×
PM,CM और मंत्रियों को पद से हटाने वाले संशोधन विधेयक पर JPC आज करेगी चर्चा
	
		
	Joint Parliamentary Committee News : प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों के मामलों में उनको पद से हटाने से संबंधित विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति आज महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संयुक्त समिति के सदस्य महाराष्ट्र और ओडिशा के दौरे पर हैं। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने कानूनी विशेषज्ञों और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ भी बातचीत की है। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य यह है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे अपराधों में गिरफ्तार होकर लगातार 30 से अधिक दिनों तक हिरासत में रहते हैं, जिनमें पांच या उससे अधिक वर्षों की सजा का प्रावधान है, तो उन्हें अपने पद से स्वतः हटा दिया जाए।

	 

	प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों के मामलों में उनको पद से हटाने से संबंधित विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति आज महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संयुक्त समिति के सदस्य महाराष्ट्र और ओडिशा के दौरे पर हैं।
	
		ALSO READ: बंगाल में ममता सरकार पर भड़के राहुल गांधी, कार्यकर्ता की हत्‍या पर बोले- TMC का चल रहा गुंडा राज, नहीं झुकेगी कांग्रेस…
	भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने कानूनी विशेषज्ञों और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ भी बातचीत की है। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य यह है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे अपराधों में गिरफ्तार होकर लगातार 30 से अधिक दिनों तक हिरासत में रहते हैं, जिनमें पांच या उससे अधिक वर्षों की सजा का प्रावधान है, तो उन्हें अपने पद से स्वतः हटा दिया जाए।

	 

	विपक्षी दलों ने यह आरोप लगाते हुए संयुक्त समिति से दूरी बना ली है कि प्रस्तावित कानून गैर-भाजपा और विपक्ष शासित सरकारों को अस्थिर करने के उद्देश्य से लाया गया है। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्यों से मिलकर बनी एक विशेष, अस्थाई समिति है। इसका गठन विशिष्ट विधेयकों की जांच, सरकारी कामकाज में वित्तीय अनियमितताओं या महत्वपूर्ण मामलों की जांच के लिए किया जाता है।
	
		ALSO READ: राघव चड्ढा सहित 7 सांसदों के भाजपा में जाने से मोदी सरकार को कितना फायदा होगा?
	इसमें लोकसभा से दोगुनी संख्या में सदस्य होते हैं और यह जांच के लिए किसी भी व्यक्ति या संस्था को बुला सकती है। इसका गठन विशिष्ट विधेयकों की जांच, सरकारी कामकाज में वित्तीय अनियमितताओं या महत्वपूर्ण मामलों की जांच के लिए किया जाता है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पद छोड़ने के प्रावधान वाले विधेयक को लेकर विपक्षी दलों का कहना है कि ये विधेयक संविधान और मौलिक अधिकारों के खिलाफ हैं। 

	 

	 

	क्या होती है JPC?

	जेपीसी का मतलब ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (संयुक्त संसदीय समिति) होता है। जिन बड़े मामलों पर गहराई से चर्चा और विचार करने की जरूरत होती है, उन्हें जेपीसी में भेज दिया जाता है।JPC दो तरह की होती हैं, जिनमें एक अस्थाई कमेटी होती है और दूसरी स्टैंडिंग कमेटी।स्पीकर जेपीसी के गठन के वक्त ही कार्यकाल का निर्धारण भी कर देते हैं। जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
	
		ALSO READ: बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद BJP की सरकार बनने का दावा अमित शाह का कॉन्फिडेंस या ओवरकॉन्फिडेंस?
	जेपीसी मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति या संस्था से पूछताछ कर सकती है और पेश होने के लिए बुला सकती है। जेपीसी स्पीकर को अपनी रिपोर्ट पेश करती है और अंतिम फैसला स्पीकर ही लेते हैं। सरकार को अगर लगता है कि जेपीसी की रिपोर्ट देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है तो वो उसे रोक सकती है।
	Edited By : Chetan Gour

