शहर के सबसे व्यस्त और ट्रैफिक दबाव वाले रेडिसन स्क्वेयर को जाम से राहत दिलाने की दिशा में इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकर…और पढ़ें
HighLights
- चौराहे पर रोजाना 1.78 लाख वाहनों का दबाव, मेट्रो परियोजना नहीं होगी प्रभावित
- प्राधिकरण ने इस चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए विस्तृत ट्रैफिक फिजिबिलिटी अध्ययन पूरा कर लिया है
- रेडिसन चौराहा शहर का सबसे महत्वपूर्ण चौराहा है, जहां रिंग रोड और एमआर-10 रोड जुड़ती है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : शहर के सबसे व्यस्त और ट्रैफिक दबाव वाले रेडिसन स्क्वेयर को जाम से राहत दिलाने की दिशा में इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने इस चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए विस्तृत ट्रैफिक फिजिबिलिटी अध्ययन पूरा कर लिया है।
अध्ययन में चार अलग-अलग इंजीनियरिंग विकल्पों की जांच की गई, जिसके बाद एमआर-10 रोड के समानांतर रेडिसन होटल की ओर चार लेन के 596 मीटर लंबे फ्लाईओवर को सबसे उपयुक्त विकल्प माना गया है। अब इसी डिजाइन के आधार पर चर्चा के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
रेडिसन चौराहा शहर का सबसे महत्वपूर्ण चौराहा है, जहां रिंग रोड और एमआर-10 रोड जुड़ती है। यह विजय नगर, स्टार चौराहा, रोबोट चौराहा, बाम्बे हास्पिटल जैसे प्रमुख क्षेत्रों के बीच यातायात का मुख्य केंद्र है। वर्तमान में यहां प्रतिदिन करीब 1.78 लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें सबसे अधिक 55 प्रतिशत दोपहिया वाहन और लगभग 33 प्रतिशत कारें हैं।
आईडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी परीक्षित झाड़े ने बताया कि अध्ययन के दौरान इंजीनियरों ने रिंग रोड और एमआर-10 पर फ्लाईओवर तथा अंडरपास सहित चार विकल्पों का परीक्षण किया। हालांकि मेट्रो लाइन, 1200 मिमी की सीवर ट्रंक लाइन और जलापूर्ति पाइपलाइन जैसी मौजूदा संरचनाओं के कारण अधिकांश विकल्प तकनीकी रूप से संभव नहीं पाए गए। इसके बाद विशेषज्ञों ने ऐसा डिजाइन तैयार किया, जिसमें मेट्रो परियोजना को बिना प्रभावित किए फ्लाईओवर बनाया जा सके।
70 मीटर लंबा ब्रो स्टिंग ब्रिज
प्रस्तावित फ्लाईओवर एमआर-10 रोड के समानांतर रेडिसन होटल की ओर बनाया जाएगा। इसके लिए उपलब्ध 25 से 26 मीटर चौड़ी भूमि का उपयोग किया जाएगा। मेट्रो कारिडोर को पार करने के लिए इसमें लगभग 70 मीटर लंबा विशेष बो-स्ट्रिंग ब्रिज बनाया जाएगा, जिससे मेट्रो के पिलरों या ट्रैक को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। फ्लाईओवर के बनने के बाद चौराहे पर सिग्नल पर लगने वाला इंतजार काफी कम होगा, ट्रैफिक का प्रवाह तेज होगा।
20 प्रतिशत बढ़ेगा यातायात दबाव
एमआर-10 पर विजय नगर से स्टार चौराहा की तरफ 18 प्रतिशत वाहन गुजरते हैं। फ्लाईओवर बनने से इनकी राह आसान हो जाएगी। वहीं एमआर-10 पर आने वाले समय में 20 प्रतिशत वाहनों का दबाव बढ़ेगा। ऐसे में स्टार चौराहा से विजय नगर जाने वाले वाहनों का दबाव 38 प्रतिशत हो जाएगा। रोबोट चौराहा से बाम्बे हास्पिटल की तरफ कुल ट्रैफिक का 9 प्रतिशत वाहन गुजरते हैं।
चौराहे पर वाहनों का दबाव
- 1.50 लाख वाहनों का प्रतिदिन मुख्य सड़क पर दबाव
- 27562 वाहनों का प्रतिदिन सर्विस रोड पर दबाव
- 1.78 लाख से अधिक वाहनों का प्रतिदिन चौराहे पर दबाव
- 55 प्रतिशत दोपहिया वाहनों का आवागमन
- 33 प्रतिशत कारों का आवागमन
- वर्तमान में पीक आवर्स में लंबा जाम और अधिक प्रतीक्षा।
सुपर कॉरिडोर में आउटर पर अटकी इंदौर मेट्रो, रेडिसन तक पहुंचने का मुहूर्त ही नहीं
Source link
#इदर #क #रडसन #चरह #पर #जम #स #रहत #दलन #क #तयर #एमआर10 #पर #बनग #चर #लन #फलईओवर



Post Comment