इंदौर में लोक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुगम और आधुनिक यात्रा सुविधा देने के उद्देश्य से अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) और राज्य परिवहन निगम एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
इस संयुक्त प्रयास के तहत जिले में कुल 200 नई ई-बसों का संचालन किया जाएगा। योजना के पहले चरण में इस महीने से ही 14 चिन्हित नए रूटों पर 100 नई ई-बसों की शुरुआत कर दी जाएगी। वर्तमान समय में इंदौर शहर का भौगोलिक विस्तार तेजी से हो रहा है और इसके साथ ही सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इस वजह से शहर के मुख्य मार्गों पर रोजाना भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। ऐसे में इन नई ई-बसों की शुरुआत होने से आम जनता को पर्यावरण अनुकूल और किफायती परिवहन साधनों का एक बेहतर विकल्प मिल सकेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस, इंदौर के 60 किमी के क्षेत्र को कवर करेंगी नई बसें
देखा जाए तो एआईसीटीएसएल द्वारा वर्तमान में इंदौर शहर के भीतर सिटी बसों और आई-बसों का सफल संचालन किया जा रहा है। इसके बावजूद शहर की सीमा से लगे कई ग्रामीण इलाके और बाहरी क्षेत्र आज भी इस तरह की सुव्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन सुविधा से पूरी तरह वंचित हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को रोजाना आवाजाही करने के लिए या तो अपने निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है या फिर उन्हें ऑटो जैसे महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ता है। इस नई ई-बस सेवा के शुरू हो जाने से इन बाहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों की यात्रा संबंधी परेशानियां काफी हद तक दूर हो सकेंगी। यह नई बस सेवा इंदौर जिले की लगभग 60 किलोमीटर की परिधि में आने वाले क्षेत्रों को कवर करेगी, जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर 14 प्रमुख रूट पहले ही तय किए जा चुके हैं। इन बसों के सुचारू संचालन के लिए निजी कंपनियों के चयन की प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।
इन प्रमुख रास्तों पर शुरू होगी नई बस सेवा
प्रशासन द्वारा तय किए गए नए रूटों के अनुसार यह बस सेवा पालिया से महू स्टेशन, सरवटे बस स्टैंड से शिप्रा, देवास नाका से पीथमपुर, सरवटे बस स्टैंड से घाटा बिल्लौद और झलारिया से बेटमा के बीच चलाई जाएगी। इसके अलावा विद्यासागर स्कूल बिचौली मर्दाना से चोइथराम नेत्रालय धार रोड, निपानिया से हातोद, नीलगिरि कैंपस से हातोद तथा गुलमर्ग कैंपस से रानी झलकारी देवी मेट्रो स्टेशन सुपर कॉरिडोर के मार्ग पर भी बसें दौड़ेंगी। साथ ही कुमेड़ी आईएसबीटी से राऊ बायपास, शिव सिटी से नायता मुंडला बस स्टैंड, कुमेड़ी आईएसबीटी से नायता मुंडला बस स्टैंड, अरबिंदो अस्पताल से मेडिकैप्स और तेजाजी नगर से पितृ पर्वत तक के रूटों पर भी यात्री इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी बसों की संख्या
परिवहन सेवा के विस्तार की कार्ययोजना को लेकर एआईसीटीएसएल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्थ जैन ने बताया कि शुरुआत में पहले चरण के तहत तय किए गए 14 रूटों पर 100 बसों का बेड़ा सड़क पर उतारा जाएगा। इन रास्तों पर यात्रा करने वाले यात्रियों की कुल संख्या और उनकी व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही बसें चलाई जाएंगी। उन्होंने आगे जानकारी दी कि प्रारंभिक चरण को धरातल पर उतारने की तैयारियां अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं और आगामी जुलाई महीने से इन सभी बसों का कमर्शियल संचालन पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा। सीईओ के मुताबिक इस पूरी योजना को कई अलग-अलग चरणों में व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाना तय हुआ है। शुरुआती सफलता के बाद विभिन्न रूटों पर यात्रियों के दबाव को देखते हुए बसों की संख्या को धीरे-धीरे और बढ़ाया जाएगा। इस कदम से इंदौर के आसपास के गांवों और उपनगरों को जिला मुख्यालय से सीधे और बेहतर ढंग से जोड़ा जा सकेगा, जिससे सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव घटेगा और शहर की यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी।
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