Saturday Box Office: दो बड़ी फिल्मों की जंग में किसका पलड़ा भारी? नेशनल चेन्स में जबरदस्त उछाल
बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इस शनिवार जबरदस्त हलचल है। दो बड़ी फिल्मों के बीच छिड़ी इस जंग में दूसरे दिन सुबह के शो में भारी भीड़ देखी जा रही है। ओपनिंग डे के मुकाबले नेशनल चेन्स में ऑक्यूपेंसी काफी बढ़ी है। 13 जून का यह मुकाबला फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम साबित हो रहा है और फैंस बड़ी संख्या में सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं।
दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में शुक्रवार के मुकाबले शनिवार सुबह के शोज में 20 फीसदी का उछाल आया है। वीकेंड पर कौन सी फिल्म बाजी मारेगी, यह इसी ट्रेंड से तय होगा। दर्शक प्रीमियम फॉर्मेट्स को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं, जिससे साफ है कि इस बड़े मुकाबले के लिए लोग बेहतरीन सिनेमाई अनुभव चाहते हैं।
शनिवार बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: नेशनल चेन्स में दिखी जबरदस्त तेजी
जैसे-जैसे दिन ढल रहा है, नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में भीड़ बढ़ती जा रही है। मेट्रो शहरों में ग्रोथ सबसे ज्यादा है, वहीं छोटे शहरों में भी ‘स्पॉट बुकिंग’ में लगातार तेजी देखी जा रही है। अब फिल्मों की टिकट बिक्री में ‘वर्ड ऑफ माउथ’ (लोगों की तारीफ) का बड़ा रोल नजर आ रहा है।
पैमाना
शुक्रवार का आधार
शनिवार का शुरुआती रुझान
मॉर्निंग ऑक्यूपेंसी
18 फीसदी
26 फीसदी
मेट्रो शहरों में ग्रोथ
सामान्य
22 फीसदी की बढ़ोतरी
सिंगल स्क्रीन की हिस्सेदारी
स्थिर
तेजी से बढ़ रही है
सिंगल-स्क्रीन थिएटर्स के लिए भी यह शनिवार खुशियां लेकर आया है, जहां मास ऑडियंस बड़ी संख्या में पहुंच रही है। दोपहर के सुस्त रहने वाले शोज में ‘स्पॉट प्राइसिंग’ की रणनीति काम आई और सीटें फुल नजर आईं। यह उछाल बताता है कि इस क्लैश ने पूरे भारत के दर्शकों का ध्यान खींचा है। अच्छी माउथ पब्लिसिटी की वजह से लोग अचानक टिकट खरीदकर फिल्में देखने पहुंच रहे हैं।
शनिवार के शुरुआती आंकड़े और वीकेंड का रास्ता
ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि आज शाम 7 बजे तक नेट कलेक्शन ओपनिंग डे के आंकड़ों को पार कर जाएगा। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, रेस में आगे चल रही फिल्म की कमाई में 30 फीसदी की ग्रोथ दिख सकती है। इस रफ्तार से दोनों ही फिल्में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर एक मजबूत वीकेंड की ओर बढ़ रही हैं।
वर्ल्डवाइड कलेक्शन की तस्वीर आज रात इंटरनेशनल मार्केट के आंकड़े आने के बाद साफ होगी। हालांकि, घरेलू बाजार के रुझान बताते हैं कि भारतीय दर्शकों को अब भी बड़े पर्दे का अनुभव काफी पसंद आ रहा है। कल यानी रविवार के आंकड़े तय करेंगे कि हिंदी बेल्ट की इस बड़ी सिनेमाई जंग का असली सिकंदर कौन बनेगा।
बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इस शनिवार जबरदस्त हलचल है। दो बड़ी फिल्मों के बीच छिड़ी इस जंग में दूसरे दिन सुबह के शो में भारी भीड़ देखी जा रही है। ओपनिंग डे के मुकाबले नेशनल चेन्स में ऑक्यूपेंसी काफी बढ़ी है। 13 जून का यह मुकाबला फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम साबित हो रहा है और फैंस बड़ी संख्या में सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं।
दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में शुक्रवार के मुकाबले शनिवार सुबह के शोज में 20 फीसदी का उछाल आया है। वीकेंड पर कौन सी फिल्म बाजी मारेगी, यह इसी ट्रेंड से तय होगा। दर्शक प्रीमियम फॉर्मेट्स को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं, जिससे साफ है कि इस बड़े मुकाबले के लिए लोग बेहतरीन सिनेमाई अनुभव चाहते हैं।
शनिवार बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट: नेशनल चेन्स में दिखी जबरदस्त तेजी
