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AI Toys का बढ़ता चलन, 3 साल के बच्चों के लिए Chatbot टेडी बियर कितने सैफ
	
		
			
	
	आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से बच्चों के खिलौनों की दुनिया में भी प्रवेश कर रहा है। AI टॉयज को लेकर दुनियाभर में बहस तेज हो गई है।  ChattyBear नाम का एक मुलायम भूरे रंग का टेडी बियर सुर्खियों में है, जो हर बातचीत की शुरुआत “Hello, my buddy!” कहकर करता है।

	
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	अब यह सिर्फ कल्पना की बात नहीं रह गई है। ChattyBear नई पीढ़ी के AI आधारित खिलौनों का हिस्सा है, जो बच्चों को कहानियां सुना सकता है, उनकी रुचियों पर बातचीत कर सकता है, खेल खेल सकता है और यहां तक कि दुनिया में चल रही घटनाओं पर भी चर्चा कर सकता है।

	 

	
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	ये हाई-टेक खिलौने ChatGPT जैसे जनरेटिव AI इंजन से संचालित होते हैं और अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। कंपनियां इन्हें तीन साल तक के छोटे बच्चों के लिए शैक्षणिक विकास और नए तरह के मनोरंजन का माध्यम बताकर प्रचारित कर रही हैं।

	
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	इन AI खिलौनों को स्क्रीन टाइम के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि इतनी कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसे चैटबॉट आधारित खिलौनों के इस्तेमाल से गोपनीयता, भावनात्मक जुड़ाव और गलत जानकारी जैसे कई जोखिम भी पैदा हो सकते हैं।  Edited by : Sudhir Sharma

AI Toys का बढ़ता चलन, 3 साल के बच्चों के लिए Chatbot टेडी बियर कितने सैफ

AI Toys का बढ़ता चलन, 3 साल के बच्चों के लिए Chatbot टेडी बियर कितने सैफ
	
		
			
	
	आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से बच्चों के खिलौनों की दुनिया में भी प्रवेश कर रहा है। AI टॉयज को लेकर दुनियाभर में बहस तेज हो गई है।  ChattyBear नाम का एक मुलायम भूरे रंग का टेडी बियर सुर्खियों में है, जो हर बातचीत की शुरुआत “Hello, my buddy!” कहकर करता है।

	
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	अब यह सिर्फ कल्पना की बात नहीं रह गई है। ChattyBear नई पीढ़ी के AI आधारित खिलौनों का हिस्सा है, जो बच्चों को कहानियां सुना सकता है, उनकी रुचियों पर बातचीत कर सकता है, खेल खेल सकता है और यहां तक कि दुनिया में चल रही घटनाओं पर भी चर्चा कर सकता है।

	 

	
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	ये हाई-टेक खिलौने ChatGPT जैसे जनरेटिव AI इंजन से संचालित होते हैं और अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। कंपनियां इन्हें तीन साल तक के छोटे बच्चों के लिए शैक्षणिक विकास और नए तरह के मनोरंजन का माध्यम बताकर प्रचारित कर रही हैं।

	
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	इन AI खिलौनों को स्क्रीन टाइम के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि इतनी कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसे चैटबॉट आधारित खिलौनों के इस्तेमाल से गोपनीयता, भावनात्मक जुड़ाव और गलत जानकारी जैसे कई जोखिम भी पैदा हो सकते हैं।  Edited by : Sudhir Sharma

आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से बच्चों के खिलौनों की दुनिया में भी प्रवेश कर रहा है। AI टॉयज को लेकर दुनियाभर में बहस तेज हो गई है।  ChattyBear नाम का एक मुलायम भूरे रंग का टेडी बियर सुर्खियों में है, जो हर बातचीत की शुरुआत “Hello, my buddy!” कहकर करता है।

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अब यह सिर्फ कल्पना की बात नहीं रह गई है। ChattyBear नई पीढ़ी के AI आधारित खिलौनों का हिस्सा है, जो बच्चों को कहानियां सुना सकता है, उनकी रुचियों पर बातचीत कर सकता है, खेल खेल सकता है और यहां तक कि दुनिया में चल रही घटनाओं पर भी चर्चा कर सकता है।

 

