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अब नेपाल बॉर्डर पर लगेगा ID कार्ड, बालेन सरकार ने लिया कड़ा फैसला, नए नियम का भारतीयों पर क्‍या होगा असर?
	
		
			
	
	India-Nepal border News : भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अब पहले जैसी आसानी नहीं रह गई है। नेपाल की बालेन सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र (ID Card) अनिवार्य कर दिया है। शनिवार से लागू हुए इस नए नियम के बाद बिहार के अररिया जिले स्थित जोगबनी बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। बिना पहचान पत्र पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को नेपाल पुलिस ने सीमा से ही वापस लौटा दिया। इससे पहले कोरोना के समय भी सीमा पर पहचान पत्र दिखाना जरूरी किया गया था। अब एक बार फिर इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

	 

	जोगबनी बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल

	भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अब पहले जैसी आसानी नहीं रह गई है। नेपाल की बालेन सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र (ID Card) अनिवार्य कर दिया है। शनिवार से लागू हुए इस नए नियम के बाद बिहार के अररिया जिले स्थित जोगबनी बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। बिना पहचान पत्र पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को नेपाल पुलिस ने सीमा से ही वापस लौटा दिया।

	
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	परिचय पत्र दिखाना अनिवार्य

	नेपाल सरकार के नए निर्देशों के बाद सीमा पर जांच अभियान तेज कर दिया गया है। हालांकि इससे स्थानीय व्यापारियों और आम जनता को थोड़ी परेशानी हो रही है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नेपाल सरकार ने आदेश दिया है कि अब भारत से नेपाल जाने वाले लोगों को अपना वैध पहचान पत्र दिखाना होगा। ठीक इसी तरह, नेपाल से भारत आने वाले लोगों के लिए भी अपना परिचय पत्र दिखाना अनिवार्य है।

	 

	बॉर्डर पर लंबी कतारें लग गईं

	अचानक लागू हुई इस व्यवस्था की वजह से सीमा के पास रहने वाले लोगों, रोज काम पर जाने वाले यात्रियों और छोटे दुकानदारों के बीच थोड़ी घबराहट और उलझन देखी जा रही है। सीमा पर तैनात नेपाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने हर व्यक्ति की पहचान पत्र जांच शुरू कर दी। आधार कार्ड, वोटर आईडी या सरकार द्वारा जारी अन्य वैध दस्तावेज दिखाने के बाद ही लोगों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी गई। पहचान पत्र जांच की वजह से बॉर्डर पर लंबी कतारें लग गईं। पैदल यात्रियों के साथ-साथ छोटे-बड़े वाहनों की भी भीड़ जमा हो गई। 

	
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	सुरक्षा एजेंसियां हो गईं सतर्क 

	इसके बाद बिहार पुलिस मुख्यालय और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों- बेतिया, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी और दरभंगा समेत कई इलाकों में पुलिस और एसएसबी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कुछ दिन पहले जोगबनी बॉर्डर से एक चीनी नागरिक के भारत में प्रवेश करने का मामला सामने आया था। बताया गया कि चीन के हुनान प्रांत का रहने वाला झोउ हुआन नेपाली नंबर की स्कूटी से भारत में दाखिल हुआ था।

	
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	अपनी पहचान साबित करनी होगी

	नेपाल सरकार के नए निर्देशों के बाद अब सीमा पार करने वाले हर नागरिक को अपनी पहचान साबित करनी होगी। वहीं भारतीय सीमा पर तैनात एसएसबी (SSB) के जवान पहले से ही कड़ी चौकसी बरत रहे हैं और हर आने-जाने वाले की आईडी चेक कर रहे हैं। उधर, बहराइच से सटी नेपाल की करीब 17 किलोमीटर सीमा पट्टी में बड़ी संख्या में मधेशी समुदाय के लोग रहते हैं। नेपाली क्षेत्र के जमुनहा गांव में इस फैसले को लेकर तनाव का माहौल बताया जा रहा है।

	
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	स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही

	नेपाली आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान आने-जाने वालों से पूछताछ और जांच के नाम पर सख्ती कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। इससे पहले कोरोना के समय भी सीमा पर पहचान पत्र दिखाना जरूरी किया गया था। अब एक बार फिर इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
	Edited By : Chetan Gour

अब नेपाल बॉर्डर पर लगेगा ID कार्ड, बालेन सरकार ने लिया कड़ा फैसला, नए नियम का भारतीयों पर क्‍या होगा असर?

अब नेपाल बॉर्डर पर लगेगा ID कार्ड, बालेन सरकार ने लिया कड़ा फैसला, नए नियम का भारतीयों पर क्‍या होगा असर?
	
