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छावनी और जिंसी में एक जगह नक्शा पास होगा नहीं, दूसरी जगह एक हजार वर्गफीट के लगेंगे 9 लाख रुपये

छावनी और जिंसी में एक जगह नक्शा पास होगा नहीं, दूसरी जगह एक हजार वर्गफीट के लगेंगे 9 लाख रुपये

जिंसी वालों को यदि मकान बनाने के लिए नक्शा पास करवाना है तो मोटी फीस चुकाना होगी। एक हजार वर्गफीट पर करीब 9 लाख रुपये निगम में नक्शा पास करने की फीस ल …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 30 May 2026 10:11:16 AM (IST)Updated Date: Sat, 30 May 2026 10:35:05 AM (IST)

क्षेत्र में इस तरह की गई है तोड़फोड़। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. घर-दुकान तुड़वाने के बाद भी छावनी और जिंसी वालों की मुश्किलें कम नहीं होगी
  2. छावनी में तो नए निर्माण के लिए नक्शा पास ही नहीं होगा
  3. चार साल से नक्शे पास होने पर लगी रोक अब भी जारी रहेगी

कुलदीप भावसार, नईदुनिया, इंदौर। घर दुकान तुड़वाने के बाद भी छावनी और जिंसी वालों की मुश्किलें कम नहीं होगी। नगर निगम इन्हें नए निर्माण की अनुमतियों पर भी नया दर्द देने वाला है। छावनी में तो नए निर्माण के लिए नक्शा पास ही नहीं होगा। चार साल से नक्शे पास होने पर लगी रोक अब भी जारी रहेगी।

जिंसी वालों को यदि मकान बनाने के लिए नक्शा पास करवाना है तो मोटी फीस चुकाना होगी। एक हजार वर्गफीट पर करीब 9 लाख रुपये निगम में नक्शा पास करने की फीस लगेगी। यानी जितने पैसे में मकान बन जाता है लगभग उतना तो सिर्फ नक्शा पास कराने में लग जाएगाा।

तमाम झंझावतों के बाद जैसे-तैसे मकान बना भी लिया तो निगम की कार्रवाई की तलवार 24 घंटे सिर पर लटकी रहेगी, क्योकि खुद निगमायुक्त कह चुके हैं कि मास्टर प्लान की इन दोनों सड़कों की चौड़ाई तो 80 फीट ही रहेगी। निगम ने पहले चरण में फिलहाल 60 फीट चौड़ाई के हिसाब से निर्माण हटाए हैं। निगम जब चाहेगा तब दूसरे चरण की कार्रवाई कर देगा। इधर नगर निगम ने शुक्रवार को छावनी और जिंसी दोनों ही सड़कों से मलबा हटाने का काम तेज कर दिया। दवा बाजार वाली साइड तो सड़क के लिए बेस तैयार करने काम शुरू भी हो गया है।

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नगर निगम ने 21 और 22 मई को रिमूवल की कार्रवाई कर जिंसी और छावनी के दशकों पुराने मकान खंडहर में बदल दिए। अब रहवासियों के सामने इन खंडहर हो चुके मकानों को दोबारा रहने लायक बनाने की चुनौती है। छावनी और जिंसी दोनों ही जगह कई मकान इस स्थिति में हैं कि उनमें रह पाना संभव ही नहीं। इन मकानों का बचा हिस्सा किसी भी दिन भरभराकर गिर सकता है। ऐसे में इन मकानों का नए सिरे से निर्माण करना ही पडेगा।

परेशानी यह है कि रहवासी चाहकर भी यह नहीं कर पाएंगे। वजह है कि छावनी में तो चार साल से नक्शा पास करने पर रोक लगी हुई है। इधर जिंसी के लोगों की परेशानी भी कम नहीं है। उनके नक्शे तो पास हो जाएंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें मोटा पैसा खर्च करना होगा। इंजीनियरों के अनुसार जिंसी में एक हजार वर्गफीट के प्लाट पर नक्शा पास कराने के लगभग नौ लाख रुपये खर्च करना होंगे।

सड़क की चौड़ाई 80 फीट मानकर ही पास होंगे नक्शे

नक्शा पास कराने में परेशानी यह भी है कि निगम सड़क की चौड़ाई 80 फीट मानकर ही नक्शा पास करेगा। मतलब साफ है कि सड़क के दोनों तरफ 10-10 फीट छोड़कर ही नक्शे पास होंगे। जिस व्यक्ति का प्लाट 21-22 मई की कार्रवाई के बाद 30 फीट गहरा बचा है उसका नक्शा 20 फीट गहराई के हिसाब से ही पास होगा।

हमने प्रमुख सचिव से चर्चा की है

छावनी में डेटा फार्म की वजह से नक्शा पास होने में परेशानी है। वहां वर्तमान में नक्शे पास नहीं किए जा रहे हैं। इस बारे में प्रमुख सचिव से चर्चा भी की है। हम पत्राचार भी कर रहे हैं। जहां तक जिंसी में नक्शे पास कराने के शुल्क का सवाल है यह शासन के नियमानुसार ही है। -राजेश उदावत, भवन अनुज्ञा प्रभारी नगर निगम

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