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मध्य प्रदेश के मालवा इलाके में सोमवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया। कई इलाकों में तेज आंधी चली। इंदौर में कई पेड़ धराशायी हो गए तो देवास में भी धूल भरी हवा से लोग बेहाल हो गए। उज्जैन में भी मौसम बदल गया है। वहां भी आंधी का असर देखा गया।

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आंधी से इंदौर में ज्यादा नुकसान हुआ है।
– फोटो : अमर उजाला
इंदौर में ज्यादा नुकसान
इंदौर में आंधी का असर ज्यादा देखा गया। डेढ़ सौ से ज्यादा पेड़ गिरे। इसके अलावा कई टीन शेड भी उड़ गए। दस मिनट तक लोग जहां थे, वहीं खड़े रहे। न्याय नगर में ट्रैफिक सिग्नल भी गिरा। शहर में कई जगह धूल का गुबार भी उठता रहा। गौरी नगर में तीन पेड़ गिरे साथ ही बिजली खंभा गिरा, परदेशीपुरा के रेडीमेड कॉम्प्लेक्स के पास पेड़ गिरा, राजवाड़ा अहिल्या प्रतिमा के पास भी 2 पेड़ गिरे, हवाओं का दौर थमने के बाद ट्रैफिक भी बिगड़ गया।
बिजली के खंभे गिरने से शहर में ब्लैकआउट
इंदौर में आज दोपहर 3 बजे के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। भीषण गर्मी और उमस के बीच अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने पूरे शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया है। महज कुछ ही मिनटों में आई इस आंधी बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। तेज हवाओं के चलते शहर के कई इलाकों में पेड़, बिजली के खंभे और घरों के शेड उखड़ने की खबरें आ रही हैं।
लगभग 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने शहर को अस्त व्यस्त कर दिया। शहर के 25 से अधिक इलाकों में 3 बजे बाद से बिजली पूरी तरह गुल है। मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से कई जगह लंबा जाम लग गया है। कई घरों और दुकानों के टीन शेड हवा में उड़ गए; कुछ वाहनों पर पेड़ गिरने से वे क्षतिग्रस्त हो गए।

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बदला मौसम
– फोटो : अमर उजाला
बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप, अंधकार में डूबा शहर
आंधी की शुरुआत होते ही सुरक्षा के लिहाज से और कई जगहों पर लाइनें टूटने के कारण बिजली गुल हो गई। रिंग रोड, विजयनगर, पलासिया, भंवरकुआं, राजेंद्र नगर और छतरीपुरा के कई प्रमुख इलाकों में पिछले एक घंटे से अधिक समय से ब्लैकआउट है।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी राजेश शर्मा के अनुसार तेज आंधी के कारण कई फीडर ट्रिप हो गए हैं और कुछ मुख्य लाइनों पर पेड़ की शाखाएं गिर गई हैं। हमारी टीमें मुस्तैद हैं, लेकिन बारिश रुकने और मलबा हटने के बाद ही सुधार कार्य तेजी से किया जा सकेगा। रिंग रोड के क्षेत्र में सबसे अधिक पेड़ों के गिरने की घटनाएं हुई।
सड़कों पर गिरे पेड़, रेंग रहा है ट्रैफिक
तेज आंधी का सबसे बुरा असर शहर के यातायात पर पड़ा है। एबी रोड, रिंग रोड और एमजी रोड के कुछ हिस्सों में विशालकाय पेड़ और होर्डिंग्स उखड़कर बीच सड़क पर आ गिरे। इसके कारण दफ्तरों से घर लौट रहे लोगों और आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल बंद होने के कारण गाड़ियां रेंगती नजर आ रही हैं।
उड़े घरों के शेड, वाहनों को भी नुकसान
कच्चे मकानों और कई बहुमंजिला इमारतों की छतों पर लगे टीन शेड और फाइबर शीट हवा के तेज झोंकों को बर्दाश्त नहीं कर पाए और उड़ गए। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन सड़कों के किनारे खड़ी कई कारों और दोपहिया वाहनों पर पेड़ गिरने से उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है। मुसाखेड़ी, भूरी टेकरी और शहर की अन्य निचली बस्तियों में आंधी से अधिक परेशानी हुई।
प्रशासन और नगर निगम अलर्ट पर
स्थिति को देखते हुए इंदौर नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें एक्टिव हो गई हैं। क्रेन और कटर मशीनों की मदद से सड़कों से पेड़ हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शहर में आ रही परेशानियों की जल्द मॉनिटरिंग करके व्यवस्थाओं को सुचारु किया जाए। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत सूचना दें।

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देवास में तेज हवाओं से रोप वे भी प्रभावित हुआ।
– फोटो : अमर उजाला
देवास में आंधी के साथ बारिश
शहर में सोमवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी के साथ चल रही हवाओं ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने के लिए मजबूर कर दिया। करीब 15 से 20 मिनट तक तेज हवाओं का दौर लगातार जारी रहा, वहीं तेज बारिश शुरू हुई
मौसम में आए इस अचानक बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। तेज हवा के चलते कई स्थानों पर धूल उड़ने से दृश्यता भी प्रभावित हुई। कई वाहन चालक तेज हवा के चलते अपने वाहनों को भी बचते हुए नजर आए। कई जगह पर दुकानों के चद्दर भी उड़े।

