नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर की कॉलोनियों के संपत्तिकर रेट जोन में कोई बदलाव नहीं होगा। गुरुवार को हुई महापौर परिषद की बैठक में इसका प्रस्ताव तो रखा गया था, लेकिन एमआईसी के सभी सदस्यों ने एकमत होकर विरोध कर दिया। इसके बाद प्रस्ताव लौटाना पड़ा।
बैठक में नगर निगम के 539 विनियमित कर्मचारियों को स्थाई करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। इन कर्मचारियों के वेतन में तीन से पांच हजार रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी होगी। बैठक में मुक्तिधाम और कब्रस्तान के संचालन के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी बनाने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर वर्षा जल संरक्षण के लिए 10 रिचार्ज बनाए जाने, छोटी ग्वालटोली स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल रोटरी का विकास और सुंदरीकरण करने, सरदार पटेल की पूर्व प्रतिमा हटाकर नई प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव को सहमति दी गई। यह भी तय किया गया कि सिनेमाघरों में बगैर नगर पालिक निगम, की अनुमति के प्रदर्शित किये जा रहे विज्ञापनों से लाइसेंस फीस ली जाए।
इन प्रमुख प्रस्तावों पर भी बनी सहमति
- नगर निगम विश्राम बाग को 88 लाख रुपये वार्षिक रायल्टी पर निजी हाथों में सौंपेगा। इससे विश्राम बाग का रखरखाव भी हो सकेगा और निगम को राजस्व भी मिलेगा।
- इस बात पर भी सहमति बनी कि कंसल्टेंसी और डीपीआर तैयार करने के लिए नए टेंडर बुलवाए जाएंगे। यह भी तय हुआ कि इस बार निगम रेट तय करने के बजाय कंसल्टेंट से दरें बुलवाई जाएं।
- नगर निगम नारियल के बचे हिस्से से रस्सी बनाने का प्लांट पीपीपी मोड पर स्थापित करेगा।
- बैठक में तय हुआ कि शहर के सभी मुक्तिधामों में एक दर पर लकडी और शंटियां उपलब्ध कराई जाएंगी। मुक्तिधामों में जो संस्थाएं काम करती हैं वे अपने हिसाब से इनके भाव तय नहीं कर सकेंगी।
- निगम के कार्यक्रमों में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और अन्य जनप्रतिनिधियों के फोटो लगाए जाएंगे।
देवगुराडिया सीएनजी प्लांट की क्षमता बढ़ाने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित करेंगे नए प्लांट
स्वच्छता प्रभारी अश्विनी शुक्ला ने बैठक में कहा कि देवगुराडिया स्थित सीएनजी प्लांट जिस कंपनी के पास है वह कई साल से निगम को भुगतान नहीं कर रही है। निगम ने सालों से उससे गैस लेना भी बंद कर दी है। करीब 10 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसी स्थिति में देवगुराडिया स्थित सीएनजी प्लांट की क्षमता बढ़ाने के बजाय शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में प्लांट स्थापित किए जाएं।
सफाई मित्रों को मिलेगी मुफ्त उपचार की सुविधा
बैठक में यह भी तय किया गया कि काम के दौरान घायल होने वाले सफाई मित्रों को मुफ्त उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सीएसआइ अपने स्तर पर 10 हजार रुपये तक और वरिष्ठ अधिकारी ढाई लाख रुपये तक की स्वीकृति दे सकेंगे।
कचरा ट्रांसफर स्टेशन (जीएसटी) का टेंडर निरस्त, दोबारा होगा
एमआइसी की बैठक में जीएसटी रखरखाव के टेंडर को लेकर भी विरोध हुआ। स्वच्छता प्रभारी अश्विनी शुक्ल और जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने कहा कि शहर के 11 जीएसटी का काम सालों से एक ही फर्म अवि को दिया जा रहा है। पहले यह काम 70 लाख रुपये में होता था अब वहीं फर्म इसे 51 लाख रुपये में करने को तैयार है। अगर किसी दिन फर्म ने हाथ खड़े कर दिए तो शहर के हालात खराब हो जाएंगे। एक तरफ फर्म को ब्लैक लिस्टेड करने की तैयारी चल रही है दूसरी तरफ इसे नया टेंडर देकर उपकृत करने की तैयारी चल रही है। इस पर सर्वसहमति से टेंडर निरस्त कर नए टेंडर बुलवाने पर सहमति बनी।
राठौर ने कहा- निगमायुक्त को धन्यवाद दो, इंजीनियरों को स्टे मिल गया
बैठक में जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। राठौर ने कहा कि जब भी सर्वेक्षण होता है हम लाखों खर्च कर शहर को सजा देते है। ठेकेदार घटिया काम करके चले जाते हैं, लेकिन कुछ नहीं होता। जहां प्लास्टिक पेंट होना था वहां मिट्टी पोतकर चले जाते हैं। निगमायुक्त को शिकायत भी की थी, लेकिन न ठेकेदार के विरुद्ध कोई कार्रवाई हुई न इंजीनियरों के खिलाफ। शासन ने इंजीनियरों को ट्रांसफर किया था लेकिन उन्होंने स्टे ले लिया। हम सभी को निगमायुक्त को धन्यावाद देना चाहिए कि उन्होंने इंजीनियरों को स्टे दिलवा दिया।
ये हुए बैठक में शामिल
महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई एमआईसी की बैठक में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, निरंजनसिंह चौहान, अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा, नंदकिशोर पहाडिया, राकेश जैन, मनीष शर्मा, राजेश उदावत, प्रिया डांगी, सभी अपर आयुक्त, विभाग प्रमुख शामिल हुए।
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