्टनर्स की वजह से मुझे दर्शकों के सामने यह अनोखी कहानी और किरदार पेश करने का मौका मिला। ;माँ-बहन एक ऐसी एंटरटेनर फिल्म है, जिसका सबसे ज्यादा मजा पूरे परिवार – मां, बहन, भाई और दोस्तों के साथ बैठकर देखने में आएगा।”

तृप्ति डिमरी ने कहा, “जया घर की संस्कारी और जिम्मेदार बेटी है, लेकिन उसके अंदर सही और गलत की अच्छी समझ भी है। वह हमेशा अपने आसपास के हंगामे को संभालने की कोशिश करती रहती है, लेकिन हर बार खुद उसी परेशानी में और फंस जाती है। दोनों बहनों के बीच की नोकझोंक और पागलपन फिल्म का मेरा सबसे पसंदीदा हिस्सा था। माधुरी दीक्षित जैसी दिग्गज अभिनेत्री के साथ स्क्रीन शेयर करना मेरे लिए किसी सपने जैसा है। उन्होंने पूरी एक पीढ़ी को सिनेमा से प्यार करना सिखाया है। मेरे लिए यह अनुभव घर वापसी जैसा महसूस होता है। नेटफ्लिक्स के साथ मैंने अपने कुछ सबसे पसंदीदा प्रोजेक्ट किए हैं और मेरी स्ट्रीमिंग डेब्यू भी उन्हीं के साथ हुई थी, इसलिए यह सफर मेरे लिए और भी खास बन गया है। मैं नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे ;माँ-बहन जैसी फिल्म और ऐसा अलग किरदार निभाने का मौका दिया, जो दर्शकों को जरूर चौंकाएगा।”

रवि किशन ने कहा, “मामला लीगल है सीजन 2 की सफलता के बाद अब मैं दर्शकों को ;माँ बहन में अपना काम दिखाने के लिए बेहद उत्साहित हूं। इस फिल्म में मुझे बेहद शानदार कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला, जिससे पूरा अनुभव और भी खास बन गया। ;माँ-बहन की वजह से मुझे पहली बार माधुरी जी के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका मिला। वह बेहद ग्रेसफुल, बहुमुखी और हर सीन को खास बना देने वाली अभिनेत्री हैं। वहीं तृप्ति और धारणा बहुत प्रतिभाशाली हैं और उनकी युवा ऊर्जा ने काम का माहौल और मजेदार बना दिया। पूरी कास्ट और क्रू के साथ काम करना एक यादगार अनुभव रहा। इस फिल्म में ह्यूमर, पागलपन और एक अलग तरह का अपनापन है, जो इसे पूरी तरह मनोरंजक बनाता है। सुरेश जी, नेटफ्लिक्स और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट ने मिलकर एक ऐसी कहानी बनाई है, जो नई और सबसे अलग लगती है। मुझे पूरी उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म से जरूर जुड़ेंगे।”

धारणा दुर्गा ने कहा, “जैसे ही मैंने ;माँ-बहन की स्क्रिप्ट और सुषमा का किरदार पढ़ा, तभी मैं समझ गई थी कि यह किरदार निभाने में बहुत मजा आने वाला है। मुझे सबसे ज्यादा रेखा, जया और सुषमा के बीच की बॉन्डिंग पसंद आई। लड़ाई-झगड़े, पागलपन और इतने बड़े कांड के बावजूद उनके बीच एक सच्चा रिश्ता बना रहता है, जो स्क्रीन पर भी साफ नजर आता है। माधुरी दीक्षित मैम के साथ काम करना सच कहूँ तो, मेरे लिए किसी सपने जैसा था। वहीं फिल्म में मेरी और तृप्ति की केमिस्ट्री ज़बरदस्त कॉमेडी लेकर आती है, जो दर्शकों को खूब हंसाएगी। सुरेश सर ने पूरे समय हमारा मार्गदर्शन किया, जिसकी वजह से हम पूरी तरह से इस पागलपन में डूब पाए और इन किरदारों के साथ सचमुच खूब मज़ा कर पाए। ;माँ-बहन मेरी स्ट्रीमिंग डेब्यू फिल्म है और इस सफर की शुरुआत नेटफ्लिक्स और टुडुम जैसे शानदार प्लेटफॉर्म के साथ करना मेरे लिए बेहद खास है। वहीं विक्रम सर और अबंडंशिया एंटरटेनमेंट की टीम इस पूरे सफर में लगातार हमारा मार्गदर्शन करती रही। उन्होंने ऐसा माहौल बनाया, जो सचमुच एक बड़े परिवार जैसा महसूस हुआ।”
कुछ परिवार अपनी अगली पीढ़ी को संस्कार देते हैं। लेकिन ;माँ-बहन का परिवार आगे बढ़ाता है सिर्फ कांड! 4 जून को ;माँ-बहन देखिए सिर्फ नेटफ्लिक्स पर।

क्रेडिट्स:
● निर्देशक: सुरेश त्रिवेणी
● कहानी: सुरेश त्रिवेणी और पूजा तोलानी
● निर्माता: विक्रम मल्होत्रा और सुरेश त्रिवेणी
● निर्माण: अबंडंशिया एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन, ओपनिंग इमेज फिल्म्स के सहयोग से
● स्क्रीनप्ले और डायलॉग: पूजा तोलानी
● मुख्य कलाकार: माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी, धारणा दुर्गा और रवि किशन

