नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। सिंहस्थ-2028 को लेकर ओंकारेश्वर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्यों को मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में आयोजित मंत्रि-मंडलीय समिति की छठी बैठक में ओंकारेश्वर क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन, स्वास्थ्य, पार्किंग और सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
भोपाल में हुई बैठक में ओंकारेश्वर मंदिर परिसर के विकास और सुंदरीकरण के लिए 160 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई। इससे मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी तथा धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
ओंकारेश्वर में सड़कों का कायाकल्प
नगर परिषद ओंकारेश्वर क्षेत्र में 12.63 करोड़ रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण कार्य भी स्वीकृत हुआ है, जिससे सिंहस्थ के दौरान यातायात सुगम रहेगा और धूल-मुक्त सड़कें श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करेंगी।
सनावद मार्ग पर बनेगा रेलवे ओवरब्रिज
यातायात दबाव को कम करने के लिए ओंकारेश्वर रोड-सनावद मार्ग पर 9.23 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाया जाएगा। यह परियोजना रेल फाटकों पर लगने वाले जाम को समाप्त कर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के आवागमन को आसान बनाएगी।
मल्टी लेवल पार्किंग से मिलेगी राहत
सिंहस्थ के दौरान वाहनों की भारी संख्या को देखते हुए 24.99 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, टायलेट और प्रशासनिक ब्लाक का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा 38 करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला कुबेर भंडारी पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना कुबेर भंडारी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी और पार्किंग की समस्या को काफी हद तक कम करेगी। यह सुविधा श्रद्धालुओं को सुरक्षित पार्किंग, भोजन और स्वच्छता संबंधी बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराएगी।
बैरक और प्रशिक्षण हाल निर्माण
सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को मजबूत करने के लिए 1.46 करोड़ रुपये की लागत से बैरक और प्रशिक्षण हाल का निर्माण भी किया जा रहा है। वही ओंकारेश्वर और मोरटक्का में सात घाटों का निर्माण भी किया जा रहा है। जिससे श्रद्धालुओं को स्नान में सुविधा होगी।
अस्पताल भवन का होगा ऑनलाइन
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया है। 4.74 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल एवं स्टाफ क्वार्टर तथा 12.68 करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल भवन उन्नयन कार्य को मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री डा. यादव ने अधिकारियों को ओंकारेश्वर में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल विकसित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे सिंहस्थ के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और अधिक प्रभावी हो सकें।
एयर एंबुलेंस के लिए बनेगा हेलीपेड
बैठक में मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर में नए हेलीपेड के निर्माण के निर्देश भी दिए। यह हेलीपेड आपदा प्रबंधन, वीआइपी आवागमन और एयर एम्बुलेंस संचालन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को शीघ्र बड़े चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाने में यह सुविधा उपयोगी साबित होगी।
प्राधिकरण का होगा गठन
मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर-बड़वाह-खेड़ीघाट क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पृथक प्राधिकरण गठित करने तथा ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के निर्देश भी दिए है।
सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को होगी सुविधा
इन योजनाओं के पूर्ण होने से सिंहस्थ-2028 में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क, पार्किंग, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे ओंकारेश्वर का धार्मिक और पर्यटन महत्व और अधिक बढ़ेगा।
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