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Saturday Box Office: दो बड़ी फिल्मों की जंग में किसका पलड़ा भारी? नेशनल चेन्स में जबरदस्त उछाल बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इस शनिवार जबरदस्त हलचल है। दो बड़ी फिल्मों के बीच छिड़ी इस जंग में दूसरे दिन सुबह के शो में भारी भीड़ देखी जा रही है। ओपनिंग डे के मुकाबले नेशनल चेन्स में ऑक्यूपेंसी काफी बढ़ी है। 13 जून का यह मुकाबला फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम साबित हो रहा है और फैंस बड़ी संख्या में सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं।           दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में शुक्रवार के मुकाबले शनिवार सुबह के शोज में 20 फीसदी का उछाल आया है। वीकेंड पर कौन सी फिल्म बाजी मारेगी, यह इसी ट्रेंड से तय होगा। दर्शक प्रीमियम फॉर्मेट्स को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं, जिससे साफ है कि इस बड़े मुकाबले के लिए लोग बेहतरीन सिनेमाई अनुभव चाहते हैं।    शनिवार बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: नेशनल चेन्स में दिखी जबरदस्त तेजी जैसे-जैसे दिन ढल रहा है, नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में भीड़ बढ़ती जा रही है। मेट्रो शहरों में ग्रोथ सबसे ज्यादा है, वहीं छोटे शहरों में भी ‘स्पॉट बुकिंग’ में लगातार तेजी देखी जा रही है। अब फिल्मों की टिकट बिक्री में ‘वर्ड ऑफ माउथ’ (लोगों की तारीफ) का बड़ा रोल नजर आ रहा है।     पैमाना शुक्रवार का आधार शनिवार का शुरुआती रुझान   मॉर्निंग ऑक्यूपेंसी 18 फीसदी 26 फीसदी   मेट्रो शहरों में ग्रोथ सामान्य 22 फीसदी की बढ़ोतरी   सिंगल स्क्रीन की हिस्सेदारी स्थिर तेजी से बढ़ रही है    सिंगल-स्क्रीन थिएटर्स के लिए भी यह शनिवार खुशियां लेकर आया है, जहां मास ऑडियंस बड़ी संख्या में पहुंच रही है। दोपहर के सुस्त रहने वाले शोज में ‘स्पॉट प्राइसिंग’ की रणनीति काम आई और सीटें फुल नजर आईं। यह उछाल बताता है कि इस क्लैश ने पूरे भारत के दर्शकों का ध्यान खींचा है। अच्छी माउथ पब्लिसिटी की वजह से लोग अचानक टिकट खरीदकर फिल्में देखने पहुंच रहे हैं।  शनिवार के शुरुआती आंकड़े और वीकेंड का रास्ता ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि आज शाम 7 बजे तक नेट कलेक्शन ओपनिंग डे के आंकड़ों को पार कर जाएगा। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, रेस में आगे चल रही फिल्म की कमाई में 30 फीसदी की ग्रोथ दिख सकती है। इस रफ्तार से दोनों ही फिल्में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर एक मजबूत वीकेंड की ओर बढ़ रही हैं।  वर्ल्डवाइड कलेक्शन की तस्वीर आज रात इंटरनेशनल मार्केट के आंकड़े आने के बाद साफ होगी। हालांकि, घरेलू बाजार के रुझान बताते हैं कि भारतीय दर्शकों को अब भी बड़े पर्दे का अनुभव काफी पसंद आ रहा है। कल यानी रविवार के आंकड़े तय करेंगे कि हिंदी बेल्ट की इस बड़ी सिनेमाई जंग का असली सिकंदर कौन बनेगा।

Saturday Box Office: दो बड़ी फिल्मों की जंग में किसका पलड़ा भारी? नेशनल चेन्स में जबरदस्त उछाल

बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इस शनिवार जबरदस्त हलचल है। दो बड़ी फिल्मों के बीच छिड़ी इस जंग में दूसरे दिन सुबह के शो में भारी भीड़ देखी जा रही है। ओपनिंग डे के मुकाबले नेशनल चेन्स में ऑक्यूपेंसी काफी बढ़ी है। 13 जून का यह मुकाबला फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम साबित हो रहा है और फैंस बड़ी संख्या में सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं।

