SIR के बाद बड़ा बदलाव, 12 राज्यों में 5.2 करोड़ वोटरों के नाम हटाए गए, चुनाव आयोग की सबसे बड़ी कार्रवाई

यह अभियान सबसे पहले बिहार में शुरू हुआ था, जिसे बाद में 11 अन्य राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश तक विस्तारित किया गया। 27 अक्टूबर 2025 को इस प्रक्रिया की शुरुआत के समय इन क्षेत्रों में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 51 करोड़ थी। हटाए गए नाम कुल मतदाता आधार का करीब 10.2 प्रतिशत हैं।
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दूसरे चरण के दौरान करीब 7.2 करोड़ नाम सूची से हटाए गए। सबसे अधिक नाम उत्तर प्रदेश में हटाए गए, जहां 2.89 करोड़ वोटरों के नाम सूची से बाहर किए गए। इसके बाद तमिलनाडु में 97 लाख और पश्चिम बंगाल में 90.8 लाख नाम हटाए गए।
हालांकि, इस दौरान नए पंजीकरण (फॉर्म 6) और पते में बदलाव (फॉर्म 8) के जरिए लगभग 2 करोड़ नए मतदाताओं को जोड़ा भी गया, जिससे हटाए गए नामों की संख्या का कुछ हद तक संतुलन हुआ। संशोधन के बाद इन क्षेत्रों में कुल मतदाताओं की संख्या अब घटकर 45.8 करोड़ रह गई है। Edited by : Sudhir Sharma


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