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इंटरनेट डेस्क। छोटे पर्दे की मशहूर अदाकारा संचिता उगले ने आज सुसाइड कर लिया। इस अभिनेत्री का शव सीलिंग फैन से लटका मिला। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। टीवी सीरियल ;कुमकुम भाग्यऔर ;वागले की दुनियामें संचिता उगले का शानदार अभिनय देखने को मिला है। पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। खबरों के अनुसार, घटना के समय वे घर पर अकेली थीं। पिता ने बेटी की मौत के लिए किसी को जिम्मेदार भी नहीं ठहराया।

आपको बात दें टीवी की स्टार अभिनेत्री संचिता के निधन से कुछ घंटों पहले ही उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक रील पोस्ट हुई थी। इसमें वह 'डफली वाले, डफली बजा' गाने पर लिपसिंक करती नजर आई। इसके कैप्शन में अभिनेत्री ने लिखा था, ;मैं नाचूं, तू नचा।

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TV star actress, Sanchita Ugale, suicide, Hindi news">टीवी की स्टार अभिनेत्री Sanchita Ugale ने किया सुसाइड, सीलिंग फैन से लटका मिला शव   इंटरनेट डेस्क। छोटे पर्दे की मशहूर अदाकारा संचिता उगले ने आज सुसाइड कर लिया। इस अभिनेत्री का शव सीलिंग फैन से लटका मिला। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। टीवी सीरियल ;कुमकुम भाग्यऔर ;वागले की दुनियामें संचिता उगले का शानदार अभिनय देखने को मिला है। पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। खबरों के अनुसार, घटना के समय वे घर पर अकेली थीं। पिता ने बेटी की मौत के लिए किसी को जिम्मेदार भी नहीं ठहराया।

आपको बात दें टीवी की स्टार अभिनेत्री संचिता के निधन से कुछ घंटों पहले ही उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक रील पोस्ट हुई थी। इसमें वह 'डफली वाले, डफली बजा' गाने पर लिपसिंक करती नजर आई। इसके कैप्शन में अभिनेत्री ने लिखा था, ;मैं नाचूं, तू नचा।

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पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। टीवी सीरियल ;कुमकुम भाग्यऔर ;वागले की दुनियामें संचिता उगले का शानदार अभिनय देखने को मिला है। पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। खबरों के अनुसार, घटना के समय वे घर पर अकेली थीं। पिता ने बेटी की मौत के लिए किसी को जिम्मेदार भी नहीं ठहराया।

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पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। टीवी सीरियल ;कुमकुम भाग्यऔर ;वागले की दुनियामें संचिता उगले का शानदार अभिनय देखने को मिला है। पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। खबरों के अनुसार, घटना के समय वे घर पर अकेली थीं। पिता ने बेटी की मौत के लिए किसी को जिम्मेदार भी नहीं ठहराया।

आपको बात दें टीवी की स्टार अभिनेत्री संचिता के निधन से कुछ घंटों पहले ही उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक रील पोस्ट हुई थी। इसमें वह 'डफली वाले, डफली बजा' गाने पर लिपसिंक करती नजर आई। इसके कैप्शन में अभिनेत्री ने लिखा था, ;मैं नाचूं, तू नचा।

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-ओंकार सिंह जनौटी

 

केरल का सफीर जिस कमरे में काम करता था, वहां यह निर्देश साफ लिखा था: “तुम्हारे पास हर शख्स को प्यार में फंसाने के लिए चार दिन हैं।”

 

कबूतरबाजों ने केरल के सफीर मोहम्मद को विदेश में नौकरी का झांसा देकर म्यामांर के एक स्कैम सेंटर के हवाले कर दिया। लोगों को ठगने वाले इस अड्डे में सफीर ने मार पीट से बचने के लिए अपनी नई ऑनलाइन पहचान बनाई, 28 साल की एक सिंगापुरी महिला की। सफीर का ऑनलाइन नाम था एला। हर दिन की शिफ्ट में सफीर 100 से ज्यादा लोगों से ऑनलाइन चैट करता था। इस दौरान सुपरवाइजर बिजली का झटका देने वाली छड़ी के साथ सफीर समेत बाकी कामगारों के सिर पर सवार रहता था।

 

स्कैमर्स का अंतराष्ट्रीय प्रेम जाल

एक ही महीने में सफीर ने 17 देशों के करीब 50,000 लोगों से संपर्क साध लिया। अमेरिकी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को मिले रिकॉर्ड्स से पता चला है कि सफीर के झांसे में आने वाले लोगों में कुर्दिस्तान का एक विधुर दर्जी, तुर्की का एक पेस्ट्री बेकर, किर्गिस्तान का एक भेड़ पालक किसान, रूस का इंजीनियर और इराक के सैनिक भी थे। इसी दौरान एला नाम से चैटिंग कर रहे सफीर ने जर्मनी के पेंटर, अर्जेंटीना के बंदरगाह अधिकारी, इंडोनेशिया के छात्र, पोलैंड के सिक्योरिटी गार्ड और जॉर्जिया के डेयरी किसान के साथ भी घर बसाने जैसी बातें कर दी।

 

सफीर ये सब अमेरिकी टेक कंपनियों के AI मॉडलों के सहारे कर रहा था। वह एक कमांड के जरिए अपनी बात को दर्जनों भाषाओं में ट्रांसलेट करता था और फिर हर देश के नागरिक के साथ उसी की भाषा में चैट करता था। AI टूल्स की मदद से हर विक्टिम का खास प्रोफाइल भी बनाया जा चुका था। ALSO READ: अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का क्या हाल है?

