नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने गुरुवार देर रात नीट यूजी 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। इसमें इंदौर के आराध्य गर्ग सिटी टॉपर बने हैं। पेपर लीक के बाद दोबारा हुई परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करना आराध्य के लिए भी आसान नहीं था लेकिन योगाचार्य पिता और डॉक्टर मां की सलाह आराध्य को बहुत काम आई। मन को शांत रखने के लिए उन्होंने नियमित योग और मेडिटेशन किया और इससे वे दूसरी बार हुई इस परीक्षा में बेहतर नंबर ला पाए।
गौरतलब है कि इस साल आयोजित हुई परीक्षा में देशभर के लगभग 20 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इनमें से 11.21 लाख परीक्षार्थियों ने देश के विभिन्न मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए सफलतापूर्वक क्वालिफाई कर लिया है।
इंदौर के आराध्य गर्ग बने शहर के टॉपर
इस परीक्षा में मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के रहने वाले आराध्य गर्ग ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। आराध्य ने ऑल इंडिया स्तर पर 110वीं रैंक प्राप्त की है, जबकि जनरल कैटेगरी में उनकी 85वीं रैंक आई है। इसके साथ ही वे इंदौर शहर के टॉपर भी बन गए हैं। इस बार मध्यप्रदेश राज्य से कुल मिलाकर करीब 1.18 लाख अभ्यर्थियों ने नीट परीक्षा दी थी, जिसके लिए प्रदेश के 30 अलग-अलग जिलों में 283 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे।
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निरंतर मेहनत और अनुशासन से मिली सफलता
आराध्य के पिता योगी गर्ग और मां पिंकी गर्ग ने अपने बेटे की इस बड़ी उपलब्धि पर बात करते हुए बताया कि उनका बेटा शुरुआत से ही पढ़ाई को लेकर बेहद मेहनती और अनुशासित रहा है। पिछले साल नीट परीक्षा रद्द होने और उसके बाद काफी लंबे समय तक बनी रही अनिश्चितता की स्थिति के बाद भी आराध्य ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी और निरंतर तैयारी में जुटा रहा। अपने पिछले प्रयास में उसने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए थे, जबकि इस बार प्रश्नपत्र का स्तर काफी कठिन होने के बावजूद उसने 690 अंक हासिल करने में सफलता पाई है।
उन्होंने आगे बताया कि आराध्य का रोज का शेड्यूल सुबह 7:30 बजे से लेकर रात 10 बजे तक कोचिंग और पढ़ाई में ही बीतता था। रात को घर वापस लौटने के बाद भी वह आराम करने के बजाय अगले दिन की रणनीति और पढ़ाई की तैयारी पर चर्चा किया करता था। कड़ा अनुशासन और हर दिन का नियमित अभ्यास ही आज उसकी इस बड़ी सफलता की सबसे मुख्य वजह बनकर सामने आए हैं।
योग और मेडिटेशन से एकाग्रता में मिली मदद
आराध्य के पिता पेशे से एक योगा एक्सपर्ट हैं। वे अपने बेटे को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित तौर पर मेडिटेशन और ध्यान का अभ्यास कराते थे। इस वजह से आराध्य को अपनी लंबी पढ़ाई के दौरान एकाग्रता बनाए रखने में बहुत मदद मिलती थी। इसके साथ ही आराध्य अपनी कोचिंग के सबसे खास टॉप मेरिट बैच का एक सक्रिय स्टूडेंट रहा, जहां बेहतरीन रैंक लाने के लिए छात्रों को विशेष तौर पर तैयार किया जाता था।
पेपर लीक प्रकरण के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा
गौरतलब है कि पूर्व में पेपर लीक की घटनाओं के चलते 3 मई को आयोजित की गई नीट यूजी 2026 की परीक्षा को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया था। इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 21 जून को देश और विदेश के कुल 551 शहरों में बनाए गए 5,440 परीक्षा केंद्रों पर 13 अलग-अलग भाषाओं में दोबारा से इस परीक्षा का आयोजन किया था। इस रिजल्ट के जारी हो जाने के बाद अब जल्द ही एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और देश के अन्य प्रतिष्ठित मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए काउंसलिंग की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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