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RG Kar केस की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ की बड़ी जीत, पानीहाटी से BJP ने दिया था टिकट
	
		
			
	
	पश्चिम बंगाल के पानीहाटी विधानसभा सीट से रत्ना देबनाथ ने शानदार जीत दर्ज की है। आरजी कर केस की पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ को कुल 87,977 वोट मिले और उन्होंने 28,836 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। 
	
		ALSO READ: Mamata Banerjee : ममता को मुसलमानों ने वोट दिया, मुझे हिन्दुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने जिताया, भवानीपुर में जीत के बाद बोले सुवेंदु
	पश्चिम बंगाल चुनाव में पानीहाटी सीट सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बनकर उभरी था, जहां देबनाथ का सामना टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष से था, जो एक बड़े नेता के बेटे हैं।
	
	
		पनिहाटी टीएमसी का गढ़ माना जाता था, जिसे ढहा दिया गया। तृणमूल कांग्रेस को 15 साल के बाद हार मिली है। टीएमसी के अभेद्य किले में सेंधमारी करने वालीं रत्‍ना देबनाथ कोई राजनेता नहीं बल्‍क‍ि अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सियासी समर में उतरने वाली एक मां हैं। रत्‍ना देबनाथ ने 5 बार के विधायक अमृत घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी।
	
		 
	
		जब भाजपा ने रत्ना देबनाथ को प्रत्याशी के रूप में फाइनल किया तो उसी समय से उनकी जीत तय मानी जा रही थी। रत्ना देबनाथ की इस चुनाव में उम्मीदवारी ने महिलाओं के दिल में बड़ा प्रभाव डाला है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से हर वर्ग की महिलाओं ने गले लगाकर आंसुओं की धारा बहाकर रत्ना का स्वागत कर इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा होने का वादा किया, यह चुनाव में एक बड़ा फैक्टर साबित हुआ। इस बार किसी पार्टी का नहीं बल्कि एक मां होने के नाते महिलाओं ने एक मां का साथ देने का फैसला किया, जो चुनाव प्रचार में साफ दिख रहा था।
	
		
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		इस वर्ष विधानसभा चुनाव प्रचार में आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत की घटना को भाजपा ने जोरशोर से उठाया। चुनाव प्रचार के समय ही अलग-अलग पार्टी को सपोर्ट करने वाली महिलाओं ने एकजुट होकर इंसाफ की लड़ाई में रत्ना के साथ खड़ा होने का ऐलान किया। हर महिला ने ‘अभया’ को अपनी बेटी मानते हुए इस इंसाफ में खुद को रत्ना के साथ खड़ा कर दिया। 
	Edited by : Sudhir Sharma

RG Kar केस की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ की बड़ी जीत, पानीहाटी से BJP ने दिया था टिकट

RG Kar केस की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ की बड़ी जीत, पानीहाटी से BJP ने दिया था टिकट
	
		
			
	
	पश्चिम बंगाल के पानीहाटी विधानसभा सीट से रत्ना देबनाथ ने शानदार जीत दर्ज की है। आरजी कर केस की पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ को कुल 87,977 वोट मिले और उन्होंने 28,836 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। 
	
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	पश्चिम बंगाल चुनाव में पानीहाटी सीट सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बनकर उभरी था, जहां देबनाथ का सामना टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष से था, जो एक बड़े नेता के बेटे हैं।
	
	
		पनिहाटी टीएमसी का गढ़ माना जाता था, जिसे ढहा दिया गया। तृणमूल कांग्रेस को 15 साल के बाद हार मिली है। टीएमसी के अभेद्य किले में सेंधमारी करने वालीं रत्‍ना देबनाथ कोई राजनेता नहीं बल्‍क‍ि अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सियासी समर में उतरने वाली एक मां हैं। रत्‍ना देबनाथ ने 5 बार के विधायक अमृत घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी।
	
		 
	