 

एपी की जांच में क्या क्या पता चला

जांच के दौरान पता चला कि ऑनलाइन फर्जीवाड़ा करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सहारे संभावित शिकारों की पहचान करते हैं। इसके बाद वे दूसरे AI टूल्स का सहारा लेकर पीड़ितों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाते हैं। सैटेलाइट डिश की मदद से जालसाज इंटरनेट पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी पार कर जाते हैं। एपी के मुताबिक, अमेरिकी टेक कंपनियां खुद भले ही कोई अपराध न कर रही हों, लेकिन जालसाज उनके टूल्स का दुरुपयोग कर रहे हैं।

 

अमेरिकी AI मॉडल्स, चैटजीपीटी और जेमेनाई का इस्तेमाल कर स्कैमर्स ने खास किस्म के सॉफ्टवेयर बनाए और फिर एक साथ कई भाषाओं में आसानी से काम किया। कॉन्जेंट कंम्युनिकेशन, AT&T, डिजिटल ओशन और ओरैकल जैसी सेवाओं का भी खूब इस्तेमाल किया गया।

 

हिंसा और सैन्य शासन से जूझ रहे म्यामांर के बॉर्डर का बड़ा हिस्सा खुली सीमा है। अमेरिकी खरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक, वहां सबसे बड़ी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर है। आईपी एड्रेस और सैटेलाइट तस्वीरो की जांच से पता चला कि इनमें से कम से कम 13 स्टारलिंक का इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे थे।

 

बढ़ते दबाव के बीच कैसा है अमेरिकी टेक कंपनियों का रुख

एक्सपर्ट कहते हैं कि अमेरिकी टेक कंपनियां चाहें तो इस धोखाधड़ी को रोक सकती हैं। लेकिन इसके लिए कोई कानूनी ढांचा नहीं है और कंपनियों को बिजनेस कम होने की आशंका भी रहती है। अपराधों की जांच से जुड़े अमेरिका के संघीय आयोग के मुताबिक, 2024 में अमेरिकियों को ऐसी जालसाजी से करीब 200 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। ALSO READ: भीषण गर्मी के चलते पेरिस के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ी

 

ओपन एआई और गूगल का कहना है कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि स्कैमर्स उनके टूल्स का दुरुपयोग न कर पाएं। वहीं स्टारलिंक ने इस मामले में एपी को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ओपन एआई के मुताबिक, यूजर्स के व्यहार को ट्रैक करके वे धोखाधड़ी का पता लगाने में सफल हो रही है। कंपनी के मुताबिक, 95 फीसदी सटीकता के साथ वह हर महीने एक लाख स्कैम अकाउंट बंद कर रही है।

 

इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों का कहना है कि वे यह नहीं देख सकते कि उनके यूजर किस तरह का कंटेट शेयर कर रहे हैं। निजता संबंधी नियम कायदे और कानून उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं। सभी इंटरनेट कंपनियों के मुताबिक, शिकायत मिलने पर उन्होंने हमेशा कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग किया है।

 

बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दवाब के बीच अक्टूबर 2025 में म्यांमार की सैन्य सरकार ने कई स्कैम सेंटरों को ध्वस्त भी किया। सेना ने इस कार्रवाई के वीडियो भी रिलीज किए। लेकिन जनवरी 2026 में ध्वस्तीकरण वाली जगह से 30 किलोमीटर दूर फिर नए स्कैम सेंटर बनने लगे। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अक्टूबर की कार्रवाई के बाद से म्यांमार में कम से कम 25 नई जगहों से ऐसी ऑनलाइन ठगी हो रही है। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों से भी इन दावों की पुष्टि हो रही है। और इन नए मामलों में भी एक चीज कॉमन है: स्टारलिंक का इंटरनेट। ALSO READ: पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा

 

केरल से कैसे म्यांमार पहुंचे सफीर

दक्षिण भारत के केरल राज्य से ताल्लुक रखने वाले सफीर ने एक दिन इंटरनेट पर थाइलैंड में टूरिज्म से जुड़ी एक नौकरी देखी। दोनों ने उस पर क्लिक किया। फिर उन्हें नियमित रूप से निर्देश मिलने लगे। कुछ ही महीनों पर बाद दोनों बैंकॉक हवाई अड्डे पर उतरे। वहां उनके लिए एक काले रंग की कार खड़ी थी। दोनों कार में सवार हुए, गाड़ी रात भर चली। सफीर के मुताबिक अगली सुबह वे हथियारबंद लोगों से घिरे हुए थे।

 

दोनों दोस्तों को म्यामांर बॉर्डर के पास मोई नदी पार कराई गई और ताई चांग के स्कैम सेंटर में ठूंस दिया गया।

 

शुरुआत में जब दोनों से लोगों को ठगने से इनकार किया तो उन्हें पीट पीटकर बेहाल कर दिया गया। कुछ तस्वीरों में सफीर का चोट से लाल शरीर और सूजन से भरा चेहरा दिखाई दे रहा था। बाद में स्कैमिंग के दौरान भी मार पीट होती रहती थी। सफीर के मुताबिक, “जब वे मेरे कंप्यूटर के पास आते थे तो मेरे हाथ कांपने लगते थे, मुझे पसीना आने लगता था।”

 

डर के मारे दोनों दोस्त एक तंग गलियारे में साथ में सोया करते थे। 2025 में किसी तरह बाहरी दुनिया से संपर्क करके सफीर ने अपनी लोकेशन और आपबीती बताई। फिर हर एक के लिए पांच लाख भारतीय रुपये चुका कर सफीर और उनके दोस्त समेत 21 भारतीय इस चंगुल से निकल सके।

 

अमेरिकी जांचकर्ताओं के मुताबिक म्यांमार, कंबोडिया और नाइजीरिया में चल रहे ऐसे स्कैम सेंटरों में कम से कम 19 देशों के नागरिक काम कर चुके हैं।