Saturday Box Office: दो बड़ी फिल्मों की जंग में किसका पलड़ा भारी? नेशनल चेन्स में जबरदस्त उछाल बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इस शनिवार जबरदस्त हलचल है। दो बड़ी फिल्मों के बीच छिड़ी इस जंग में दूसरे दिन सुबह के शो में भारी भीड़ देखी जा रही है। ओपनिंग डे के मुकाबले नेशनल चेन्स में ऑक्यूपेंसी काफी बढ़ी है। 13 जून का यह मुकाबला फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम साबित हो रहा है और फैंस बड़ी संख्या में सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं।           दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में शुक्रवार के मुकाबले शनिवार सुबह के शोज में 20 फीसदी का उछाल आया है। वीकेंड पर कौन सी फिल्म बाजी मारेगी, यह इसी ट्रेंड से तय होगा। दर्शक प्रीमियम फॉर्मेट्स को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं, जिससे साफ है कि इस बड़े मुकाबले के लिए लोग बेहतरीन सिनेमाई अनुभव चाहते हैं।    शनिवार बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: नेशनल चेन्स में दिखी जबरदस्त तेजी जैसे-जैसे दिन ढल रहा है, नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में भीड़ बढ़ती जा रही है। मेट्रो शहरों में ग्रोथ सबसे ज्यादा है, वहीं छोटे शहरों में भी ‘स्पॉट बुकिंग’ में लगातार तेजी देखी जा रही है। अब फिल्मों की टिकट बिक्री में ‘वर्ड ऑफ माउथ’ (लोगों की तारीफ) का बड़ा रोल नजर आ रहा है।     पैमाना शुक्रवार का आधार शनिवार का शुरुआती रुझान   मॉर्निंग ऑक्यूपेंसी 18 फीसदी 26 फीसदी   मेट्रो शहरों में ग्रोथ सामान्य 22 फीसदी की बढ़ोतरी   सिंगल स्क्रीन की हिस्सेदारी स्थिर तेजी से बढ़ रही है    सिंगल-स्क्रीन थिएटर्स के लिए भी यह शनिवार खुशियां लेकर आया है, जहां मास ऑडियंस बड़ी संख्या में पहुंच रही है। दोपहर के सुस्त रहने वाले शोज में ‘स्पॉट प्राइसिंग’ की रणनीति काम आई और सीटें फुल नजर आईं। यह उछाल बताता है कि इस क्लैश ने पूरे भारत के दर्शकों का ध्यान खींचा है। अच्छी माउथ पब्लिसिटी की वजह से लोग अचानक टिकट खरीदकर फिल्में देखने पहुंच रहे हैं।  शनिवार के शुरुआती आंकड़े और वीकेंड का रास्ता ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि आज शाम 7 बजे तक नेट कलेक्शन ओपनिंग डे के आंकड़ों को पार कर जाएगा। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, रेस में आगे चल रही फिल्म की कमाई में 30 फीसदी की ग्रोथ दिख सकती है। इस रफ्तार से दोनों ही फिल्में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर एक मजबूत वीकेंड की ओर बढ़ रही हैं।  वर्ल्डवाइड कलेक्शन की तस्वीर आज रात इंटरनेशनल मार्केट के आंकड़े आने के बाद साफ होगी। हालांकि, घरेलू बाजार के रुझान बताते हैं कि भारतीय दर्शकों को अब भी बड़े पर्दे का अनुभव काफी पसंद आ रहा है। कल यानी रविवार के आंकड़े तय करेंगे कि हिंदी बेल्ट की इस बड़ी सिनेमाई जंग का असली सिकंदर कौन बनेगा।

दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में शुक्रवार के मुकाबले शनिवार सुबह के शोज में 20 फीसदी का उछाल आया है। वीकेंड पर कौन सी फिल्म बाजी मारेगी, यह इसी ट्रेंड से तय होगा। दर्शक प्रीमियम फॉर्मेट्स को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं, जिससे साफ है कि इस बड़े मुकाबले के लिए लोग बेहतरीन सिनेमाई अनुभव चाहते हैं।

शनिवार बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: नेशनल चेन्स में दिखी जबरदस्त तेजी