PM,CM और मंत्रियों को पद से हटाने वाले संशोधन विधेयक पर JPC आज करेगी चर्चा

PM,CM और मंत्रियों को पद से हटाने वाले संशोधन विधेयक पर JPC आज करेगी चर्चा
	
		
	Joint Parliamentary Committee News : प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों के मामलों में उनको पद से हटाने से संबंधित विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति आज महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संयुक्त समिति के सदस्य महाराष्ट्र और ओडिशा के दौरे पर हैं। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने कानूनी विशेषज्ञों और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ भी बातचीत की है। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य यह है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे अपराधों में गिरफ्तार होकर लगातार 30 से अधिक दिनों तक हिरासत में रहते हैं, जिनमें पांच या उससे अधिक वर्षों की सजा का प्रावधान है, तो उन्हें अपने पद से स्वतः हटा दिया जाए।

	 

	प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों के मामलों में उनको पद से हटाने से संबंधित विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति आज महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संयुक्त समिति के सदस्य महाराष्ट्र और ओडिशा के दौरे पर हैं।
	
		ALSO READ: बंगाल में ममता सरकार पर भड़के राहुल गांधी, कार्यकर्ता की हत्‍या पर बोले- TMC का चल रहा गुंडा राज, नहीं झुकेगी कांग्रेस…
	भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने कानूनी विशेषज्ञों और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ भी बातचीत की है। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य यह है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे अपराधों में गिरफ्तार होकर लगातार 30 से अधिक दिनों तक हिरासत में रहते हैं, जिनमें पांच या उससे अधिक वर्षों की सजा का प्रावधान है, तो उन्हें अपने पद से स्वतः हटा दिया जाए।

	 

	विपक्षी दलों ने यह आरोप लगाते हुए संयुक्त समिति से दूरी बना ली है कि प्रस्तावित कानून गैर-भाजपा और विपक्ष शासित सरकारों को अस्थिर करने के उद्देश्य से लाया गया है। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्यों से मिलकर बनी एक विशेष, अस्थाई समिति है। इसका गठन विशिष्ट विधेयकों की जांच, सरकारी कामकाज में वित्तीय अनियमितताओं या महत्वपूर्ण मामलों की जांच के लिए किया जाता है।
	
		ALSO READ: राघव चड्ढा सहित 7 सांसदों के भाजपा में जाने से मोदी सरकार को कितना फायदा होगा?
	इसमें लोकसभा से दोगुनी संख्या में सदस्य होते हैं और यह जांच के लिए किसी भी व्यक्ति या संस्था को बुला सकती है। इसका गठन विशिष्ट विधेयकों की जांच, सरकारी कामकाज में वित्तीय अनियमितताओं या महत्वपूर्ण मामलों की जांच के लिए किया जाता है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पद छोड़ने के प्रावधान वाले विधेयक को लेकर विपक्षी दलों का कहना है कि ये विधेयक संविधान और मौलिक अधिकारों के खिलाफ हैं। 

	 

	 

	क्या होती है JPC?

	जेपीसी का मतलब ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (संयुक्त संसदीय समिति) होता है। जिन बड़े मामलों पर गहराई से चर्चा और विचार करने की जरूरत होती है, उन्हें जेपीसी में भेज दिया जाता है।JPC दो तरह की होती हैं, जिनमें एक अस्थाई कमेटी होती है और दूसरी स्टैंडिंग कमेटी।स्पीकर जेपीसी के गठन के वक्त ही कार्यकाल का निर्धारण भी कर देते हैं। जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
	
		ALSO READ: बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद BJP की सरकार बनने का दावा अमित शाह का कॉन्फिडेंस या ओवरकॉन्फिडेंस?
	जेपीसी मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति या संस्था से पूछताछ कर सकती है और पेश होने के लिए बुला सकती है। जेपीसी स्पीकर को अपनी रिपोर्ट पेश करती है और अंतिम फैसला स्पीकर ही लेते हैं। सरकार को अगर लगता है कि जेपीसी की रिपोर्ट देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है तो वो उसे रोक सकती है।
	Edited By : Chetan Gour

