मानसून ब्रेक के कारण इंदौर ही खजुराहों सहित प्रदेश के कई शहरों का पारा बढ़ा हुआ है। लोगों को उमस का अहसास हो रहा है ओर लोगों ने अपने घरों कार्यालयों क…और पढ़ें
HighLights
- विगत वर्षों में यह पहला मौका है जब इंदौर सहित पूरे प्रदेश में जुलाई का दूसरा सप्ताह पूरा सूखा गया है
- शहरवासियों को दोपहर में गर्मी का अहसास हो रहा है और धूप में निकलने पर पसीना भी बह रहा है
- बुधवार को शहर में अधिकतम 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक था
नईदुनिया प्रतिनिध, इंदौर। मानसून की बेरुखी के कारण इस बार इंदौर सहित प्रदेश भर में वर्षा के मौसम में बूंदे गायब है। शहरवासियों को दोपहर में गर्मी का अहसास हो रहा है और धूप में निकलने पर पसीना भी बह रहा है।
मानसून ब्रेक के कारण इंदौर ही खजुराहों सहित प्रदेश के कई शहरों का पारा बढ़ा हुआ है। लोगों को उमस का अहसास हो रहा है ओर लोगों ने अपने घरों कार्यालयों के एसी व कूलर फिर से चालू कर लिए है। बुधवार को शहर में अधिकतम 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक था। वही न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक था।
इंदौर में बीते 10 वर्षों में सातवीं बार बुधवार को पारा अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा। वही प्रदेश में सबसे गर्म खजुराहो रहा और यहां पर अधिकतम तापमान बुधवार को 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। खुजराहों भी पिछले दस वर्षो में चौथी बार जुलाई में सबसे गर्म रहा।
बुधवार को गर्मी व उमस ने शहरवासियों को परेशान किया। दिन के तापमान में इजाफ देखने को मिला। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक गुरुवार को शहर में दोपहर में धूप का असर रहेगा। दिन के साथ रात के तापमान में इजाफा देखने को मिलेगा।
आगमी दिनों में सताएगी गर्मी बढ़ेगा पारा
मानसून की बेरूखी के कारण इंदौर में आगामी एक सप्ताह तक वर्षा न होने से तापमान बढ़ने व उमस का असर दिखाई देगा। ऐसे में शहरवासियों को गर्मी से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे है।
पहली बार जुलाई में पूरे प्रदेश से गायब है मानसून
भाेपाल स्थित मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानी एचएस पांडे के मुताबिक विगत वर्षों में यह पहला मौका है जब इंदौर सहित पूरे प्रदेश में जुलाई का दूसरा सप्ताह पूरा सूख गया है। पिछले चार दिनों से प्रदेश में कही भी वर्षा नहीं हुई है। विगत वर्षो में जहां जुलाई में कही-कही प्रदेश में वर्षा होती रहती थी लेकिन इस बार तो पूरे प्रदेश से वर्षा गायब है। बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ हैं। इसके प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में वर्षा होने की संभावना है।
इंदौर में तापमान का उच्च स्तर
- उच्चतम अधिकतम तापमान : 12 जुलाई 1966 को 39.9 डिग्री सेल्सियस
- निम्नतम न्यूनतम तापमान : 11 जुलाई 1983 को 18.9 डिग्री सेल्सियस
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