जैसे-जैसे दिन ढल रहा है, नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में भीड़ बढ़ती जा रही है। मेट्रो शहरों में ग्रोथ सबसे ज्यादा है, वहीं छोटे शहरों में भी ‘स्पॉट बुकिंग’ में लगातार तेजी देखी जा रही है। अब फिल्मों की टिकट बिक्री में ‘वर्ड ऑफ माउथ’ (लोगों की तारीफ) का बड़ा रोल नजर आ रहा है।
पैमाना
शुक्रवार का आधार
शनिवार का शुरुआती रुझान
मॉर्निंग ऑक्यूपेंसी
18 फीसदी
26 फीसदी
मेट्रो शहरों में ग्रोथ
सामान्य
22 फीसदी की बढ़ोतरी
सिंगल स्क्रीन की हिस्सेदारी
स्थिर
तेजी से बढ़ रही है
सिंगल-स्क्रीन थिएटर्स के लिए भी यह शनिवार खुशियां लेकर आया है, जहां मास ऑडियंस बड़ी संख्या में पहुंच रही है। दोपहर के सुस्त रहने वाले शोज में ‘स्पॉट प्राइसिंग’ की रणनीति काम आई और सीटें फुल नजर आईं। यह उछाल बताता है कि इस क्लैश ने पूरे भारत के दर्शकों का ध्यान खींचा है। अच्छी माउथ पब्लिसिटी की वजह से लोग अचानक टिकट खरीदकर फिल्में देखने पहुंच रहे हैं।
शनिवार के शुरुआती आंकड़े और वीकेंड का रास्ता
ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि आज शाम 7 बजे तक नेट कलेक्शन ओपनिंग डे के आंकड़ों को पार कर जाएगा। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, रेस में आगे चल रही फिल्म की कमाई में 30 फीसदी की ग्रोथ दिख सकती है। इस रफ्तार से दोनों ही फिल्में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर एक मजबूत वीकेंड की ओर बढ़ रही हैं।
वर्ल्डवाइड कलेक्शन की तस्वीर आज रात इंटरनेशनल मार्केट के आंकड़े आने के बाद साफ होगी। हालांकि, घरेलू बाजार के रुझान बताते हैं कि भारतीय दर्शकों को अब भी बड़े पर्दे का अनुभव काफी पसंद आ रहा है। कल यानी रविवार के आंकड़े तय करेंगे कि हिंदी बेल्ट की इस बड़ी सिनेमाई जंग का असली सिकंदर कौन बनेगा।
उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?
छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन
छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।
Rahul Gandhi letter to Amit Shah, Rahul Gandhi student protest, CJP protest, Jantar Mantar protest, Delhi student protest, pellet gun controversy, police action on students, NEET paper leak protest, Amit Shah response, Congress Rahul Gandhi, student movement India, Delhi police action, education system reforms, Parliament march protest, Sonam Wangchuk protest, राहुल गांधी अमित शाह पत्र, राहुल गांधी छात्र प्रदर्शन, CJP आंदोलन, जंतर मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज, पेलट गन विवाद, दिल्ली छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छात्र आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था सुधार, संसद मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन">
उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?
छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन
छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।
Rahul Gandhi letter to Amit Shah, Rahul Gandhi student protest, CJP protest, Jantar Mantar protest, Delhi student protest, pellet gun controversy, police action on students, NEET paper leak protest, Amit Shah response, Congress Rahul Gandhi, student movement India, Delhi police action, education system reforms, Parliament march protest, Sonam Wangchuk protest, राहुल गांधी अमित शाह पत्र, राहुल गांधी छात्र प्रदर्शन, CJP आंदोलन, जंतर मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज, पेलट गन विवाद, दिल्ली छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छात्र आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था सुधार, संसद मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन">Rahul Gandhi : राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर मांगा जवाब; पूछा- क्या पेलट गन इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर ‘बर्बर हमला’ किया गया। उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन समेत घातक हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई थी?
राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वे प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनकी मांगों का समाधान बातचीत के जरिए निकाले। उन्होंने कहा कि ऐसी क्रूर हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाती है और पूरे देश को आक्रोशित करती है। देश का भविष्य युवा और छात्र जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज सुनी जाएगी।
राहुल गांधी ने घायल छात्र को मीडिया के सामने किया पेश
राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया। इसके बारे में उन्होंने दावा किया कि वह 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कर्मियों की पेलट गन से घायल हुआ था। उन्होंने मांग की कि छात्रों पर गोली चलाने और लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग भी की।
20 जुलाई के प्रदर्शन का जिक्र
राहुल गांधी ने अपने पत्र में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर बल प्रयोग किया।
Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.
I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.@AmitShah ji, I have two… https://t.co/861NLmRgNp
उन्होंने गृह मंत्री से सवाल किया कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल सीधे गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि क्या छात्रों के खिलाफ पेलट गन और अन्य बल प्रयोग की अनुमति दी गई थी? अगर नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी? राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि सादे कपड़ों में छात्रों को लाठी से पीटते दिखाई देने वाले लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति? उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था?
छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन
छात्रों का आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। वांगचुक ने 6 AISA कार्यकर्ताओं के साथ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में केंद्र सरकार की बातचीत के बाद समाप्त किया गया। 20 जुलाई को CJP नेतृत्व के साथ सरकार की पहली औपचारिक बातचीत हुई। इसी दिन संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई हुई, जिसे आंदोलन का बड़ा मोड़ माना गया।
Rahul Gandhi letter to Amit Shah, Rahul Gandhi student protest, CJP protest, Jantar Mantar protest, Delhi student protest, pellet gun controversy, police action on students, NEET paper leak protest, Amit Shah response, Congress Rahul Gandhi, student movement India, Delhi police action, education system reforms, Parliament march protest, Sonam Wangchuk protest, राहुल गांधी अमित शाह पत्र, राहुल गांधी छात्र प्रदर्शन, CJP आंदोलन, जंतर मंतर प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज, पेलट गन विवाद, दिल्ली छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छात्र आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था सुधार, संसद मार्च, सोनम वांगचुक आंदोलन
शगुफ्ता ने बताया कि वो एक से एक पैसे के लिए मोहताज हो गई थीं फिर उन्होंने बिना किसी के मदद के अपनी सारी जिम्मेदारियां निभाईं। इसके साथ ही शगुफ्ता ने इस बात से पर्दा उठाया कि आखिर उन्होंने क्या अभी तक ब्रेस्ट कैंसर की बात छुपा कर रखी थी।
सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शगुफ्ता अली ने बताया कि जब उन्हें स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर का पता चला, तो उन्होंने इसे सभी से छुपा कर क्यों रखा? जब शगुफ्ता से पूछा गया कि उन्होंने अपनी इस बीमारी के बारे में किसी को क्यों नहीं बताया, तो उन्होंने कहा, ‘उस जमाने में इस चीज को लेकर यही कहा जाता था कि नहीं, नहीं, बिल्कुल नहीं बताना। एकदम चुप रहो, बात मत करो। वरना काम मिलना बंद हो जाएगा। डरा दिया गया कि काम नहीं मिलेगा। इंडस्ट्री के लोग ऐसा बर्ताव करने लगते हैं, इसलिए मैंने किसी से कुछ नहीं बताया।’
इसके बाद आए मुश्किल दिनों के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि गुजर-बसर करने के लिए उन्हें अपने गहने और कार तक बेचनी पड़ी, हालांकि उन्होंने अपना घर नहीं बिकने दिया। आज भी वह अपने काम और अस्पताल आने-जाने के लिए ऑटो-रिक्शा से सफर करने में बिल्कुल नहीं हिचकिचातीं।
अपनी सेविंग्स पर शगुफ्ता ने कहा, ‘2017 के बाद जब मेरी दिक्कतें बढ़ीं, तो लोग मुझसे पूछने लगे- क्या तुम्हारे पास कोई सेविंग्स नहीं थीं? अरे, बिल्कुल थीं। मेरे पास अच्छी-खासी बचत थी और इतने सालों तक मैंने उसी से अपना घर चलाया। लेकिन मैं कोई अंबानी, टाटा या अडानी तो हूं नहीं कि मेरा पैसा कभी खत्म ही न हो।
उन्होंने आगे कहा, ‘एक टीवी एक्टर के पास भला कितनी सेविंग्स हो सकती हैं? मैं अपने घर में अकेली कमाने वाली थी। उसी बचत से बीमारियां झेलीं, रोज के खर्चे चलाए, राशन खरीदा और परिवार की देखभाल की।’
शगुफ्ता अली ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात से हुई कि लोग उनकी बचत को लेकर सवाल क्यों उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पैसा नाइट क्लब्स, शराब पीने, अय्याशी या पार्टियों में नहीं उड़ाया। अस्पताल के भारी-भरकम बिलों में उनका सारा पैसा खर्च हो गया और उन्हें इस बात से चिढ़ होती थी कि लोग उनसे उनके पैसों का हिसाब मांगते थे।
शगुफ्ता ने बताया कि वो एक से एक पैसे के लिए मोहताज हो गई थीं फिर उन्होंने बिना किसी के मदद के अपनी सारी जिम्मेदारियां निभाईं। इसके साथ ही शगुफ्ता ने इस बात से पर्दा उठाया कि आखिर उन्होंने क्या अभी तक ब्रेस्ट कैंसर की बात छुपा कर रखी थी।
सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शगुफ्ता अली ने बताया कि जब उन्हें स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर का पता चला, तो उन्होंने इसे सभी से छुपा कर क्यों रखा? जब शगुफ्ता से पूछा गया कि उन्होंने अपनी इस बीमारी के बारे में किसी को क्यों नहीं बताया, तो उन्होंने कहा, ‘उस जमाने में इस चीज को लेकर यही कहा जाता था कि नहीं, नहीं, बिल्कुल नहीं बताना। एकदम चुप रहो, बात मत करो। वरना काम मिलना बंद हो जाएगा। डरा दिया गया कि काम नहीं मिलेगा। इंडस्ट्री के लोग ऐसा बर्ताव करने लगते हैं, इसलिए मैंने किसी से कुछ नहीं बताया।’
इसके बाद आए मुश्किल दिनों के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि गुजर-बसर करने के लिए उन्हें अपने गहने और कार तक बेचनी पड़ी, हालांकि उन्होंने अपना घर नहीं बिकने दिया। आज भी वह अपने काम और अस्पताल आने-जाने के लिए ऑटो-रिक्शा से सफर करने में बिल्कुल नहीं हिचकिचातीं।
अपनी सेविंग्स पर शगुफ्ता ने कहा, ‘2017 के बाद जब मेरी दिक्कतें बढ़ीं, तो लोग मुझसे पूछने लगे- क्या तुम्हारे पास कोई सेविंग्स नहीं थीं? अरे, बिल्कुल थीं। मेरे पास अच्छी-खासी बचत थी और इतने सालों तक मैंने उसी से अपना घर चलाया। लेकिन मैं कोई अंबानी, टाटा या अडानी तो हूं नहीं कि मेरा पैसा कभी खत्म ही न हो।
उन्होंने आगे कहा, ‘एक टीवी एक्टर के पास भला कितनी सेविंग्स हो सकती हैं? मैं अपने घर में अकेली कमाने वाली थी। उसी बचत से बीमारियां झेलीं, रोज के खर्चे चलाए, राशन खरीदा और परिवार की देखभाल की।’