		
			
	
	India-Nepal border News : भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अब पहले जैसी आसानी नहीं रह गई है। नेपाल की बालेन सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र (ID Card) अनिवार्य कर दिया है। शनिवार से लागू हुए इस नए नियम के बाद बिहार के अररिया जिले स्थित जोगबनी बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। बिना पहचान पत्र पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को नेपाल पुलिस ने सीमा से ही वापस लौटा दिया। इससे पहले कोरोना के समय भी सीमा पर पहचान पत्र दिखाना जरूरी किया गया था। अब एक बार फिर इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

	 

	जोगबनी बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल

	भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अब पहले जैसी आसानी नहीं रह गई है। नेपाल की बालेन सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र (ID Card) अनिवार्य कर दिया है। शनिवार से लागू हुए इस नए नियम के बाद बिहार के अररिया जिले स्थित जोगबनी बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। बिना पहचान पत्र पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को नेपाल पुलिस ने सीमा से ही वापस लौटा दिया।

	
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	परिचय पत्र दिखाना अनिवार्य

	नेपाल सरकार के नए निर्देशों के बाद सीमा पर जांच अभियान तेज कर दिया गया है। हालांकि इससे स्थानीय व्यापारियों और आम जनता को थोड़ी परेशानी हो रही है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नेपाल सरकार ने आदेश दिया है कि अब भारत से नेपाल जाने वाले लोगों को अपना वैध पहचान पत्र दिखाना होगा। ठीक इसी तरह, नेपाल से भारत आने वाले लोगों के लिए भी अपना परिचय पत्र दिखाना अनिवार्य है।

	 

	बॉर्डर पर लंबी कतारें लग गईं

	अचानक लागू हुई इस व्यवस्था की वजह से सीमा के पास रहने वाले लोगों, रोज काम पर जाने वाले यात्रियों और छोटे दुकानदारों के बीच थोड़ी घबराहट और उलझन देखी जा रही है। सीमा पर तैनात नेपाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने हर व्यक्ति की पहचान पत्र जांच शुरू कर दी। आधार कार्ड, वोटर आईडी या सरकार द्वारा जारी अन्य वैध दस्तावेज दिखाने के बाद ही लोगों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी गई। पहचान पत्र जांच की वजह से बॉर्डर पर लंबी कतारें लग गईं। पैदल यात्रियों के साथ-साथ छोटे-बड़े वाहनों की भी भीड़ जमा हो गई। 

	
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	सुरक्षा एजेंसियां हो गईं सतर्क 

	इसके बाद बिहार पुलिस मुख्यालय और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों- बेतिया, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी और दरभंगा समेत कई इलाकों में पुलिस और एसएसबी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कुछ दिन पहले जोगबनी बॉर्डर से एक चीनी नागरिक के भारत में प्रवेश करने का मामला सामने आया था। बताया गया कि चीन के हुनान प्रांत का रहने वाला झोउ हुआन नेपाली नंबर की स्कूटी से भारत में दाखिल हुआ था।

	
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	अपनी पहचान साबित करनी होगी

	नेपाल सरकार के नए निर्देशों के बाद अब सीमा पार करने वाले हर नागरिक को अपनी पहचान साबित करनी होगी। वहीं भारतीय सीमा पर तैनात एसएसबी (SSB) के जवान पहले से ही कड़ी चौकसी बरत रहे हैं और हर आने-जाने वाले की आईडी चेक कर रहे हैं। उधर, बहराइच से सटी नेपाल की करीब 17 किलोमीटर सीमा पट्टी में बड़ी संख्या में मधेशी समुदाय के लोग रहते हैं। नेपाली क्षेत्र के जमुनहा गांव में इस फैसले को लेकर तनाव का माहौल बताया जा रहा है।

	
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	स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही

	नेपाली आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान आने-जाने वालों से पूछताछ और जांच के नाम पर सख्ती कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। इससे पहले कोरोना के समय भी सीमा पर पहचान पत्र दिखाना जरूरी किया गया था। अब एक बार फिर इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
	Edited By : Chetan Gour

India-Nepal border News : भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अब पहले जैसी आसानी नहीं रह गई है। नेपाल की बालेन सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र (ID Card) अनिवार्य कर दिया है। शनिवार से लागू हुए इस नए नियम के बाद बिहार के अररिया जिले स्थित जोगबनी बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। बिना पहचान पत्र पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को नेपाल पुलिस ने सीमा से ही वापस लौटा दिया। इससे पहले कोरोना के समय भी सीमा पर पहचान पत्र दिखाना जरूरी किया गया था। अब एक बार फिर इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

 

जोगबनी बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल

भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अब पहले जैसी आसानी नहीं रह गई है। नेपाल की बालेन सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र (ID Card) अनिवार्य कर दिया है। शनिवार से लागू हुए इस नए नियम के बाद बिहार के अररिया जिले स्थित जोगबनी बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। बिना पहचान पत्र पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को नेपाल पुलिस ने सीमा से ही वापस लौटा दिया।

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परिचय पत्र दिखाना अनिवार्य

नेपाल सरकार के नए निर्देशों के बाद सीमा पर जांच अभियान तेज कर दिया गया है। हालांकि इससे स्थानीय व्यापारियों और आम जनता को थोड़ी परेशानी हो रही है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नेपाल सरकार ने आदेश दिया है कि अब भारत से नेपाल जाने वाले लोगों को अपना वैध पहचान पत्र दिखाना होगा। ठीक इसी तरह, नेपाल से भारत आने वाले लोगों के लिए भी अपना परिचय पत्र दिखाना अनिवार्य है।