जैसे-जैसे दिन ढल रहा है, नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में भीड़ बढ़ती जा रही है। मेट्रो शहरों में ग्रोथ सबसे ज्यादा है, वहीं छोटे शहरों में भी ‘स्पॉट बुकिंग’ में लगातार तेजी देखी जा रही है। अब फिल्मों की टिकट बिक्री में ‘वर्ड ऑफ माउथ’ (लोगों की तारीफ) का बड़ा रोल नजर आ रहा है।

पैमाना शुक्रवार का आधार शनिवार का शुरुआती रुझान
मॉर्निंग ऑक्यूपेंसी 18 फीसदी 26 फीसदी
मेट्रो शहरों में ग्रोथ सामान्य 22 फीसदी की बढ़ोतरी
सिंगल स्क्रीन की हिस्सेदारी स्थिर तेजी से बढ़ रही है

सिंगल-स्क्रीन थिएटर्स के लिए भी यह शनिवार खुशियां लेकर आया है, जहां मास ऑडियंस बड़ी संख्या में पहुंच रही है। दोपहर के सुस्त रहने वाले शोज में ‘स्पॉट प्राइसिंग’ की रणनीति काम आई और सीटें फुल नजर आईं। यह उछाल बताता है कि इस क्लैश ने पूरे भारत के दर्शकों का ध्यान खींचा है। अच्छी माउथ पब्लिसिटी की वजह से लोग अचानक टिकट खरीदकर फिल्में देखने पहुंच रहे हैं।

शनिवार के शुरुआती आंकड़े और वीकेंड का रास्ता

ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि आज शाम 7 बजे तक नेट कलेक्शन ओपनिंग डे के आंकड़ों को पार कर जाएगा। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, रेस में आगे चल रही फिल्म की कमाई में 30 फीसदी की ग्रोथ दिख सकती है। इस रफ्तार से दोनों ही फिल्में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर एक मजबूत वीकेंड की ओर बढ़ रही हैं।

वर्ल्डवाइड कलेक्शन की तस्वीर आज रात इंटरनेशनल मार्केट के आंकड़े आने के बाद साफ होगी। हालांकि, घरेलू बाजार के रुझान बताते हैं कि भारतीय दर्शकों को अब भी बड़े पर्दे का अनुभव काफी पसंद आ रहा है। कल यानी रविवार के आंकड़े तय करेंगे कि हिंदी बेल्ट की इस बड़ी सिनेमाई जंग का असली सिकंदर कौन बनेगा।

बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इस शनिवार जबरदस्त हलचल है। दो बड़ी फिल्मों के बीच छिड़ी इस जंग में दूसरे दिन सुबह के शो में भारी भीड़ देखी जा रही है। ओपनिंग डे के मुकाबले नेशनल चेन्स में ऑक्यूपेंसी काफी बढ़ी है। 13 जून का यह मुकाबला फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम साबित हो रहा है और फैंस बड़ी संख्या में सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं।

दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में शुक्रवार के मुकाबले शनिवार सुबह के शोज में 20 फीसदी का उछाल आया है। वीकेंड पर कौन सी फिल्म बाजी मारेगी, यह इसी ट्रेंड से तय होगा। दर्शक प्रीमियम फॉर्मेट्स को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं, जिससे साफ है कि इस बड़े मुकाबले के लिए लोग बेहतरीन सिनेमाई अनुभव चाहते हैं।

शनिवार बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: नेशनल चेन्स में दिखी जबरदस्त तेजी

जैसे-जैसे दिन ढल रहा है, नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में भीड़ बढ़ती जा रही है। मेट्रो शहरों में ग्रोथ सबसे ज्यादा है, वहीं छोटे शहरों में भी ‘स्पॉट बुकिंग’ में लगातार तेजी देखी जा रही है। अब फिल्मों की टिकट बिक्री में ‘वर्ड ऑफ माउथ’ (लोगों की तारीफ) का बड़ा रोल नजर आ रहा है।

पैमाना शुक्रवार का आधार शनिवार का शुरुआती रुझान
मॉर्निंग ऑक्यूपेंसी 18 फीसदी 26 फीसदी
मेट्रो शहरों में ग्रोथ सामान्य 22 फीसदी की बढ़ोतरी
सिंगल स्क्रीन की हिस्सेदारी स्थिर तेजी से बढ़ रही है

