कार्यशाला में 300 से अधिक कर सलाहकार शामिल हुए। मुख्य वक्ता के रूप में एडवोकेट अमित दवे ने अपील की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। जबकि तकनीकी पहलूओ …और पढ़ें
HighLights
- जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल अब सुनवाई शुरू करने जा रहा है
- बीते वर्षों के कर निर्धारण मामलों में अपील दाखिल करने के लिए 30 जून अंतिम तिथि निर्धारित है
- देरी पर रियायत भी मिल सकती है, लेकिन उसके भी नियम है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल अब सुनवाई शुरू करने जा रहा है। बीते वर्षों के कर निर्धारण मामलों में अपील दाखिल करने के लिए 30 जून अंतिम तिथि निर्धारित है। देरी पर रियायत भी मिल सकती है लेकिन उसके भी नियम है।
आने वाले समय में ट्रिब्यूनल में पैरवी करने वाले वकील-करसलाहकार खुद को तराशते दिखे। मंगलवार को कमर्शियल टैक्स प्रेक्टिशनर्स एसोसिएशन और मप्र टैक्स ला बार एसोसिएशन ने राज्य स्तरीय जीएसटी कार्यशाला में ट्रिब्यूनल में अपील की तकनीकी बारिकियों को समझाया गया।
नवलखा स्थित माहेश्वरी भवन में आयोजित हुई कार्यशाला में 300 से अधिक कर सलाहकार शामिल हुए। मुख्य वक्ता के रूप में एडवोकेट अमित दवे ने अपील की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। जबकि तकनीकी पहलूओं को समझाने के लिए एडवोकेट पल्लवी लखोटिया ने प्रेजेंटेशन दिया।
सफलता तथ्यों, दस्तावेजों और समय-सीमा के पालन पर निर्भर करती है
दवे ने कहा कि करदाताओं के अधिकारों की रक्षा अपील से की जा सकती है। हालांकि सफलता तथ्यों, दस्तावेजों और समय-सीमा के पालन पर निर्भर करती है। 30 जून तक अपील दायर करना संभव न हो तो विलंब क्षमा याचना की तैयारी पहले से कर लेनी चाहिए। कारण होने पर ट्रिब्यूनल अधिकतम 3 माह का विलंब क्षमा कर सकता है।
अपील दाखिल होने के बाद त्रुटि सुधारने के लिए 7 दिन का समय दिया जाता है। पल्लवी लखोटिया ने कहा कि अपील दायर करने के लिए करदाता तथा अधिकृत प्रतिनिधि यानि सीए या एडवोकेट का पोर्टल पर पंजीकरण आवश्यक है। पोर्टल पर डेट ऑफ कमेंसमेंट के कॉलम में व्यवसाय प्रारंभ करने की तिथि दर्ज करना होगी ना कि जीएसटी पंजीकरण की।
हिंदी या क्षेत्रीय भाषाओं के दस्तावेजों को अंग्रेजी अनुवाद के साथ अपील में संलग्न करना जरुरी है। सेमिनार में पूर्व सहायक आयुक्त संजय सूद ने माडरेटर की भूमिका निभाते हुए कहा कि अपीलेट ट्रिब्यूनल के पोर्टल में भी सुधार और संशोधन हो रहे हैं।सीटीपीए के अध्यक्ष सुधीर मिश्रा व टैक्स ला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विन लखोटिया समेत तमाम प्रतिनिधि सेमिनार में शामिल हुए।
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