 

बॉर्डर पर लंबी कतारें लग गईं

अचानक लागू हुई इस व्यवस्था की वजह से सीमा के पास रहने वाले लोगों, रोज काम पर जाने वाले यात्रियों और छोटे दुकानदारों के बीच थोड़ी घबराहट और उलझन देखी जा रही है। सीमा पर तैनात नेपाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने हर व्यक्ति की पहचान पत्र जांच शुरू कर दी। आधार कार्ड, वोटर आईडी या सरकार द्वारा जारी अन्य वैध दस्तावेज दिखाने के बाद ही लोगों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी गई। पहचान पत्र जांच की वजह से बॉर्डर पर लंबी कतारें लग गईं। पैदल यात्रियों के साथ-साथ छोटे-बड़े वाहनों की भी भीड़ जमा हो गई। 

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सुरक्षा एजेंसियां हो गईं सतर्क 

इसके बाद बिहार पुलिस मुख्यालय और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों- बेतिया, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी और दरभंगा समेत कई इलाकों में पुलिस और एसएसबी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कुछ दिन पहले जोगबनी बॉर्डर से एक चीनी नागरिक के भारत में प्रवेश करने का मामला सामने आया था। बताया गया कि चीन के हुनान प्रांत का रहने वाला झोउ हुआन नेपाली नंबर की स्कूटी से भारत में दाखिल हुआ था।

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अपनी पहचान साबित करनी होगी

नेपाल सरकार के नए निर्देशों के बाद अब सीमा पार करने वाले हर नागरिक को अपनी पहचान साबित करनी होगी। वहीं भारतीय सीमा पर तैनात एसएसबी (SSB) के जवान पहले से ही कड़ी चौकसी बरत रहे हैं और हर आने-जाने वाले की आईडी चेक कर रहे हैं। उधर, बहराइच से सटी नेपाल की करीब 17 किलोमीटर सीमा पट्टी में बड़ी संख्या में मधेशी समुदाय के लोग रहते हैं। नेपाली क्षेत्र के जमुनहा गांव में इस फैसले को लेकर तनाव का माहौल बताया जा रहा है।

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स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही

नेपाली आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान आने-जाने वालों से पूछताछ और जांच के नाम पर सख्ती कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। इससे पहले कोरोना के समय भी सीमा पर पहचान पत्र दिखाना जरूरी किया गया था। अब एक बार फिर इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
Edited By : Chetan Gour

India-Nepal border News : भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अब पहले जैसी आसानी नहीं रह गई है। नेपाल की बालेन सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र (ID Card) अनिवार्य कर दिया है। शनिवार से लागू हुए इस नए नियम के बाद बिहार के अररिया जिले स्थित जोगबनी बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। बिना पहचान पत्र पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को नेपाल पुलिस ने सीमा से ही वापस लौटा दिया। इससे पहले कोरोना के समय भी सीमा पर पहचान पत्र दिखाना जरूरी किया गया था। अब एक बार फिर इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है।

 

जोगबनी बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल

भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अब पहले जैसी आसानी नहीं रह गई है। नेपाल की बालेन सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारतीय नागरिकों के लिए पहचान पत्र (ID Card) अनिवार्य कर दिया है। शनिवार से लागू हुए इस नए नियम के बाद बिहार के अररिया जिले स्थित जोगबनी बॉर्डर पर अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। बिना पहचान पत्र पहुंचे सैकड़ों यात्रियों को नेपाल पुलिस ने सीमा से ही वापस लौटा दिया।

ALSO READ: नेपाल ने लिपुलेख और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जताया कड़ा ऐतराज

परिचय पत्र दिखाना अनिवार्य

नेपाल सरकार के नए निर्देशों के बाद सीमा पर जांच अभियान तेज कर दिया गया है। हालांकि इससे स्थानीय व्यापारियों और आम जनता को थोड़ी परेशानी हो रही है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नेपाल सरकार ने आदेश दिया है कि अब भारत से नेपाल जाने वाले लोगों को अपना वैध पहचान पत्र दिखाना होगा। ठीक इसी तरह, नेपाल से भारत आने वाले लोगों के लिए भी अपना परिचय पत्र दिखाना अनिवार्य है।

 

बॉर्डर पर लंबी कतारें लग गईं

अचानक लागू हुई इस व्यवस्था की वजह से सीमा के पास रहने वाले लोगों, रोज काम पर जाने वाले यात्रियों और छोटे दुकानदारों के बीच थोड़ी घबराहट और उलझन देखी जा रही है। सीमा पर तैनात नेपाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने हर व्यक्ति की पहचान पत्र जांच शुरू कर दी। आधार कार्ड, वोटर आईडी या सरकार द्वारा जारी अन्य वैध दस्तावेज दिखाने के बाद ही लोगों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी गई। पहचान पत्र जांच की वजह से बॉर्डर पर लंबी कतारें लग गईं। पैदल यात्रियों के साथ-साथ छोटे-बड़े वाहनों की भी भीड़ जमा हो गई। 

