इंदौर की लोकायुक्त टीम ने बड़वानी पहुंचकर तीन डॉक्टरों को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी राजपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ हैं। तीनों डॉक्टरों ने लैब मैनेजर से मरीज भेजने के बदले 50 प्रतिशत कमीशन मांगा। मैनेजर ने कहा कि इतना कमीशन कोई नहीं लेता, लेकिन तीनों डॉक्टर अड़े रहे। इसके बाद मैनेजर ने इसकी शिकायत लोकायुक्त विभाग से की। अफसरों ने कमीशन की राशि को घूस की श्रेणी में माना और तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
राजपुर में रहने वाले अदनान अली के पिता फरहत अली की लैब है। अदनान लैब मैनेजर है। सरकारी और निजी अस्पतालों के मरीजों को डॉक्टर रेफर करते थे। स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल अफसर अमित शाक्य, डॉ. दिव्या सांई और चिकित्सा अधिकारी मनोहर गोदरा मरीज भेजने के बदले 20 प्रतिशत कमीशन लेते थे, लेकिन तीनों ने लामबंद होकर कमीशन की राशि बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी। शिकायतकर्ता को यह बात नागवार गुजरी।
मरीज भेजने के एवज में शिकायतकर्ता ने आठ हजार, पांच हजार और 12 हजार रुपये लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। जैसे ही उसने तीनों डॉक्टरों को नोटों की गड्डी दी और केंद्र के बाहर आरोपियों को पकड़ने के इंतजार में खड़ी टीम को इशारा किया, तो तीनों डॉक्टरों के होश उड़ गए। उन्होंने कहा कि हमने रिश्वत नहीं ली, यह तो कमीशन है, लेकिन अफसरों ने भी इसे घूस की श्रेणी में माना और तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 एवं बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के अंतर्गत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया।
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