सिंगल-स्क्रीन थिएटर्स के लिए भी यह शनिवार खुशियां लेकर आया है, जहां मास ऑडियंस बड़ी संख्या में पहुंच रही है। दोपहर के सुस्त रहने वाले शोज में ‘स्पॉट प्राइसिंग’ की रणनीति काम आई और सीटें फुल नजर आईं। यह उछाल बताता है कि इस क्लैश ने पूरे भारत के दर्शकों का ध्यान खींचा है। अच्छी माउथ पब्लिसिटी की वजह से लोग अचानक टिकट खरीदकर फिल्में देखने पहुंच रहे हैं।

शनिवार के शुरुआती आंकड़े और वीकेंड का रास्ता

ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि आज शाम 7 बजे तक नेट कलेक्शन ओपनिंग डे के आंकड़ों को पार कर जाएगा। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, रेस में आगे चल रही फिल्म की कमाई में 30 फीसदी की ग्रोथ दिख सकती है। इस रफ्तार से दोनों ही फिल्में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर एक मजबूत वीकेंड की ओर बढ़ रही हैं।

वर्ल्डवाइड कलेक्शन की तस्वीर आज रात इंटरनेशनल मार्केट के आंकड़े आने के बाद साफ होगी। हालांकि, घरेलू बाजार के रुझान बताते हैं कि भारतीय दर्शकों को अब भी बड़े पर्दे का अनुभव काफी पसंद आ रहा है। कल यानी रविवार के आंकड़े तय करेंगे कि हिंदी बेल्ट की इस बड़ी सिनेमाई जंग का असली सिकंदर कौन बनेगा।

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;'हर परिवार को एक तुलसी की ज़रूरत होती है' — स्मृति ईरानी ने बताया क्यों आज भी उतना ही खास है यह आइकॉनिक किरदार

समय के साथ परिवार बदल जाते हैं, रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं और हर पीढ़ी दुनिया को अपने-अपने नज़रिए से देखने लगती है। लेकिन हर परिवार को आखिरकार किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है, जो सबको साथ जोड़कर रख सके। जो लड़ाई की जगह समझदारी चुने, नाराज़गी की जगह माफ़ी दे और कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, अपने परिवार को फिर से एक करने की कोशिश कभी न छोड़े। करोड़ों दर्शकों के लिए तुलसी हमेशा ऐसी ही रही है। आज से क्योंकि सास भी कभी बहू थी 10 साल के लीप के साथ अपनी कहानी के एक नए और अहम अध्याय की शुरुआत कर रहा है। ऐसे में स्मृति ईरानी बताती हैं कि उनके मुताबिक आज भी हर परिवार को तुलसी जैसी शख्सियत की क्यों ज़रूरत है और यह किरदार आज भी पहले जितना ही प्रासंगिक क्यों है।

शो के इस नए चैप्टर के बारे में बात करते हुए स्मृति ईरानी कहती हैं

"बीते कई सालों में मुझे सबसे खूबसूरत बात तब सुनने को मिली, जब लोगों ने कहा कि तुलसी उन्हें अपनी मां, दादी या नानी की याद दिलाती है। मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि हर परिवार को, चाहे समय कितना भी बदल जाए, आखिर में किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है जो रिश्तों को तोड़ने नहीं, बल्कि जोड़ने की कोशिश करे। जो लोगों को समझे, उनकी बात सुने और उन्हें बिना किसी फैसले के अपनाए।

यह नया चैप्टर मेरे लिए बहुत खास है। दस साल बाद तुलसी अपने परिवार में लौटती है। इस दौरान परिवार बदल चुका है, रिश्ते पहले से ज़्यादा उलझ गए हैं और अपनों के बीच दूरियां भी बढ़ गई हैं। लेकिन तुलसी का विश्वास आज भी वही है कि हर रिश्ते को एक और मौका मिलना चाहिए और हर परिवार फिर से एक हो सकता है।

तुलसी की सबसे बड़ी खासियत हमेशा यही रही है कि वह कभी यह नहीं मानती कि किसी समस्या का सिर्फ एक ही हल होता है। हर नई पीढ़ी अपने साथ नई चुनौतियां लेकर आती है और उन चुनौतियों का सामना करने के लिए समझदारी, हिम्मत और एक-दूसरे को समझने की इच्छा सबसे ज़्यादा ज़रूरी होती है।