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ये हाई-टेक खिलौने ChatGPT जैसे जनरेटिव AI इंजन से संचालित होते हैं और अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। कंपनियां इन्हें तीन साल तक के छोटे बच्चों के लिए शैक्षणिक विकास और नए तरह के मनोरंजन का माध्यम बताकर प्रचारित कर रही हैं।

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इन AI खिलौनों को स्क्रीन टाइम के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि इतनी कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसे चैटबॉट आधारित खिलौनों के इस्तेमाल से गोपनीयता, भावनात्मक जुड़ाव और गलत जानकारी जैसे कई जोखिम भी पैदा हो सकते हैं।  Edited by : Sudhir Sharma

आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से बच्चों के खिलौनों की दुनिया में भी प्रवेश कर रहा है। AI टॉयज को लेकर दुनियाभर में बहस तेज हो गई है।  ChattyBear नाम का एक मुलायम भूरे रंग का टेडी बियर सुर्खियों में है, जो हर बातचीत की शुरुआत “Hello, my buddy!” कहकर करता है।

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अब यह सिर्फ कल्पना की बात नहीं रह गई है। ChattyBear नई पीढ़ी के AI आधारित खिलौनों का हिस्सा है, जो बच्चों को कहानियां सुना सकता है, उनकी रुचियों पर बातचीत कर सकता है, खेल खेल सकता है और यहां तक कि दुनिया में चल रही घटनाओं पर भी चर्चा कर सकता है।

 

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ये हाई-टेक खिलौने ChatGPT जैसे जनरेटिव AI इंजन से संचालित होते हैं और अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। कंपनियां इन्हें तीन साल तक के छोटे बच्चों के लिए शैक्षणिक विकास और नए तरह के मनोरंजन का माध्यम बताकर प्रचारित कर रही हैं।

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इन AI खिलौनों को स्क्रीन टाइम के विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन एक्सपर्ट्‍स का मानना है कि इतनी कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसे चैटबॉट आधारित खिलौनों के इस्तेमाल से गोपनीयता, भावनात्मक जुड़ाव और गलत जानकारी जैसे कई जोखिम भी पैदा हो सकते हैं।  Edited by : Sudhir Sharma

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इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के भाईजान अब अपने नए घर में शिफ्ट होने जा रहे है। हालांकि अभी समय लगेगा लेकिन इसके लिए शुरूआत हो चुकी हैं। बताया जा रहा हैं की सलमान खान अपना बांद्रा का गैलेक्सी अपार्टमेंट छोड़कर नए इमारत में शिफ्ट होंगे। जानकारी के मुताबिक सलमान खान खुद का प्लॉट लेकर बांद्रा में घर बनवा रहे हैं। इसके लिए सलमान खान को परमिशन भी मिल गई है।

मिली इजाजत
मीडिया रिपोटर्स की माने तो एक्टर को अपने नए छह मंजिला घर के निर्माण के लिए मंजूरी मिल गई है। सूत्रों की माने तो कंस्ट्रक्शन के बाद एक्टर पूरे परिवार के साथ नए घर में शिफ्ट होंगे। बता दें कि सलमान खान का बांद्रा में बनने वाला नया छह मंजिला घर समुद्र किनारे होगा।

जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र कोस्टल ज़ोन मैनेजमेंट अथॉरिटी ने 16 जून को इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह नया घर बांद्रा के चिम्बई इलाके में बनाया जाएगा, जो सलमान खान के मौजूदा निवास गैलेक्सी अपार्टमेंट से कुछ ही दूरी पर स्थित है। सलमान खान 1974 से गैलेक्सी अपार्टमेंट में रह रहे हैं।

pc-mid-day.com

SALMAN KHAN, Salman Khan Shifting New Home, Salman Khan leave Galaxy Apartment, Lawrence Bishnoi">Salman Khan: बॉलीवुड अभिनेता सलमान नए घर में होंगे शिफ्ट, समुद्र किनारे बन रहा 6 मंजिला घर   इंटरनेट डेस्क। बॉलीवुड के भाईजान अब अपने नए घर में शिफ्ट होने जा रहे है। हालांकि अभी समय लगेगा लेकिन इसके लिए शुरूआत हो चुकी हैं। बताया जा रहा हैं की सलमान खान अपना बांद्रा का गैलेक्सी अपार्टमेंट छोड़कर नए इमारत में शिफ्ट होंगे। जानकारी के मुताबिक सलमान खान खुद का प्लॉट लेकर बांद्रा में घर बनवा रहे हैं। इसके लिए सलमान खान को परमिशन भी मिल गई है।

