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Mamata Banerjee : ममता को मुसलमानों ने वोट दिया, मुझे हिन्दुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने जिताया, भवानीपुर में जीत के बाद बोले सुवेंदु

पश्चिम बंगाल चुनाव में पानीहाटी सीट सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बनकर उभरी था, जहां देबनाथ का सामना टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष से था, जो एक बड़े नेता के बेटे हैं।

पनिहाटी टीएमसी का गढ़ माना जाता था, जिसे ढहा दिया गया। तृणमूल कांग्रेस को 15 साल के बाद हार मिली है। टीएमसी के अभेद्य किले में सेंधमारी करने वालीं रत्‍ना देबनाथ कोई राजनेता नहीं बल्‍क‍ि अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सियासी समर में उतरने वाली एक मां हैं। रत्‍ना देबनाथ ने 5 बार के विधायक अमृत घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी।

 

जब भाजपा ने रत्ना देबनाथ को प्रत्याशी के रूप में फाइनल किया तो उसी समय से उनकी जीत तय मानी जा रही थी। रत्ना देबनाथ की इस चुनाव में उम्मीदवारी ने महिलाओं के दिल में बड़ा प्रभाव डाला है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से हर वर्ग की महिलाओं ने गले लगाकर आंसुओं की धारा बहाकर रत्ना का स्वागत कर इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा होने का वादा किया, यह चुनाव में एक बड़ा फैक्टर साबित हुआ। इस बार किसी पार्टी का नहीं बल्कि एक मां होने के नाते महिलाओं ने एक मां का साथ देने का फैसला किया, जो चुनाव प्रचार में साफ दिख रहा था।

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इस वर्ष विधानसभा चुनाव प्रचार में आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत की घटना को भाजपा ने जोरशोर से उठाया। चुनाव प्रचार के समय ही अलग-अलग पार्टी को सपोर्ट करने वाली महिलाओं ने एकजुट होकर इंसाफ की लड़ाई में रत्ना के साथ खड़ा होने का ऐलान किया। हर महिला ने ‘अभया’ को अपनी बेटी मानते हुए इस इंसाफ में खुद को रत्ना के साथ खड़ा कर दिया। 

Edited by : Sudhir Sharma

"> RG Kar केस की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ की बड़ी जीत, पानीहाटी से BJP ने दिया था टिकट
	
		
			
	
	पश्चिम बंगाल के पानीहाटी विधानसभा सीट से रत्ना देबनाथ ने शानदार जीत दर्ज की है। आरजी कर केस की पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ को कुल 87,977 वोट मिले और उन्होंने 28,836 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। 
	
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	पश्चिम बंगाल चुनाव में पानीहाटी सीट सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बनकर उभरी था, जहां देबनाथ का सामना टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष से था, जो एक बड़े नेता के बेटे हैं।
	
	
		पनिहाटी टीएमसी का गढ़ माना जाता था, जिसे ढहा दिया गया। तृणमूल कांग्रेस को 15 साल के बाद हार मिली है। टीएमसी के अभेद्य किले में सेंधमारी करने वालीं रत्‍ना देबनाथ कोई राजनेता नहीं बल्‍क‍ि अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सियासी समर में उतरने वाली एक मां हैं। रत्‍ना देबनाथ ने 5 बार के विधायक अमृत घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी।
	
		 
	
		जब भाजपा ने रत्ना देबनाथ को प्रत्याशी के रूप में फाइनल किया तो उसी समय से उनकी जीत तय मानी जा रही थी। रत्ना देबनाथ की इस चुनाव में उम्मीदवारी ने महिलाओं के दिल में बड़ा प्रभाव डाला है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से हर वर्ग की महिलाओं ने गले लगाकर आंसुओं की धारा बहाकर रत्ना का स्वागत कर इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा होने का वादा किया, यह चुनाव में एक बड़ा फैक्टर साबित हुआ। इस बार किसी पार्टी का नहीं बल्कि एक मां होने के नाते महिलाओं ने एक मां का साथ देने का फैसला किया, जो चुनाव प्रचार में साफ दिख रहा था।
	
		
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		इस वर्ष विधानसभा चुनाव प्रचार में आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत की घटना को भाजपा ने जोरशोर से उठाया। चुनाव प्रचार के समय ही अलग-अलग पार्टी को सपोर्ट करने वाली महिलाओं ने एकजुट होकर इंसाफ की लड़ाई में रत्ना के साथ खड़ा होने का ऐलान किया। हर महिला ने ‘अभया’ को अपनी बेटी मानते हुए इस इंसाफ में खुद को रत्ना के साथ खड़ा कर दिया। 
	Edited by : Sudhir Sharma
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Mamata Banerjee : ममता को मुसलमानों ने वोट दिया, मुझे हिन्दुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने जिताया, भवानीपुर में जीत के बाद बोले सुवेंदु

पश्चिम बंगाल चुनाव में पानीहाटी सीट सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बनकर उभरी था, जहां देबनाथ का सामना टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष से था, जो एक बड़े नेता के बेटे हैं।

