नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर को ट्रैफिक जाम से राहत और आधुनिक बुनियादी ढांचे का सपना दिखाने वाले बड़े विकास प्रोजेक्ट अब लोगों की परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर का सबसे बड़ा डबल डेकर फ्लाईओवर अधूरा है, एमआर सड़कें वर्षों से बाधाओं में उलझी हैं, रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की गति सुस्त है और आवासीय योजनाएं भी जमीन पर अधूरी पड़ी हैं।
सवाल यह है कि आखिर इंदौरवासी विकास का इंतजार कब तक करें? और परेशानी कब तक उठाना होगी। इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) विकास कार्य पूरे करने का लाख दावा करे, लेकिन जमीन पर काम अधर में अटके हैं।
विकास कार्यों में देरी का सबसे बड़ा उदाहरण लवकुश चौराहे पर बन रहा 173 करोड़ रुपये का डबल डेकर फ्लाईओवर है। 26 मीटर चौड़ा और 1452 मीटर लंबा यह फ्लाईओवर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बदलने वाला प्रोजेक्ट बताया गया था। पहले इसे दिसंबर तक पूरा करने का दावा हुआ, फिर जून की समयसीमा दी गई, लेकिन अब हालात यह हैं कि वर्षाकाल के बाद ही इसके शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। मुख्य चौराहे पर ब्रिज की सबसे महत्वपूर्ण ब्रो स्ट्रिंग की लॉन्चिंग अब तक पूरी नहीं हो सकी। एक तरफ 400 टन वजनी स्ट्रक्चर रखी जा चुकी है, जबकि दूसरी ओर निर्माण अभी जारी है।
लवकुश चौराहे पर अधूरी सर्विस रोड बढ़ाएगी बारिश में आफत
स्थिति सिर्फ फ्लाईओवर तक सीमित नहीं है। मरीमाता से उज्जैन रोड उतरने वाले हिस्से की सर्विस रोड भी अधूरी है। कहीं सड़क खुदी पड़ी है तो कहीं निर्माण शुरू ही नहीं हुआ। बारिश शुरू होने वाली है और वाहन चालकों को अंदेशा है कि इस बार भी उन्हें कीचड़, जाम और डायवर्जन का सामना करना पड़ेगा। विगत दिनों लवकुश चौराहा से मरीमाता की तरफ की सर्विस रोड का निर्माण शुरू किया गया है।
आइडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े का कहना है कि लवकुश चौराहा पर बन रहे फ्लाईओवर का निर्माण जारी है और इसका निर्माण जल्द पूरा कर लिया जाएगा। सर्विस रोड का निर्माण भी शुरू किया गया है। टीपीएस योजनाओं के विकास कार्य जारी हैं, जमीन मिलने के बाद काम तेज गति से किए जा रहे हैं। एमआर सड़कों का निर्माण भी जल्द पूरा किया जाएगा।
डेढ़ साल बाद भी बाधाएं जस की तस
बायपास से एबी रोड तक बनाई जा रही एमआर-11 सड़क भी विकास योजनाओं की धीमी गति का बड़ा उदाहरण बन चुकी है। 70 करोड़ रुपये की लागत से 3.4 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करीब डेढ़ साल से जारी है, लेकिन अब तक बाधक निर्माण नहीं हट पाए हैं। देवास नाका क्षेत्र में करीब 225 परिवारों के विस्थापन का मामला अटका हुआ है। न पुनर्वास की स्पष्ट योजना है और न ही निर्माण हटाने की ठोस कार्रवाई। नतीजा यह कि सड़क का काम टुकड़ों में चल रहा है। कई जगह लेआउट संबंधी परेशानियां भी सामने आ रही हैं।
सिंहस्थ की प्रमुख सड़क टुकड़ों में अटकी
सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन के लिए महत्वपूर्ण बताई जा रही एमआर-12 सड़क भी वर्षों से अधूरी है। 9.4 किमी लंबी इस सड़क को बायपास से एबी रोड होते हुए उज्जैन रोड तक जोड़ना है, ताकि भारी वाहनों का दबाव एमआर-10 से कम हो सके। लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि सड़क अब भी अधूरी पड़ी है। करीब चार किलोमीटर हिस्सा ही टुकड़ों में बन पाया है।
बाकी हिस्सों में अतिक्रमण और बाधाएं दीवार बनकर खड़ी हैं। यहां लगभग एक हजार निर्माण हटाने हैं, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही। ऊपर से कैलोदहाला रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी और कान्ह नदी पर पुल का निर्माण भी पूरा नहीं हुआ।
एमआर-4 का हाल भी बेहाल
सरवटे से एमआर-10 तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण का काम भी वर्षों से अधूरा है। फैक्ट्रियों की बाधाएं और लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन के सामने बसे 80 से अधिक परिवारों का विस्थापन अब तक नहीं हो सका। परिणाम यह है कि सड़क निर्माण अधर में लटका हुआ है और लोग रोज जाम की मार झेल रहे हैं।
टेंडर हुआ, लेकिन रफ्तार गायब
एमआर-10 कुमेड़ी रेलवे लाइन पर मौजूदा आरओबी ट्रैफिक का बढ़ता दबाव नहीं संभाल पा रहा। इसके समाधान के लिए दूसरा आरओबी प्रस्तावित किया गया था। टेंडर प्रक्रिया पूरी हुए करीब एक साल गुजर चुका है, लेकिन काम की रफ्तार बेहद धीमी है। जबकि दावा किया गया था कि सिंहस्थ से पहले इसे पूरा कर लिया जाएगा। मौजूदा हालात देखकर यह लक्ष्य भी संदेह के घेरे में नजर आ रहा है।
टीपीएस योजनाएं भी उम्मीदों पर भारी
शहर की आवासीय जरूरत पूरी करने के लिए बनाई जा रही टीपीएस-1, 3, 5, 8, 9 और 10 योजनाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। वर्षों बाद भी विकास कार्य जारी हैं और आमजन को सर्वसुविधायुक्त प्लॉट मिलने का सपना अधूरा है। जिन योजनाओं से शहर के विस्तार और आवास संकट का समाधान निकलना था, वे खुद अधूरेपन की तस्वीर बन गई हैं। इंदौर में विकास के नाम पर बड़े-बड़े बोर्ड और घोषणाएं तो दिख रही हैं, लेकिन जमीन पर अधूरे प्रोजेक्ट्स, धूल, जाम और इंतजार ही नजर आता है।
यह भी पढ़ें- भोपाल में रसोई गैस पर महंगाई की दोहरी मार… पहले से बुक कराने वालों से भी वसूला नया रेट
Source link
#कब #तक #जम #और #धल #झलग #इदरवस #करड #क #फलईओवर #सडक #और #टपएस #यजनए #वरष #स #अधर



Post Comment