मिली इजाजत
मीडिया रिपोटर्स की माने तो एक्टर को अपने नए छह मंजिला घर के निर्माण के लिए मंजूरी मिल गई है। सूत्रों की माने तो कंस्ट्रक्शन के बाद एक्टर पूरे परिवार के साथ नए घर में शिफ्ट होंगे। बता दें कि सलमान खान का बांद्रा में बनने वाला नया छह मंजिला घर समुद्र किनारे होगा।

जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र कोस्टल ज़ोन मैनेजमेंट अथॉरिटी ने 16 जून को इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। यह नया घर बांद्रा के चिम्बई इलाके में बनाया जाएगा, जो सलमान खान के मौजूदा निवास गैलेक्सी अपार्टमेंट से कुछ ही दूरी पर स्थित है। सलमान खान 1974 से गैलेक्सी अपार्टमेंट में रह रहे हैं।

pc-mid-day.comSALMAN KHAN, Salman Khan Shifting New Home, Salman Khan leave Galaxy Apartment, Lawrence Bishnoi

CM डॉ. मोहन यादव पहुंचे हिल स्टेशन कुकरू, ग्रामीणों और महिलाओं से संवाद कर जाना विकास का हाल
	
		
			
	
	मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 जून को दो दिन के प्रवास के लिए बैतूल के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू पहुंचे। उन्होंने यहां कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने समूह द्वारा तैयार किए गए मावा और रबड़ी का स्वाद लिया तथा महिलाओं से आत्मीय संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं से समूह की गतिविधियों, आय के स्रोत तथा शासकीय योजनाओं से प्राप्त सहयोग की जानकारी ली और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा उन्होंने कुकरू से सिपना सनसेट पॉइंट भी देखा। वे यहां के प्राकृतिक वातारवरण में खो से गए। 

	 

	मुख्यमंत्री डॉ यादव ने दुकान में उपलब्ध मावा  बनाने की प्रोसेस को देखा और महिलाओं से आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस अवसर पर कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह कुकरू की अध्यक्ष शोभा गायने ने बताया कि समूह को विभिन्न योजनाओं के तहत सीसीएल से 3 लाख रुपये, सीआईएफ से 1 लाख रुपये, आरएफ से 11 हजार रुपये तथा पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि समूह में 11 सदस्य कार्यरत हैं। आजीविका मिशन से मावा बनाने की स्वचलित मशीन क्रय की गई। इससे उन्हें लगभग 25 हजार रुपए की मासिक आय प्राप्त हो रही है। समूह की सदस्य महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मावा, रबड़ी एवं श्रीखंड निर्माण के साथ-साथ कृषि कार्य भी कर रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से समूह की महिलाओं को लगभग 15 से 18 हजार की मासिक आय प्राप्त हो रही है। जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। 

	 

	सीएम डॉ. मोहन ने दिए ये निर्देश

	मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुकरू का भ्रमण भी किया। इस दौरान उन्होंने कुकरू स्थित सिपना सनसेट पॉइंट पर पहुंचकर सूर्यास्त के मनोहारी एवं अलौकिक दृश्य का अवलोकन किया तथा क्षेत्र की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया। वे कुकरू की रमणीय पर्वत श्रृंखलाओं, हरित वनों और प्राकृतिक वातावरण से अभिभूत नजर आए। उन्होंने कहा कि कुकरू प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित होने की अपार संभावनाएं रखता है। उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्राकृतिक संपदा से समृद्ध कुकरू न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेगा। Edited by : Sudhir Sharma

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 जून को दो दिन के प्रवास के लिए बैतूल के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू पहुंचे। उन्होंने यहां कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने समूह द्वारा तैयार किए गए मावा और रबड़ी का स्वाद लिया तथा महिलाओं से आत्मीय संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं से समूह की गतिविधियों, आय के स्रोत तथा शासकीय योजनाओं से प्राप्त सहयोग की जानकारी ली और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा उन्होंने कुकरू से सिपना सनसेट पॉइंट भी देखा। वे यहां के प्राकृतिक वातारवरण में खो से गए। 

