इंदौर मेट्रो के भूमिगत काम के लिए टनल बोरिंग मशीन के पुर्जे शहर पहुंच गए हैं। 14 ट्रेलर में टीबीएम के हिस्से एयरपोर्ट स्थित मेट्रो स्टेशन की साइट पर ल…और पढ़ें
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर मेट्रो के भूमिगत हिस्से में सुरंग बनाने के लिए 14 टेलर में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के पुर्जे इंदौर पहुंच चुके हैं। इन्हें एयरपोर्ट स्थित मेट्रो स्टेशन की साइट पर रखा गया है। अभी तीन ट्रेलर आना शेष हैं। इसमें टनल बोरिंग मशीन के आगे का हिस्सा जिसे कटर कहा जाता है, वो आना शेष है।
एयरपोर्ट के पास फिलहाल ट्रेलर से पहुंचे पुर्जों को ढंककर रखा गया है। सभी पुर्जों के पहुंचने के बाद टनल बोरिंग मशीन को असेंबल करने का काम शुरू किया जाएगा। अभी जिस 20 मीटर गड्ढे में उतारा जाएगा, वो भी तैयार हो चुका है।
320 टन वजनी मशीन को जमीन में उतारने के लिए हाइड्रोलिक क्रेन व उसके पुर्जे भी पहुंच चुके हैं। टीबीएम मशीन का एक अहम पार्ट ग्रेनिटी को खोला गया है। यह टीबीएम का ही एक हिस्सा है, जिसके माध्यम से सुरंग निर्माण के दौरान मिट्टी को बाहर निकाला जाएगा।
अर्बन चैलेंज फंड के प्रस्तावों की शीघ्र मंजूरी की उठाई मांग
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दिल्ली में आल इंडिया काउंसिल आफ मेयर्स की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के दौरान केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। उन्होंने इंदौर के विकास, नगरीय निकायों की वित्तीय मजबूती, 74वें संविधान संशोधन के प्रभावी क्रियान्वयन, जन शहरी आजीविका कार्यक्रम तथा स्वच्छता माडल जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
महापौर ने बैठक में इंदौर के लिए स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फार कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2025-26 योजना के तहत सड़कों एवं अन्य आधारभूत अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए विशेष अनुदान राशि उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा शहर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जिनके समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार से शीघ्र वित्तीय स्वीकृति आवश्यक है।
नवाचारों का उल्लेख किया गया
उन्होंने अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत इंदौर नगर निगम द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को भी जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। महापौर ने देपालपुर में स्वच्छता प्रबंधन के सफल माडल और वहां किए गए कार्यों की बुकलेट केंद्रीय मंत्री को भेंट की। इसमें कचरा प्रबंधन, जनभागीदारी और स्थानीय स्तर पर विकसित नवाचारों का उल्लेख किया गया है।
बैठक में महापौर ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्थान पर ‘जन शहरी आजीविका कार्यक्रम’ को देश के सभी नगरीय निकायों में लागू करने का सुझाव दिया और कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से शहरी गरीबों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार तथा कौशल विकास के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
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