पनिहाटी टीएमसी का गढ़ माना जाता था, जिसे ढहा दिया गया। तृणमूल कांग्रेस को 15 साल के बाद हार मिली है। टीएमसी के अभेद्य किले में सेंधमारी करने वालीं रत्‍ना देबनाथ कोई राजनेता नहीं बल्‍क‍ि अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सियासी समर में उतरने वाली एक मां हैं। रत्‍ना देबनाथ ने 5 बार के विधायक अमृत घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी।

 

जब भाजपा ने रत्ना देबनाथ को प्रत्याशी के रूप में फाइनल किया तो उसी समय से उनकी जीत तय मानी जा रही थी। रत्ना देबनाथ की इस चुनाव में उम्मीदवारी ने महिलाओं के दिल में बड़ा प्रभाव डाला है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से हर वर्ग की महिलाओं ने गले लगाकर आंसुओं की धारा बहाकर रत्ना का स्वागत कर इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा होने का वादा किया, यह चुनाव में एक बड़ा फैक्टर साबित हुआ। इस बार किसी पार्टी का नहीं बल्कि एक मां होने के नाते महिलाओं ने एक मां का साथ देने का फैसला किया, जो चुनाव प्रचार में साफ दिख रहा था।

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Edited by : Sudhir Sharma

">RG Kar केस की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ की बड़ी जीत, पानीहाटी से BJP ने दिया था टिकट

RG Kar केस की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ की बड़ी जीत, पानीहाटी से BJP ने दिया था टिकट
	
		
			
	
	पश्चिम बंगाल के पानीहाटी विधानसभा सीट से रत्ना देबनाथ ने शानदार जीत दर्ज की है। आरजी कर केस की पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ को कुल 87,977 वोट मिले और उन्होंने 28,836 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। 
	
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	पश्चिम बंगाल चुनाव में पानीहाटी सीट सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक बनकर उभरी था, जहां देबनाथ का सामना टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष से था, जो एक बड़े नेता के बेटे हैं।
	
	
		पनिहाटी टीएमसी का गढ़ माना जाता था, जिसे ढहा दिया गया। तृणमूल कांग्रेस को 15 साल के बाद हार मिली है। टीएमसी के अभेद्य किले में सेंधमारी करने वालीं रत्‍ना देबनाथ कोई राजनेता नहीं बल्‍क‍ि अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सियासी समर में उतरने वाली एक मां हैं। रत्‍ना देबनाथ ने 5 बार के विधायक अमृत घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी।
	
		 
	
		जब भाजपा ने रत्ना देबनाथ को प्रत्याशी के रूप में फाइनल किया तो उसी समय से उनकी जीत तय मानी जा रही थी। रत्ना देबनाथ की इस चुनाव में उम्मीदवारी ने महिलाओं के दिल में बड़ा प्रभाव डाला है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से हर वर्ग की महिलाओं ने गले लगाकर आंसुओं की धारा बहाकर रत्ना का स्वागत कर इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा होने का वादा किया, यह चुनाव में एक बड़ा फैक्टर साबित हुआ। इस बार किसी पार्टी का नहीं बल्कि एक मां होने के नाते महिलाओं ने एक मां का साथ देने का फैसला किया, जो चुनाव प्रचार में साफ दिख रहा था।
	
		
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		इस वर्ष विधानसभा चुनाव प्रचार में आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महिला जूनियर डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत की घटना को भाजपा ने जोरशोर से उठाया। चुनाव प्रचार के समय ही अलग-अलग पार्टी को सपोर्ट करने वाली महिलाओं ने एकजुट होकर इंसाफ की लड़ाई में रत्ना के साथ खड़ा होने का ऐलान किया। हर महिला ने ‘अभया’ को अपनी बेटी मानते हुए इस इंसाफ में खुद को रत्ना के साथ खड़ा कर दिया। 
	Edited by : Sudhir Sharma

पश्चिम बंगाल के पानीहाटी विधानसभा सीट से रत्ना देबनाथ ने शानदार जीत दर्ज की है। आरजी कर केस की पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ को कुल 87,977 वोट मिले और उन्होंने 28,836 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। 

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पनिहाटी टीएमसी का गढ़ माना जाता था, जिसे ढहा दिया गया। तृणमूल कांग्रेस को 15 साल के बाद हार मिली है। टीएमसी के अभेद्य किले में सेंधमारी करने वालीं रत्‍ना देबनाथ कोई राजनेता नहीं बल्‍क‍ि अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए सियासी समर में उतरने वाली एक मां हैं। रत्‍ना देबनाथ ने 5 बार के विधायक अमृत घोष के बेटे तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी।

 

जब भाजपा ने रत्ना देबनाथ को प्रत्याशी के रूप में फाइनल किया तो उसी समय से उनकी जीत तय मानी जा रही थी। रत्ना देबनाथ की इस चुनाव में उम्मीदवारी ने महिलाओं के दिल में बड़ा प्रभाव डाला है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह से हर वर्ग की महिलाओं ने गले लगाकर आंसुओं की धारा बहाकर रत्ना का स्वागत कर इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा होने का वादा किया, यह चुनाव में एक बड़ा फैक्टर साबित हुआ। इस बार किसी पार्टी का नहीं बल्कि एक मां होने के नाते महिलाओं ने एक मां का साथ देने का फैसला किया, जो चुनाव प्रचार में साफ दिख रहा था।

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Edited by : Sudhir Sharma

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