 

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने दुकान में उपलब्ध मावा  बनाने की प्रोसेस को देखा और महिलाओं से आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस अवसर पर कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह कुकरू की अध्यक्ष शोभा गायने ने बताया कि समूह को विभिन्न योजनाओं के तहत सीसीएल से 3 लाख रुपये, सीआईएफ से 1 लाख रुपये, आरएफ से 11 हजार रुपये तथा पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि समूह में 11 सदस्य कार्यरत हैं। आजीविका मिशन से मावा बनाने की स्वचलित मशीन क्रय की गई। इससे उन्हें लगभग 25 हजार रुपए की मासिक आय प्राप्त हो रही है। समूह की सदस्य महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मावा, रबड़ी एवं श्रीखंड निर्माण के साथ-साथ कृषि कार्य भी कर रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से समूह की महिलाओं को लगभग 15 से 18 हजार की मासिक आय प्राप्त हो रही है। जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। 

 

सीएम डॉ. मोहन ने दिए ये निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुकरू का भ्रमण भी किया। इस दौरान उन्होंने कुकरू स्थित सिपना सनसेट पॉइंट पर पहुंचकर सूर्यास्त के मनोहारी एवं अलौकिक दृश्य का अवलोकन किया तथा क्षेत्र की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया। वे कुकरू की रमणीय पर्वत श्रृंखलाओं, हरित वनों और प्राकृतिक वातावरण से अभिभूत नजर आए। उन्होंने कहा कि कुकरू प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित होने की अपार संभावनाएं रखता है। उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्राकृतिक संपदा से समृद्ध कुकरू न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेगा। Edited by : Sudhir Sharma

">CM डॉ. मोहन यादव पहुंचे हिल स्टेशन कुकरू, ग्रामीणों और महिलाओं से संवाद कर जाना विकास का हाल
	
		
			
	
	मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 जून को दो दिन के प्रवास के लिए बैतूल के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू पहुंचे। उन्होंने यहां कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने समूह द्वारा तैयार किए गए मावा और रबड़ी का स्वाद लिया तथा महिलाओं से आत्मीय संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं से समूह की गतिविधियों, आय के स्रोत तथा शासकीय योजनाओं से प्राप्त सहयोग की जानकारी ली और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा उन्होंने कुकरू से सिपना सनसेट पॉइंट भी देखा। वे यहां के प्राकृतिक वातारवरण में खो से गए। 

	 

	मुख्यमंत्री डॉ यादव ने दुकान में उपलब्ध मावा  बनाने की प्रोसेस को देखा और महिलाओं से आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इस अवसर पर कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह कुकरू की अध्यक्ष शोभा गायने ने बताया कि समूह को विभिन्न योजनाओं के तहत सीसीएल से 3 लाख रुपये, सीआईएफ से 1 लाख रुपये, आरएफ से 11 हजार रुपये तथा पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि समूह में 11 सदस्य कार्यरत हैं। आजीविका मिशन से मावा बनाने की स्वचलित मशीन क्रय की गई। इससे उन्हें लगभग 25 हजार रुपए की मासिक आय प्राप्त हो रही है। समूह की सदस्य महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मावा, रबड़ी एवं श्रीखंड निर्माण के साथ-साथ कृषि कार्य भी कर रही हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से समूह की महिलाओं को लगभग 15 से 18 हजार की मासिक आय प्राप्त हो रही है। जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। 

	 

	सीएम डॉ. मोहन ने दिए ये निर्देश

	मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुकरू का भ्रमण भी किया। इस दौरान उन्होंने कुकरू स्थित सिपना सनसेट पॉइंट पर पहुंचकर सूर्यास्त के मनोहारी एवं अलौकिक दृश्य का अवलोकन किया तथा क्षेत्र की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया। वे कुकरू की रमणीय पर्वत श्रृंखलाओं, हरित वनों और प्राकृतिक वातावरण से अभिभूत नजर आए। उन्होंने कहा कि कुकरू प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित होने की अपार संभावनाएं रखता है। उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्राकृतिक संपदा से समृद्ध कुकरू न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेगा। Edited by : Sudhir Sharma

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