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												Publish: Fri,  3 Jul 2026 (08:20 IST)
												Updated: Fri,  3 Jul 2026 (08:31 IST)
											
										
										

									-ओंकार सिंह जनौटी
	28 साल की सिंगापुरी युवती एला से दोस्ती करने के लिए दुनिया भर के हजारों पुरुष बेताब थे। एला ने इन सबको चूना लगाया। जानिए कैसे ऑनलाइन ठगी करते हैं म्यांमार के स्कैम सेंटर्स। ALSO READ: क्या भविष्य में बचा रहेगा इंडिया गठबंधन?																								
																														
																																			
	 
	केरल का सफीर जिस कमरे में काम करता था, वहां यह निर्देश साफ लिखा था: “तुम्हारे पास हर शख्स को प्यार में फंसाने के लिए चार दिन हैं।”									
	 
	कबूतरबाजों ने केरल के सफीर मोहम्मद को विदेश में नौकरी का झांसा देकर म्यामांर के एक स्कैम सेंटर के हवाले कर दिया। लोगों को ठगने वाले इस अड्डे में सफीर ने मार पीट से बचने के लिए अपनी नई ऑनलाइन पहचान बनाई, 28 साल की एक सिंगापुरी महिला की। सफीर का ऑनलाइन नाम था एला। हर दिन की शिफ्ट में सफीर 100 से ज्यादा लोगों से ऑनलाइन चैट करता था। इस दौरान सुपरवाइजर बिजली का झटका देने वाली छड़ी के साथ सफीर समेत बाकी कामगारों के सिर पर सवार रहता था।																									
																
																
																														
																														
																																			
	 
	स्कैमर्स का अंतराष्ट्रीय प्रेम जाल

	एक ही महीने में सफीर ने 17 देशों के करीब 50,000 लोगों से संपर्क साध लिया। अमेरिकी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को मिले रिकॉर्ड्स से पता चला है कि सफीर के झांसे में आने वाले लोगों में कुर्दिस्तान का एक विधुर दर्जी, तुर्की का एक पेस्ट्री बेकर, किर्गिस्तान का एक भेड़ पालक किसान, रूस का इंजीनियर और इराक के सैनिक भी थे। इसी दौरान एला नाम से चैटिंग कर रहे सफीर ने जर्मनी के पेंटर, अर्जेंटीना के बंदरगाह अधिकारी, इंडोनेशिया के छात्र, पोलैंड के सिक्योरिटी गार्ड और जॉर्जिया के डेयरी किसान के साथ भी घर बसाने जैसी बातें कर दी।																								
																														
																																			
	 
	सफीर ये सब अमेरिकी टेक कंपनियों के AI मॉडलों के सहारे कर रहा था। वह एक कमांड के जरिए अपनी बात को दर्जनों भाषाओं में ट्रांसलेट करता था और फिर हर देश के नागरिक के साथ उसी की भाषा में चैट करता था। AI टूल्स की मदद से हर विक्टिम का खास प्रोफाइल भी बनाया जा चुका था। ALSO READ: अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का क्या हाल है?																								
																														
																																			
	 
	एपी की जांच में क्या क्या पता चला

	जांच के दौरान पता चला कि ऑनलाइन फर्जीवाड़ा करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सहारे संभावित शिकारों की पहचान करते हैं। इसके बाद वे दूसरे AI टूल्स का सहारा लेकर पीड़ितों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाते हैं। सैटेलाइट डिश की मदद से जालसाज इंटरनेट पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी पार कर जाते हैं। एपी के मुताबिक, अमेरिकी टेक कंपनियां खुद भले ही कोई अपराध न कर रही हों, लेकिन जालसाज उनके टूल्स का दुरुपयोग कर रहे हैं।																								
																														
																																			
	 
	अमेरिकी AI मॉडल्स, चैटजीपीटी और जेमेनाई का इस्तेमाल कर स्कैमर्स ने खास किस्म के सॉफ्टवेयर बनाए और फिर एक साथ कई भाषाओं में आसानी से काम किया। कॉन्जेंट कंम्युनिकेशन, AT&T, डिजिटल ओशन और ओरैकल जैसी सेवाओं का भी खूब इस्तेमाल किया गया।																								
																														
																																			
	 
	हिंसा और सैन्य शासन से जूझ रहे म्यामांर के बॉर्डर का बड़ा हिस्सा खुली सीमा है। अमेरिकी खरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक, वहां सबसे बड़ी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर है। आईपी एड्रेस और सैटेलाइट तस्वीरो की जांच से पता चला कि इनमें से कम से कम 13 स्टारलिंक का इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे थे।																																																									
																	
															
																														
																																			
	 
	बढ़ते दबाव के बीच कैसा है अमेरिकी टेक कंपनियों का रुख

	एक्सपर्ट कहते हैं कि अमेरिकी टेक कंपनियां चाहें तो इस धोखाधड़ी को रोक सकती हैं। लेकिन इसके लिए कोई कानूनी ढांचा नहीं है और कंपनियों को बिजनेस कम होने की आशंका भी रहती है। अपराधों की जांच से जुड़े अमेरिका के संघीय आयोग के मुताबिक, 2024 में अमेरिकियों को ऐसी जालसाजी से करीब 200 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। ALSO READ: भीषण गर्मी के चलते पेरिस के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ी																								
																														
																																			
	 
