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कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट: क्या 'नीतीश फॉर्मूले' से सुलझेगा सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार का विवाद?
	
		
	Karnataka Politics : कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रही खींचतान फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस हाईकमान के साथ लंबी 

	बैठकों के बावजूद दोनों नेताओं के बीच नेतृत्व विवाद बना हुआ है। हालांकि मीडिया खबरों में दावा किया गया है कि बिहार के नीतीश फॉर्मूले पर कर्नाटक में भी सहमति बनती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजा जा सकता है जबकि उपमुख्‍यमंत्री डीके शिवकुमार राज्य के मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

	 

	राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में दोनों नेताओं के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि इस बैठक में सिद्धारमैया और शिवकुमार में इस पर चर्चा हु्ई है।

	 

	सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार खेमे की ओर से सिद्धारमैया पर मुख्यमंत्री पद छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्हें केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देने का प्रस्ताव भी दिया गया।

	 

	क्या बोले केसी वेणुगोपाल

	हालांकि  कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि बैठक में केवल कर्नाटक की राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर चर्चा हुई। वेणुगोपाल ने कहा कि जो भी अटकलें लगाई जा रही हैं, वे केवल अटकलें हैं।

	 

	सिद्धारमैया ने बुलाई ब्रेकफास्ट बैठक

	कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच, सीएम सिद्धारमैया ने 28 मई, गुरुवार सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी इस ब्रेकफास्ट मीटिंग में शामिल होंगे।

	 

	गौरतलब है कि 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से पार्टी नेतृत्व कई बार दोनों नेताओं के बीच मतभेद सुलझाने के लिए हस्तक्षेप कर चुका है। डीके शिवकुमार समर्थक लगातार दावा करते रहे हैं कि सरकार गठन के समय ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का फॉर्मूला तय हुआ था, हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने कभी सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की। 

	edited by : Nrapendra Gupta 

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट: क्या 'नीतीश फॉर्मूले' से सुलझेगा सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार का विवाद?

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट: क्या 'नीतीश फॉर्मूले' से सुलझेगा सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार का विवाद?
	
		
	Karnataka Politics : कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रही खींचतान फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस हाईकमान के साथ लंबी 

	बैठकों के बावजूद दोनों नेताओं के बीच नेतृत्व विवाद बना हुआ है। हालांकि मीडिया खबरों में दावा किया गया है कि बिहार के नीतीश फॉर्मूले पर कर्नाटक में भी सहमति बनती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजा जा सकता है जबकि उपमुख्‍यमंत्री डीके शिवकुमार राज्य के मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

	 

	राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में दोनों नेताओं के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि इस बैठक में सिद्धारमैया और शिवकुमार में इस पर चर्चा हु्ई है।

	 

	सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार खेमे की ओर से सिद्धारमैया पर मुख्यमंत्री पद छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्हें केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देने का प्रस्ताव भी दिया गया।

	 

	क्या बोले केसी वेणुगोपाल

	हालांकि  कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि बैठक में केवल कर्नाटक की राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर चर्चा हुई। वेणुगोपाल ने कहा कि जो भी अटकलें लगाई जा रही हैं, वे केवल अटकलें हैं।

	 

	सिद्धारमैया ने बुलाई ब्रेकफास्ट बैठक

	कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच, सीएम सिद्धारमैया ने 28 मई, गुरुवार सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी इस ब्रेकफास्ट मीटिंग में शामिल होंगे।

	 

	गौरतलब है कि 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से पार्टी नेतृत्व कई बार दोनों नेताओं के बीच मतभेद सुलझाने के लिए हस्तक्षेप कर चुका है। डीके शिवकुमार समर्थक लगातार दावा करते रहे हैं कि सरकार गठन के समय ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का फॉर्मूला तय हुआ था, हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने कभी सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की। 

	edited by : Nrapendra Gupta 

Karnataka Politics : कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रही खींचतान फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस हाईकमान के साथ लंबी 

बैठकों के बावजूद दोनों नेताओं के बीच नेतृत्व विवाद बना हुआ है। हालांकि मीडिया खबरों में दावा किया गया है कि बिहार के नीतीश फॉर्मूले पर कर्नाटक में भी सहमति बनती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजा जा सकता है जबकि उपमुख्‍यमंत्री डीके शिवकुमार राज्य के मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

 

राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में दोनों नेताओं के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि इस बैठक में सिद्धारमैया और शिवकुमार में इस पर चर्चा हु्ई है।

 

सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार खेमे की ओर से सिद्धारमैया पर मुख्यमंत्री पद छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्हें केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देने का प्रस्ताव भी दिया गया।

 

क्या बोले केसी वेणुगोपाल

हालांकि  कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि बैठक में केवल कर्नाटक की राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर चर्चा हुई। वेणुगोपाल ने कहा कि जो भी अटकलें लगाई जा रही हैं, वे केवल अटकलें हैं।

 

सिद्धारमैया ने बुलाई ब्रेकफास्ट बैठक

कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच, सीएम सिद्धारमैया ने 28 मई, गुरुवार सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी इस ब्रेकफास्ट मीटिंग में शामिल होंगे।

 

गौरतलब है कि 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से पार्टी नेतृत्व कई बार दोनों नेताओं के बीच मतभेद सुलझाने के लिए हस्तक्षेप कर चुका है। डीके शिवकुमार समर्थक लगातार दावा करते रहे हैं कि सरकार गठन के समय ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का फॉर्मूला तय हुआ था, हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने कभी सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की। 

edited by : Nrapendra Gupta 

Karnataka Politics : कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रही खींचतान फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस हाईकमान के साथ लंबी 

बैठकों के बावजूद दोनों नेताओं के बीच नेतृत्व विवाद बना हुआ है। हालांकि मीडिया खबरों में दावा किया गया है कि बिहार के नीतीश फॉर्मूले पर कर्नाटक में भी सहमति बनती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजा जा सकता है जबकि उपमुख्‍यमंत्री डीके शिवकुमार राज्य के मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

 

राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में दोनों नेताओं के साथ बैठक की। बताया जा रहा है कि इस बैठक में सिद्धारमैया और शिवकुमार में इस पर चर्चा हु्ई है।

 

सूत्रों के मुताबिक, डीके शिवकुमार खेमे की ओर से सिद्धारमैया पर मुख्यमंत्री पद छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्हें केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका देने का प्रस्ताव भी दिया गया।

 

क्या बोले केसी वेणुगोपाल

हालांकि  कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि बैठक में केवल कर्नाटक की राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर चर्चा हुई। वेणुगोपाल ने कहा कि जो भी अटकलें लगाई जा रही हैं, वे केवल अटकलें हैं।

 

सिद्धारमैया ने बुलाई ब्रेकफास्ट बैठक

कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच, सीएम सिद्धारमैया ने 28 मई, गुरुवार सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी इस ब्रेकफास्ट मीटिंग में शामिल होंगे।

 

गौरतलब है कि 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से पार्टी नेतृत्व कई बार दोनों नेताओं के बीच मतभेद सुलझाने के लिए हस्तक्षेप कर चुका है। डीके शिवकुमार समर्थक लगातार दावा करते रहे हैं कि सरकार गठन के समय ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद का फॉर्मूला तय हुआ था, हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने कभी सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की। 