Joint Parliamentary Committee News : प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों के मामलों में उनको पद से हटाने से संबंधित विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति आज महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संयुक्त समिति के सदस्य महाराष्ट्र और ओडिशा के दौरे पर हैं। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने कानूनी विशेषज्ञों और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ भी बातचीत की है। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य यह है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे अपराधों में गिरफ्तार होकर लगातार 30 से अधिक दिनों तक हिरासत में रहते हैं, जिनमें पांच या उससे अधिक वर्षों की सजा का प्रावधान है, तो उन्हें अपने पद से स्वतः हटा दिया जाए।

 

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों के मामलों में उनको पद से हटाने से संबंधित विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति आज महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संयुक्त समिति के सदस्य महाराष्ट्र और ओडिशा के दौरे पर हैं।

ALSO READ: बंगाल में ममता सरकार पर भड़के राहुल गांधी, कार्यकर्ता की हत्‍या पर बोले- TMC का चल रहा गुंडा राज, नहीं झुकेगी कांग्रेस…

भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने कानूनी विशेषज्ञों और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ भी बातचीत की है। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य यह है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे अपराधों में गिरफ्तार होकर लगातार 30 से अधिक दिनों तक हिरासत में रहते हैं, जिनमें पांच या उससे अधिक वर्षों की सजा का प्रावधान है, तो उन्हें अपने पद से स्वतः हटा दिया जाए।

 

विपक्षी दलों ने यह आरोप लगाते हुए संयुक्त समिति से दूरी बना ली है कि प्रस्तावित कानून गैर-भाजपा और विपक्ष शासित सरकारों को अस्थिर करने के उद्देश्य से लाया गया है। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्यों से मिलकर बनी एक विशेष, अस्थाई समिति है। इसका गठन विशिष्ट विधेयकों की जांच, सरकारी कामकाज में वित्तीय अनियमितताओं या महत्वपूर्ण मामलों की जांच के लिए किया जाता है।

ALSO READ: राघव चड्ढा सहित 7 सांसदों के भाजपा में जाने से मोदी सरकार को कितना फायदा होगा?

इसमें लोकसभा से दोगुनी संख्या में सदस्य होते हैं और यह जांच के लिए किसी भी व्यक्ति या संस्था को बुला सकती है। इसका गठन विशिष्ट विधेयकों की जांच, सरकारी कामकाज में वित्तीय अनियमितताओं या महत्वपूर्ण मामलों की जांच के लिए किया जाता है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पद छोड़ने के प्रावधान वाले विधेयक को लेकर विपक्षी दलों का कहना है कि ये विधेयक संविधान और मौलिक अधिकारों के खिलाफ हैं। 

 

 

क्या होती है JPC?

जेपीसी का मतलब ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (संयुक्त संसदीय समिति) होता है। जिन बड़े मामलों पर गहराई से चर्चा और विचार करने की जरूरत होती है, उन्हें जेपीसी में भेज दिया जाता है।JPC दो तरह की होती हैं, जिनमें एक अस्थाई कमेटी होती है और दूसरी स्टैंडिंग कमेटी।स्पीकर जेपीसी के गठन के वक्त ही कार्यकाल का निर्धारण भी कर देते हैं। जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।

ALSO READ: बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद BJP की सरकार बनने का दावा अमित शाह का कॉन्फिडेंस या ओवरकॉन्फिडेंस?

जेपीसी मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति या संस्था से पूछताछ कर सकती है और पेश होने के लिए बुला सकती है। जेपीसी स्पीकर को अपनी रिपोर्ट पेश करती है और अंतिम फैसला स्पीकर ही लेते हैं। सरकार को अगर लगता है कि जेपीसी की रिपोर्ट देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है तो वो उसे रोक सकती है।
Edited By : Chetan Gour


Joint Parliamentary Committee News : प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों के मामलों में उनको पद से हटाने से संबंधित विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति आज महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संयुक्त समिति के सदस्य महाराष्ट्र और ओडिशा के दौरे पर हैं। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने कानूनी विशेषज्ञों और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ भी बातचीत की है। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य यह है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे अपराधों में गिरफ्तार होकर लगातार 30 से अधिक दिनों तक हिरासत में रहते हैं, जिनमें पांच या उससे अधिक वर्षों की सजा का प्रावधान है, तो उन्हें अपने पद से स्वतः हटा दिया जाए।