इस सफर में कई ऐसे पल आएंगे, जिनकी किसी ने उम्मीद नहीं की होगी। लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत परिवार, माफ़ी और उम्मीद की भावना है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को तुलसी की इस नई कहानी में अपने परिवार और अपनी ज़िंदगी की झलक देखने को मिलेगी और वे इस नए चैप्टर का भरपूर आनंद लेंगे।

Mother-in-law was also once a daughter-in-law, TV Serlal, Smriti Irani">आज से देखिए 10 साल के लीप के साथ क्योंकि सास भी कभी बहू थी का नया अध्याय   ;'हर परिवार को एक तुलसी की ज़रूरत होती है' — स्मृति ईरानी ने बताया क्यों आज भी उतना ही खास है यह आइकॉनिक किरदार

समय के साथ परिवार बदल जाते हैं, रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं और हर पीढ़ी दुनिया को अपने-अपने नज़रिए से देखने लगती है। लेकिन हर परिवार को आखिरकार किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है, जो सबको साथ जोड़कर रख सके। जो लड़ाई की जगह समझदारी चुने, नाराज़गी की जगह माफ़ी दे और कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, अपने परिवार को फिर से एक करने की कोशिश कभी न छोड़े। करोड़ों दर्शकों के लिए तुलसी हमेशा ऐसी ही रही है। आज से क्योंकि सास भी कभी बहू थी 10 साल के लीप के साथ अपनी कहानी के एक नए और अहम अध्याय की शुरुआत कर रहा है। ऐसे में स्मृति ईरानी बताती हैं कि उनके मुताबिक आज भी हर परिवार को तुलसी जैसी शख्सियत की क्यों ज़रूरत है और यह किरदार आज भी पहले जितना ही प्रासंगिक क्यों है।

शो के इस नए चैप्टर के बारे में बात करते हुए स्मृति ईरानी कहती हैं

"बीते कई सालों में मुझे सबसे खूबसूरत बात तब सुनने को मिली, जब लोगों ने कहा कि तुलसी उन्हें अपनी मां, दादी या नानी की याद दिलाती है। मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि हर परिवार को, चाहे समय कितना भी बदल जाए, आखिर में किसी ऐसे इंसान की ज़रूरत होती है जो रिश्तों को तोड़ने नहीं, बल्कि जोड़ने की कोशिश करे। जो लोगों को समझे, उनकी बात सुने और उन्हें बिना किसी फैसले के अपनाए।

यह नया चैप्टर मेरे लिए बहुत खास है। दस साल बाद तुलसी अपने परिवार में लौटती है। इस दौरान परिवार बदल चुका है, रिश्ते पहले से ज़्यादा उलझ गए हैं और अपनों के बीच दूरियां भी बढ़ गई हैं। लेकिन तुलसी का विश्वास आज भी वही है कि हर रिश्ते को एक और मौका मिलना चाहिए और हर परिवार फिर से एक हो सकता है।



तुलसी की सबसे बड़ी खासियत हमेशा यही रही है कि वह कभी यह नहीं मानती कि किसी समस्या का सिर्फ एक ही हल होता है। हर नई पीढ़ी अपने साथ नई चुनौतियां लेकर आती है और उन चुनौतियों का सामना करने के लिए समझदारी, हिम्मत और एक-दूसरे को समझने की इच्छा सबसे ज़्यादा ज़रूरी होती है।

इस सफर में कई ऐसे पल आएंगे, जिनकी किसी ने उम्मीद नहीं की होगी। लेकिन इसकी सबसे बड़ी ताकत परिवार, माफ़ी और उम्मीद की भावना है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को तुलसी की इस नई कहानी में अपने परिवार और अपनी ज़िंदगी की झलक देखने को मिलेगी और वे इस नए चैप्टर का भरपूर आनंद लेंगे।Mother-in-law was also once a daughter-in-law, TV Serlal, Smriti Irani

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शुक्रवार से शुरू हुए  कार्यक्रम में दुनिया के करीब 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। 86 वर्षीय अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में मौत हो गई थी। यह हमला उनके आवास पर किया गया था और इसे अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध का पहला बड़ा सैन्य अभियान माना गया। 

इस बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हकीम इलाही ने बताया कि इज़राइल की ओर से संभावित खतरे और निगरानी की आशंका को देखते हुए उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को जोखिम भरा माना गया है।