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सुरक्षा एजेंसियां हो गईं सतर्क 

इसके बाद बिहार पुलिस मुख्यालय और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। उत्तर बिहार के सीमावर्ती जिलों- बेतिया, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी और दरभंगा समेत कई इलाकों में पुलिस और एसएसबी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कुछ दिन पहले जोगबनी बॉर्डर से एक चीनी नागरिक के भारत में प्रवेश करने का मामला सामने आया था। बताया गया कि चीन के हुनान प्रांत का रहने वाला झोउ हुआन नेपाली नंबर की स्कूटी से भारत में दाखिल हुआ था।

ALSO READ: नेपाल के Gen-Z से प्रेरित था विरोध प्रदर्शन, यूथ कांग्रेस को लेकर पुलिस का बड़ा खुलासा

अपनी पहचान साबित करनी होगी

नेपाल सरकार के नए निर्देशों के बाद अब सीमा पार करने वाले हर नागरिक को अपनी पहचान साबित करनी होगी। वहीं भारतीय सीमा पर तैनात एसएसबी (SSB) के जवान पहले से ही कड़ी चौकसी बरत रहे हैं और हर आने-जाने वाले की आईडी चेक कर रहे हैं। उधर, बहराइच से सटी नेपाल की करीब 17 किलोमीटर सीमा पट्टी में बड़ी संख्या में मधेशी समुदाय के लोग रहते हैं। नेपाली क्षेत्र के जमुनहा गांव में इस फैसले को लेकर तनाव का माहौल बताया जा रहा है।

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स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही

नेपाली आर्म्ड पुलिस फोर्स के जवान आने-जाने वालों से पूछताछ और जांच के नाम पर सख्ती कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। इससे पहले कोरोना के समय भी सीमा पर पहचान पत्र दिखाना जरूरी किया गया था। अब एक बार फिर इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
Edited By : Chetan Gour

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इंटरनेट डेस्क।कई बार सबसे यादगार पल वही होते हैं जो बिना किसी योजना के अचानक बन जाते हैं। स्टार प्लस के Fashion Ke Rang, Rishton Ke Sang में नील भट्ट के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। परशुराम में अपनी सह-कलाकार शांभवी सिंह (शालिनी) के साथ महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हुए नील ने Good Newz के लोकप्रिय गीत मेरे महबूब मेरे सनम पर प्रस्तुति दी और स्टार परिवार के साथ कई मज़ेदार सेगमेंट्स का हिस्सा बने। हालांकि, शूटिंग के दौरान हुआ एक अनपेक्षित लुंगी डांस उनके लिए सबसे खास यादों में शामिल हो गया। एक टास्क के दौरान जब लुंगी का प्रॉप सामने आया, तो नील को तुरंत अपने ऑन-स्क्रीन किरदार परशुराम की याद आ गई और उन्होंने उसी जोश में अचानक लुंगी डांस करना शुरू कर दिया। उनके इस अंदाज़ ने वहां मौजूद सभी लोगों को हंसी से लोटपोट कर दिया।

नील भट्ट ने कहा, “शालिनी और मैंने एक कपल के रूप में Bad Newz के गाने मेरे महबूब मेरे सनम पर परफॉर्म किया। इसके अलावा हमने बिजुरिया और कई अन्य गानों पर भी ग्रुप परफॉर्मेंस दी। लेकिन मेरे लिए सबसे मज़ेदार पल बिल्कुल अप्रत्याशित था।

एक टास्क के दौरान एक प्रॉप सामने आया और वह लुंगी निकली, जिसे देखते ही सभी को परशुराम और उनके सिग्नेचर लुक की याद आ गई। मैं उस सेगमेंट का हिस्सा भी नहीं था, लेकिन जैसे ही मैंने लुंगी देखी, मैं खुद को रोक नहीं पाया और तुरंत ;लुंगी डांस पर थिरकने लगा। इस पर सभी खूब हंसे और वह पल हम सबके लिए बेहद यादगार बन गया। स्टार परिवार के इतने सारे कलाकारों के साथ बातचीत करने और मस्ती करने का अनुभव भी शानदार रहा। मुझे उम्मीद है कि दर्शक अपने पसंदीदा सितारों को देखकर उतना ही आनंद लेंगे, जितना हमने इस शो का हिस्सा बनते हुए लिया।

Neil Bhatt, Shambhavi Singh, Romantic Dance, Actor, The Lungi Dance Anecdote">नील भट्ट और शांभवी सिंह ने मेरे महबूब मेरे सनम पर किया रोमांटिक डांस, अभिनेता ने सुनाया अपना मज़ेदार ‘लुंगी डांस’ किस्सा   इंटरनेट डेस्क।कई बार सबसे यादगार पल वही होते हैं जो बिना किसी योजना के अचानक बन जाते हैं। स्टार प्लस के Fashion Ke Rang, Rishton Ke Sang में नील भट्ट के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। परशुराम में अपनी सह-कलाकार शांभवी सिंह (शालिनी) के साथ महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हुए नील ने Good Newz के लोकप्रिय गीत मेरे महबूब मेरे सनम पर प्रस्तुति दी और स्टार परिवार के साथ कई मज़ेदार सेगमेंट्स का हिस्सा बने। हालांकि, शूटिंग के दौरान हुआ एक अनपेक्षित लुंगी डांस उनके लिए सबसे खास यादों में शामिल हो गया। एक टास्क के दौरान जब लुंगी का प्रॉप सामने आया, तो नील को तुरंत अपने ऑन-स्क्रीन किरदार परशुराम की याद आ गई और उन्होंने उसी जोश में अचानक लुंगी डांस करना शुरू कर दिया। उनके इस अंदाज़ ने वहां मौजूद सभी लोगों को हंसी से लोटपोट कर दिया।