	ओपन एआई और गूगल का कहना है कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि स्कैमर्स उनके टूल्स का दुरुपयोग न कर पाएं। वहीं स्टारलिंक ने इस मामले में एपी को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ओपन एआई के मुताबिक, यूजर्स के व्यहार को ट्रैक करके वे धोखाधड़ी का पता लगाने में सफल हो रही है। कंपनी के मुताबिक, 95 फीसदी सटीकता के साथ वह हर महीने एक लाख स्कैम अकाउंट बंद कर रही है।																								
																														
																																			
	 
	इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों का कहना है कि वे यह नहीं देख सकते कि उनके यूजर किस तरह का कंटेट शेयर कर रहे हैं। निजता संबंधी नियम कायदे और कानून उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं। सभी इंटरनेट कंपनियों के मुताबिक, शिकायत मिलने पर उन्होंने हमेशा कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग किया है।																								
																														
																																			
	 
	बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दवाब के बीच अक्टूबर 2025 में म्यांमार की सैन्य सरकार ने कई स्कैम सेंटरों को ध्वस्त भी किया। सेना ने इस कार्रवाई के वीडियो भी रिलीज किए। लेकिन जनवरी 2026 में ध्वस्तीकरण वाली जगह से 30 किलोमीटर दूर फिर नए स्कैम सेंटर बनने लगे। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अक्टूबर की कार्रवाई के बाद से म्यांमार में कम से कम 25 नई जगहों से ऐसी ऑनलाइन ठगी हो रही है। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों से भी इन दावों की पुष्टि हो रही है। और इन नए मामलों में भी एक चीज कॉमन है: स्टारलिंक का इंटरनेट। ALSO READ: पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा																								
																														
																																			
	 
	केरल से कैसे म्यांमार पहुंचे सफीर

	दक्षिण भारत के केरल राज्य से ताल्लुक रखने वाले सफीर ने एक दिन इंटरनेट पर थाइलैंड में टूरिज्म से जुड़ी एक नौकरी देखी। दोनों ने उस पर क्लिक किया। फिर उन्हें नियमित रूप से निर्देश मिलने लगे। कुछ ही महीनों पर बाद दोनों बैंकॉक हवाई अड्डे पर उतरे। वहां उनके लिए एक काले रंग की कार खड़ी थी। दोनों कार में सवार हुए, गाड़ी रात भर चली। सफीर के मुताबिक अगली सुबह वे हथियारबंद लोगों से घिरे हुए थे।																								
																														
																																			
	 
	दोनों दोस्तों को म्यामांर बॉर्डर के पास मोई नदी पार कराई गई और ताई चांग के स्कैम सेंटर में ठूंस दिया गया।																								
																														
																																			
	 
	शुरुआत में जब दोनों से लोगों को ठगने से इनकार किया तो उन्हें पीट पीटकर बेहाल कर दिया गया। कुछ तस्वीरों में सफीर का चोट से लाल शरीर और सूजन से भरा चेहरा दिखाई दे रहा था। बाद में स्कैमिंग के दौरान भी मार पीट होती रहती थी। सफीर के मुताबिक, “जब वे मेरे कंप्यूटर के पास आते थे तो मेरे हाथ कांपने लगते थे, मुझे पसीना आने लगता था।”																								
																														
																																			
	 
	डर के मारे दोनों दोस्त एक तंग गलियारे में साथ में सोया करते थे। 2025 में किसी तरह बाहरी दुनिया से संपर्क करके सफीर ने अपनी लोकेशन और आपबीती बताई। फिर हर एक के लिए पांच लाख भारतीय रुपये चुका कर सफीर और उनके दोस्त समेत 21 भारतीय इस चंगुल से निकल सके।																								
																														
																																			
	 
	अमेरिकी जांचकर्ताओं के मुताबिक म्यांमार, कंबोडिया और नाइजीरिया में चल रहे ऐसे स्कैम सेंटरों में कम से कम 19 देशों के नागरिक काम कर चुके हैं।																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															Myanmar Scam Centers, Romance Scam, AI Romance Scam, Ella Singapore Scam, Safir Mohammad Kerala, Myanmar Cyber Scam, Online Love Scam, ChatGPT Scam, Gemini AI Scam, Starlink Myanmar, AI Cyber Fraud, Myanmar Scam Compound, Online Fraud News Hindi, International Scam Network, Love Scam AI, म्यांमार स्कैम सेंटर्स, एआई, एला

 

केरल का सफीर जिस कमरे में काम करता था, वहां यह निर्देश साफ लिखा था: “तुम्हारे पास हर शख्स को प्यार में फंसाने के लिए चार दिन हैं।”

 

कबूतरबाजों ने केरल के सफीर मोहम्मद को विदेश में नौकरी का झांसा देकर म्यामांर के एक स्कैम सेंटर के हवाले कर दिया। लोगों को ठगने वाले इस अड्डे में सफीर ने मार पीट से बचने के लिए अपनी नई ऑनलाइन पहचान बनाई, 28 साल की एक सिंगापुरी महिला की। सफीर का ऑनलाइन नाम था एला। हर दिन की शिफ्ट में सफीर 100 से ज्यादा लोगों से ऑनलाइन चैट करता था। इस दौरान सुपरवाइजर बिजली का झटका देने वाली छड़ी के साथ सफीर समेत बाकी कामगारों के सिर पर सवार रहता था।

 