बताया गया कि मोजतबा खामेनेई इससे पहले अपनी पत्नी ज़हरा हद्दाद-अदेल के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए थे। उनकी पत्नी की भी 28 फरवरी के उसी अमेरिकी-इज़राइली हवाई हमले में मौत हुई थी। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे।

 

भारत से कौन-कौन होगा शामिल 

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शुक्रवार को ईरान पहुंच गए हैं। भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ईरान जाएंगे। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ईरान पहुंच गई हैं।
ईरान के सुप्रीम लीडर के निधन के बाद भारत के प्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि तेहरान में आयोजित समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और उनके साथ राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा कर रहे हैं। इसके अलावा कई और लोग भी गए हैं।

लेखक के बारे में

सुधीर शर्मा

सुधीर शर्मा विश्व के प्रथम हिन्दी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इनके पास मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नईदुनिया से प्रूफ रीडर के रूप में की। 2012 से…. और पढ़ें
Ali Khamenei funeral, Mojtaba Khamenei, Iran Supreme Leader funeral, Indian delegation to Iran, India Iran relations, Tehran news, Iran latest news, Middle East news, Ayatollah Khamenei funeral, India delegation Iran 2026, global news, Iran funeral ceremony, अयातुल्ला अली खामेनेई, खामेनेई अंतिम संस्कार, मोजतबा खामेनेई, ईरान समाचार, भारत का प्रतिनिधिमंडल ईरान, ईरान-भारत संबंध, खामेनेई फ्यूनरल, तेहरान समाचार, ईरान ताजा खबर, मध्य पूर्व समाचार, भारत ईरान डेलिगेशन, विश्व समाचार">अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल क्यों नहीं होंगे मोजतबा, जानिए भारत से कौन-कौन पहुंचा ईरान
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शुक्रवार से शुरू हुए  कार्यक्रम में दुनिया के करीब 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। 86 वर्षीय अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में मौत हो गई थी। यह हमला उनके आवास पर किया गया था और इसे अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध का पहला बड़ा सैन्य अभियान माना गया। 																								
																														
																																												
	इस बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हकीम इलाही ने बताया कि इज़राइल की ओर से संभावित खतरे और निगरानी की आशंका को देखते हुए उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को जोखिम भरा माना गया है।																									
																
																
																														
																														
																																																											
																														
																																			बताया गया कि मोजतबा खामेनेई इससे पहले अपनी पत्नी ज़हरा हद्दाद-अदेल के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए थे। उनकी पत्नी की भी 28 फरवरी के उसी अमेरिकी-इज़राइली हवाई हमले में मौत हुई थी। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे।																								
																														
																																			
	 
	भारत से कौन-कौन होगा शामिल 

	ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शुक्रवार को ईरान पहुंच गए हैं। भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ईरान जाएंगे। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ईरान पहुंच गई हैं।
	
		
			#WATCH | ईरान के सुप्रीम लीडर के निधन के बाद भारत के प्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “तेहरान में आयोजित समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और उनके साथ… pic.twitter.com/dzombrKKpe— डीडी न्यूज़ (@DDNewsHindi) July 3, 2026
	ईरान के सुप्रीम लीडर के निधन के बाद भारत के प्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि तेहरान में आयोजित समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और उनके साथ राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा कर रहे हैं। इसके अलावा कई और लोग भी गए हैं।																								
																														
																																																		
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
			 
				
				
					 
						
															 
									
									 
									     							
									 लेखक के बारे में
									 सुधीर शर्मा
										
									
																				 
						   
                           सुधीर शर्मा विश्व के प्रथम हिन्दी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इनके पास मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नईदुनिया से प्रूफ रीडर के रूप में की। 2012 से….						   और पढ़ें 
								
							
							
					
			    
			
			
			
							
				
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ईरान के सुप्रीम लीडर के निधन के बाद भारत के प्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि तेहरान में आयोजित समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और उनके साथ राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा कर रहे हैं। इसके अलावा कई और लोग भी गए हैं।

लेखक के बारे में

सुधीर शर्मा

सुधीर शर्मा विश्व के प्रथम हिन्दी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इनके पास मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नईदुनिया से प्रूफ रीडर के रूप में की। 2012 से…. और पढ़ें
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अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल क्यों नहीं होंगे मोजतबा, जानिए भारत से कौन-कौन पहुंचा ईरान
								