		जब भाजपा ने रत्ना देबनाथ को प्रत्याशी के रूप में फाइनल किया तो उसी समय से उनकी जीत तय मानी जा रही थी। रत्ना देबनाथ की इस चुनाव में उम्मीदवारी ने महिलाओं के दिल में बड़ा प्रभाव डाला है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से हर वर्ग की महिलाओं ने गले लगाकर आंसुओं की धारा बहाकर रत्ना का स्वागत कर इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा होने का वादा किया, यह चुनाव में एक बड़ा फैक्टर साबित हुआ। इस बार किसी पार्टी का नहीं बल्कि एक मां होने के नाते महिलाओं ने एक मां का साथ देने का फैसला किया, जो चुनाव प्रचार में साफ दिख रहा था।
	
		
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		इस वर्ष विधानसभा चुनाव प्रचार में आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत की घटना को भाजपा ने जोरशोर से उठाया। चुनाव प्रचार के समय ही अलग-अलग पार्टी को सपोर्ट करने वाली महिलाओं ने एकजुट होकर इंसाफ की लड़ाई में रत्ना के साथ खड़ा होने का ऐलान किया। हर महिला ने ‘अभया’ को अपनी बेटी मानते हुए इस इंसाफ में खुद को रत्ना के साथ खड़ा कर दिया। 
	Edited by : Sudhir Sharma

पश्चिम बंगाल के पानीहाटी विधानसभा सीट से रत्ना देबनाथ ने शानदार जीत दर्ज की है। आरजी कर केस की पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ को कुल 87,977 वोट मिले और उन्होंने 28,836 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। 

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पश्चिम बंगाल चुनाव में पानीहाटी सीट सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बनकर उभरी था, जहां देबनाथ का सामना टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष से था, जो एक बड़े नेता के बेटे हैं।

पनिहाटी टीएमसी का गढ़ माना जाता था, जिसे ढहा दिया गया। तृणमूल कांग्रेस को 15 साल के बाद हार मिली है। टीएमसी के अभेद्य किले में सेंधमारी करने वालीं रत्‍ना देबनाथ कोई राजनेता नहीं बल्‍क‍ि अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सियासी समर में उतरने वाली एक मां हैं। रत्‍ना देबनाथ ने 5 बार के विधायक अमृत घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी।

 

जब भाजपा ने रत्ना देबनाथ को प्रत्याशी के रूप में फाइनल किया तो उसी समय से उनकी जीत तय मानी जा रही थी। रत्ना देबनाथ की इस चुनाव में उम्मीदवारी ने महिलाओं के दिल में बड़ा प्रभाव डाला है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से हर वर्ग की महिलाओं ने गले लगाकर आंसुओं की धारा बहाकर रत्ना का स्वागत कर इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा होने का वादा किया, यह चुनाव में एक बड़ा फैक्टर साबित हुआ। इस बार किसी पार्टी का नहीं बल्कि एक मां होने के नाते महिलाओं ने एक मां का साथ देने का फैसला किया, जो चुनाव प्रचार में साफ दिख रहा था।

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इस वर्ष विधानसभा चुनाव प्रचार में आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत की घटना को भाजपा ने जोरशोर से उठाया। चुनाव प्रचार के समय ही अलग-अलग पार्टी को सपोर्ट करने वाली महिलाओं ने एकजुट होकर इंसाफ की लड़ाई में रत्ना के साथ खड़ा होने का ऐलान किया। हर महिला ने ‘अभया’ को अपनी बेटी मानते हुए इस इंसाफ में खुद को रत्ना के साथ खड़ा कर दिया। 

Edited by : Sudhir Sharma

पश्चिम बंगाल के पानीहाटी विधानसभा सीट से रत्ना देबनाथ ने शानदार जीत दर्ज की है। आरजी कर केस की पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ को कुल 87,977 वोट मिले और उन्होंने 28,836 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। 

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पश्चिम बंगाल चुनाव में पानीहाटी सीट सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बनकर उभरी था, जहां देबनाथ का सामना टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष से था, जो एक बड़े नेता के बेटे हैं।