 

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के खिलाफ आपराधिक आरोपों के मामलों में उनको पद से हटाने से संबंधित विधेयक की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति आज महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक की जांच कर रही संयुक्त समिति के सदस्य महाराष्ट्र और ओडिशा के दौरे पर हैं।

ALSO READ: बंगाल में ममता सरकार पर भड़के राहुल गांधी, कार्यकर्ता की हत्‍या पर बोले- TMC का चल रहा गुंडा राज, नहीं झुकेगी कांग्रेस…

भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली इस समिति ने कानूनी विशेषज्ञों और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ भी बातचीत की है। संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 का उद्देश्य यह है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री ऐसे अपराधों में गिरफ्तार होकर लगातार 30 से अधिक दिनों तक हिरासत में रहते हैं, जिनमें पांच या उससे अधिक वर्षों की सजा का प्रावधान है, तो उन्हें अपने पद से स्वतः हटा दिया जाए।

 

विपक्षी दलों ने यह आरोप लगाते हुए संयुक्त समिति से दूरी बना ली है कि प्रस्तावित कानून गैर-भाजपा और विपक्ष शासित सरकारों को अस्थिर करने के उद्देश्य से लाया गया है। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्यों से मिलकर बनी एक विशेष, अस्थाई समिति है। इसका गठन विशिष्ट विधेयकों की जांच, सरकारी कामकाज में वित्तीय अनियमितताओं या महत्वपूर्ण मामलों की जांच के लिए किया जाता है।

ALSO READ: राघव चड्ढा सहित 7 सांसदों के भाजपा में जाने से मोदी सरकार को कितना फायदा होगा?

इसमें लोकसभा से दोगुनी संख्या में सदस्य होते हैं और यह जांच के लिए किसी भी व्यक्ति या संस्था को बुला सकती है। इसका गठन विशिष्ट विधेयकों की जांच, सरकारी कामकाज में वित्तीय अनियमितताओं या महत्वपूर्ण मामलों की जांच के लिए किया जाता है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के पद छोड़ने के प्रावधान वाले विधेयक को लेकर विपक्षी दलों का कहना है कि ये विधेयक संविधान और मौलिक अधिकारों के खिलाफ हैं। 

 

 

क्या होती है JPC?

जेपीसी का मतलब ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (संयुक्त संसदीय समिति) होता है। जिन बड़े मामलों पर गहराई से चर्चा और विचार करने की जरूरत होती है, उन्हें जेपीसी में भेज दिया जाता है।JPC दो तरह की होती हैं, जिनमें एक अस्थाई कमेटी होती है और दूसरी स्टैंडिंग कमेटी।स्पीकर जेपीसी के गठन के वक्त ही कार्यकाल का निर्धारण भी कर देते हैं। जेपीसी का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।

ALSO READ: बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद BJP की सरकार बनने का दावा अमित शाह का कॉन्फिडेंस या ओवरकॉन्फिडेंस?

जेपीसी मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति या संस्था से पूछताछ कर सकती है और पेश होने के लिए बुला सकती है। जेपीसी स्पीकर को अपनी रिपोर्ट पेश करती है और अंतिम फैसला स्पीकर ही लेते हैं। सरकार को अगर लगता है कि जेपीसी की रिपोर्ट देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है तो वो उसे रोक सकती है।
Edited By : Chetan Gour

Source link
#PMCM #और #मतरय #क #पद #स #हटन #वल #सशधन #वधयक #पर #JPC #आज #करग #चरच

इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार और उर्वशी रौतेला को लेकर एक बड़ी खबर आई है। खबर ये है कि आगामी समय में दोनों एक फिल्म में अभिनय करते नजर आएंगे। बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने 1000 करोड़ के बड़े बजट वाली फिल्म के लिए डबिंग शुरू कर दी है।