शगुफ्ता अली ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात से हुई कि लोग उनकी बचत को लेकर सवाल क्यों उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पैसा नाइट क्लब्स, शराब पीने, अय्याशी या पार्टियों में नहीं उड़ाया। अस्पताल के भारी-भरकम बिलों में उनका सारा पैसा खर्च हो गया और उन्हें इस बात से चिढ़ होती थी कि लोग उनसे उनके पैसों का हिसाब मांगते थे।
">ब्रेंस्ट कैंसर और घर चलाने में खत्म हो गए शगुफ्ता अली के सारे पैसे, काम ना मिलने के डर से छुपाई बीमारी की बात
Shagufta Ali Cancer: बॉलीवुड अभिनेत्री शगुफ्ता अली हर किसी के जेहर में एक जाना पहचाना चेहरा हैं। शगुफ्ता अली ने हाल ही में अपनी लाइफ के सबसे मुश्किल दौर के बारे में बात कर हर किसी को अंदर तक हिला दिया है। शगुफ्ता अली ने बताया है कि कैसे स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग लड़ने के साथ साथ उन्होंने बीमार पिता का भी साथ साथ इलाज कराया जिसमें उनकी सारी की सारी सेविंग्स खत्म हो गई थी, लेकिन इतने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी।
शगुफ्ता ने बताया कि वो एक से एक पैसे के लिए मोहताज हो गई थीं फिर उन्होंने बिना किसी के मदद के अपनी सारी जिम्मेदारियां निभाईं। इसके साथ ही शगुफ्ता ने इस बात से पर्दा उठाया कि आखिर उन्होंने क्या अभी तक ब्रेस्ट कैंसर की बात छुपा कर रखी थी।
सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शगुफ्ता अली ने बताया कि जब उन्हें स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर का पता चला, तो उन्होंने इसे सभी से छुपा कर क्यों रखा? जब शगुफ्ता से पूछा गया कि उन्होंने अपनी इस बीमारी के बारे में किसी को क्यों नहीं बताया, तो उन्होंने कहा, ‘उस जमाने में इस चीज को लेकर यही कहा जाता था कि नहीं, नहीं, बिल्कुल नहीं बताना। एकदम चुप रहो, बात मत करो। वरना काम मिलना बंद हो जाएगा। डरा दिया गया कि काम नहीं मिलेगा। इंडस्ट्री के लोग ऐसा बर्ताव करने लगते हैं, इसलिए मैंने किसी से कुछ नहीं बताया।’
इसके बाद आए मुश्किल दिनों के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि गुजर-बसर करने के लिए उन्हें अपने गहने और कार तक बेचनी पड़ी, हालांकि उन्होंने अपना घर नहीं बिकने दिया। आज भी वह अपने काम और अस्पताल आने-जाने के लिए ऑटो-रिक्शा से सफर करने में बिल्कुल नहीं हिचकिचातीं।
अपनी सेविंग्स पर शगुफ्ता ने कहा, ‘2017 के बाद जब मेरी दिक्कतें बढ़ीं, तो लोग मुझसे पूछने लगे- क्या तुम्हारे पास कोई सेविंग्स नहीं थीं? अरे, बिल्कुल थीं। मेरे पास अच्छी-खासी बचत थी और इतने सालों तक मैंने उसी से अपना घर चलाया। लेकिन मैं कोई अंबानी, टाटा या अडानी तो हूं नहीं कि मेरा पैसा कभी खत्म ही न हो।
उन्होंने आगे कहा, ‘एक टीवी एक्टर के पास भला कितनी सेविंग्स हो सकती हैं? मैं अपने घर में अकेली कमाने वाली थी। उसी बचत से बीमारियां झेलीं, रोज के खर्चे चलाए, राशन खरीदा और परिवार की देखभाल की।’
शगुफ्ता अली ने बताया कि उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात से हुई कि लोग उनकी बचत को लेकर सवाल क्यों उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पैसा नाइट क्लब्स, शराब पीने, अय्याशी या पार्टियों में नहीं उड़ाया। अस्पताल के भारी-भरकम बिलों में उनका सारा पैसा खर्च हो गया और उन्हें इस बात से चिढ़ होती थी कि लोग उनसे उनके पैसों का हिसाब मांगते थे।
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