नील भट्ट ने कहा, “शालिनी और मैंने एक कपल के रूप में Bad Newz के गाने मेरे महबूब मेरे सनम पर परफॉर्म किया। इसके अलावा हमने बिजुरिया और कई अन्य गानों पर भी ग्रुप परफॉर्मेंस दी। लेकिन मेरे लिए सबसे मज़ेदार पल बिल्कुल अप्रत्याशित था।

एक टास्क के दौरान एक प्रॉप सामने आया और वह लुंगी निकली, जिसे देखते ही सभी को परशुराम और उनके सिग्नेचर लुक की याद आ गई। मैं उस सेगमेंट का हिस्सा भी नहीं था, लेकिन जैसे ही मैंने लुंगी देखी, मैं खुद को रोक नहीं पाया और तुरंत ;लुंगी डांस पर थिरकने लगा। इस पर सभी खूब हंसे और वह पल हम सबके लिए बेहद यादगार बन गया। स्टार परिवार के इतने सारे कलाकारों के साथ बातचीत करने और मस्ती करने का अनुभव भी शानदार रहा। मुझे उम्मीद है कि दर्शक अपने पसंदीदा सितारों को देखकर उतना ही आनंद लेंगे, जितना हमने इस शो का हिस्सा बनते हुए लिया।
Neil Bhatt, Shambhavi Singh, Romantic Dance, Actor, The Lungi Dance Anecdote

अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद गरमाई राजनीति, शुभेंदु सरकार पर भड़के ममता और विपक्षी, आरोपों पर क्‍या बोली भाजपा?
	
		
			
	
	Attack on Abhishek Banerjee : पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में पूर्व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राजनीति गरमा गई है। ममता बनर्जी, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि शासक ही हत्यारे बन गए हैं। बीजेपी को शर्म करना चाहिए। वहीं भाजपा ने घटना से खुद को अलग करते हुए हिंसा की निंदा की है।

	 

	हमले को लेकर क्‍या बोलीं ममता बनर्जी?

	पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में पूर्व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राजनीति गरमा गई है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि शासक ही हत्यारे बन गए हैं। बीजेपी को शर्म करना चाहिए। ममता बनर्जी को जैसे ही अभिषेक बनर्जी के अस्पताल पहुंचने की जानकारी मिली, वह तुरंत कालीघाट स्थित अपने आवास से अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने अभिषेक की सेहत की जानकारी ली।

	
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	विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर बोला हमला 

	हमले को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी भाजपा पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। विपक्षी नेताओं ने इस हमले को लोकतंत्र पर हमला बताया और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। अभिषेक बनर्जी जब चुनाव बाद हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, उसी दौरान उन पर पत्थर, अंडे और जूते फेंके गए, शर्ट फाड़ दी गई, चोर-चोर के नारे लगाए गए। 

	 

	तृणमूल कांग्रेस ने घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि हमला पहले से तय साजिश का हिस्सा था। पार्टी की दूसरी नेता सागरिका घोष ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब अभिषेक बनर्जी पर हमला हो रहा था, तब पुलिस मौके पर नजर नहीं आई। 

	
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	अखिलेश यादव ने घटना को बताया जानलेवा 

	समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना को जानलेवा हमला बताया। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा, शुभेंदु अधिकारी, आज की घटनाओं ने एक बार उस राजनीति को उजागर कर दिया है, जिसकी आप अगुवाई करते हैं।

	 

	तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि एक ऐसी राजनीति जो डराने और धमकाने, हिंसा और बदले पर आधारित है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और दिल्ली की पूर्व विधायक अलका लांबा ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की घटना को लेकर गुस्सा जाहिर किया है। अलका लांबा ने कहा कि भाजपाई सत्ता हाथ में आते ही आखिर यह कैसा उदाहरण पेश कर रहे हैं? 

	
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	आरोपों पर भाजपा ने दिया यह जवाब

	भाजपा ने घटना से खुद को अलग करते हुए हिंसा की निंदा की है। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस हमले से पार्टी को अलग बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी पहले तृणमूल कांग्रेस के शासन में हिंसा झेली है। उन्होंने दावा किया कि कई भाजपा समर्थकों और महिलाओं के साथ पहले मारपीट हुई थी।

	
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	हमले को लेकर क्या बोले अभिषेक बनर्जी?