इसमें उनके साथ अक्षय कुमार भी नजर आएंगे। यह प्रोजेक्ट पहले से ही अपनी स्टार-स्टडेड कास्ट के कारण काफी सुर्खियों में रहा है। अब पोस्ट-प्रोडक्शन के साथ तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। आपको बता दें कि उर्वशी रौतेला की गिनती भी बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्रयों में होती है।

वह अपने ग्लैमरस स्क्रीन प्रेजेंस और लगातार विकसित होते अभिनय के लिए जानी जाती हैं। इस अभिनेत्री ने अब डबिंग स्टूडियो से कुछ झलकियां भी साझा की हैं, जिससे उनकी भूमिका को बेहतर बनाने के प्रति उनकी मेहनत साफ नजर आती है। फिल्म को लेकर प्रशंसकों की भी उत्सुकता बढ़ती जा रही है।

PC:India.com
अपडेट खबरों के लिए हमारा
वॉट्सएप चैनलफोलो करें

Bollywood,Akshay Kumar, Urvashi Rautela, Hindi news">Bollywood: 1000 करोड़ के बड़े बजट वाली फिल्म में उर्वशी रौतेला के साथ नजर आएंगे अक्षय कुमार   इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार और उर्वशी रौतेला को लेकर एक बड़ी खबर आई है। खबर ये है कि आगामी समय में दोनों एक फिल्म में अभिनय करते नजर आएंगे। बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने 1000 करोड़ के बड़े बजट वाली फिल्म के लिए डबिंग शुरू कर दी है।

इसमें उनके साथ अक्षय कुमार भी नजर आएंगे। यह प्रोजेक्ट पहले से ही अपनी स्टार-स्टडेड कास्ट के कारण काफी सुर्खियों में रहा है। अब पोस्ट-प्रोडक्शन के साथ तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। आपको बता दें कि उर्वशी रौतेला की गिनती भी बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्रयों में होती है।

वह अपने ग्लैमरस स्क्रीन प्रेजेंस और लगातार विकसित होते अभिनय के लिए जानी जाती हैं। इस अभिनेत्री ने अब डबिंग स्टूडियो से कुछ झलकियां भी साझा की हैं, जिससे उनकी भूमिका को बेहतर बनाने के प्रति उनकी मेहनत साफ नजर आती है। फिल्म को लेकर प्रशंसकों की भी उत्सुकता बढ़ती जा रही है।

PC:India.com
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करेंBollywood,Akshay Kumar, Urvashi Rautela, Hindi news

वॉट्सएप चैनलफोलो करें

Bollywood,Akshay Kumar, Urvashi Rautela, Hindi news">Bollywood: 1000 करोड़ के बड़े बजट वाली फिल्म में उर्वशी रौतेला के साथ नजर आएंगे अक्षय कुमार

Bollywood: 1000 करोड़ के बड़े बजट वाली फिल्म में उर्वशी रौतेला के साथ नजर आएंगे अक्षय कुमार   इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार और उर्वशी रौतेला को लेकर एक बड़ी खबर आई है। खबर ये है कि आगामी समय में दोनों एक फिल्म में अभिनय करते नजर आएंगे। बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने 1000 करोड़ के बड़े बजट वाली फिल्म के लिए डबिंग शुरू कर दी है।

इसमें उनके साथ अक्षय कुमार भी नजर आएंगे। यह प्रोजेक्ट पहले से ही अपनी स्टार-स्टडेड कास्ट के कारण काफी सुर्खियों में रहा है। अब पोस्ट-प्रोडक्शन के साथ तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। आपको बता दें कि उर्वशी रौतेला की गिनती भी बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्रयों में होती है।

वह अपने ग्लैमरस स्क्रीन प्रेजेंस और लगातार विकसित होते अभिनय के लिए जानी जाती हैं। इस अभिनेत्री ने अब डबिंग स्टूडियो से कुछ झलकियां भी साझा की हैं, जिससे उनकी भूमिका को बेहतर बनाने के प्रति उनकी मेहनत साफ नजर आती है। फिल्म को लेकर प्रशंसकों की भी उत्सुकता बढ़ती जा रही है।

PC:India.com
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करेंBollywood,Akshay Kumar, Urvashi Rautela, Hindi news

इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार और उर्वशी रौतेला को लेकर एक बड़ी खबर आई है। खबर ये है कि आगामी समय में दोनों एक फिल्म में अभिनय करते नजर आएंगे। बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने 1000 करोड़ के बड़े बजट वाली फिल्म के लिए डबिंग शुरू कर दी है।

इसमें उनके साथ अक्षय कुमार भी नजर आएंगे। यह प्रोजेक्ट पहले से ही अपनी स्टार-स्टडेड कास्ट के कारण काफी सुर्खियों में रहा है। अब पोस्ट-प्रोडक्शन के साथ तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। आपको बता दें कि उर्वशी रौतेला की गिनती भी बॉलीवुड की स्टार अभिनेत्रयों में होती है।

वह अपने ग्लैमरस स्क्रीन प्रेजेंस और लगातार विकसित होते अभिनय के लिए जानी जाती हैं। इस अभिनेत्री ने अब डबिंग स्टूडियो से कुछ झलकियां भी साझा की हैं, जिससे उनकी भूमिका को बेहतर बनाने के प्रति उनकी मेहनत साफ नजर आती है। फिल्म को लेकर प्रशंसकों की भी उत्सुकता बढ़ती जा रही है।

PC:India.com
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें

Bollywood,Akshay Kumar, Urvashi Rautela, Hindi news

कांग्रेस का बहनों के साथ अन्याय देश कभी नहीं भूलेगा, विपक्ष पर भड़के सीएम डॉ. मोहन यादव
	
		
			
	
	
	भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 अप्रैल को एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में दिखाई दिए। वे अचानक राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टॉरेंट पहुंचे। उन्होंने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मन की बात' तो सुनी ही, साथ ही वहां मौजूद आम जनता से संवाद भी किया। उन्हें अपने बीच पाकर लोग भी उत्साह से भर गए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने जनता से और जनता ने उनके साथ दिल खोलकर बात की। इस दौरान उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान और किसानों का भी जिक्र किया। इसके साथ ही वे कांग्रेस पर भी जमकर बरसे। 
	
	मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगातार तीसरे साल जल गंगा संवर्धन अभियान जारी है। सरकार के बेहतर कार्यों से तस्वीर बदल रही है। जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान से कुओं, बावड़ियों और पारंपरिक जल स्रोतों को नया जीवन मिल रहा है। इस दिशा में मध्यप्रदेश बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
	 
	किसान हितैषी राज्य सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी है। सरकार किसानों से गेहूं के साथ ही चना और मसूर भी खरीद रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी आबादी को उनका हक दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को 33% आरक्षण देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया, लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के षडयंत्र के कारण यह सफल नहीं हो सका। प्रधानमंत्री मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम समाज में सकारात्मकता, प्रेरणा और नई चेतना का संचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी शुद्ध गैर राजनीतिक बातों के साथ देशवासियों में सकारात्मक ऊर्जा भरने का काम करते हैं।
	
	माफी मांगे कांग्रेस-दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने बहनों के साथ जो अन्याय किया है, उसे देश कभी नहीं भूलेगा। बहनों को उनका हक दिलाने के लिए हम लगातार प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पांच पीढ़ियां नारी सशक्तिकरण के खिलाफ नकारात्मक रवैया अपनाती आ रही हैं।
	 
	जनता से साझा किए विचार-मुख्यमंत्री डॉ यादव ने रेस्टॉरेंट में ही युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उनके साथ स्वल्पाहार कर नारी शक्ति वंदन सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने प्रदेश में बेटियों की शिक्षा, महिला सुरक्षा, आजीविका, समान वेतन और इन्हें स्वरोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।


भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 अप्रैल को एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में दिखाई दिए। वे अचानक राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टॉरेंट पहुंचे। उन्होंने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मन की बात' तो सुनी ही, साथ ही वहां मौजूद आम जनता से संवाद भी किया। उन्हें अपने बीच पाकर लोग भी उत्साह से भर गए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने जनता से और जनता ने उनके साथ दिल खोलकर बात की। इस दौरान उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान और किसानों का भी जिक्र किया। इसके साथ ही वे कांग्रेस पर भी जमकर बरसे। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगातार तीसरे साल जल गंगा संवर्धन अभियान जारी है। सरकार के बेहतर कार्यों से तस्वीर बदल रही है। जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान से कुओं, बावड़ियों और पारंपरिक जल स्रोतों को नया जीवन मिल रहा है। इस दिशा में मध्यप्रदेश बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
 
