नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गर्मी की शुरुआत में ही इंदौर में जल संकट गहरा गया है। पिछले वर्षा में जहां मई के दूसरे पखवाड़े में नलकूपों का जलस्तर गिरने के बाद पानी के टैंकरों की डिमांड होती थी। नगर निगम के टैंकर भी पानी की आपूर्ति नहीं कर पा रहे है। इस वजह से लोगों को 700 से एक हजार रुपये में टैंकर बुलवाना पड़ रहा है।
वहीं इस बार अप्रैल माह से शहर के कई इलाकों में पानी के टैंकर चल रहे है। इसके बाद भी हालात कई रहवासी क्षेत्रों में लोगों की शिकायत के बाद भी पानी के टैंकर घरों तक नहीं पहुंच रहे है। जिन इलाकों में टैंकर पहुंच रहे है वहां पर लोगों पानी के लिए कतारें लगाना पड़ रही हैं।
शहर में पानी की किल्लत उन इलाकों में ज्यादा है जहां पर नर्मदा की पेयजल वितरण लाइन नहीं है। यही वजह है कि पालदा, मूसाखेड़ी, कैलोद करताल, महालक्ष्मी नगर, निपानिया, न्याय नगर, लसूड़िया, छोटा बांगड़दा, विनय नगर, पाश्वनाथ नगर, मानवता नगर, खजराना, नेमीनगर, केसरबाग रोड, स्कीम नंबर 136 सहित सहित कई इलाकों में जलसंकट ज्यादा होने के कारण ज्यादा टैंकर की डिमांड है।
कृष्णबाग में घरों में आ रहा नर्मदा का गंदा पानी, टैंकर भी नहीं पहुंच रहे
कृष्णबाग क्षेत्र में लोगों के घरों में नर्मदा का पानी शुरुआत के 10 मिनट तक गंदा आता है। यह समस्यां क्षेत्र में सड़क निर्माण के कारण पाइप लाइन की टूटफूट से पिछले तीन महीने से बनी हुई। वही इस क्षेत्र में सार्वजनिक बोरिंग का पानी भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। पिछले चार दिनों से इस क्षेत्र में बोरिंग चालू ही नहीं किया जा रहा है।
जोन नंबर 8 के अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी बोरिंग का संचालन अभी तक शुरु नहीं हुआ है। वही इस क्षेत्र में लोगों टेंकर बुलवाना पड़ रहा है। हालांकि ईका-दुका स्थानों पर टैंकर पहुंच रहे है। कृष्णबाग की गली नंबर 2 के रहवासियों की शिकायत है कि इनके गली में टैंकर आने को तैयार हो रहा है।
तालाब किनारे भी बोरवेल सूखे, निगम नहीं भेज रहा टैंकर
खंडवा रोड पर छोटा बिलावली और बड़ा बिलावली तालाब के पास बनी कालोनियों में भी जल संकट गहरा गया है। वार्ड 77 के अंतर्गत आने वाली श्रीयंत्र नगर के सेक्टर सी में आधे से ज्यादा घरों के बोरवेल सूख चूके हैं। अप्रैल मध्य से ऐसे हाल बने हुए हैं। इस बीच नगर निगम ना तो क्षेत्र में पानी के टैंकर चला रहा है ना वैकल्पिक जल वितरण की कोई व्यवस्था कर रहा है। रहवासियों को महंगे निजी टैंकरों से पानी खरीदकर जरुरत की पूर्ति करना पड़ रही है। क्षेत्र में पीने के पानी के बोरवेल के पानी से निर्माण भी जारी है इस पर निगम रोक नहीं लगा रहा।
मध्य क्षेत्र में पानी की समस्या
शहर के मध्य क्षेत्र में गंभीर जल संकट है। जूना रिसाला, चंदन नगर, सिकंदराबाद सहित कई पुरानी बस्तियां हैं जहां पानी की किल्लत बनी हुई है। इन क्षेत्रों में ऐसा नहीं कि नर्मदा लाइन नहीं है। नर्मदा लाइन तो है लेकिन पानी कुछ देर के लिए आता है। छत्रीपुरा, इंदिरा नगर, बाराभाई जैसे कई इलाके हैं जो इन दिनों पूरी तरह से बोरिंग पर निर्भर हो गए हैं। कुछ क्षेत्रों मेंं तो बोरिंग भी सूखने लगे हैं। पालदा, बांगड़दा, देवगुराडिया जैसे बाहरी क्षेत्रों में भी गंभीर जलसंकट है।
पानी की है शिकायत तो फोन करें
यदि आपके क्षेत्र में नर्मदा की लाइन में पानी नहीं आ रहा, गंदा पानी आ रहा है, बोरिंग सूख गए है और पानी के टैंकर नहीं पहुंच रहे है तो आज दोपहर तीन से चार बजे के बीच हेलो नईदुनिया में निगम के अपर आयुक्त आशीष कुमार पाठक से चर्चा कर फोन नंबर 0731-4711121 अपनी समस्या बताएं।
जहां आ रही शिकायतें वहां पहुंचा रहे टैंकर
शहर के जिन भी इलाकों से जल संकट की शिकायतें आ रही है। निगम वहां पर पानी के टैंकर पहुंचा रहा है। -क्षितिज सिंघल, निगमायुक्त
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