	अभिषेक बनर्जी ने इस हमले को उन्हें जान से मारने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को फोन लगाया लेकिन फोन उठाया नहीं। उन्होंने कहा कि मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हम डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे। अभिषेक का कहना है कि अगर किसी राजनीतिक नेता पर खुलेआम हमला हो सकता है, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
	Edited By : Chetan Gour

Attack on Abhishek Banerjee : पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में पूर्व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राजनीति गरमा गई है। ममता बनर्जी, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि शासक ही हत्यारे बन गए हैं। बीजेपी को शर्म करना चाहिए। वहीं भाजपा ने घटना से खुद को अलग करते हुए हिंसा की निंदा की है।

 

हमले को लेकर क्‍या बोलीं ममता बनर्जी?

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में पूर्व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राजनीति गरमा गई है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि शासक ही हत्यारे बन गए हैं। बीजेपी को शर्म करना चाहिए। ममता बनर्जी को जैसे ही अभिषेक बनर्जी के अस्पताल पहुंचने की जानकारी मिली, वह तुरंत कालीघाट स्थित अपने आवास से अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने अभिषेक की सेहत की जानकारी ली।

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विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर बोला हमला 

हमले को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी भाजपा पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। विपक्षी नेताओं ने इस हमले को लोकतंत्र पर हमला बताया और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। अभिषेक बनर्जी जब चुनाव बाद हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, उसी दौरान उन पर पत्थर, अंडे और जूते फेंके गए, शर्ट फाड़ दी गई, चोर-चोर के नारे लगाए गए। 

 

तृणमूल कांग्रेस ने घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि हमला पहले से तय साजिश का हिस्सा था। पार्टी की दूसरी नेता सागरिका घोष ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब अभिषेक बनर्जी पर हमला हो रहा था, तब पुलिस मौके पर नजर नहीं आई। 

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अखिलेश यादव ने घटना को बताया जानलेवा 

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना को जानलेवा हमला बताया। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा, शुभेंदु अधिकारी, आज की घटनाओं ने एक बार उस राजनीति को उजागर कर दिया है, जिसकी आप अगुवाई करते हैं।

 

तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि एक ऐसी राजनीति जो डराने और धमकाने, हिंसा और बदले पर आधारित है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और दिल्ली की पूर्व विधायक अलका लांबा ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की घटना को लेकर गुस्सा जाहिर किया है। अलका लांबा ने कहा कि भाजपाई सत्ता हाथ में आते ही आखिर यह कैसा उदाहरण पेश कर रहे हैं? 

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आरोपों पर भाजपा ने दिया यह जवाब

भाजपा ने घटना से खुद को अलग करते हुए हिंसा की निंदा की है। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस हमले से पार्टी को अलग बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी पहले तृणमूल कांग्रेस के शासन में हिंसा झेली है। उन्होंने दावा किया कि कई भाजपा समर्थकों और महिलाओं के साथ पहले मारपीट हुई थी।

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हमले को लेकर क्या बोले अभिषेक बनर्जी?

अभिषेक बनर्जी ने इस हमले को उन्हें जान से मारने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को फोन लगाया लेकिन फोन उठाया नहीं। उन्होंने कहा कि मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हम डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे। अभिषेक का कहना है कि अगर किसी राजनीतिक नेता पर खुलेआम हमला हो सकता है, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
Edited By : Chetan Gour

">अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद गरमाई राजनीति, शुभेंदु सरकार पर भड़के ममता और विपक्षी, आरोपों पर क्‍या बोली भाजपा?
	
		
			
	
	Attack on Abhishek Banerjee : पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में पूर्व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राजनीति गरमा गई है। ममता बनर्जी, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि शासक ही हत्यारे बन गए हैं। बीजेपी को शर्म करना चाहिए। वहीं भाजपा ने घटना से खुद को अलग करते हुए हिंसा की निंदा की है।

	 

	हमले को लेकर क्‍या बोलीं ममता बनर्जी?

	पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में पूर्व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राजनीति गरमा गई है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि शासक ही हत्यारे बन गए हैं। बीजेपी को शर्म करना चाहिए। ममता बनर्जी को जैसे ही अभिषेक बनर्जी के अस्पताल पहुंचने की जानकारी मिली, वह तुरंत कालीघाट स्थित अपने आवास से अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने अभिषेक की सेहत की जानकारी ली।

	
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	विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर बोला हमला 

	हमले को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी भाजपा पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। विपक्षी नेताओं ने इस हमले को लोकतंत्र पर हमला बताया और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। अभिषेक बनर्जी जब चुनाव बाद हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, उसी दौरान उन पर पत्थर, अंडे और जूते फेंके गए, शर्ट फाड़ दी गई, चोर-चोर के नारे लगाए गए। 

	 

	तृणमूल कांग्रेस ने घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि हमला पहले से तय साजिश का हिस्सा था। पार्टी की दूसरी नेता सागरिका घोष ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब अभिषेक बनर्जी पर हमला हो रहा था, तब पुलिस मौके पर नजर नहीं आई। 

	
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	अखिलेश यादव ने घटना को बताया जानलेवा 

	समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना को जानलेवा हमला बताया। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा, शुभेंदु अधिकारी, आज की घटनाओं ने एक बार उस राजनीति को उजागर कर दिया है, जिसकी आप अगुवाई करते हैं।

	 

	तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि एक ऐसी राजनीति जो डराने और धमकाने, हिंसा और बदले पर आधारित है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और दिल्ली की पूर्व विधायक अलका लांबा ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की घटना को लेकर गुस्सा जाहिर किया है। अलका लांबा ने कहा कि भाजपाई सत्ता हाथ में आते ही आखिर यह कैसा उदाहरण पेश कर रहे हैं? 