स्कैमर्स का अंतराष्ट्रीय प्रेम जाल

एक ही महीने में सफीर ने 17 देशों के करीब 50,000 लोगों से संपर्क साध लिया। अमेरिकी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को मिले रिकॉर्ड्स से पता चला है कि सफीर के झांसे में आने वाले लोगों में कुर्दिस्तान का एक विधुर दर्जी, तुर्की का एक पेस्ट्री बेकर, किर्गिस्तान का एक भेड़ पालक किसान, रूस का इंजीनियर और इराक के सैनिक भी थे। इसी दौरान एला नाम से चैटिंग कर रहे सफीर ने जर्मनी के पेंटर, अर्जेंटीना के बंदरगाह अधिकारी, इंडोनेशिया के छात्र, पोलैंड के सिक्योरिटी गार्ड और जॉर्जिया के डेयरी किसान के साथ भी घर बसाने जैसी बातें कर दी।

 

सफीर ये सब अमेरिकी टेक कंपनियों के AI मॉडलों के सहारे कर रहा था। वह एक कमांड के जरिए अपनी बात को दर्जनों भाषाओं में ट्रांसलेट करता था और फिर हर देश के नागरिक के साथ उसी की भाषा में चैट करता था। AI टूल्स की मदद से हर विक्टिम का खास प्रोफाइल भी बनाया जा चुका था। ALSO READ: अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का क्या हाल है?

 

एपी की जांच में क्या क्या पता चला

जांच के दौरान पता चला कि ऑनलाइन फर्जीवाड़ा करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सहारे संभावित शिकारों की पहचान करते हैं। इसके बाद वे दूसरे AI टूल्स का सहारा लेकर पीड़ितों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाते हैं। सैटेलाइट डिश की मदद से जालसाज इंटरनेट पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी पार कर जाते हैं। एपी के मुताबिक, अमेरिकी टेक कंपनियां खुद भले ही कोई अपराध न कर रही हों, लेकिन जालसाज उनके टूल्स का दुरुपयोग कर रहे हैं।

 

अमेरिकी AI मॉडल्स, चैटजीपीटी और जेमेनाई का इस्तेमाल कर स्कैमर्स ने खास किस्म के सॉफ्टवेयर बनाए और फिर एक साथ कई भाषाओं में आसानी से काम किया। कॉन्जेंट कंम्युनिकेशन, AT&T, डिजिटल ओशन और ओरैकल जैसी सेवाओं का भी खूब इस्तेमाल किया गया।

 

हिंसा और सैन्य शासन से जूझ रहे म्यामांर के बॉर्डर का बड़ा हिस्सा खुली सीमा है। अमेरिकी खरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक, वहां सबसे बड़ी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर है। आईपी एड्रेस और सैटेलाइट तस्वीरो की जांच से पता चला कि इनमें से कम से कम 13 स्टारलिंक का इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे थे।

 

बढ़ते दबाव के बीच कैसा है अमेरिकी टेक कंपनियों का रुख

एक्सपर्ट कहते हैं कि अमेरिकी टेक कंपनियां चाहें तो इस धोखाधड़ी को रोक सकती हैं। लेकिन इसके लिए कोई कानूनी ढांचा नहीं है और कंपनियों को बिजनेस कम होने की आशंका भी रहती है। अपराधों की जांच से जुड़े अमेरिका के संघीय आयोग के मुताबिक, 2024 में अमेरिकियों को ऐसी जालसाजी से करीब 200 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। ALSO READ: भीषण गर्मी के चलते पेरिस के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ी

 

ओपन एआई और गूगल का कहना है कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि स्कैमर्स उनके टूल्स का दुरुपयोग न कर पाएं। वहीं स्टारलिंक ने इस मामले में एपी को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ओपन एआई के मुताबिक, यूजर्स के व्यहार को ट्रैक करके वे धोखाधड़ी का पता लगाने में सफल हो रही है। कंपनी के मुताबिक, 95 फीसदी सटीकता के साथ वह हर महीने एक लाख स्कैम अकाउंट बंद कर रही है।

 

इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों का कहना है कि वे यह नहीं देख सकते कि उनके यूजर किस तरह का कंटेट शेयर कर रहे हैं। निजता संबंधी नियम कायदे और कानून उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं। सभी इंटरनेट कंपनियों के मुताबिक, शिकायत मिलने पर उन्होंने हमेशा कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग किया है।

 

बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दवाब के बीच अक्टूबर 2025 में म्यांमार की सैन्य सरकार ने कई स्कैम सेंटरों को ध्वस्त भी किया। सेना ने इस कार्रवाई के वीडियो भी रिलीज किए। लेकिन जनवरी 2026 में ध्वस्तीकरण वाली जगह से 30 किलोमीटर दूर फिर नए स्कैम सेंटर बनने लगे। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अक्टूबर की कार्रवाई के बाद से म्यांमार में कम से कम 25 नई जगहों से ऐसी ऑनलाइन ठगी हो रही है। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों से भी इन दावों की पुष्टि हो रही है। और इन नए मामलों में भी एक चीज कॉमन है: स्टारलिंक का इंटरनेट। ALSO READ: पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा

 

केरल से कैसे म्यांमार पहुंचे सफीर

दक्षिण भारत के केरल राज्य से ताल्लुक रखने वाले सफीर ने एक दिन इंटरनेट पर थाइलैंड में टूरिज्म से जुड़ी एक नौकरी देखी। दोनों ने उस पर क्लिक किया। फिर उन्हें नियमित रूप से निर्देश मिलने लगे। कुछ ही महीनों पर बाद दोनों बैंकॉक हवाई अड्डे पर उतरे। वहां उनके लिए एक काले रंग की कार खड़ी थी। दोनों कार में सवार हुए, गाड़ी रात भर चली। सफीर के मुताबिक अगली सुबह वे हथियारबंद लोगों से घिरे हुए थे।

 

दोनों दोस्तों को म्यामांर बॉर्डर के पास मोई नदी पार कराई गई और ताई चांग के स्कैम सेंटर में ठूंस दिया गया।