पनिहाटी टीएमसी का गढ़ माना जाता था, जिसे ढहा दिया गया। तृणमूल कांग्रेस को 15 साल के बाद हार मिली है। टीएमसी के अभेद्य किले में सेंधमारी करने वालीं रत्‍ना देबनाथ कोई राजनेता नहीं बल्‍क‍ि अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सियासी समर में उतरने वाली एक मां हैं। रत्‍ना देबनाथ ने 5 बार के विधायक अमृत घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी।

 

जब भाजपा ने रत्ना देबनाथ को प्रत्याशी के रूप में फाइनल किया तो उसी समय से उनकी जीत तय मानी जा रही थी। रत्ना देबनाथ की इस चुनाव में उम्मीदवारी ने महिलाओं के दिल में बड़ा प्रभाव डाला है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से हर वर्ग की महिलाओं ने गले लगाकर आंसुओं की धारा बहाकर रत्ना का स्वागत कर इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा होने का वादा किया, यह चुनाव में एक बड़ा फैक्टर साबित हुआ। इस बार किसी पार्टी का नहीं बल्कि एक मां होने के नाते महिलाओं ने एक मां का साथ देने का फैसला किया, जो चुनाव प्रचार में साफ दिख रहा था।

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इस वर्ष विधानसभा चुनाव प्रचार में आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत की घटना को भाजपा ने जोरशोर से उठाया। चुनाव प्रचार के समय ही अलग-अलग पार्टी को सपोर्ट करने वाली महिलाओं ने एकजुट होकर इंसाफ की लड़ाई में रत्ना के साथ खड़ा होने का ऐलान किया। हर महिला ने ‘अभया’ को अपनी बेटी मानते हुए इस इंसाफ में खुद को रत्ना के साथ खड़ा कर दिया। 

Edited by : Sudhir Sharma

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इंटरनेट डेस्क। दर्शकों को जल्द ही भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाने वाले सौरव गांगुली की जिंदगी भी सिनेमा पर्दे पर देखने को मिलेगी। उनके जीवन पर आधारित बायोपिक 'दादा' का पहला पोस्टर रिलीज कर दिया गया है।

पोस्टर में बॉलीवुड के स्टार अभिनेत राजकुमार राव बिल्कुल पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के सबसे आइकॉनिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। जो पोस्टर जारी हुआ है इसमें पर फिल्म का नाम 'दादा' लिखा है। इस फिल्म को 14 मई 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।

इसमें भारत के पूर्व बाएं हाथ के बल्लेबाज सौरव गांगुली के बचपन से लेकर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान बनने, टीम इंडिया को नई पहचान दिलाने और क्रिकेट इतिहास के यादगार पलों को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा। दर्शकों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है। हालांकि, पोस्टर रिलीज होते ही राजकुमार राव यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। कई यूजर्स ने राजकुमार राव को सौरव गांगुली के रोल के लिए फिट नहीं बताया है।

PC:instagram

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Sourav Ganguly">इस दिन रिलीज होगी Sourav Ganguly की बायोपिक ‘दादा’, सामने आया फिल्म का पोस्टर   इंटरनेट डेस्क। दर्शकों को जल्द ही भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाने वाले सौरव गांगुली की जिंदगी भी सिनेमा पर्दे पर देखने को मिलेगी। उनके जीवन पर आधारित बायोपिक 'दादा' का पहला पोस्टर रिलीज कर दिया गया है।

पोस्टर में बॉलीवुड के स्टार अभिनेत राजकुमार राव बिल्कुल पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के सबसे आइकॉनिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। जो पोस्टर जारी हुआ है इसमें पर फिल्म का नाम 'दादा' लिखा है। इस फिल्म को 14 मई 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।