	
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	आरोपों पर भाजपा ने दिया यह जवाब

	भाजपा ने घटना से खुद को अलग करते हुए हिंसा की निंदा की है। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस हमले से पार्टी को अलग बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी पहले तृणमूल कांग्रेस के शासन में हिंसा झेली है। उन्होंने दावा किया कि कई भाजपा समर्थकों और महिलाओं के साथ पहले मारपीट हुई थी।

	
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	हमले को लेकर क्या बोले अभिषेक बनर्जी?

	अभिषेक बनर्जी ने इस हमले को उन्हें जान से मारने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को फोन लगाया लेकिन फोन उठाया नहीं। उन्होंने कहा कि मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हम डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे। अभिषेक का कहना है कि अगर किसी राजनीतिक नेता पर खुलेआम हमला हो सकता है, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
	Edited By : Chetan Gour

ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक पर सोनारपुरा में हमला, कपड़े फाड़े, हेलमेट पहनकर बचाई जान

विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर बोला हमला 

हमले को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी भाजपा पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। विपक्षी नेताओं ने इस हमले को लोकतंत्र पर हमला बताया और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। अभिषेक बनर्जी जब चुनाव बाद हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, उसी दौरान उन पर पत्थर, अंडे और जूते फेंके गए, शर्ट फाड़ दी गई, चोर-चोर के नारे लगाए गए। 

 

तृणमूल कांग्रेस ने घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि हमला पहले से तय साजिश का हिस्सा था। पार्टी की दूसरी नेता सागरिका घोष ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब अभिषेक बनर्जी पर हमला हो रहा था, तब पुलिस मौके पर नजर नहीं आई। 

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अखिलेश यादव ने घटना को बताया जानलेवा 

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना को जानलेवा हमला बताया। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा, शुभेंदु अधिकारी, आज की घटनाओं ने एक बार उस राजनीति को उजागर कर दिया है, जिसकी आप अगुवाई करते हैं।

 

तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि एक ऐसी राजनीति जो डराने और धमकाने, हिंसा और बदले पर आधारित है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और दिल्ली की पूर्व विधायक अलका लांबा ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की घटना को लेकर गुस्सा जाहिर किया है। अलका लांबा ने कहा कि भाजपाई सत्ता हाथ में आते ही आखिर यह कैसा उदाहरण पेश कर रहे हैं? 

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आरोपों पर भाजपा ने दिया यह जवाब

भाजपा ने घटना से खुद को अलग करते हुए हिंसा की निंदा की है। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस हमले से पार्टी को अलग बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी पहले तृणमूल कांग्रेस के शासन में हिंसा झेली है। उन्होंने दावा किया कि कई भाजपा समर्थकों और महिलाओं के साथ पहले मारपीट हुई थी।

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हमले को लेकर क्या बोले अभिषेक बनर्जी?

अभिषेक बनर्जी ने इस हमले को उन्हें जान से मारने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को फोन लगाया लेकिन फोन उठाया नहीं। उन्होंने कहा कि मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हम डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे। अभिषेक का कहना है कि अगर किसी राजनीतिक नेता पर खुलेआम हमला हो सकता है, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
Edited By : Chetan Gour

">अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद गरमाई राजनीति, शुभेंदु सरकार पर भड़के ममता और विपक्षी, आरोपों पर क्‍या बोली भाजपा?

अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद गरमाई राजनीति, शुभेंदु सरकार पर भड़के ममता और विपक्षी, आरोपों पर क्‍या बोली भाजपा?
	
		
			
	
	Attack on Abhishek Banerjee : पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में पूर्व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राजनीति गरमा गई है। ममता बनर्जी, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि शासक ही हत्यारे बन गए हैं। बीजेपी को शर्म करना चाहिए। वहीं भाजपा ने घटना से खुद को अलग करते हुए हिंसा की निंदा की है।

	 

	हमले को लेकर क्‍या बोलीं ममता बनर्जी?

	पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में पूर्व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राजनीति गरमा गई है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि शासक ही हत्यारे बन गए हैं। बीजेपी को शर्म करना चाहिए। ममता बनर्जी को जैसे ही अभिषेक बनर्जी के अस्पताल पहुंचने की जानकारी मिली, वह तुरंत कालीघाट स्थित अपने आवास से अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने अभिषेक की सेहत की जानकारी ली।

	
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	विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर बोला हमला 

	हमले को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी भाजपा पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। विपक्षी नेताओं ने इस हमले को लोकतंत्र पर हमला बताया और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। अभिषेक बनर्जी जब चुनाव बाद हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, उसी दौरान उन पर पत्थर, अंडे और जूते फेंके गए, शर्ट फाड़ दी गई, चोर-चोर के नारे लगाए गए। 

	 

	तृणमूल कांग्रेस ने घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि हमला पहले से तय साजिश का हिस्सा था। पार्टी की दूसरी नेता सागरिका घोष ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब अभिषेक बनर्जी पर हमला हो रहा था, तब पुलिस मौके पर नजर नहीं आई। 

	
		ALSO READ: ममता बनर्जी पर बड़ा कानूनी एक्शन! सनातन धर्म को लेकर दिए पुराने बयान पर दर्ज हुई FIR


	अखिलेश यादव ने घटना को बताया जानलेवा 

	समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना को जानलेवा हमला बताया। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा, शुभेंदु अधिकारी, आज की घटनाओं ने एक बार उस राजनीति को उजागर कर दिया है, जिसकी आप अगुवाई करते हैं।

	 

	तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि एक ऐसी राजनीति जो डराने और धमकाने, हिंसा और बदले पर आधारित है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और दिल्ली की पूर्व विधायक अलका लांबा ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की घटना को लेकर गुस्सा जाहिर किया है। अलका लांबा ने कहा कि भाजपाई सत्ता हाथ में आते ही आखिर यह कैसा उदाहरण पेश कर रहे हैं? 

	
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	आरोपों पर भाजपा ने दिया यह जवाब

	भाजपा ने घटना से खुद को अलग करते हुए हिंसा की निंदा की है। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस हमले से पार्टी को अलग बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकतीं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी पहले तृणमूल कांग्रेस के शासन में हिंसा झेली है। उन्होंने दावा किया कि कई भाजपा समर्थकों और महिलाओं के साथ पहले मारपीट हुई थी।

	
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	हमले को लेकर क्या बोले अभिषेक बनर्जी?

	अभिषेक बनर्जी ने इस हमले को उन्हें जान से मारने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को फोन लगाया लेकिन फोन उठाया नहीं। उन्होंने कहा कि मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हम डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे। अभिषेक का कहना है कि अगर किसी राजनीतिक नेता पर खुलेआम हमला हो सकता है, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
	Edited By : Chetan Gour

Attack on Abhishek Banerjee : पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में पूर्व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राजनीति गरमा गई है। ममता बनर्जी, मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि शासक ही हत्यारे बन गए हैं। बीजेपी को शर्म करना चाहिए। वहीं भाजपा ने घटना से खुद को अलग करते हुए हिंसा की निंदा की है।

 

हमले को लेकर क्‍या बोलीं ममता बनर्जी?

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में पूर्व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राजनीति गरमा गई है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि शासक ही हत्यारे बन गए हैं। बीजेपी को शर्म करना चाहिए। ममता बनर्जी को जैसे ही अभिषेक बनर्जी के अस्पताल पहुंचने की जानकारी मिली, वह तुरंत कालीघाट स्थित अपने आवास से अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने अभिषेक की सेहत की जानकारी ली।

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विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर बोला हमला 

हमले को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी भाजपा पर हमला बोला है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। विपक्षी नेताओं ने इस हमले को लोकतंत्र पर हमला बताया और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। अभिषेक बनर्जी जब चुनाव बाद हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे, उसी दौरान उन पर पत्थर, अंडे और जूते फेंके गए, शर्ट फाड़ दी गई, चोर-चोर के नारे लगाए गए। 

 

तृणमूल कांग्रेस ने घटना का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि हमला पहले से तय साजिश का हिस्सा था। पार्टी की दूसरी नेता सागरिका घोष ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब अभिषेक बनर्जी पर हमला हो रहा था, तब पुलिस मौके पर नजर नहीं आई। 

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अखिलेश यादव ने घटना को बताया जानलेवा 

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस घटना को जानलेवा हमला बताया। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा, शुभेंदु अधिकारी, आज की घटनाओं ने एक बार उस राजनीति को उजागर कर दिया है, जिसकी आप अगुवाई करते हैं।

 

तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि एक ऐसी राजनीति जो डराने और धमकाने, हिंसा और बदले पर आधारित है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और दिल्ली की पूर्व विधायक अलका लांबा ने अभिषेक बनर्जी पर हमले की घटना को लेकर गुस्सा जाहिर किया है। अलका लांबा ने कहा कि भाजपाई सत्ता हाथ में आते ही आखिर यह कैसा उदाहरण पेश कर रहे हैं? 

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हमले को लेकर क्या बोले अभिषेक बनर्जी?

अभिषेक बनर्जी ने इस हमले को उन्हें जान से मारने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को फोन लगाया लेकिन फोन उठाया नहीं। उन्होंने कहा कि मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हम डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को अदालत तक ले जाएंगे। अभिषेक का कहना है कि अगर किसी राजनीतिक नेता पर खुलेआम हमला हो सकता है, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
Edited By : Chetan Gour

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