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उज्जैन में भी तेज हवाएं चलती रहीं।
– फोटो : अमर उजाला
उज्जैन : पहले आंधी का कहर, फिर झमाझम बारिश से भीगी सड़कें
जून की तपती दोपहर ने आज उज्जैन को दो अलग रंग दिखाए। सुबह 10 बजे तक पारा 42 डिग्री के पार था और सड़कें तप रही थीं। दोपहर 2:30 बजे अचानक आसमान में काले बादल घिरे, हवाओं ने रफ्तार पकड़ी और देखते ही देखते पूरा शहर धूल के गुबार में लिपट गया। करीब 40 मिनट तक चली तेज आंधी के बाद जब झमाझम बारिश शुरू हुई तो लोगों के चेहरे खिल उठे। गर्मी से बेहाल शहरवासी राहत की बूंदों में भीगकर झूम उठे।
दोपहर करीब 2:45 बजे अचानक 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं। फ्रीगंज, देवास रोड, नानाखेड़ा और महाकाल क्षेत्र में तो स्थिति ऐसी थी कि 10 मीटर दूर का भी दिखाई देना बंद हो गया। सड़कों पर उड़ती धूल से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई जगह लोग अपनी बाइक रोककर डिवाइडर के किनारे, दुकानों के शेड या पेड़ के नीचे खड़े हो गए। महाकाल मंदिर के पास फूल-प्रसाद बेचने वाले राजू मालवीय बताते हैं की एकदम से अंधेरा छा गया। दुकान का तिरपाल उड़ने लगा तो सामान समेटकर भागना पड़ा। 15 मिनट में ही पूरा सामान धूल से सन गया।
बिजली गुल, फिर बारिश से मिली राहत
आंधी के साथ ही शहर के आधे हिस्से की बिजली गुल हो गई। चिमनगंज, अलखधाम नगर, ऋषि नगर और जीवाजीगंज में ब्लैकआउट रहा। बिजली कंपनी के जेई आरके शर्मा ने बताया तेज हवा से कई जगह तार आपस में टकरा गए और फॉल्ट आ गया। 11 केवी की दो लाइन ट्रिप हो गई थीं। टीम तुरंत मौके पर पहुंची और 4 बजे तक ज्यादातर जगह सप्लाई बहाल कर दी गई।करीब 3:20 बजे आंधी थमी और बूंदाबांदी शुरू हुई। 10 मिनट बाद ही बारिश ने जोर पकड़ा। फ्रीगंज टॉवर चौक, देवासगेट, कंठाल और दौलतगंज में तो मूसलाधार पानी गिरा। करीब 45 मिनट की इस झमाझम बारिश ने तापमान 8 डिग्री तक गिरा दिया। मौसम विभाग के अनुसार दोपहर 3 बजे तक शहर का तापमान 34 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सुबह के मुकाबले काफी कम था।
बच्चे-बूढ़े सब सड़कों पर, छतों पर दिखा उत्साह
बारिश शुरू होते ही कॉलोनियों में माहौल बदल गया। ऋषि नगर, विद्या पैलेस कॉलोनी, अलखधाम नगर में बच्चे घरों से निकलकर सड़कों पर नहाने लगे। छतों पर खड़े होकर लोग बारिश का आनंद लेते दिखे। महाकाल क्षेत्र में दर्शन करने आए श्रद्धालु भी रिमझिम फुहारों में भीगते हुए नजर आए। ट्यूशन से लौट रही छात्रा तन्वी बोली, स्कूल से निकलते ही धूल उड़ रही थी, आंखें नहीं खुल रही थीं। लेकिन बस में बैठते ही बारिश शुरू हो गई। घर पहुंचकर छत पर जाकर खूब भीगे। मजा आ गया। ऑटो चालक संजय कुशवाह ने कहा, पिछले 10 दिन से दोपहर में सवारी ही नहीं बैठ रही थी। गर्मी के मारे ऑटो में पंखा लगाना पड़ा था। आज की बारिश ने जान में जान डाल दी। अब शाम को काम अच्छा चलेगा।
किसानों के चेहरे पर भी लौटी रौनक
शहर से सटे ग्रामीण इलाकों नलवा, पंथपिपलई, चंदेसरा में भी अच्छी बारिश हुई। तेज हवा के कारण कुछ जगह खेतों में खड़ी मक्का की फसल आड़ी हो गई, लेकिन बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली। किसान बद्रीलाल पटेल ने बताया, सोयाबीन की बुवाई की तैयारी चल रही थी। जमीन तप रही थी। इस बारिश से खेत में नमी आ जाएगी। दो-चार दिन में और पानी गिर जाए तो बुवाई शुरू कर देंगे।
नए-पुराने शहर में एक जैसा नजारा
खास बात ये रही कि बारिश पुराने शहर यानी दौलतगंज, तोपखाना, कंठाल, केडी गेट के साथ-साथ नए शहर फ्रीगंज, नानाखेड़ा, इंदौर रोड पर भी एक जैसी हुई। आमतौर पर ऐसा होता है कि एक हिस्से में पानी गिरता है और दूसरा सूखा रह जाता है। लेकिन आज बादल पूरे शहर पर मेहरबान दिखे।
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