 

शुरुआत में जब दोनों से लोगों को ठगने से इनकार किया तो उन्हें पीट पीटकर बेहाल कर दिया गया। कुछ तस्वीरों में सफीर का चोट से लाल शरीर और सूजन से भरा चेहरा दिखाई दे रहा था। बाद में स्कैमिंग के दौरान भी मार पीट होती रहती थी। सफीर के मुताबिक, “जब वे मेरे कंप्यूटर के पास आते थे तो मेरे हाथ कांपने लगते थे, मुझे पसीना आने लगता था।”

 

डर के मारे दोनों दोस्त एक तंग गलियारे में साथ में सोया करते थे। 2025 में किसी तरह बाहरी दुनिया से संपर्क करके सफीर ने अपनी लोकेशन और आपबीती बताई। फिर हर एक के लिए पांच लाख भारतीय रुपये चुका कर सफीर और उनके दोस्त समेत 21 भारतीय इस चंगुल से निकल सके।

 

अमेरिकी जांचकर्ताओं के मुताबिक म्यांमार, कंबोडिया और नाइजीरिया में चल रहे ऐसे स्कैम सेंटरों में कम से कम 19 देशों के नागरिक काम कर चुके हैं।

Myanmar Scam Centers, Romance Scam, AI Romance Scam, Ella Singapore Scam, Safir Mohammad Kerala, Myanmar Cyber Scam, Online Love Scam, ChatGPT Scam, Gemini AI Scam, Starlink Myanmar, AI Cyber Fraud, Myanmar Scam Compound, Online Fraud News Hindi, International Scam Network, Love Scam AI, म्यांमार स्कैम सेंटर्स, एआई, एला">सच्ची मुहब्बत के नाम पर कैसे दुनिया को ठग रहे हैं स्कैमर्स

Publish: Fri, 3 Jul 2026 (08:20 IST) Updated: Fri, 3 Jul 2026 (08:31 IST)

-ओंकार सिंह जनौटी

28 साल की सिंगापुरी युवती एला से दोस्ती करने के लिए दुनिया भर के हजारों पुरुष बेताब थे। एला ने इन सबको चूना लगाया। जानिए कैसे ऑनलाइन ठगी करते हैं म्यांमार के स्कैम सेंटर्स। ALSO READ: क्या भविष्य में बचा रहेगा इंडिया गठबंधन?

 

केरल का सफीर जिस कमरे में काम करता था, वहां यह निर्देश साफ लिखा था: “तुम्हारे पास हर शख्स को प्यार में फंसाने के लिए चार दिन हैं।”

 

कबूतरबाजों ने केरल के सफीर मोहम्मद को विदेश में नौकरी का झांसा देकर म्यामांर के एक स्कैम सेंटर के हवाले कर दिया। लोगों को ठगने वाले इस अड्डे में सफीर ने मार पीट से बचने के लिए अपनी नई ऑनलाइन पहचान बनाई, 28 साल की एक सिंगापुरी महिला की। सफीर का ऑनलाइन नाम था एला। हर दिन की शिफ्ट में सफीर 100 से ज्यादा लोगों से ऑनलाइन चैट करता था। इस दौरान सुपरवाइजर बिजली का झटका देने वाली छड़ी के साथ सफीर समेत बाकी कामगारों के सिर पर सवार रहता था।

 

स्कैमर्स का अंतराष्ट्रीय प्रेम जाल

एक ही महीने में सफीर ने 17 देशों के करीब 50,000 लोगों से संपर्क साध लिया। अमेरिकी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को मिले रिकॉर्ड्स से पता चला है कि सफीर के झांसे में आने वाले लोगों में कुर्दिस्तान का एक विधुर दर्जी, तुर्की का एक पेस्ट्री बेकर, किर्गिस्तान का एक भेड़ पालक किसान, रूस का इंजीनियर और इराक के सैनिक भी थे। इसी दौरान एला नाम से चैटिंग कर रहे सफीर ने जर्मनी के पेंटर, अर्जेंटीना के बंदरगाह अधिकारी, इंडोनेशिया के छात्र, पोलैंड के सिक्योरिटी गार्ड और जॉर्जिया के डेयरी किसान के साथ भी घर बसाने जैसी बातें कर दी।

 

सफीर ये सब अमेरिकी टेक कंपनियों के AI मॉडलों के सहारे कर रहा था। वह एक कमांड के जरिए अपनी बात को दर्जनों भाषाओं में ट्रांसलेट करता था और फिर हर देश के नागरिक के साथ उसी की भाषा में चैट करता था। AI टूल्स की मदद से हर विक्टिम का खास प्रोफाइल भी बनाया जा चुका था। ALSO READ: अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का क्या हाल है?

 

एपी की जांच में क्या क्या पता चला

जांच के दौरान पता चला कि ऑनलाइन फर्जीवाड़ा करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के सहारे संभावित शिकारों की पहचान करते हैं। इसके बाद वे दूसरे AI टूल्स का सहारा लेकर पीड़ितों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाते हैं। सैटेलाइट डिश की मदद से जालसाज इंटरनेट पर लगाए गए प्रतिबंधों को भी पार कर जाते हैं। एपी के मुताबिक, अमेरिकी टेक कंपनियां खुद भले ही कोई अपराध न कर रही हों, लेकिन जालसाज उनके टूल्स का दुरुपयोग कर रहे हैं।

 