		
		
		
		
				


					
							
																								
											
								
								
																			
																	
																	
																ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शुक्रवार से शुरू हुए  कार्यक्रम में दुनिया के करीब 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। 86 वर्षीय अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में मौत हो गई थी। यह हमला उनके आवास पर किया गया था और इसे अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध का पहला बड़ा सैन्य अभियान माना गया। 																								
																														
																																												
	इस बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हकीम इलाही ने बताया कि इज़राइल की ओर से संभावित खतरे और निगरानी की आशंका को देखते हुए उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को जोखिम भरा माना गया है।																									
																
																
																														
																														
																																																											
																														
																																			बताया गया कि मोजतबा खामेनेई इससे पहले अपनी पत्नी ज़हरा हद्दाद-अदेल के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए थे। उनकी पत्नी की भी 28 फरवरी के उसी अमेरिकी-इज़राइली हवाई हमले में मौत हुई थी। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे।																								
																														
																																			
	 
	भारत से कौन-कौन होगा शामिल 

	ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शुक्रवार को ईरान पहुंच गए हैं। भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ईरान जाएंगे। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ईरान पहुंच गई हैं।
	
		
			#WATCH | ईरान के सुप्रीम लीडर के निधन के बाद भारत के प्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “तेहरान में आयोजित समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और उनके साथ… pic.twitter.com/dzombrKKpe— डीडी न्यूज़ (@DDNewsHindi) July 3, 2026
	ईरान के सुप्रीम लीडर के निधन के बाद भारत के प्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि तेहरान में आयोजित समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और उनके साथ राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा कर रहे हैं। इसके अलावा कई और लोग भी गए हैं।																								
																														
																																																		
																																																																		
																																	
																																														
																															
																																																														

								
															
						
			 
				
				
					 
						
															 
									
									 
									     							
									 लेखक के बारे में
									 सुधीर शर्मा
										
									
																				 
						   
                           सुधीर शर्मा विश्व के प्रथम हिन्दी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इनके पास मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नईदुनिया से प्रूफ रीडर के रूप में की। 2012 से….						   और पढ़ें 
								
							
							
					
			    
			
			
			
							
				
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ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शुक्रवार से शुरू हुए  कार्यक्रम में दुनिया के करीब 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। 86 वर्षीय अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में मौत हो गई थी। यह हमला उनके आवास पर किया गया था और इसे अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध का पहला बड़ा सैन्य अभियान माना गया। 

इस बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हकीम इलाही ने बताया कि इज़राइल की ओर से संभावित खतरे और निगरानी की आशंका को देखते हुए उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को जोखिम भरा माना गया है।

बताया गया कि मोजतबा खामेनेई इससे पहले अपनी पत्नी ज़हरा हद्दाद-अदेल के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए थे। उनकी पत्नी की भी 28 फरवरी के उसी अमेरिकी-इज़राइली हवाई हमले में मौत हुई थी। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे।

 

भारत से कौन-कौन होगा शामिल 

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शुक्रवार को ईरान पहुंच गए हैं। भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ईरान जाएंगे। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ईरान पहुंच गई हैं।
ईरान के सुप्रीम लीडर के निधन के बाद भारत के प्रतिनिधित्व से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि तेहरान में आयोजित समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और उनके साथ राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा कर रहे हैं। इसके अलावा कई और लोग भी गए हैं।

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सुधीर शर्मा विश्व के प्रथम हिन्दी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इनके पास मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नईदुनिया से प्रूफ रीडर के रूप में की। 2012 से…. और पढ़ें
Ali Khamenei funeral, Mojtaba Khamenei, Iran Supreme Leader funeral, Indian delegation to Iran, India Iran relations, Tehran news, Iran latest news, Middle East news, Ayatollah Khamenei funeral, India delegation Iran 2026, global news, Iran funeral ceremony, अयातुल्ला अली खामेनेई, खामेनेई अंतिम संस्कार, मोजतबा खामेनेई, ईरान समाचार, भारत का प्रतिनिधिमंडल ईरान, ईरान-भारत संबंध, खामेनेई फ्यूनरल, तेहरान समाचार, ईरान ताजा खबर, मध्य पूर्व समाचार, भारत ईरान डेलिगेशन, विश्व समाचार

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