edited by : Nrapendra Gupta 

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">घरवालों ने बिना बताए इस टॉप क्रिकेटर का रिश्ता कर दिया था पक्का, फिर बहन से पैदा की चार बेटियां Shahid Afridi पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेटर शाहिद आफरीदी अक्सर किसी ने किसी वजह के चलते चर्चा में बने रहते हैं। अपनी क्रिकेट को लेकर सुबह है अक्सर चर्चा में आते ही रहते हैं लेकिन उनकी निजी जिंदगी भी काफी ज्यादा दिलचस्प है। उनकी लव स्टोरी और शादी का किस्सा जानकर आज भी लोग काफी ज्यादा हैरान रह जाते हैं।           स्कूल में टीचर पर आ गया था दिल शाहिद आफरीदी ने एक पुराने टीवी इंटरव्यू में अपने पहले प्यार का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि जब वह स्कूल में पढ़ते थे, तभी उन्हें पहली बार किसी से प्यार हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि वो लड़की कोई और नहीं बल्कि उनकी टीचर थीं।          शाहिद आफरीदी ने हंसते हुए बताया था कि उस समय उनकी उम्र करीब 9 या 10 साल थी और उन्हें अपनी टीचर बेहद खूबसूरत लगती थीं। उन्होंने कहा था कि वो सिर्फ बचपन का क्रश था, लेकिन उस समय उन्हें सच में लगता था कि उन्हें प्यार हो गया है।         मजाक-मजाक में तय हो गई शादी शाहिद आफरीदी की शादी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने अपनी कजिन यानी मामा की बेटी नादिया से शादी की है। खबरों के अनुसार यह लव नहीं बल्कि अरेंज मैरिज थी। शाहिद आफरीदी ने खुद बताया था कि एक बार वह कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे थे। जाने से पहले उन्होंने मजाक में अपने पिता से कह दिया कि उनके लिए कोई लड़की ढूंढ लें। लेकिन उनके पिता ने इस बात को मजाक नहीं समझा। जब वो वापस लौटे, तो उनके पिता ने बताया कि उन्होंने उनके लिए रिश्ता तय कर दिया है। सबसे ज्यादा हैरानी उन्हें तब हुई जब पता चला कि उनकी होने वाली पत्नी उनकी कजिन नादिया हैं, जिन्हें वह बचपन से जानते थे।        शादी के अगले दिन ही खेलने चले गए मैच शाहिद आफरीदी और नादिया की शादी 22 अक्टूबर 2000 को हुई थी। लेकिन शादी के तुरंत बाद भी उन्होंने क्रिकेट को सबसे ऊपर रखा। रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के अगले ही दिन आफरीदी पाकिस्तान टीम के साथ मैच खेलने निकल गए थे क्योंकि उस समय पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच सीरीज चल रही थी।        दिलचस्प बात यह है कि शादी के बाद खेले गए पहले ही मैच में शाहिद आफरीदी ने शानदार प्रदर्शन किया। लाहौर में खेले गए मुकाबले में उन्होंने ताबड़तोड़ हाफ सेंचुरी लगाने के साथ 5 विकेट भी झटके थे। उनके शानदार खेल के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था।        चार बेटियों के पिता हैं आफरीदी शाहिद आफरीदी और उनकी पत्नी नादिया आज चार बेटियों के माता-पिता हैं। उनकी बेटियों के नाम अक्सा, अंशा, अज्वा और अस्मारा हैं। शाहिद आफरीदी अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार के साथ तस्वीरें शेयर करते रहते हैं। हालांकि वह अपनी निजी जिंदगी को ज्यादा लाइमलाइट में रखना पसंद नहीं करते।       क्रिकेट के साथ समाज सेवा में भी एक्टिव क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद भी शाहिद आफरीदी लगातार चर्चा में बने रहते हैं। वह सोशल सर्विस में भी काफी एक्टिव हैं।उनका NGO Shahid Afridi Foundation शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए काम करता है।

शाहिद आफरीदी ने हंसते हुए बताया था कि उस समय उनकी उम्र करीब 9 या 10 साल थी और उन्हें अपनी टीचर बेहद खूबसूरत लगती थीं। उन्होंने कहा था कि वो सिर्फ बचपन का क्रश था, लेकिन उस समय उन्हें सच में लगता था कि उन्हें प्यार हो गया है।

मजाक-मजाक में तय हो गई शादी

शाहिद आफरीदी की शादी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने अपनी कजिन यानी मामा की बेटी नादिया से शादी की है। खबरों के अनुसार यह लव नहीं बल्कि अरेंज मैरिज थी। शाहिद आफरीदी ने खुद बताया था कि एक बार वह कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे थे। जाने से पहले उन्होंने मजाक में अपने पिता से कह दिया कि उनके लिए कोई लड़की ढूंढ लें। लेकिन उनके पिता ने इस बात को मजाक नहीं समझा। जब वो वापस लौटे, तो उनके पिता ने बताया कि उन्होंने उनके लिए रिश्ता तय कर दिया है। सबसे ज्यादा हैरानी उन्हें तब हुई जब पता चला कि उनकी होने वाली पत्नी उनकी कजिन नादिया हैं, जिन्हें वह बचपन से जानते थे।

शादी के अगले दिन ही खेलने चले गए मैच

शाहिद आफरीदी और नादिया की शादी 22 अक्टूबर 2000 को हुई थी। लेकिन शादी के तुरंत बाद भी उन्होंने क्रिकेट को सबसे ऊपर रखा। रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के अगले ही दिन आफरीदी पाकिस्तान टीम के साथ मैच खेलने निकल गए थे क्योंकि उस समय पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच सीरीज चल रही थी।