किसान हितैषी राज्य सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी है। सरकार किसानों से गेहूं के साथ ही चना और मसूर भी खरीद रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी आबादी को उनका हक दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को 33% आरक्षण देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया, लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के षडयंत्र के कारण यह सफल नहीं हो सका। प्रधानमंत्री मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम समाज में सकारात्मकता, प्रेरणा और नई चेतना का संचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी शुद्ध गैर राजनीतिक बातों के साथ देशवासियों में सकारात्मक ऊर्जा भरने का काम करते हैं।

माफी मांगे कांग्रेस-दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने बहनों के साथ जो अन्याय किया है, उसे देश कभी नहीं भूलेगा। बहनों को उनका हक दिलाने के लिए हम लगातार प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पांच पीढ़ियां नारी सशक्तिकरण के खिलाफ नकारात्मक रवैया अपनाती आ रही हैं।
 
जनता से साझा किए विचार-मुख्यमंत्री डॉ यादव ने रेस्टॉरेंट में ही युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उनके साथ स्वल्पाहार कर नारी शक्ति वंदन सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने प्रदेश में बेटियों की शिक्षा, महिला सुरक्षा, आजीविका, समान वेतन और इन्हें स्वरोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।


">कांग्रेस का बहनों के साथ अन्याय देश कभी नहीं भूलेगा, विपक्ष पर भड़के सीएम डॉ. मोहन यादव
	
		
			
	
	
	भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 अप्रैल को एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में दिखाई दिए। वे अचानक राजधानी भोपाल के वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टॉरेंट पहुंचे। उन्होंने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मन की बात' तो सुनी ही, साथ ही वहां मौजूद आम जनता से संवाद भी किया। उन्हें अपने बीच पाकर लोग भी उत्साह से भर गए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने जनता से और जनता ने उनके साथ दिल खोलकर बात की। इस दौरान उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान और किसानों का भी जिक्र किया। इसके साथ ही वे कांग्रेस पर भी जमकर बरसे। 
	
	मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में लगातार तीसरे साल जल गंगा संवर्धन अभियान जारी है। सरकार के बेहतर कार्यों से तस्वीर बदल रही है। जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी है। उन्होंने कहा कि इस अभियान से कुओं, बावड़ियों और पारंपरिक जल स्रोतों को नया जीवन मिल रहा है। इस दिशा में मध्यप्रदेश बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
	 
	किसान हितैषी राज्य सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी है। सरकार किसानों से गेहूं के साथ ही चना और मसूर भी खरीद रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी आबादी को उनका हक दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं को 33% आरक्षण देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया, लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के षडयंत्र के कारण यह सफल नहीं हो सका। प्रधानमंत्री मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम समाज में सकारात्मकता, प्रेरणा और नई चेतना का संचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी शुद्ध गैर राजनीतिक बातों के साथ देशवासियों में सकारात्मक ऊर्जा भरने का काम करते हैं।
	
	माफी मांगे कांग्रेस-दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने बहनों के साथ जो अन्याय किया है, उसे देश कभी नहीं भूलेगा। बहनों को उनका हक दिलाने के लिए हम लगातार प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पांच पीढ़ियां नारी सशक्तिकरण के खिलाफ नकारात्मक रवैया अपनाती आ रही हैं।
	 
	जनता से साझा किए विचार-मुख्यमंत्री डॉ यादव ने रेस्टॉरेंट में ही युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उनके साथ स्वल्पाहार कर नारी शक्ति वंदन सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने प्रदेश में बेटियों की शिक्षा, महिला सुरक्षा, आजीविका, समान वेतन और इन्हें स्वरोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।

Post Comment