अमेरिकी AI मॉडल्स, चैटजीपीटी और जेमेनाई का इस्तेमाल कर स्कैमर्स ने खास किस्म के सॉफ्टवेयर बनाए और फिर एक साथ कई भाषाओं में आसानी से काम किया। कॉन्जेंट कंम्युनिकेशन, AT&T, डिजिटल ओशन और ओरैकल जैसी सेवाओं का भी खूब इस्तेमाल किया गया।

 

हिंसा और सैन्य शासन से जूझ रहे म्यामांर के बॉर्डर का बड़ा हिस्सा खुली सीमा है। अमेरिकी खरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक, वहां सबसे बड़ी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर है। आईपी एड्रेस और सैटेलाइट तस्वीरो की जांच से पता चला कि इनमें से कम से कम 13 स्टारलिंक का इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे थे।

 

बढ़ते दबाव के बीच कैसा है अमेरिकी टेक कंपनियों का रुख

एक्सपर्ट कहते हैं कि अमेरिकी टेक कंपनियां चाहें तो इस धोखाधड़ी को रोक सकती हैं। लेकिन इसके लिए कोई कानूनी ढांचा नहीं है और कंपनियों को बिजनेस कम होने की आशंका भी रहती है। अपराधों की जांच से जुड़े अमेरिका के संघीय आयोग के मुताबिक, 2024 में अमेरिकियों को ऐसी जालसाजी से करीब 200 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। ALSO READ: भीषण गर्मी के चलते पेरिस के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ी

 

ओपन एआई और गूगल का कहना है कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि स्कैमर्स उनके टूल्स का दुरुपयोग न कर पाएं। वहीं स्टारलिंक ने इस मामले में एपी को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ओपन एआई के मुताबिक, यूजर्स के व्यहार को ट्रैक करके वे धोखाधड़ी का पता लगाने में सफल हो रही है। कंपनी के मुताबिक, 95 फीसदी सटीकता के साथ वह हर महीने एक लाख स्कैम अकाउंट बंद कर रही है।

 

इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों का कहना है कि वे यह नहीं देख सकते कि उनके यूजर किस तरह का कंटेट शेयर कर रहे हैं। निजता संबंधी नियम कायदे और कानून उन्हें ऐसा करने से रोकते हैं। सभी इंटरनेट कंपनियों के मुताबिक, शिकायत मिलने पर उन्होंने हमेशा कानून का पालन कराने वाली एजेंसियों के साथ सहयोग किया है।

 

बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दवाब के बीच अक्टूबर 2025 में म्यांमार की सैन्य सरकार ने कई स्कैम सेंटरों को ध्वस्त भी किया। सेना ने इस कार्रवाई के वीडियो भी रिलीज किए। लेकिन जनवरी 2026 में ध्वस्तीकरण वाली जगह से 30 किलोमीटर दूर फिर नए स्कैम सेंटर बनने लगे। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अक्टूबर की कार्रवाई के बाद से म्यांमार में कम से कम 25 नई जगहों से ऐसी ऑनलाइन ठगी हो रही है। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों से भी इन दावों की पुष्टि हो रही है। और इन नए मामलों में भी एक चीज कॉमन है: स्टारलिंक का इंटरनेट। ALSO READ: पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा

 

केरल से कैसे म्यांमार पहुंचे सफीर

दक्षिण भारत के केरल राज्य से ताल्लुक रखने वाले सफीर ने एक दिन इंटरनेट पर थाइलैंड में टूरिज्म से जुड़ी एक नौकरी देखी। दोनों ने उस पर क्लिक किया। फिर उन्हें नियमित रूप से निर्देश मिलने लगे। कुछ ही महीनों पर बाद दोनों बैंकॉक हवाई अड्डे पर उतरे। वहां उनके लिए एक काले रंग की कार खड़ी थी। दोनों कार में सवार हुए, गाड़ी रात भर चली। सफीर के मुताबिक अगली सुबह वे हथियारबंद लोगों से घिरे हुए थे।

 

दोनों दोस्तों को म्यामांर बॉर्डर के पास मोई नदी पार कराई गई और ताई चांग के स्कैम सेंटर में ठूंस दिया गया।

 

शुरुआत में जब दोनों से लोगों को ठगने से इनकार किया तो उन्हें पीट पीटकर बेहाल कर दिया गया। कुछ तस्वीरों में सफीर का चोट से लाल शरीर और सूजन से भरा चेहरा दिखाई दे रहा था। बाद में स्कैमिंग के दौरान भी मार पीट होती रहती थी। सफीर के मुताबिक, “जब वे मेरे कंप्यूटर के पास आते थे तो मेरे हाथ कांपने लगते थे, मुझे पसीना आने लगता था।”

 

डर के मारे दोनों दोस्त एक तंग गलियारे में साथ में सोया करते थे। 2025 में किसी तरह बाहरी दुनिया से संपर्क करके सफीर ने अपनी लोकेशन और आपबीती बताई। फिर हर एक के लिए पांच लाख भारतीय रुपये चुका कर सफीर और उनके दोस्त समेत 21 भारतीय इस चंगुल से निकल सके।

 

अमेरिकी जांचकर्ताओं के मुताबिक म्यांमार, कंबोडिया और नाइजीरिया में चल रहे ऐसे स्कैम सेंटरों में कम से कम 19 देशों के नागरिक काम कर चुके हैं।

Myanmar Scam Centers, Romance Scam, AI Romance Scam, Ella Singapore Scam, Safir Mohammad Kerala, Myanmar Cyber Scam, Online Love Scam, ChatGPT Scam, Gemini AI Scam, Starlink Myanmar, AI Cyber Fraud, Myanmar Scam Compound, Online Fraud News Hindi, International Scam Network, Love Scam AI, म्यांमार स्कैम सेंटर्स, एआई, एला

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