दिलचस्प बात यह है कि शादी के बाद खेले गए पहले ही मैच में शाहिद आफरीदी ने शानदार प्रदर्शन किया। लाहौर में खेले गए मुकाबले में उन्होंने ताबड़तोड़ हाफ सेंचुरी लगाने के साथ 5 विकेट भी झटके थे। उनके शानदार खेल के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था।

चार बेटियों के पिता हैं आफरीदी

शाहिद आफरीदी और उनकी पत्नी नादिया आज चार बेटियों के माता-पिता हैं। उनकी बेटियों के नाम अक्सा, अंशा, अज्वा और अस्मारा हैं। शाहिद आफरीदी अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार के साथ तस्वीरें शेयर करते रहते हैं। हालांकि वह अपनी निजी जिंदगी को ज्यादा लाइमलाइट में रखना पसंद नहीं करते।

क्रिकेट के साथ समाज सेवा में भी एक्टिव

क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद भी शाहिद आफरीदी लगातार चर्चा में बने रहते हैं। वह सोशल सर्विस में भी काफी एक्टिव हैं।उनका NGO Shahid Afridi Foundation शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए काम करता है।

">घरवालों ने बिना बताए इस टॉप क्रिकेटर का रिश्ता कर दिया था पक्का, फिर बहन से पैदा की चार बेटियां

Shahid Afridi पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेटर शाहिद आफरीदी अक्सर किसी ने किसी वजह के चलते चर्चा में बने रहते हैं। अपनी क्रिकेट को लेकर सुबह है अक्सर चर्चा में आते ही रहते हैं लेकिन उनकी निजी जिंदगी भी काफी ज्यादा दिलचस्प है। उनकी लव स्टोरी और शादी का किस्सा जानकर आज भी लोग काफी ज्यादा हैरान रह जाते हैं।

घरवालों ने बिना बताए इस टॉप क्रिकेटर का रिश्ता कर दिया था पक्का, फिर बहन से पैदा की चार बेटियां Shahid Afridi पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेटर शाहिद आफरीदी अक्सर किसी ने किसी वजह के चलते चर्चा में बने रहते हैं। अपनी क्रिकेट को लेकर सुबह है अक्सर चर्चा में आते ही रहते हैं लेकिन उनकी निजी जिंदगी भी काफी ज्यादा दिलचस्प है। उनकी लव स्टोरी और शादी का किस्सा जानकर आज भी लोग काफी ज्यादा हैरान रह जाते हैं।           स्कूल में टीचर पर आ गया था दिल शाहिद आफरीदी ने एक पुराने टीवी इंटरव्यू में अपने पहले प्यार का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि जब वह स्कूल में पढ़ते थे, तभी उन्हें पहली बार किसी से प्यार हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि वो लड़की कोई और नहीं बल्कि उनकी टीचर थीं।          शाहिद आफरीदी ने हंसते हुए बताया था कि उस समय उनकी उम्र करीब 9 या 10 साल थी और उन्हें अपनी टीचर बेहद खूबसूरत लगती थीं। उन्होंने कहा था कि वो सिर्फ बचपन का क्रश था, लेकिन उस समय उन्हें सच में लगता था कि उन्हें प्यार हो गया है।         मजाक-मजाक में तय हो गई शादी शाहिद आफरीदी की शादी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने अपनी कजिन यानी मामा की बेटी नादिया से शादी की है। खबरों के अनुसार यह लव नहीं बल्कि अरेंज मैरिज थी। शाहिद आफरीदी ने खुद बताया था कि एक बार वह कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे थे। जाने से पहले उन्होंने मजाक में अपने पिता से कह दिया कि उनके लिए कोई लड़की ढूंढ लें। लेकिन उनके पिता ने इस बात को मजाक नहीं समझा। जब वो वापस लौटे, तो उनके पिता ने बताया कि उन्होंने उनके लिए रिश्ता तय कर दिया है। सबसे ज्यादा हैरानी उन्हें तब हुई जब पता चला कि उनकी होने वाली पत्नी उनकी कजिन नादिया हैं, जिन्हें वह बचपन से जानते थे।        शादी के अगले दिन ही खेलने चले गए मैच शाहिद आफरीदी और नादिया की शादी 22 अक्टूबर 2000 को हुई थी। लेकिन शादी के तुरंत बाद भी उन्होंने क्रिकेट को सबसे ऊपर रखा। रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के अगले ही दिन आफरीदी पाकिस्तान टीम के साथ मैच खेलने निकल गए थे क्योंकि उस समय पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच सीरीज चल रही थी।        दिलचस्प बात यह है कि शादी के बाद खेले गए पहले ही मैच में शाहिद आफरीदी ने शानदार प्रदर्शन किया। लाहौर में खेले गए मुकाबले में उन्होंने ताबड़तोड़ हाफ सेंचुरी लगाने के साथ 5 विकेट भी झटके थे। उनके शानदार खेल के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था।        चार बेटियों के पिता हैं आफरीदी शाहिद आफरीदी और उनकी पत्नी नादिया आज चार बेटियों के माता-पिता हैं। उनकी बेटियों के नाम अक्सा, अंशा, अज्वा और अस्मारा हैं। शाहिद आफरीदी अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार के साथ तस्वीरें शेयर करते रहते हैं। हालांकि वह अपनी निजी जिंदगी को ज्यादा लाइमलाइट में रखना पसंद नहीं करते।       क्रिकेट के साथ समाज सेवा में भी एक्टिव क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद भी शाहिद आफरीदी लगातार चर्चा में बने रहते हैं। वह सोशल सर्विस में भी काफी एक्टिव हैं।उनका NGO Shahid Afridi Foundation शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए काम करता है।