इसमें भारत के पूर्व बाएं हाथ के बल्लेबाज सौरव गांगुली के बचपन से लेकर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान बनने, टीम इंडिया को नई पहचान दिलाने और क्रिकेट इतिहास के यादगार पलों को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा। दर्शकों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है। हालांकि, पोस्टर रिलीज होते ही राजकुमार राव यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। कई यूजर्स ने राजकुमार राव को सौरव गांगुली के रोल के लिए फिट नहीं बताया है।

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इस दिन रिलीज होगी Sourav Ganguly की बायोपिक ‘दादा’, सामने आया फिल्म का पोस्टर   इंटरनेट डेस्क। दर्शकों को जल्द ही भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाने वाले सौरव गांगुली की जिंदगी भी सिनेमा पर्दे पर देखने को मिलेगी। उनके जीवन पर आधारित बायोपिक 'दादा' का पहला पोस्टर रिलीज कर दिया गया है।

पोस्टर में बॉलीवुड के स्टार अभिनेत राजकुमार राव बिल्कुल पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के सबसे आइकॉनिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। जो पोस्टर जारी हुआ है इसमें पर फिल्म का नाम 'दादा' लिखा है। इस फिल्म को 14 मई 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।

इसमें भारत के पूर्व बाएं हाथ के बल्लेबाज सौरव गांगुली के बचपन से लेकर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान बनने, टीम इंडिया को नई पहचान दिलाने और क्रिकेट इतिहास के यादगार पलों को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा। दर्शकों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है। हालांकि, पोस्टर रिलीज होते ही राजकुमार राव यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। कई यूजर्स ने राजकुमार राव को सौरव गांगुली के रोल के लिए फिट नहीं बताया है।

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इंटरनेट डेस्क। दर्शकों को जल्द ही भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाने वाले सौरव गांगुली की जिंदगी भी सिनेमा पर्दे पर देखने को मिलेगी। उनके जीवन पर आधारित बायोपिक 'दादा' का पहला पोस्टर रिलीज कर दिया गया है।

पोस्टर में बॉलीवुड के स्टार अभिनेत राजकुमार राव बिल्कुल पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के सबसे आइकॉनिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। जो पोस्टर जारी हुआ है इसमें पर फिल्म का नाम 'दादा' लिखा है। इस फिल्म को 14 मई 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।

इसमें भारत के पूर्व बाएं हाथ के बल्लेबाज सौरव गांगुली के बचपन से लेकर भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान बनने, टीम इंडिया को नई पहचान दिलाने और क्रिकेट इतिहास के यादगार पलों को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा। दर्शकों को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है। हालांकि, पोस्टर रिलीज होते ही राजकुमार राव यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। कई यूजर्स ने राजकुमार राव को सौरव गांगुली के रोल के लिए फिट नहीं बताया है।

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Donald Trumps statement: पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किये (अंकारा) में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान बेहद तीखा बयान देते हुए ईरान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम (सीजफायर) समझौते को ‘पूरी तरह खत्म’ घोषित कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत करना सिर्फ ‘समय की बर्बादी’ है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, बीती रात अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है और कच्चे तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा का भारी उछाल आया है।

ट्रंप का कड़ा रुख, समझौता खत्म

उन्होंने कहा कि वे कैंसर हैं, हमें खत्म करना होगा। कैंसर को शुरुआत में ही काटकर निकाल देना चाहिए।इस बयान के साथ ही अमेरिका ने ईरान को तेल निर्यात के लिए दी गई प्रतिबंधों की अस्थाई छूट को भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है।

अमेरिका का ईरान पर बड़ा एक्शन

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास के इलाकों में 80 से अधिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में तीन कमर्शियल जहाजों (क्रूड और गैस टैंकर्स) पर ड्रोन और मिसाइल से गैर-कानूनी हमले किए थे, जो सीजफायर का सीधा उल्लंघन था। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी, बोले- चाहूं तो सबको खत्म कर दूं.. ईरान ने भी किया तीखा पलटवार

 

अमेरिकी हमलों में ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, तटीय निगरानी केंद्र, एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल ठिकाने और ड्रोन लॉन्च पैड्स को तबाह किया गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, केश्म द्वीप (Qeshm Island), सीरिक और बंदर अब्बास जैसे प्रमुख बंदरगाह शहरों में तेज धमाके सुने गए।

ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित लगभग 85 अमेरिकी सैन्य और सहयोगी सुविधाओं को निशाना बनाया है।

 

वैश्विक स्तर पर खलबली, चीन की चेतावनी

इस अचानक भड़के तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में डर का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 5.3% बढ़कर $78 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, दुनिया के कई बड़े देशों ने इस पर चिंता जताई है।

 

चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में दोबारा युद्ध की आग भड़काना किसी के हित में नहीं है और सैन्य तरीकों से इस समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सीजफायर के उल्लंघन पर अमेरिका का यह कड़ा जवाब देना बेहद जरूरी था।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

Donald Trumps statement, US attack on Iran, Strait of Hormuz, US-Iran war, end of ceasefire, West Asia tensions डोनाल्ड ट्रंप बयान, अमेरिका का ईरान पर हमला, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, यूएस-ईरान युद्ध, सीजफायर खत्म, पश्चिम एशिया तनाव">फिर भड़केगी महायुद्ध की आग? ट्रंप का बड़ा एलान- ईरान के साथ समझौता खत्म, रातभर बरसे बमDonald Trumps statement: पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किये (अंकारा) में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान बेहद तीखा बयान देते हुए ईरान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम (सीजफायर) समझौते को ‘पूरी तरह खत्म’ घोषित कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत करना सिर्फ ‘समय की बर्बादी’ है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, बीती रात अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है और कच्चे तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा का भारी उछाल आया है।																								
																														
																																			
	ट्रंप का कड़ा रुख, समझौता खत्म
									
	उन्होंने कहा कि वे कैंसर हैं, हमें खत्म करना होगा। कैंसर को शुरुआत में ही काटकर निकाल देना चाहिए।इस बयान के साथ ही अमेरिका ने ईरान को तेल निर्यात के लिए दी गई प्रतिबंधों की अस्थाई छूट को भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है।																									
																
																
																														
																														
																																			
	अमेरिका का ईरान पर बड़ा एक्शन

	अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास के इलाकों में 80 से अधिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में तीन कमर्शियल जहाजों (क्रूड और गैस टैंकर्स) पर ड्रोन और मिसाइल से गैर-कानूनी हमले किए थे, जो सीजफायर का सीधा उल्लंघन था। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी, बोले- चाहूं तो सबको खत्म कर दूं.. ईरान ने भी किया तीखा पलटवार																								
																														
																																			
	 
	अमेरिकी हमलों में ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, तटीय निगरानी केंद्र, एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल ठिकाने और ड्रोन लॉन्च पैड्स को तबाह किया गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, केश्म द्वीप (Qeshm Island), सीरिक और बंदर अब्बास जैसे प्रमुख बंदरगाह शहरों में तेज धमाके सुने गए।																								
																														
																																			
	ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

	अमेरिकी हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित लगभग 85 अमेरिकी सैन्य और सहयोगी सुविधाओं को निशाना बनाया है।																								
																														
																																			
	 																								
																														
																																			
	वैश्विक स्तर पर खलबली, चीन की चेतावनी

	इस अचानक भड़के तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में डर का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 5.3% बढ़कर  प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, दुनिया के कई बड़े देशों ने इस पर चिंता जताई है।																																																									
																	
															
																														
																																			
	 
	चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में दोबारा युद्ध की आग भड़काना किसी के हित में नहीं है और सैन्य तरीकों से इस समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सीजफायर के उल्लंघन पर अमेरिका का यह कड़ा जवाब देना बेहद जरूरी था।																								
																														
																																			
	Edited by: Vrijendra Singh Jhala 																								
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															Donald Trumps statement, US attack on Iran, Strait of Hormuz, US-Iran war, end of ceasefire, West Asia tensions डोनाल्ड ट्रंप बयान, अमेरिका का ईरान पर हमला, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, यूएस-ईरान युद्ध, सीजफायर खत्म, पश्चिम एशिया तनाव

डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी, बोले- चाहूं तो सबको खत्म कर दूं.. ईरान ने भी किया तीखा पलटवार

 

अमेरिकी हमलों में ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, तटीय निगरानी केंद्र, एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल ठिकाने और ड्रोन लॉन्च पैड्स को तबाह किया गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, केश्म द्वीप (Qeshm Island), सीरिक और बंदर अब्बास जैसे प्रमुख बंदरगाह शहरों में तेज धमाके सुने गए।

ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित लगभग 85 अमेरिकी सैन्य और सहयोगी सुविधाओं को निशाना बनाया है।

 

वैश्विक स्तर पर खलबली, चीन की चेतावनी

इस अचानक भड़के तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में डर का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 5.3% बढ़कर $78 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, दुनिया के कई बड़े देशों ने इस पर चिंता जताई है।

 

चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में दोबारा युद्ध की आग भड़काना किसी के हित में नहीं है और सैन्य तरीकों से इस समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सीजफायर के उल्लंघन पर अमेरिका का यह कड़ा जवाब देना बेहद जरूरी था।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

Donald Trumps statement, US attack on Iran, Strait of Hormuz, US-Iran war, end of ceasefire, West Asia tensions डोनाल्ड ट्रंप बयान, अमेरिका का ईरान पर हमला, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, यूएस-ईरान युद्ध, सीजफायर खत्म, पश्चिम एशिया तनाव">फिर भड़केगी महायुद्ध की आग? ट्रंप का बड़ा एलान- ईरान के साथ समझौता खत्म, रातभर बरसे बम

Donald Trumps statement: पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किये (अंकारा) में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान बेहद तीखा बयान देते हुए ईरान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम (सीजफायर) समझौते को ‘पूरी तरह खत्म’ घोषित कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत करना सिर्फ ‘समय की बर्बादी’ है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, बीती रात अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है और कच्चे तेल की कीमतों में 5% से ज्यादा का भारी उछाल आया है।

ट्रंप का कड़ा रुख, समझौता खत्म

उन्होंने कहा कि वे कैंसर हैं, हमें खत्म करना होगा। कैंसर को शुरुआत में ही काटकर निकाल देना चाहिए।इस बयान के साथ ही अमेरिका ने ईरान को तेल निर्यात के लिए दी गई प्रतिबंधों की अस्थाई छूट को भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है।

अमेरिका का ईरान पर बड़ा एक्शन

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास के इलाकों में 80 से अधिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में तीन कमर्शियल जहाजों (क्रूड और गैस टैंकर्स) पर ड्रोन और मिसाइल से गैर-कानूनी हमले किए थे, जो सीजफायर का सीधा उल्लंघन था। ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी धमकी, बोले- चाहूं तो सबको खत्म कर दूं.. ईरान ने भी किया तीखा पलटवार

 

अमेरिकी हमलों में ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, तटीय निगरानी केंद्र, एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइल ठिकाने और ड्रोन लॉन्च पैड्स को तबाह किया गया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, केश्म द्वीप (Qeshm Island), सीरिक और बंदर अब्बास जैसे प्रमुख बंदरगाह शहरों में तेज धमाके सुने गए।

ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी हमलों के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित लगभग 85 अमेरिकी सैन्य और सहयोगी सुविधाओं को निशाना बनाया है।

 

वैश्विक स्तर पर खलबली, चीन की चेतावनी

इस अचानक भड़के तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में डर का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 5.3% बढ़कर $78 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, दुनिया के कई बड़े देशों ने इस पर चिंता जताई है।

 

चीन के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया में दोबारा युद्ध की आग भड़काना किसी के हित में नहीं है और सैन्य तरीकों से इस समस्या का समाधान नहीं निकल सकता। नाटो के महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सीजफायर के उल्लंघन पर अमेरिका का यह कड़ा जवाब देना बेहद जरूरी था।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

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