स्कूल में टीचर पर आ गया था दिल

शाहिद आफरीदी ने एक पुराने टीवी इंटरव्यू में अपने पहले प्यार का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि जब वह स्कूल में पढ़ते थे, तभी उन्हें पहली बार किसी से प्यार हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि वो लड़की कोई और नहीं बल्कि उनकी टीचर थीं।

शाहिद आफरीदी ने हंसते हुए बताया था कि उस समय उनकी उम्र करीब 9 या 10 साल थी और उन्हें अपनी टीचर बेहद खूबसूरत लगती थीं। उन्होंने कहा था कि वो सिर्फ बचपन का क्रश था, लेकिन उस समय उन्हें सच में लगता था कि उन्हें प्यार हो गया है।

मजाक-मजाक में तय हो गई शादी

शाहिद आफरीदी की शादी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने अपनी कजिन यानी मामा की बेटी नादिया से शादी की है। खबरों के अनुसार यह लव नहीं बल्कि अरेंज मैरिज थी। शाहिद आफरीदी ने खुद बताया था कि एक बार वह कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे थे। जाने से पहले उन्होंने मजाक में अपने पिता से कह दिया कि उनके लिए कोई लड़की ढूंढ लें। लेकिन उनके पिता ने इस बात को मजाक नहीं समझा। जब वो वापस लौटे, तो उनके पिता ने बताया कि उन्होंने उनके लिए रिश्ता तय कर दिया है। सबसे ज्यादा हैरानी उन्हें तब हुई जब पता चला कि उनकी होने वाली पत्नी उनकी कजिन नादिया हैं, जिन्हें वह बचपन से जानते थे।

शादी के अगले दिन ही खेलने चले गए मैच

शाहिद आफरीदी और नादिया की शादी 22 अक्टूबर 2000 को हुई थी। लेकिन शादी के तुरंत बाद भी उन्होंने क्रिकेट को सबसे ऊपर रखा। रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के अगले ही दिन आफरीदी पाकिस्तान टीम के साथ मैच खेलने निकल गए थे क्योंकि उस समय पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच सीरीज चल रही थी।

दिलचस्प बात यह है कि शादी के बाद खेले गए पहले ही मैच में शाहिद आफरीदी ने शानदार प्रदर्शन किया। लाहौर में खेले गए मुकाबले में उन्होंने ताबड़तोड़ हाफ सेंचुरी लगाने के साथ 5 विकेट भी झटके थे। उनके शानदार खेल के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया था।

चार बेटियों के पिता हैं आफरीदी

शाहिद आफरीदी और उनकी पत्नी नादिया आज चार बेटियों के माता-पिता हैं। उनकी बेटियों के नाम अक्सा, अंशा, अज्वा और अस्मारा हैं। शाहिद आफरीदी अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार के साथ तस्वीरें शेयर करते रहते हैं। हालांकि वह अपनी निजी जिंदगी को ज्यादा लाइमलाइट में रखना पसंद नहीं करते।

क्रिकेट के साथ समाज सेवा में भी एक्टिव

क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद भी शाहिद आफरीदी लगातार चर्चा में बने रहते हैं। वह सोशल सर्विस में भी काफी एक्टिव हैं।उनका NGO Shahid Afridi Foundation शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए काम करता है।

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